Breaking News

राजनीति

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री ने उमीद सेंट्रल पोर्टल का शुभारम्भ किया, जो वक्फ संपत्तियों की वास्तविक समय पर अपलोडिंग, सत्यापन और निगरानी के लिए केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य एवं संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आज नई दिल्ली में उमीद केंद्रीय पोर्टल का शुभारंभ करने के बाद कहा कि उमीद पोर्टल भारत में वक्फ संपत्ति प्रबंधन एवं संचालन के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ेगा। उन्होंने कहा कि इससे न केवल पारदर्शिता आएगी, बल्कि आम मुसलमानों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को भी मदद मिलेगी।

इस पोर्टल को अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने विकसित किया है। इसका औपचारिक उद्घाटन केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य राज्य मंत्री श्री जॉर्ज कुरियन की उपस्थिति में किया गया।

इसे ऐतिहासिक कदम बताते हुए श्री रिजिजू ने जोर देकर कहा कि उमीद सेंट्रल पोर्टल महज एक तकनीकी उन्नयन से कहीं अधिक है। उन्होंने कहा कि यह अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों की रक्षा करने और समुदाय के स्वामित्व वाली वक्फ संपत्तियों का उन गरीब मुसलमानों के लिए प्रभावी और निष्पक्ष उपयोग सुनिश्चित करने की सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिनके लिए वक्फ संपत्ति को मूल रूप से बनाया गया था।

उमीद सेंट्रल पोर्टल यूनिफाईड वक्फ़ मैनेजमेंट, एंपावरमेंट, एफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट एक्ट, 1995 यानी एकीकृत वक्फ प्रबंधन, सशक्तिकरण, दक्षता और विकास अधिनियम, 1995 का संक्षिप्त रूप है। यह पोर्टल वक्फ संपत्तियों की वास्तविक समय पर अपलोडिंग, सत्यापन और निगरानी के लिए एक केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में काम करेगा। इस पोर्टल से देश भर में वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में अधिक पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी से व्यापक बदलाव आने की उमीद है।

पोर्टल की मुख्य विशेषताएं हैं:

  • सभी वक्फ संपत्तियों की जियो-टैगिंग के साथ डिजिटल सूची का निर्माण
  • बेहतर समाधान के लिए ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली
  • पट्टे पर देने और उसके उपयोग की पारदर्शी ट्रैकिंग
  • जीआईएस मैपिंग और अन्य ई-गवर्नेंस उपकरणों के साथ एकीकरण
  • सत्यापित अभिलेखों और रिपोर्टों तक सार्वजनिक पहुंच

जॉर्ज कुरियन ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह पोर्टल एक लंबे समय से प्रतीक्षित सुधार है जो वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग को रोकेगा और उसके प्रबंधन को आम लोगों के करीब लाएगा। उन्होंने कहा, “यह प्रणाली सुनिश्चित करेगी कि प्रत्येक संपत्ति का हिसाब रखा जाए और उसका उपयोग उस उद्देश्य के अनुसार किया जाए जिसके लिए उसे दान किया गया था।”

अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के सचिव डॉ. चंद्रशेखर कुमार ने कहा कि उन्हें उमीद है कि उमीद पोर्टल डिजिटल वक्फ प्रबंधन की रीढ़ बनेगा , जिससे यह सुनिश्चित होगा कि वक्फ संपत्तियां विशेष रूप से मुस्लिम समुदाय के वंचित वर्गों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, आजीविका सृजन और सामाजिक कल्याण में सार्थक योगदान देंगी।

Read More »

भारत के युवाओं ने विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाई है, हमारी युवा शक्ति गतिशीलता, नवाचार और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज देश के युवाओं की विश्व स्तरीय उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश के युवाओं ने दुनिया भर में अपनी पहचान बनाई है। युवाओं को गतिशीलता, नवाचार और दृढ़ संकल्प का प्रतीक बताते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में देश का विकास युवा शक्ति की बेजोड़ ऊर्जा और दृढ़ विश्वास से प्रेरित ह
मोदी ने कहा कि हमारे युवाओं ने स्टार्टअप, विज्ञान, खेल, सामुदायिक सेवा और संस्कृति सहित विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण योगदान दिया है। उन्होंने कहा, “पिछले 11 वर्षों में हमने ऐसे युवाओं के उल्लेखनीय उदाहरण देखे हैं जिन्होंने कल्पना से परे काम किए हैं।”

