उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के उल्लंघन के संदर्भ में सीसीपीए की मुख्य आयुक्त, श्रीमती निधि खरे और आयुक्त श्री अनुपम मिश्रा ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2022 के बारे में भ्रामक विज्ञापन के लिए श्रीराम ग्रुप के आईएएस कोचिंग संस्थान के खिलाफ एक आदेश जारी किया है।
कोचिंग संस्थान और ऑनलाइन एडटेक मंच संभावित उम्मीदवारों (उपभोक्ताओं) को प्रभावित करने के लिए एक ही सफल उम्मीदवारों द्वारा चुने गए पाठ्यक्रमों और इस तरह के पाठ्यक्रम की अवधि का खुलासा किए बिना उनकी तस्वीरों और नामों का उपयोग करते हैं।
श्रीराम ग्रुप के आईएएस कोचिंग संस्थान ने अपने विज्ञापन में निम्नलिखित दावे किए-
- “यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2022 में 200 से अधिक चयन”
- “हम भारत के नंबर 1 प्रतिष्ठित यूपीएससी/आईएएस कोचिंग संस्थान हैं”
सीसीपीए ने पाया कि श्रीराम ग्रुप के आईएएस कोचिंग संस्थान ने विभिन्न प्रकार के पाठ्यक्रमों का विज्ञापन दिया था, लेकिन उपर्युक्त यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा परिणामों में विज्ञापित सफल उम्मीदवारों द्वारा चुने गए पाठ्यक्रम के संबंध में जानकारी जानबूझकर विज्ञापन में छिपाई गई थी। इसका प्रभाव यह हुआ कि उपभोक्ता गलत तरीके से यह मान लेते हैं कि संस्थान द्वारा दावा किए गए सभी सफल उम्मीदवारों ने संस्थान द्वारा अपनी वेबसाइट पर विज्ञापित सशुल्क पाठ्यक्रमों का विकल्प चुना था।
उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा-2(28) (iv) जानबूझकर महत्वपूर्ण जानकारी छिपाने के लिए भ्रामक विज्ञापन के सम्बन्ध मे कार्रवाही को दर्शाती है। सफल उम्मीदवारों द्वारा चुने गए पाठ्यक्रम की जानकारी उपभोक्ताओं के लिए जानना महत्वपूर्ण है ताकि वे यह तय करते समय सूचित विकल्प बना सकें कि किस पाठ्यक्रम और कोचिंग संस्थान में शामिल होना है।
श्रीराम ग्रुप के आईएएस कोचिंग संस्थान ने अपने जवाब में यूपीएससी सीएसई 2022 में 200 से अधिक चयनों के अपने दावे के खिलाफ केवल 171 सफल उम्मीदवारों का विवरण प्रस्तुत किया। इन 171 उम्मीदवारों में से 102 मुफ्त साक्षात्कार मार्ग दर्शन कार्यक्रम (आईजीपी) से थे, 55 मुफ्त परीक्षा श्रृंखला से थे, 9 सामान्य अध्ययन कक्षा पाठ्यक्रम से थे और 5 उम्मीदवार राज्य सरकार और संस्थान के बीच मुफ्त कोचिंग प्रदान करने के लिए हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन के तहत विभिन्न राज्यों से थे। इस तथ्य का खुलासा उनके विज्ञापन में नहीं किया गया था, जिससे उपभोक्ताओं को धोखा दिया गया।
यह एक सर्वविदित तथ्य है कि सिविल सेवा परीक्षा के सफल उम्मीदवारों को परीक्षा के सभी 3 चरणों प्रारंभिक, मुख्य परीक्षा और व्यक्तित्व परीक्षण (पीटी) को पास करना होता है। प्रारंभिक परीक्षा एक स्क्रीनिंग परीक्षा है, मुख्य परीक्षा और व्यक्तित्व परीक्षण दोनों में प्राप्त अंकों को अंतिम रूप से चयनित होने के लिए गिना जाता है। मुख्य परीक्षा और पीटी के लिए कुल अंक क्रमशः 1750 और 275 हैं। इस प्रकार व्यक्तित्व परीक्षण का योगदान कुल अंकों में 13.5 प्रतिशत है। अधिकांश उम्मीदवारों ने पहले ही प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा स्वंय ही पास कर ली थी, जिसमें श्रीराम ग्रुप के आईएएस कोचिंग संस्थान का कोई