मुख्य सचिव, उ०प्र० शासन के शासनादेश एवं अपर मुख्य सचिव, माध्यमिक शिक्षा, उ०प्र० शासन द्वारा निर्गत दिशा-निर्देश के क्रम में माध्यमिक शिक्षा परिषद, उ०प्र० प्रयागराज द्वारा दिनांक 24 फरवरी, 2025 से दिनांक 12 मार्च, 2025 के मध्य आयोजित होने वाली हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट परीक्षा वर्ष 2025 की तैयारियों के सम्बन्ध में आज चन्द्र शेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, आजाद नगर, कानपुर नगर में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक आवश्यक बैठक सम्पन्न हुयी, जिसमें मनोज पाण्डेय, पुलिस उपायुक्त, कानून एवं व्यवस्था, कमिश्नरेट, राजेश कुमार, अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०), अरूण कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक, राजीव कुमार यादव, जिला विद्यालय निरीक्षक (द्वितीय) के साथ समस्त जोनल/सेक्टर/स्टैटिक मजिस्ट्रेट, केन्द्र व्यवस्थापक, बाह्य केन्द्र व्यवस्थापक, ऑनलाइन एवं ऑफलाइन कन्ट्रोल रूम प्रभारियों तथा सचल दल प्रभारी उपस्थित रह बैठक में सर्वप्रथम जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा बैठक में उपस्थित समस्त अधिकारियों/प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों का स्वागत करते हुये माध्यमिक शिक्षा परिषद, उ०प्र० प्रयागराज द्वारा आयोजित होने वाली हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट परीक्षा वर्ष 2025 को सम्पन्न कराये जाने हेतु शासन/विभाग द्वारा निर्धारित मानकों एवं प्राविधानों के सम्बन्ध में अवगत कराते हुये महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर विशेष ध्यान देने की अपेक्षा की गयी। तदुपरान्त पुलिस उपायुक्त, कानून एवं व्यवस्था, कमिश्नरेट द्वारा परिषदीय परीक्षा वर्ष 2025 में केन्द्रों एवं केन्द्रों पर परीक्षा सम्पन्न कराने, प्रश्न-पत्रों की सुरक्षा तथा सचल दल की सुरक्षा हेतु सशस्त पुलिस बल उपलब्ध कराये जाने एवं पुलिस द्वारा पूर्ण सहयोग दिये जाने के सम्बन्ध में अवगत कराया गया। इसी कम में अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०) द्वारा केन्द्र व्यवस्थापक, बाह्य केन्द्र व्यवस्थापक एवं स्टैटिक मजिस्ट्रेटों को एक टीम के रूप में परीक्षा सम्पादित कराये जाने के निर्देश प्रदान किये गये। साथ ही उनके द्वारा विगत वर्षों की परीक्षाओं में आई कठिनाइयों के निराकरण पर भी अपने विचार रखे। जिलाधिकारी द्वारा शासन द्वारा निर्गत शासनादेशों के अनुपालन में माध्यमिक शिक्षा परिषद, उ०प्र० प्रयागराज द्वारा आयोजित होने वाली हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट परीक्षा वर्ष 2025 को निर्धारित तिथि से पूर्व अपने-अपने केन्द्र पर समस्त व्यवस्थायें पूर्ण कराते हुये परीक्षा को सकुशल, शुचितापूर्ण एवं नकलविहीन सम्पन्न कराये जाने हेतु महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर चर्चा करते हुये निर्देश प्रदान किये गये। जिलाधिकारी द्वारा परीक्षाथियों को परीक्षा देने में कोई समस्या न हो, इस पर केन्द्र व्यवस्थापकों को विशेष निर्देश प्रदान किये गये। बैठक में अन्त में अरूण कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा बैठक में उपस्थित समस्त अधिकारियों, प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुये बैठक की कार्यवाही की घोषणा की गयी।