प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले 11 वर्षों में युवाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से सरकारी नीतियों के परिवर्तनकारी प्रभाव पर जोर दिया। श्री मोदी ने कहा कि स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 जैसी सरकारी पहल इस दृढ़ विश्वास पर आधारित हैं कि युवाओं को सशक्त बनाना सबसे महत्वपूर्ण काम है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में सरकार ने युवाओं को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए हैं। नई शिक्षा नीति और कौशल विकास तथा स्टार्ट-अप पर ध्यान केंद्रित करने से युवा ‘विकसित भारत’ के संकल्प में महत्वपूर्ण भागीदार बन गए हैं।

श्री मोदी ने कहा कि सरकार युवा शक्ति को निखरने के सभी संभव अवसर प्रदान करेगी।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया;

“भारत के युवाओं ने विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। हमारी युवा शक्ति गतिशीलता, नवाचार और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। हमारे युवाओं ने बेजोड़ ऊर्जा और दृढ़ विश्वास के साथ भारत के विकास को आगे बढ़ाया है।”

पिछले 11 वर्षों में, हमने ऐसे युवाओं के उल्लेखनीय उदाहरण देखे हैं जिन्होंने स्टार्टअप, विज्ञान, खेल, सामुदायिक सेवा, संस्कृति आदि सहित विभिन्न क्षेत्रों में कल्पना से परे काम किए हैं।

पिछले 11 वर्षों में युवा सशक्तिकरण के उद्देश्य से नीति और कार्यक्रमों में निर्णायक बदलाव भी देखने को मिले हैं। स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 जैसी सरकारी पहल इस दृढ़ विश्वास पर आधारित हैं कि युवाओं को सशक्त बनाना सबसे महत्वपूर्ण काम है।

मुझे विश्वास है कि हमारे युवा विकसित भारत के निर्माण के प्रयासों को मजबूत करते रहेंगे।

“पिछले 11 वर्षों में हमारी सरकार ने युवा शक्ति को मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए हैं। नई शिक्षा नीति के साथ कौशल विकास और स्टार्टअप पर फोकस से हमारे युवा ‘विकसित भारत’ के संकल्प के अहम साथी बने हैं।

“हम अपनी युवा शक्ति को हमेशा निखरने के सभी संभव अवसर देंगे! वे विकसित भारत के प्रमुख निर्माता हैं।

Read More »

प्रधानमंत्री को कनाडा के प्रधानमंत्रीमार्क कार्नी से कनानसकीस में जी-7 शिखर सम्मेलन के लिए आमंत्रण मिला

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी का फोन आया। परस्पर बातचीत के दौरान, मोदी ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी को हाल ही में हुए चुनाव में मिली जीत के लिए बधाई दी तथा इस महीने के अंत में कनानसकीस में होने वाले जी-7 शिखर सम्मेलन में आमंत्रित करने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया।

दोनों नेताओं ने भारत और कनाडा के लोगों के बीच गहरे संबंधों को स्वीकार किया तथा आपसी सम्मान और साझा हितों के आधार पर नए उत्साह के साथ मिलकर काम करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि वे शिखर सम्मेलन में उनकी मुलाकात की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

एक एक्स पोस्ट में श्री मोदी ने लिखा;

“कनाडा के प्रधानमंत्री @MarkJCarney से फोन पर बात करके प्रसन्नता हुई। हाल ही में हुए चुनाव में उनकी जीत पर उन्हें बधाई दी और इस महीने के अंत में कनानसकीस में होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन में आमंत्रित करने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। दोनों देशों के लोगों के बीच गहरे संबंधों से बंधे जीवंत लोकतंत्रों के रूप में, भारत और कनाडा आपसी सम्मान और साझा हितों के आधार पर नए जोश के साथ मिलकर काम करेंगे। शिखर सम्मेलन में हमारी मुलाकात का आतुरता से इंतजार है।”

