सरकार ने वर्ष 2023-24 से 2025-26 की अवधि के लिए ₹1261 करोड़ के परिव्यय के साथ महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को ड्रोन प्रदान करने के लिए ‘नमो ड्रोन दीदी’ को केंद्रीय क्षेत्र की योजना के रूप में मंजूरी दी है। उर्वरक विभाग द्वारा प्रदान की गई जानकारी के अनुसार, लीड फर्टिलाइजर कंपनियों (एलएफसी) ने 2023-24 में अपने आंतरिक संसाधनों का उपयोग करके स्वयं सहायता समूहों की ड्रोन दीदियों को 1094 ड्रोन वितरित किए हैं। वितरित किए गए इन 1094 ड्रोनों में से 500 ड्रोन ‘नमो ड्रोन दीदी’ योजना के तहत वितरित किए गए हैं। ड्रोन प्राप्त करने वाली ड्रोन दीदियों को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा अधिकृत विभिन्न रिमोट पायलट ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन (आरपीटीओ) में ड्रोन पायलट के रूप में प्रशिक्षित किया गया है। जनवरी 2026 तक एलएफसी (एलएफसी) द्वारा स्वयं सहायता समूहों को वितरित किए गए ड्रोनों की राज्य-वार संख्या और ड्रोन पायलट प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों का विवरण अनुलग्नक-I में दर्शाया गया है।
बेंगलुरु स्थित एग्रीकल्चरल डेवलपमेंट एंड रूरल ट्रांसफॉर्मेशन सेंटर (एडीआरटीसी) ने नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत उर्वरक कंपनियों द्वारा प्रदान किए गए इन 500 ड्रोनों के संचालन की आर्थिक और व्यावसायिक व्यवहार्यता पर एक अध्ययन किया है। यह अध्ययन दर्शाता है कि स्वयं सहायता समूह पहले मुख्य रूप से खेती और उससे जुड़ी गतिविधियों में लगे हुए थे, और उन्हें दिए गए ड्रोनों ने ड्रोन तकनीक के माध्यम से आधुनिक कृषि पद्धतियों तक उनकी पहुंच का विस्तार किया है, जिससे उनकी दक्षता और उत्पादकता में वृद्धि हुई है। कुल मिलाकर, ड्रोन को अपनाने से स्वयं सहायता समूहों की गतिविधियों में विविधता आई है, कृषि पद्धतियों में सुधार हुआ है और ग्रामीण समुदायों में महिलाओं के लिए आय के अवसर बढ़े हैं।
अनुलग्नक-I
जनवरी 2026 तक लीड फर्टिलाइजर कंपनियों द्वारा स्वयं सहायता समूहों को वितरित किए गए ड्रोनों की राज्य-वार संख्या और ड्रोन पायलट प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों का विवरण
| क्रम संख्या | राज्य का नाम | एलएफसी द्वारा ड्रोन प्रदान किए गए एसएचजी की संख्या और ड्रोन पायलट के रूप में प्रशिक्षित महिला एसएचजी के सदस्यों की संख्या |
| 1 | आंध्र प्रदेश | 108 |
| 2 | असम | 28 |
| 3 | बिहार | 32 |
| 4 | छत्तीसगढ़ | 15 |
| 5 | गोवा | 1 |
| 6 | गुजरात | 58 |
| 7 | हरियाणा | 102 |
| 8 | हिमाचल प्रदेश | 4 |
| 9 | जम्मू और कश्मीर | 2 |
| 10 | झारखंड | 15 |
| 11 | कर्नाटक | 145 |
| 12 | केरल | 51 |
| 13 | मध्य प्रदेश | 89 |
| 14 | महाराष्ट्र | 60 |
| 15 | ओडिशा | 16 |
| 16 | पंजाब | 57 |
| 17 | राजस्थान | 40 |
| 18 | तमिलनाडु | 44 |
| 19 | तेलंगाना | 81 |
| 20 | उत्तर प्रदेश | 128 |
| 21 | उत्तराखंड | 3 |
| 22 | पश्चिम बंगाल | 15 |
| कुल | 1094 | |
यह जानकारी आज राज्यसभा में कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री रामनाथ ठाकुर द्वारा एक लिखित उत्तर में दी गई।
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भारत सरकार में कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने आज अमरोहा कौशल महोत्सव में चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र सौंपे। यह जमीनी स्तर पर कौशल विकास को रोजगार से जोड़ने पर सरकार के निरंतर ध्यान को दर्शाता है।
इस अवसर पर अपने संबोधन में जयंत चौधरी ने कहा, “चौधरी अजीत सिंह जी की जयंती पर, हम ग्रामीण भारत और उसके युवाओं की शक्ति में उनके अटूट विश्वास को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। अमरोहा में उद्यमशीलता की भावना से लेकर मेहनती युवा आबादी तक अपार संभावनाएं हैं। आज 4,000 से अधिक युवाओं द्वारा दिखाया गया उत्साह उनकी आकांक्षा और तत्परता दोनों को दर्शाता है। कौशल महोत्सव जैसे मंच प्रतिभा और अवसर के बीच की खाई को पाटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये हमारे युवाओं के दरवाजे तक उद्योग को लाते हैं जिससे उन्हें काम की तलाश में पलायन किए बिना रोजगार, प्रशिक्षण और करियर मार्गदर्शन प्राप्त करने में मदद मिलती है।”
भारतीय स्वरूप संवाददाता
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कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संगीता सिरोही के निर्देशन एवं प्राचार्या प्रो. वंदना निगम के मार्गदर्शन में कार्यक्रम संपन्न हुआ। प्रथम सत्र का शुभारंभ प्रातः व्यायाम एवं योगाभ्यास से हुआ। इसके उपरांत इंडिया ए आई मिशन द्वारा आयोजित ए आई समिट के अंतर्गत जिम्मेदार एआई उपयोग हेतु अधिकतम प्रतिज्ञाओं का रिकॉर्ड बनाने के प्रयास में एनएसएस स्वयंसेविकाओं ने “AI for All” की शपथ ली। स्वयंसेविकाओं ने डिजिटल तकनीक के सुरक्षित, नैतिक एवं सकारात्मक उपयोग का संकल्प लिया।
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