शिक्षा
क्राइस्ट चर्च कॉलेज की एनएसएस इकाई ने निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया
भारतीय स्वरूप संवाददाता सात दिवसीय एनएसएस शिविर के पाँचवें दिन, क्राइस्ट चर्च कॉलेज की एनएसएस इकाई ने अक्षी आई केयर सेंटर के सहयोग से श्री रतन शुक्ल महापालिका इंटर कॉलेज में निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया। जुही परमपुरवा क्षेत्र के निवासियों सहित विभिन्न आयु वर्ग के लगभग चालीस लोगों ने भाग लिया और विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा आधुनिक उपकरणों के साथ नेत्र जांच कराई गई। स्वयंसेवकों ने कार्यक्रम के संचालन में अहम भूमिका निभाई।
अक्षी आई केयर सेंटर के डॉ. मलय चतुर्वेदी ने छात्र स्वयंसेवकों के साथ कंप्यूटर विजन सिंड्रोम पर इंटरएक्टिव सत्र आयोजित कर, स्वस्थ आँखों के लिए उपयोगी सुझाव और उपाय साझा किए।
कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अंकिता जैस्मिन लाल, कृष्णा सिंह एवं विनय गौतम के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में एनएसएस प्रमुख आर्यन जायसवाल एवं आयुष कुमार भारती का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम के समापन पर स्थल पर ही स्वयंसेवकों को स्वादिष्ट भोजन परोसा गया।
स्थानीय लोगों एवं अस्पताल कर्मचारियों ने इस आयोजन की व्यवस्था और स्वयंसेवकों की मेहनत की सराहना की।
Read More »जूही परंपुरवा में क्राइस्ट चर्च कॉलेज की NSS इकाई ने लगाया निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर
कानपुर भारतीय स्वरूप संवाददाता क्राइस्ट चर्च कॉलेज की NSS इकाई ने अपने सात दिवसीय शिविर के तीसरे दिन सेंट कैथरीन अस्पताल के सहयोग से जूही परंपुरा बस्ती में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया। इस शिविर में मधुमेह, रक्तचाप, छाती, पेट, अंगों, दंत व मानसिक स्वास्थ्य की जांच की गई।
शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी, विशेष रूप से बच्चे अपने माता-पिता के साथ शामिल हुए। सेंट कैथरीन अस्पताल की मेडिकल टीम ने आवश्यक उपकरणों के साथ जांच की, जिसमें NSS स्वयंसेवकों ने पूरी व्यवस्था और सहायता प्रदान की।
कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अंकिता जैस्मिन लाल, कृष्णा सिंह और विनय गौतम के नेतृत्व में हुआ। NSS प्रमुख आर्यन जायसवाल और आयुष कुमार भारती ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अस्पताल स्टाफ ने स्वयंसेवकों के सहयोग और आतिथ्य की सराहना की।
कार्यक्रम के अंत में स्वयंसेवकों ने स्थल पर बने भोजन का आनंद लिया। इस सफल आयोजन ने स्वास्थ्य सेवा को जरूरतमंदों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
Read More »क्राइस्ट चर्च कॉलेज की एनएसएस ईकाई द्वारा साप्ताहिक शिविर का उद्घाटन
कानपुर 10 फरवरी भारतीय स्वरूप संवाददाता क्राइस्ट चर्च कॉलेज कानपुर की एनएसएस ईकाई द्वारा साप्ताहिक शिविर का औपचारिक उद्घाटन समारोह किया गया जिसमें अतिथि के रूप में विद्या देवी पार्षद वार्ड संख्या 16 के साथ पंकज त्रिवेदी जी और नगर निगम इंटर कॉलेज के वरिष्ठ शिक्षक अखिलेश कुमार सिंह जी ने उद्घाटन समारोह में सम्मिलित होकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम का शुभारम्भ प्रोग्राम ऑफिसर के स्वागत भाषण से हुआ इसके बाद अतिथि गण का स्वागत सुंदर पौधें देकर स्वागत किया गया