Read More »

“राजमाता अहिल्याबाई होल्कर की विरासत देश को न्याय, सेवा और सशक्तिकरण के मूल्यों से प्रेरित करती रहेगी” – जयंत चौधरी

राजमाता अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती के उपलक्ष्य में इंदौर स्थित राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (महिला) में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर केन्द्रीय कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयन्त चौधरी ने एक विशेष संदेश भेजा, जिसे महानिदेशक (प्रशिक्षण) त्रिशलजीत सेठी द्वारा पढ़ा गया।

कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयन्त चौधरी ने अपने संदेश में कहा, “राजमाता अहिल्याबाई होलकर की विरासत आज भी राष्ट्र को सेवा, न्याय और महिला सशक्तिकरण के मूल्यों से प्रेरित कर रही है। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और दूरदृष्टि से नेतृत्व की नई परिभाषा गढ़ी जा सकती है। कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय की हर पहल, चाहे वह एनएसटीआई, पीएमकेवीवाई, निस्बड या स्किल इंडिया डिजिटल हब हो, सभी का उद्देश्य महिलाओं को बेहतर अवसर, प्लेटफॉर्म और मार्गदर्शन देना है।” जयन्त चौधरी ने यह भी उल्लेख किया कि हाल ही में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा राजमाता अहिल्याबाई के नाम पर एक विशेष कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम को स्वीकृति दी गई है, जो उनके विचारों को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह आयोजन भारत सरकार के “कुशल नारी, सशक्त भारत” के विज़न को साकार करता है। जब एक महिला आर्थिक रूप से सक्षम होती है तो न केवल उसका आत्म-सम्मान बढ़ता है, बल्कि उसका सामाजिक और आर्थिक विकास में भी योगदान अधिक होता है।

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इंदौर के लोकसभा सांसद शंकर लालवानी ने अपने संबोधन में कहा, “राजमाता अहिल्याबाई होल्कर का जीवन सेवा, न्याय और नारी गरिमा की एक प्रेरणादायक मिसाल है। आज जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में नारी शक्ति के सशक्तिकरण के लिए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए जा रहे हैं—चाहे वह बेटियों की शिक्षा हो, कौशल प्रशिक्षण हो या महिला उद्यमिता को बढ़ावा देना—तो यह अहसास होता है कि राजमाता की विरासत आज जन-जन के जीवन में जीवंत हो रही है। ग्रामीण और सामान्य पृष्ठभूमि की महिलाएं जब हुनर के ज़रिए आत्मनिर्भर बनती हैं, तो यह ‘उद्यमिता से आत्मनिर्भरता’ की वही भावना है, जिसकी नींव राजमाता ने अपने शासन में डाली थी।”

कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय की विशेष सचिव और प्रशिक्षण महानिदेशालय की महानिदेशक श्रीमती त्रिशलजीत सेठी ने कहा, “यह अत्यंत प्रतीकात्मक है कि आज उनके 300वीं जयंती पर यह आयोजन राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (महिला), इंदौर में हो रहा है—एक ऐसा संस्थान जो महिला सशक्तिकरण और कौशल विकास की दिशा में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय के प्रमुख कार्यक्रम—प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, जन शिक्षण संस्थान, निस्बड और एनएसटीआई के माध्यम से—हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हर महिला को तकनीकी प्रशिक्षण, उद्यमिता के अवसर और टिकाऊ आजीविका का मार्ग मिल सके। आज जिन महिलाओं ने अपनी यात्रा साझा की है, वे स्वयं राजमाता की विरासत की जीवंत मिसाल हैं। जैसा कि प्रधानमंत्री ने कहा है—’माता अहिल्याबाई राष्ट्र निर्माण में हमारी नारी शक्ति के अमूल्य योगदान का प्रतीक हैं।’ उनकी प्रेरणा हमारे हर प्रयास की दिशा तय करती है।”

कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय की संयुक्त सचिव हेना उस्मान ने अपने संबोधन में कहा, “राजमाता अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती समारोह के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम न केवल उनके अतुलनीय योगदान का सम्मान है बल्कि उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर हम एक ऐसे भारत का निर्माण करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं जो समावेशी, कुशल और उद्यमशील हो। कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय अपने स्वायत्त संस्थानों जैसे निस्बड और आईआईई के माध्यम से उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए एक इको-सिस्टम तैयार कर रहा है, जिसमें उद्यमी सोच और क्षमताओं का निर्माण तथा उद्यमों को विकसित करना शामिल है। इतना ही नहीं, निस्बड द्वारा मध्यप्रदेश में संकल्प, स्ट्राइव, पीएम जनमन, पीएम स्वनिधि तथा पीएम सूर्य घर निशुल्क बिजली योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं के द्वारा 22 हजार से अधिक उम्मीदवारों को प्रशिक्षित किया गया है, जिनमें से 2400 से अधिक उद्यम रजिस्ट्रेशन स्थापित हुए हैं और लगभग 2800 रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं।”

इस कार्यक्रम के अवसर पर एक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई), प्रधानमंत्री विश्‍वकर्मा योजना, जन शिक्षण संस्थान (जेएसएस), राष्ट्रीय उद्यमिता और लघु व्यवसाय विकास संस्थान (निस्बड) और एनएसटीआई (महिला) से जुड़ी महिलाओं ने अपने उत्पादों, हस्तकला और प्रशिक्षण की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया। इस कार्यक्रम में अनेक महिलाओं ने मंच से अपने अनुभव साझा किए, जिनमें से अधिकांश ग्रामीण और साधारण सामाजिक पृष्ठभूमि से थीं।

राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (महिला), इंदौर में कार्यक्रम की शुरुआत सांस्कृतिक प्रस्तुति के साथ हुई और इसका समापन स्टॉल प्रदर्शनी के साथ हुआ। इस आयोजन ने “कुशल नारी-सशक्त भारत” के मंत्र को मूर्त रूप देते हुए राजमाता की प्रेरणा को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया है।

 

 

Read More »

केंद्रीय मंत्री मनोहर ब्राजील में ब्रिक्स ऊर्जा मंत्रियों की बैठक में भाग लेंगे

केंद्रीय विद्युत और आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल, 19 मई को होने वाली ब्रिक्स ऊर्जा मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए ब्राजील की आधिकारिक यात्रा पर हैं।

“एम्पावरिंग ग्लोबल साउथ कोऑपरेशन फॉर इंक्लूसिव एंड सस्टेनेबल ग्लोबल गवर्नेंस” विषय के अंतर्गत, माननीय मंत्री ब्रिक्स देशों के ऊर्जा मंत्रियों के साथ ऊर्जा सुरक्षा, पहुंच, सामर्थ्य और स्थिरता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

भारत इस बैठक में पिछले दशक की अपनी उपलब्धियों को प्रदर्शित करेगा, जिसमें विद्युत क्षमता में 90 प्रतिशत की वृद्धि, नवीकरणीय ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन और जैव ईंधन में नेतृत्व के साथ-साथ ऊर्जा क्षेत्र में नवाचार और सतत विकास शामिल हैं। देश ऊर्जा तक समान पहुंच सुनिश्चित करने और ऊर्जा परिवर्तन में तेजी लाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता की भी पुष्टि करेगा।

यह यात्रा भारत के इस दृढ़ संकल्प को रेखांकित करती है कि वह ब्रिक्स देशों के साथ एक मजबूत, भविष्योन्मुखी और टिकाऊ ऊर्जा क्षेत्र के निर्माण में सक्रिय रूप से सहयोग करेगा।

Read More »

सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल दुनिया को आतंकवाद के खिलाफ शून्य सहिष्णुता का भारत का सख्त संदेश देंगे

ऑपरेशन सिंदूर और भारत की सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ जारी लड़ाई के संदर्भ में, सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल इस महीने के अंत में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्यों सहित प्रमुख साझेदार देशों का दौरा करने जा रहे हैं।

सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए भारत की राष्ट्रीय सहमति और मजबूत दृष्टिकोण को प्रदर्शित करेंगे। वे दुनिया को आतंकवाद के खिलाफ शून्य-सहिष्णु बनाने के देश के मजबूत संदेश को आगे बढ़ाएंगे।

