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क्राइस्ट चर्च कॉलेज में ”शिक्षण, अधिगम और अनुसंधान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता” पर कार्यक्रम आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर 6 मार्च, क्राइस्ट चर्च कॉलेज के दो विभागों, राजनीति विज्ञान और समाजशास्त्र, ने ‘शिक्षण, अधिगम और अनुसंधान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ पर एक सफल कार्यक्रम आयोजित किया। उच्च शिक्षा और अनुसंधान में ए.आई. परिवर्तनों के बारे में छात्रों और शिक्षकों के बीच जागरूकता पैदा करने और अंतर्दृष्टि विकसित करने के लिए तीन कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए गए: एक पोस्टर प्रदर्शनी जहां छात्रों ने ए.आई. की दुनिया की खोज में अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया; ए.आई की जटिलताओं को समझने के लिए विशेषज्ञों द्वारा एक विचार-मंथन सत्र; और अंत में, आधुनिक दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग और भूमिका पर छात्रों द्वारा एक वाद-विवाद प्रतियोगिता।
कार्यक्रम का पहला सत्र, पोस्टर प्रस्तुति, प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्तियों, संकाय सदस्यों और छात्रों द्वारा पोस्टर गैलरी का दौरा करने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर छात्रों की प्रस्तुतियों में रचनात्मक कौशल और अंतर्दृष्टि का आकलन करने के साथ शुरू हुआ।
कार्यक्रम का दूसरा सत्र का आरम्भ, क्राइस्ट चर्च कॉलेज के प्रिंसिपल, सचिव और कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रोफेसर जोसेफ डैनियल, मुख्य वक्ता डॉ. अंशू सिंह, प्रोफेसर आशुतोष सक्सेना,सम्मानित अतिथि और स्वेता चंद उप-प्रिंसिपल के दीप प्रज्वलन और विद्यार्थियों द्वारा सरस्वती वंदना से हुआ. तत्पचात राजनीति विभाग प्रभारी एवं कार्यक्रम की संयोजिका प्रोफेसर विभा दीक्षित ने सम्मानित अतिथियों का स्वागत किया और कार्यक्रमों की संक्षिप्त रूपरेखा प्रस्तुत किया। डॉ. अंशू सिंह, एसोसिएट डीन, सीएसजेएम यूनिवर्सिटी ने अपना मुख्य भाषण में बताया कि कैसे ए.आई. ने शिक्षण,अध्यापन और अनुसंधान में कई सकारात्मक बदलाव लाए हैं। उन्होंने सीएसजेएम विश्वविद्यालय में शैक्षणिक प्रशासन में ए.आई. पहल एवं सफल प्रयोग के बारे में जानकारी दी। चेयरपर्सन, प्रो. जोसेफ डेनियल ने कॉलेज के शैक्षणिक और प्रशासन में ए. आई को लागू करने की आवश्यकता और कठिनाइयों के बारे में अपनी राय साझा की। सम्मानित अतिथि प्रोफेसर आशुतोष सक्सेना ने अध्यापन और अनुसंधान में ए.आई. के उपयोग और बढती संभावनाओं पर और इसके दुरुपयोग पर प्रकाश डाला। विचार-मंथन सत्र अत्यधिक ज्ञानवर्धक रहा और इसमें बड़ी संख्या में छात्रों और शिक्षकों ने भाग लिया। इसका सफल संचालन डॉ. अर्चना वर्मा एवं ऋचा यादव ने किया।
तीसरे सत्र में, छात्रों ने “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने शिक्षण, सीखने और अनुसंधान के परिदृश्य में क्रांति ला दी है” प्रस्ताव के पक्ष या विपक्ष में जोरदार बहस और तर्क दिए. प्रोफेसर डॉ. एस.पी. सिंह और डॉ. अनिंदिता भट्टाचार्य इस कार्यक्रम के प्रतिष्ठित निर्णायक मंडल में थे. विवेक और संजना वंजानी ने इस कार्यक्रम का प्रभावी ढंग से संचालन किया।
पोस्टर प्रस्तुति और वाद-विवाद प्रतियोगिता कार्यक्रमों में विजेताओं की घोषणा के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। पोस्टर प्रतियोगिता में वरीशा फातिमा प्रथम स्थान, फैरी द्वितीय स्थान और जुनी सिद्दीकी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वाद-विवाद प्रतियोगिता में तनिष्का बाजपाई को प्रथम उन्नति मेहरोत्रा द्वितीय एवं वैष्णवी गुप्ता तृतीय और कृति शुक्ल को सांत्वना पुरूस्कार मिला । धन्यवाद प्रस्ताव ईशा त्रिपाठी ने दिया. यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर एक बेहद सफल एवं प्रभावी आयोजन था। इसमें सभी संकाय के छात्रों और शिक्षकों ने बड़ी संख्या में भागीदारी की और इसे सभी के लिए अत्यधिक प्रभावी और ज्ञानवर्धक कार्यक्रम की श्रेणी में रखा।