फिर पार्षद जी द्वारा स्वयंसेवकों को संबोधित किया गया और शिविर के लिए शुभकामनाएं दी गई और इंटर कॉलेज के अध्यापक द्वारा भी बच्चों का उत्साहवर्धन किया कार्यक्रम का समापन स्वयंसेविका अनमता शहाबुद्दीन के धन्यवाद् ज्ञापन से हुआ उदघाटन समारोह के बाद पार्षद जी द्वारा उद्यान का निरीक्षण कराया गया जिसका उद्देश्य पेड़ पौधें की पहचान करना जिससे हम बस्ती में उपयोगी पौधे को लेके निवासी लोगो को जागरुक कर सके इस उद्देश्य से स्वयंसेवकों द्वारा उद्यान का निरीक्षण किया गया और साथ ही एक सप्ताह में लगने वाले कैंप के विवरण का पेम्प्लेट्स घर घर जाके वितरण किया गया परंपुरवा बस्ती छेत्र में लोगों को जागरुक भी किया गया। जिसके बाद लंच ब्रेक लिया गया जिसमें स्वयंसेवकों द्वारा स्वयं पूरी सब्जी बनाई गई और आनंद से सेवन किया गया। प्रोग्राम ऑफिसर डॉ अंकिता जैस्मीन लाल ,कृष्ण सिंह और विनय गौतम की उपस्थित में कार्यक्रम का सफल आयोजन हुआ। हेड आर्यन जायसवाल और आयुष कुमार भारती का अहम योगदान रहा।
क्राइस्ट चर्च कॉलेज की एनएसएस ईकाई के स्वयंसेवकों द्वारा बस्ती छेत्र में गंदगी से होने वाले कीड़ों की समस्या के निवारण के लिए जागरूक किया
कानपुर 6 जनवरी भारतीय स्वरूप संवाददाता क्राइस्ट चर्च कॉलेज कानपुर की एनएसएस ईकाई द्वारा एक दिवसीय शिविर के अंतर्गत स्वयंसेवकों द्वार जूही परंपुरवा बस्ती छेत्र में गंदगी से होने वाले कीड़ों की समस्या के निवारण के लिए आज प्रकृति से मिलने वाली साम्रगी का उपयोग कर स्वयंसेवकों ने कीटनाशक बनाया और पूरी बस्ती के गली मोहले और तालाब में स्वयंसेवकों द्वारा छिड़काव किया गया | जिसके बाद लंच ब्रेक लिया गया जिसमें स्वयंसेवकों द्वारा स्वयं पोहा बनाया और आनंद से खाया गया इसके पश्चात अब इन समस्याओं के समाधान के लिए स्वयंसेवकों में विचार विमर्श हुआ जिससे अब आने वाले दिनों में इसका समाधान निकाला जाएगा और इसी के साथ एक दिवसीय शिविर का समापन हुआ | प्रोग्राम ऑफिसर डॉ अंकिता जैस्मीन लाल ,जॉय रसकिन वनस्पति विभाग और मोनिका डेनियल कार्यालय सहायक की उपस्थित में कार्यक्रम का सफल आयोजन हुआ| हेड आर्यन जायसवाल और आयुष कुमार भारती का अहम योगदान रहा |
बेंगलुरु के वैज्ञानिकों ने ग्रीन हाइड्रोजन के कुशल उत्पादन के लिए एक नया मिश्र धातु-आधारित उत्प्रेरक विकसित किया
उच्च-एंट्रॉपी मिश्र धातु (एचईए) का उपयोग करने वाला यह नवोन्मेषी दृष्टिकोण, स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के लिए प्लेटिनम जैसी महंगी सामग्रियों पर निर्भरता को कम कर सकता है।
आमतौर पर, मिश्र धातुएं दो या दो से अधिक तत्वों से बनी धातु पदार्थ होती हैं, जिन्हें एक प्राथमिक धातु में अपेक्षाकृत कम मात्रा में द्वितीयक तत्वों को मिलाकर तैयार किया जाता है। दूसरी ओर, उच्च एंट्रॉपी मिश्र धातुएं (एचईए), उन्नत सामग्री हैं जिनमें लगभग समान सांद्रता में कई तत्व (आमतौर पर पांच या अधिक) होते हैं। यहां, कुल मुक्त ऊर्जा में एन्ट्रापिक (डिसआर्डर की स्थिति) का योगदान एन्ट्रापिक (आंतरिक ऊर्जा का योग और इसके प्रैशर व वाल्यूम का गुणनफल) योगदान को दूर करता है, और इस प्रकार, मिश्र धातु के गठन को स्थिर करता है। इन एचईए को पानी को विभाजित करने वाले अनुप्रयोगों में वाणिज्यिक उत्प्रेरक को बदलने की उनकी बहुमुखी प्रतिभा और क्षमता के लिए जाना जाता है। इस संदर्भ में, नीचे से ऊपर की रासायनिक सिंथेटिक विधियों द्वारा किसी भी अशुद्धता फेज से रहित एकल फेज एचईए नैनोकणों की तैयारी अत्यधिक चुनौतीपूर्ण है।