विभिन्न दलों के संसद सदस्य, प्रमुख राजनीतिक हस्तियां और प्रतिष्ठित राजनयिक प्रत्येक प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होंगे।

निम्नलिखित संसद सदस्य सात प्रतिनिधिमंडलों का नेतृत्व करेंगे:

1)  शशि थरूर, कांग्रेस

2)  रविशंकर प्रसाद, भाजपा

3)  संजय कुमार झा, जदयू

4)  बैजयंत पांडा, भाजपा

5)  कनिमोझी करुणानिधि, डीएमके

6)  सुप्रिया सुले, एनसीपी

7)  श्रीकांत एकनाथ शिंदे, शिव सेना

Read More »

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने असम के नागांव में लखपति दीदियों से संवाद किया

केंद्रीय ग्रामीण विकास व कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज अपने पूर्वोत्तर दौरे के तीसरे और अंतिम दिन असम, नागांव जिले के भेलुगुड़ी में स्वयं सहायता समूहों की लखपति दीदियों से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने लखपति दीदियों से संवाद किया, अनुभव साझा किए और सशक्तिकरण की प्रेरक कहानियाँ सुनीं।

चौहान ने कहा कि नारी सशक्तिकरण का प्रतीक है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के जरिए महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को बल मिला है। मैं प्रधानमंत्री जी को धन्यवाद दूंगा, असम के मुख्यमंत्री श्री हिमंत जी को भी धन्यवाद दूंगा कि उनके मार्गदर्शन में असम में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का काम बहुत अच्छा चल रहा।

चौहान ने कहा कि आगे हमारा संकल्प है कि हर गरीब परिवार की बहन स्वयं सहायता समूह से जुड़े। अलग-अलग व्यवसाय के जरिए जीविकोपार्जन करें। असम में तो असीम क्षमता है। यहां के लोकल उत्पाद, हल्दी से लेकर मिर्ची तक हर उत्पाद को प्रोसेसिंग और पैकेजिंग के जरिए बढ़ाकर स्वावलंबन की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि अर्जित की जा सकती है। यहां कि महिलाएं इस दिशा में तेजी से बढ़ भी रही हैं, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का ‘लोकल फॉल वोकल’ विजन सार्थक हो रहा है।

चौहान ने कहा कि कल मैं काजीरंगा में था। वहाँ अदरक की प्रोसेसिंग का काम देखा, फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी देखी। मुख्यमंत्री श्री हिमंत बिस्वा के कामकाज की सराहना करते हुए कहा कि प्रसन्नता कि बात है कि कई लखपति दीदियों की आमदनी यहां 10 लाख रुपये सालाना तक पहुंच गई है। मैं आपको हृदय से धन्यवाद देना चाहता हूँ। यहां मिलियन दीदी मिल गई जो एक साल में 10 लाख रुपए कमा रही हैं।

अंत में श्री चौहान ने कहा कि उचित प्रशिक्षण और बैंक लिंकेज के कारण 8 लाख 50 हजार दीदियाँ असम में लखपति दीदी बन गई हैं और जो अन्य 33 लाख बहनें, स्वयं सहायता समूहों में काम कर रही हैं, उन्हें भी जल्द ही लखपति दीदी बनाने की दिशा में युद्धस्तर पर प्रयास

Read More »

पीएम-जनमन सम्पूर्णता अभियान

 
भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के सचिव विभु नायर ने आवश्यक सेवाओं के संचालन और प्रभावी वितरण पर विशेष ध्यान देने के साथ पीएम-जनमन के तहत विभिन्न पहलों को फिजिकल रूप से पूरा करने की आवश्यकता पर बल दिया। नायर ने कहा कि राज्य अपनी-अपनी योजनाओं का उपयोग जहां भी संभव हो, इन पहलों को समर्थन देने और उन्हें प्राप्त करने के लिए करें तथा सभी पहलों के लिए विशिष्ट लक्ष्य निर्धारित किये जाने चाहिए। आज नई दिल्ली में पीएम-जनमन की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि महत्वाकांक्षी कार्यक्रम पीएम-जनमन के कार्यान्वयन के सभी स्तरों पर शत-प्रतिशत परिणाम प्राप्त करने के उद्देश्य से प्रत्येक माह के अंतराल पर ऐसी समीक्षा आयोजित की जाएगी।