योगदान नहीं था। श्रीराम ग्रुप के आईएएस कोचिंग संस्थान द्वारा इस महत्वपूर्ण तथ्य को बताया नही गया कि संस्थान ने केवल ऐसे सफल उम्मीदवारों को मार्गदर्शन दिया है जिन्होंने यूपीएससी परीक्षा की प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा पहले ही पास कर ली है, इस तरह के झूठे और भ्रामक विज्ञापन द्वारा यूपीएससी परीक्षा के इच्छुक उम्मीदवारों पर गलत प्रभाव पड़ता है। इस प्रकार, विज्ञापन ने उपभोक्ता के सूचित किए जाने के अधिकार का उल्लंघन किया है ताकि अनुचित व्यापार व्यवहार से खुद को बचा सके।
सीसीपीए की मुख्य आयुक्त श्रीमती निधि खरे ने इस बात पर जोर दिया कि एक विज्ञापन में महत्वपूर्ण जानकारी का खुलासा करके तथ्यों का सत्य और ईमानदार प्रतिनिधित्व होना चाहिए ताकि वे स्पष्ट, प्रमुख हों और उपभोक्ताओं के लिए उन्हें नज़रअंदाज़ करना बेहद मुश्किल हो। उन्होंने उपभोक्ता अधिकारों के महत्व तथा उपभोक्ताओं को सटीक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए विज्ञापनदाताओं के दायित्व पर प्रकाश डाला।
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अमित शाह ने कहा कि आज हुए लोकोपयोगी कार्यों के तहत गांधीनगर लोकसभा में 21 परियोजनाओं का लोकार्पण हुआ जबकि चार परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई, वहीँ दो अन्य लोकसभा क्षत्रों में 18 परियोजनाओं का उद्घाटन हुआ और दो के शिलान्यास हुए हैं। इनमें स्वच्छता से संबंधित, जन स्वास्थ्य से जुड़े काम, बच्चों को अच्छा प्लेटफॉर्म देनेवाले संस्थान की शुरुआत और पर्यावरण की रक्षा के लिए ऑक्सीजन पार्क के लोकार्पण जैसे विकास शामिल हैं।
डा० अफ़रोज़ अहमद, सदस्य/न्यायाधीश मां० राष्ट्रीय हरित अधिकरण,प्रधान न्यायपीठ, नई दिल्ली की अध्यक्षता में आज सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में जिला पर्यावरण समिति की समीक्षा बैठक संपन्न हुई।बै ठक में क्षेत्रीय अधिकारी उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा पॉवर प्वाइंट के माध्यम से प्रस्तुतीकरण किया गया। अध्यक्ष द्वारा जिला पर्यावरण समिति की बैठक में उपस्थित समस्त संबंधित विभागों के अधिकारियों को निम्नलिखित निर्देश दिए:-
कानपुर 14 अगस्त, (सू0वि0)* विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का आयोजन छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर के आडिटोरियम में किया गया।
इस अवसर पर अतिथिगणों द्वारा ऑडिटोरियम परिसर में विभाजन विभीषिका से सम्बन्धित लगायी गयी अभिलेख प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया तथा उपस्थित सभी ने विभाजन विभीषित से प्रभावित हुए लोगों के लिए 02 मिनट का मौन रखा। इसके पश्चात् विभाजन विभीषिका से पीड़ित परिवार के परिवारिकजनों को सम्मानित किया गया, जिसमें महेश मेघानी, लालचन्द्र, रमेश राजपाल, बालचंद लालवानी, शांति प्रकाश पूरास्वानी, राजेन्द्र आडवाणी, दिलीप बालानी, सरदार दलजीत सिंह, मुरलीधर आहूजा, नरेश तकवानी, शामिल रहे, इसी प्रकार सिख वेलफेयर सोसाइटी के गुरविंदर सिंह छाबड़ा (प्रदेश अध्यक्ष), डॉ0 मनप्रीत सिंह भट्टी (प्रदेश महामंत्री), हरमिंदर सिंह बिंद्रा (प्रदेश उपाध्यक्ष), हरमिंदर सिंह पुनी (प्रदेश उपाध्यक्ष), चरणजीत सिंह, गगनदीप सिंह, गगन सोनी, जसबीर जुनेजा, गुरविंदर सिंह छाबडा (विक्की) शामिल रहे।