सेंटर फॉर नैनो एंड सॉफ्ट मैटर साइंसेज (सीईएनएस), बेंगलुरु, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के एक स्वायत्त संस्थान, के शोधकर्ताओं ने एक नया उच्च-एंट्रॉपी मिश्र धातु (एचईए) उत्प्रेरक विकसित किया है, जिसे PtPdCoNiMn (प्लैटिनम, पैलेडियम, कोबाल्ट, निकल और मैंगनीज का मिश्रण) कहा जाता है। इन घटक धातुओं का चयन अमेरिका के एएमईएस नेशनल लेबोरेटरी के स्टाफ वैज्ञानिक डॉ. प्रशांत सिंह द्वारा डिज़ाइन और विकसित किए गए दिशानिर्देशों के आधार पर किया गया था। एक बार अंतिम संरचना की पहचान हो जाने के बाद, सीईएनएस शोधकर्ताओं ने दो अलग-अलग तरीकों से एचईए तैयार किया – कमरे के तापमान और वायुमंडलीय दबाव पर इलेक्ट्रोडपोजिशन और (दिए गए साल्वेंट में उच्च तापमान और दबाव के तहत रासायनिक संश्लेषण जिसे सॉल्वोथर्मल प्रक्रियाएं कहा जाता है।
इलेक्ट्रोडपोजिशन के लिए, एचईए को विकसित करने के लिए साल्वेंट का चयन और डिपोजिशन क्षमता को अनुकूलित किया गया था। सॉल्वोथर्मल विधि में, अनुकूलन चरणों की एक श्रृंखला के माध्यम से, शोधकर्ताओं ने प्रतिक्रिया दर और संश्लेषण प्रक्रिया को नियंत्रित करने के लिए सटीक अनुपात में सही साल्वेंट और कम करने वाले एजेंट का सावधानीपूर्वक चयन किया। इन विधियों ने एकल-चरण या बहु-चरण रूपों में दो, तीन, चार, या सभी पांच तत्वों वाले मिश्र धातुओं के उत्पादन की अनुमति दी। प्लैटिनम (Pt), पैलेडियम (Pd), कोबाल्ट (Co), निकल (Ni), और मैंगनीज (Mn) को मिलाकर बनाए गए PtPdCoNiMn HEA उत्प्रेरक, न्यूनतम ऊर्जा हानि, उच्च स्थायित्व और दीर्घकालिक स्थिरता के साथ कुशल हाइड्रोजन उत्पादन का नतीजा दिया। सैद्धांतिक अध्ययनों से संकेत मिलता है कि उत्प्रेरक सतह पर प्रतिक्रिया मध्यवर्ती के इष्टतम बंधन ही हाइड्रोजन उत्पादन के लिए विकसित एचईए की वाणिज्यिक उत्प्रेरक पर श्रेष्ठता का कारण है।
चूंकि एचईए उत्प्रेरक ने वाणिज्यिक उत्प्रेरक की तुलना में सात गुना कम प्लैटिनम का उपयोग किया और शुद्ध प्लैटिनम की तुलना में बेहतर उत्प्रेरक दक्षता प्रदान की, इसलिए यह पारंपरिक उत्प्रेरकों का एक व्यवहारिक विकल्प हो सकता है। इन एचईए ने क्षारीय समुद्री जल सहित व्यावहारिक सेटिंग्स में भी अच्छा प्रदर्शन दिखाया व 100 घंटे से अधिक समय तक बिना क्षरण के स्थिरता और दक्षता बनाए रखी।
यह प्रगति स्वच्छ, अधिक किफायती हाइड्रोजन उत्पादन का मार्ग प्रशस्त कर सकती है, जिससे उद्योगों और नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकियों को लाभ होगा। अनुसंधान को भारत के अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (एएनआरएफ) द्वारा वित्त पोषित किया गया था, जिसमें विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) प्रशासनिक विभाग है। अनुसंधान से दो पेपर हाल ही में जर्नल एडवांस्ड फंक्शनल मटेरियल और स्मॉल में प्रकाशित हुए थे।

चित्र ए) एक तीन-इलेक्ट्रोड प्रणाली में कार्बन पेपर पर इलेक्ट्रोडपोजिटेड एचईए से हाइड्रोजन का उत्पादन।
चित्र बी) इलेक्ट्रोडपोजिटेड एचईए (एचईए-ईडी), सॉल्वोथर्मल विधि (एचईए-एसटी) का उपयोग करके तैयार किए गए एचईए और वाणिज्यिक Pt/C के हाइड्रोजन उत्पादन प्रदर्शन का एक तुलनात्मक प्लॉट।

बाएँ से दाएँ: डॉ. आशुतोष सिंह, प्रो. बी. एल. वी. प्रसाद और सुश्री अथीरा चंद्रन।