एक दिवसीय समीक्षा बैठक के दौरान, अभियान के अंतर्गत बुनियादी ढांचे (व्यक्तिगत और सामुदायिक परिसंपत्तियों) के तेजी से और मिशन मोड में पूरा होने से संबंधित प्रमुख पहलुओं पर चर्चा की गई, जिसमें सेवा सम्पूर्णता को प्राप्त करने के लिए सभी प्रयासों में सामंजस्य स्थापित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। प्रतिभागियों ने संभावित कार्यान्वयन बाधाओं की पहचान करने और उनका समाधान करने के लिए विचार-मंथन सत्रों में भाग लिया। यह भी देखा गया कि समय पर परिणाम सुनिश्चित करने के लिए राज्यों के भीतर कई स्तरों पर एक व्यवस्थित और नियमित समीक्षा तंत्र स्थापित किया जाना चाहिए और विभागों के बीच समन्वय को गांव स्तर तक दोहराया जाना चाहिए।

चर्चा के मुख्य बिन्दु इस बात पर केंद्रित थे कि सभी गांवों में अभियान के तहत रेखांकित पहलों का पूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

  • स्वास्थ्य, आंगनवाड़ी और कौशल विकास की आवश्यक सेवाओं के साथ बहुउद्देश्यीय केंद्रों (एमपीसी) का निर्माण पूरा करना और उनका संचालन शुरू करना।
  • सभी वन धन विकास केंद्रों (वीडीवीके) में व्यावसायिक गतिविधियों की शुरुआत
  • पक्के मकानों की स्वीकृति और निर्माण का फिजिकल कार्य पूरा करना तथा आधार जैसे आवश्यक दस्तावेजों की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
  • बस्तियों के स्थान के अनुसार सड़कों की सफाई और चल रही सड़क परियोजनाओं को समय पर पूरा करना
  • सभी आंगनवाड़ी केंद्रों (एडब्ल्यूसी) का संचालन और निगरानी
  • जीपीएस जैसे तकनीकी उपकरणों के उपयोग से मोबाइल मेडिकल यूनिटों (एमएमयू) के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी को मजबूत करना।
  • लक्षित संख्या में पीवीटीजी छात्रावासों की स्वीकृति और निर्माण
  • ऑन-ग्रिड या ऑफ-ग्रिड समाधानों के माध्यम से पीवीटीजी घरों का विद्युतीकरण
  • नल जल आपूर्ति द्वारा गांवों का सम्पूर्ण कवरेज
  • दूरदराज के क्षेत्रों में कनेक्टिविटी सुधारने के लिए मोबाइल टावरों की स्थापना

प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) योजना के सम्पूर्णता स्तरों का आकलन करने के उद्देश्य से जनजातीय कार्य मंत्रालय ने नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में इस समीक्षा बैठक का आयोजन किया। इसमें पीएम-जनमन मिशन में भाग लेने वाले 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के जनजातीय कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव/सचिव स्तर के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में भाग लेने वाले मंत्रालयों के अधिकारी भी शामिल हुए।

प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक प्रमुख पहल है जिसका उद्देश्य विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के व्यापक विकास और कल्याण को सुनिश्चित करना है। 2023 में जनजातीय गौरव दिवस पर माननीय प्रधानमंत्री द्वारा घोषित यह अभियान देश में सबसे अधिक वंचित समुदायों के लिए समावेशी विकास और सामाजिक न्याय के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है जो विकसित गांव, विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायता करेगा।

अभियान को राज्य सरकारों के सहयोग से 9 मंत्रालयों और विभागों के समन्वित प्रयासों के माध्यम से कार्यान्वित किया जा रहा है। इससे संबंधित फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को पूरा करने और समयबद्ध तरीके से सेवा वितरण सुनिश्चित करने के लिए एक केंद्रित, मिशन-मोड दृष्टिकोण अपनाया गया है।