क्राइस्ट चर्च कॉलेज द्वारा एक दिवसीय शिविर के अंतर्गत एन एस एस स्वयंसेवकों द्वारा स्वास्थ विषय पे कार्य किया गया
भारतीय स्वरूप संवाददाता क्राइस्ट चर्च कॉलेज कानपुर की एनएसएस ईकाई द्वारा एक दिवसीय शिविर के अंतर्गत स्वयंसेवकों द्वार आज जूही टायर मंडी परंपुरवा में स्वयंसेवकों ने निजी स्वास्थ विषय पे कार्य किया जिसमें स्वयंसेवकों द्वार मासिक धर्म विषय पे महिलाओ को जागरुक किया और मुफ्त सैनिटरी पैड का वितरण किया और स्वच्छता को लेके सर्वे हुआ स्वयंसेवकों ने मुख्यता आयुष्मान कार्ड बनवाने पे जोर किया जिसमें हमने उनकी जानकारी प्राप्त करी और कई प्रकार की समस्याओं को लेकर निवासी लोगो से सर्वे किया और उनकी समस्याएं सुनी जिसमें अधिक समस्या स्वास्थ संबंधी सफाई और पानी को लेकर रही जिसको स्वयंसेवकों ने हर व्यक्ति से अच्छे से समझा इसके बाद लंच ब्रेक लिया गया जिसमें स्वयंसेवकों द्वारा स्वयं तहरी बनाया और आनंद से खाया गया इसके पश्चात अब इन समस्याओं के समाधान के लिए स्वयंसेवकों में विचार विमर्श हुआ जिससे अब आने वाले दिनों में इसका समाधान निकाला जाएगा और इसी के साथ एक दिवसीय शिविर का समापन हुआ। प्रोग्राम ऑफिसर डॉ अंकिता जैस्मीन लाल के साथ जॉय रसकिन वनस्पति विभाग की उपस्थित में कार्यक्रम का सफल आयोजन हुआ। हेड आर्यन जायसवाल और आयुष कुमार भारती का अहम योगदान रहा।
एस. एन. सेन बी. वी. पी. जी. कॉलेज में बसंत पर्व पर सरस्वती माँ की मूर्ति स्थापित
कानपुर 26 जनवरी भारतीय स्वरूप संवाददाता एस. एन. सेन बी. वी. पी. जी. कॉलेज में बसंत पर्व पर सरस्वती माँ की मूर्ति स्थापना तथा हवन पूजन का विधिवत् निर्वहन धूमधाम से किया गया कार्यक्रम के शुभारंभ में महाविद्यालय प्रबंध समिति के सचिव पी. के. सेन, प्राचार्या प्रो. सुमन, प्रबंध समिति के संयुक्त सचिव शुभ्रो सेन, कोषाध्यक्ष दीपाश्री सेन द्वारा सरस्वती पूजा पर परम्परागत हवन – पूजा-अर्चना द्वारा सरस्वती प्रतिमा की विधिवत् स्थापना की गयी|
डॉ. शुभा वाजपई के संयोजन में, प्रो. मीनाक्षी व्यास, डॉ. शैल वाजपई, डॉ. प्रीता अवस्थी, डॉ. सपना रॉय, डॉ. मोनिका शुक्ला के द्वारा बसंत उत्सव की तैयारियां पूर्ण मनोयोग से की गई। मीडिया प्रभारी डॉ प्रीति सिंह ने जानकारी देते हुए बताया की डॉ. रचना निगम के निर्देशन में कला विभाग की छात्राओं अनुष्का, ओमाक्षी, वर्षा, संस्कृति, विधि, अनीता, अफरोज, स्नेहा, श्रेया, अमीषा, वैष्णवी, ने महाविद्यालय सभागार में वृहत तथा अद्भुत रंगोली का निर्माण किया। । महाविद्यालय की सभी शिक्षिकाओं एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने बसंत उत्सव संस्कृति निर्वहन में सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
Read More »सोशल रिसर्च फाउंडेशन के 15 वें वार्षिक अधिवेशन के अवसर पर समसामयिक विषय “उच्च शिक्षा : दशा और दिशा” पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित
भारतीय स्वरूप संवाददाता किदवई नगर स्थित सोशल रिसर्च फाउंडेशन के 15 वें वार्षिक अधिवेशन के अवसर पर आज बहुत ही समसामयिक विषय “उच्च शिक्षा : दशा और दिशा” पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन होटल मन्दाकिनी रॉयल, साकेत नगर, कानपुर में किया गया। इस अवसर पर उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपने विशिष्ट योगदान के लिए दिल्ली, पंजाब राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश के लखनऊ, उन्नाव, प्रयागराज, कानपुर आदि से आए लगभग 30 विद्वतजनों को सम्मानित भी किया गया।
संगोष्ठी का उद्घाटन मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री उत्तर प्रदेश माननीय श्री योगेंद्र उपाध्याय जी के कर कमलो से हुआ। मुख्य अतिथि ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में किए जाने वाले प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा के विकास के प्रति प्रतिबद्ध हैं– नई शिक्षा नीति ऐसे प्रयासों का प्रमाण है। हमारे प्रयासों से शीघ्र ही सकारात्मक परिणाम आने लगेंगे। उन्होंने शिक्षकों से सकारात्मक सहयोग का आवाहन भी किया।
सोशल रिसर्च फाउंडेशन की उपाध्यक्ष, महिला महाविद्यालय की पूर्व प्राचार्य डॉ० आशा त्रिपाठी ने सभी सम्मानित अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत किया और उच्च शिक्षा में व्याप्त प्रदूषण की ओर नेतृत्व का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि यह एक चिंतनीय यक्ष प्रश्न है जिसका उत्तर हमें खोजना होगा।
संस्था के संस्थापक सचिव राजीव मिश्रा ने संस्था की 15 वर्षों की गौरवमयी यात्रा का विस्तृत परिचय दिया और बताया कि संस्थान के साथ जुड़कर इस देश के लाखों शिक्षक गण लाभान्वित हो रहे हैं। संस्थान के 6 रिसर्च जर्नल विश्व के 25000 जनरल्स के मध्य स्थान रखते हैं जो कानपुर के लिए भी एक गौरवपूर्ण बात है।
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति और फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रोफेसर अशोक कुमार जी ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर गहन प्रकाश डालते हुए कहा कि इस नीति का उद्देश्य शिक्षा को और ज्यादा समावेशी, प्रभावी और बेहतर बनाना है। यह 21वीं सदी की पहली शिक्षा नीति है। इस नीति का उद्देश्य भारतीय शिक्षा प्रणाली को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाना है।
संगोष्ठी के विशिष्ट अतिथि और श्री कामतानाथ मंदिर चित्रकूट के पीठाधीश्वर डॉ० मदन गोपाल दास ने कहा
एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज के स्टेटीशियन डॉ० संदीप मिश्रा ने कहा
एम० एल० सी० अरुण पाठक ने कहा कि नई शिक्षा नीति ऐसी शिक्षा प्रणाली की आधारशिला है जो विज्ञान के साथ-साथ ज्ञान से भी परिपूर्ण है।
सेमिनार की अध्यक्षता जाने माने ज्योतिषाचार्य पंडित के ए दुबे ‘पद्मेश’ जी ने की। उन्होंने नई शिक्षा नीति का भविष्य उज्जवल बताते हुए सरकार द्वारा जमीनी स्तर पर भी काम करने की आवश्यकता पर बल दिया ।
संगोष्ठी के मुख्य वक्ता डॉ० निर्विकार कटियार, मध्य प्रदेश के डॉ० सी० एम० मेहता, राजस्थान से आए डॉ० राजेश कुमार शर्मा और भोपाल के डॉ० प्रभात पांडे जी ने नई शिक्षा नीति की विभिन्न संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए अपनी शिक्षा प्रणाली में अपेक्षित परिवर्तन और सुधार लाने पर जोर दिया जिससे भारत शिक्षा के क्षेत्र में भी विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना सके।
तकनीकी सभा में शोध पत्र प्रस्तुत किए गए जिनमें उच्च शिक्षा की दशा और संभावनाओं पर अपने विचार व्यक्त किए। यह संगोष्ठी उच्च शिक्षा और नई शिक्षा नीति के संदर्भ में एक मील का पत्थर साबित हुई।