 

Read More »

जनपद के जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के मध्य कानपुर के समग्र विकास की रणनीति पर चर्चा एवं संवाद

दैनिक भारतीय स्वरूप जिला सूचना कार्यालय कानपुर नगर, सर्किट हाउस में जनपद के जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के मध्य शासन की मंशानुसार कानपुर के समग्र विकास की रणनीति पर चर्चा एवं संवाद हुआ। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों से संवाद स्थापित करते हुए अपने-अपने स्तर से जनपद के विकास हेतु सुझाव भी दिए तथा इन सुझावों को अमल में लाने के लिए जिलाधिकारी महोदय ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा- निर्देश भी दिए। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को यह भी निर्देश दिए कि वे अपनी परियोजनाओं की विस्तृत सूचना ससमय जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराएं, जिससे शासन की नीतियों को जमीनी स्तर पर लागू करने में तेज गति मिल सके। उन्होंने अधिकारियों से मा. जनप्रतिनिधियों के साथ सौहार्दपूर्ण व सामंजस्य स्थापित करते हुए काम करने पर जोर दिया। बैठक के दौरान जनपद के विकास एवं निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा हेतु प्रत्येक माह बैठक आयोजित कराए जाने पर सहमति व्यक्त किया गया। बैठक में सांसद रमेश अवस्थी, माननीय सांसद देवेंद्र सिंह भोले, महापौर प्रमिला पांडे, जिला पंचायत अध्यक्ष स्वप्निल वरुण, विधायक सुरेंद्र मैथानी, विधायक राहुल बच्चा सोनकर, राज्यसभा अध्यक्ष प्रतिनिधि, एमएलसी सलिल बिश्नोई के प्रतिनिधि सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक के उपरांत जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों द्वारा सर्किट हाउस स्थित नवनिर्मित प्रेसीडेंशियल हाउस का निरीक्षण कर स्थितियों को परखते हुए आवश्यक दिशा -निर्देश दिए गए बैठक में जनप्रतिनिधियों व जिलाधिकारी महोदय के अलावा ज्वाइंट सीपी, एमडी केस्को, नगर आयुक्त, मुख्य विकास अधिकारी, एडीएम नगर एवं वित्त,पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई समेत सभी संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहें ।

Read More »

लेबर कॉलोनी का मालिकाना हक- जो जहां है, उसी को उसका मालिक बना दिया जाए-मैथानी*

भारतीय स्वरूप संवाददाता आज लखनऊ बापू भवन में उत्तर प्रदेश परामर्श दात्री समिति श्रम मंत्रालय की बैठक प्रमुख सचिव श्रम की अध्यक्षता में संपन्न हुई। जिसमें विधायक सुरेंद्र मैथानी द्वारा,पूर्व में उत्तर प्रदेश सदन में लगाई गई याचिका एवं लंबे समय से किये जा रहे संघर्ष के, उन सारे बिंदुओं को शामिल किया गया, जिन पर लेबर कॉलोनी के निवासियों के मालिकाना पर फैसला काफी कुछ उनके पक्ष में आए।

विधायक ने बैठक मे कहा कि मैं जीवन के 42 वर्ष लेबर कॉलोनी में रहा हूं मुझसे बेहतर पूरे उत्तर प्रदेश में वहां का दर्द और वहां का निवारण दूसरा कोई नहीं बता सकता। उन्होंने उक्त बैठक में कहा की कॉलोनीयों के स्वामित्व के मामले में, जो जहां है,जितना है, जिसके पास है और जैसा है,उसी हालत में, उसी को उसका मालिकाना हक, मात्र टोकन मनी ले करके, दे दिया जाए।यह इसका व्यावहारिक पक्ष है। यदि हम कानूनी दांव पेज और दशकों पुराने, अव्यावहारिक नियमों के हिसाब से, कोई नियमावली बनाएंगे, तो वह सफल नहीं होगी। इसलिए हमें व्यावहारिक पक्ष के आधार पर ही, जनहित में अपनी संस्तुति करके, कैबिनेट को प्रस्ताव भेजना चाहिए।

*विशेष सचिव द्वारा कहा गया कि पहले खाली पड़ी हुई जगह पर कमर्शियल स्पेस बना लिया जाए और फिर मूल आवंटी और उसके बाद सिग्मी लोगों और उसके बाद बड़े लोगों के काबिज मकान को,अलग-अलग दर पर,उन्हें आवंटन करने की पॉलिसी बनाई जाए।या पहले खाली पड़े हुए पार्क में, स्थलों पर, अपार्टमेंट की तर्ज पर फ्लैट बनाया जाए और उनका आवंटन करके, तब इस कॉलोनी को डिमोलिश करके, दोबारा इसका निर्माण कर,जो जिस श्रेणी में आता हो,उनको उनकी पात्रता के आधार पर,निर्माण कंप्लीट उपरांत आवंटन किया जाए। जिस पर क्रोधित होकर, विधायक सुरेंद्र मैथानी जी ने उक्त प्रस्ताव को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह मैं किसी कीमत पर नहीं होने दूंगा।आपने पिछले 60 साल में ₹ 1 का भी मेंटेनेंस नहीं कराया, आप किस आधार पर उसको अपनी संपत्ति मान रहे हो।और हम लोगों ने, हमारी सरकार ने और हमने अपने मुख्यमंत्री जी ने वहाँ की सड़क,नाली,सीवर, बिजली, विकास कार्यों और पार्कों का विकास कराकर, उसे रहने योग्य बनाया है।और अब आप,अपना मालिकाना हक समझकर,आधार हीन,कोई भी ऐसा निर्णय नहीं कर सकते, जो वहां की जनता की मूल भावनाओं के खिलाफ हो। मैं इसका विरोध करता हूं और उसको सड़कों पर उत्तर के भी,किसी भी कीमत पर नहीं होने दूंगा। यह पूरी तरह जन विरोधी है।मुझे समझाने का प्रयास न करें।क्योंकि मैं वहां के कष्ट को जानता हूं और मैं वहां का 42 साल निवासी रहा हूं। पहले मुझसे बात करो,तब कोई कदम,आप आगे बड़ा पाओगे। बैठक के अंत में प्रमुख सचिव सभापति ने कहा की विधायक जी का पक्ष व्यावहारिक है इस पर शास्त्री नगर कॉलोनी और कानपुर की श्रम कॉलोनी से ही इसका सर्वे अध्ययन प्रारंभ करें जिसको 6 महीने के अंदर पूर्ण कर लिया जाए।जिसमें लोकल अथार्टी, नगर निगम अथवा के डी ए अथवा आवास विकास को सम्मिलित करके, उसमें टेक्निकल दृष्टि से जे ई तथा पीडब्ल्यूडी के लोगों को भी शामिल करके और परामर्शदात्री के सदस्य के नाते विधायक जी को भी शामिल करके, इसकी एक अध्ययन रिपोर्ट अभिलंब तैयार की जाए। जिस पर कोई सकारात्मक रिपोर्ट तैयार करके शासन ,कैबिनेट को प्रेषित की जाए। जिससे जल्द से जल्द इस पर सकारात्मक निर्णय आ सके।

 इस पर विधायक जी ने प्रमुख सचिव को इस सकारात्मक दृष्टि में आगे कार्यवाही हेतु बड़ी, बैठक के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।

उक्त बैठक में प्रमुख रूप से प्रमुख सचिव श्रम एम के शानमुगा सुंदरम जी, विधायक सुरेंद्र मैथानी जी एवं विधायक मंजू शिवाज जी एवं श्रम आयुक्त मारकंडे शाही जी तथा विशेष सचिव कुणाल सिल्कू, विशेष सचिव निलेश कुमार सिंह,उपश्रमायुक्त पंकज सिंह राणा, उपश्रमायुक्त श्रीमती रचना केसरवानी,उप श्रमायुक्त जय प्रताप जी, उपश्रमायुक्त अनुराग मिश्रा गाजियाबाद एवं विधायक सुरेंद्र मैथानी, विधायक मंजू सिवाच एवं अनिल उपाध्याय आदि लोग प्रमुख रूप से थे।

Read More »