सोशल रिसर्च फाउंडेशन के संरक्षक और डीबीएस कॉलेज के सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ० शिव कुमार दीक्षित द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ गोष्ठी का समापन हुआ। गोष्ठी का कुशल संचालन महिला महाविद्यालय की हिंदी विभाग की प्रोफेसर डॉ० ज्योति किरण द्वारा किया गया। इस सेमिनार का संयोजन संस्थान की जनरल मैनेजर और जर्नल्स की उपसंपादक कुमारी भावना निगम द्वारा किया गया।
संगोष्ठी में संस्थान की कोषाध्यक्ष दीप्ति मिश्रा, तेजस्वी मिश्रा, प्रदेश अध्यक्ष प्रोफेसर अर्चना दीक्षित, डॉक्टर मीत कमल द्विवेदी, अतुल दीक्षित, दिलीप कुमार मिश्रा, डॉ प्रदीप अवस्थी, अमन निगम, रचना गुप्ता, विनीशा मिश्रा, डॉ पी एन शर्मा, डॉ अनुराग सिंह, डॉ क्षमा त्रिपाठी, कार्तिकेय अवस्थी, शुभम तिवारी, कृष्ण गोपाल तिवारी, प्रकाश शुक्ला, राम द्विवेदी, अंजली शुक्ला, डॉ अक्षय शुक्ल, संगीता सिरोही सहित सैकड़ो लोग उपस्थित रहें।
एस. एन, सेन, बा, वि.पी. जी. कॉलेज के चित्रकला विभाग द्वारा कला प्रदर्शनी आयोजित
भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर एस.एन.सेन.बा.वि.पी.जी. कॉलेज के चित्रकला विभाग द्वारा एक कला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसमें 1953 से लेकर अभी तक की सभी छात्राओ की कृतियों का प्रदर्शन किया गया। डॉक्टर सचिव गौतम (सहायक आचार्य) स्कूल का क्रिएटिव एंड परफॉर्मिंग आर्ट,छत्रपति शाहू जी महाराज यूनिवर्सिटी कानपुर द्वारा लाइव डेमोंसट्रेशन दिया गया साथ ही अंतर महाविद्यालय प्रकृति चित्रण प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रोबीर कुमार सेन, सचिव प्रबंध समिति तथा अध्यक्ष प्रवीण कुमार मिश्रा , संयुक्त सचिव शुभो् सेन, दीपाश्री सेन , प्राचार्य प्रोफेसर सुमन ने दीप प्रज्वलित कर किया
कार्यक्रम संयोजिका डॉ. रचना निगम विभागाध्यक्ष चित्रकला विभाग ने सभी सम्मानित सदस्यों का स्वागत व अभिनंदन किया।
कार्यक्रम में चित्रकला विभाग की पूर्व छात्राओं और वर्तमान छात्रों की कलाकृतियों का भी प्रदर्शन किया गया इसके उपरांत सीएसजेएमयू ललित कला विभाग से आए सहायक प्रवक्ता डॉ सचिव गौतम जी के द्वारा एक लाइव डेमोंसट्रेशन दिया गया जिससे छात्राओं ने अनेक कला की बारीकियां को देखा और सीखा। कार्यक्रम में अंतर-महाविद्यालीय प्रकृति चित्रण प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया इसमें प्रो ज्योति अग्निहोत्री, प्रो राज किशोरी ,प्रो कुमुद बाला ने निर्णायक की भूमिका निभाई। इसमें सभी महाविद्यालयों से छात्राओं ने प्रतिभागिता की और सुंदर चित्रण और प्रकृति से सभी को परिचित कराया ।
महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो (डॉ.) सुमन ने कार्यक्रम मे विभाग की पूर्व और वर्तमान छात्राओं के चित्रों को देखा और सराहा आपने कहा कि लाइव डेमोंसट्रेशन से छात्रों को कला के विविध आयामों से अवगत होने का अवसर मिलता है ऐसे कार्यक्रम होते रहने चाहिए जिससे छात्राओं का सर्वांगीण विकास हो सके।
कार्यक्रम में सभी महाविद्यालय की प्रवक्ता, महाविद्यालय की वरिष्ठ प्रवक्ता प्रो. निशि प्रकाश, प्रो रेखा चौबे, प्रो अलका टंडन,प्रो गार्गी यादव, कैप्टन ममता अग्रवाल, प्रो प्रीति पांडे, प्रो मीनाक्षी व्यास, प्रचार प्रसार प्रभारी डॉ प्रीति सिंह व सभी प्रवक्ता गण , लिपिक वर्ग ने उपस्थित होकर अपनी रुचि दिखाई, तथा छात्राओं के कार्य को सराहा व प्रोत्साहित किया।
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