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खाद्य पदार्थ दूध, गेंहूँ आटा,चावल एवं खाद्य तेल के कारोबार से जुड़े उद्यमियों का फोर्टिफिकेशन सम्बन्धी ट्रेनिंग कार्यक्रम आयोजित

कानपुर 06 मार्च आज, नगर में खाद्य पदार्थ दूध, गेंहूँ आटा,चावल एवं खाद्य तेल के कारोबार से जुड़े उद्यमियों का फोर्टिफिकेशन सम्बन्धी एक ट्रेनिंग कार्यक्रम KHPT एवं GAIN के माध्यम से FSSAI भारत सरकार के निर्देशों के क्रम मे होटल रिजेन्टा, हर्ष नगर में आयोजित किया गया। उक्त ट्रेनिंग कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह द्वारा किया गया। 

इसके पश्चात जिलाधिकारी सिंह ने कार्यक्रम मे उपस्थित उद्यमियों व KHPT एवं GAIN के ट्रेनर्स को सम्बोधित करते हुए खाद्य पदार्थों के प्राकृतिक रूप में उपभोग करने व उसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जहां तक सम्भव हो मनुष्य को खाद्य पदार्थो के प्राकृतिक रूप को ही अपने भोजन मे शामिल करना चाहिए। जब खाद्य पदार्थो को प्रसंस्करण अथवा किसी अन्य माध्यम से उनके प्राकृतिक रूप से छेड़छाड़ करके उनमें उपस्थित पोषक पदार्थों को अलग कर दिया जाता है, तब यह आवश्यक हो जाता है कि वैज्ञानिक विधियों का सहारा लेकर हम अपने खाद्य पदार्थो मे पोषक तत्व को मिलाकर उसका उपभोग करें जिससे हमारा स्वास्थ्य अच्छा बना रहे। कहा कि फोर्टिफिकेशन प्रक्रिया भी एक वैज्ञानिक विधा है, जिसके माध्यम से हम दूध, खाद्य तेल, आटा व चावल मे कुछ पोषक तत्वो को मिलाकर उसकी गुणवत्ता का वर्धन करते हैं। उक्त कार्यक्रम मे उपरोक्त खाद्य कारोबार से जुड़े लगभग 100 की संख्या मे उद्यमी,मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी एवं समस्त खाद्य सुरक्षा अधिकारी उपस्थित रहे।

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बैंक ऑफ़ बड़ौदा में मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस

मुख्य अतिथि के तौर पर मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन ने की शिरकत

कानपुर नगर 5 फरवरी बैंक ऑफ़ बड़ौदा में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जिसमें महिलाओं की उपलब्धियां का सम्मान करने और कार्य स्थल पर समानता को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया गया । कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन मुख्य अतिथि थी।

कार्यक्रम में बैंक ऑफ़ बड़ौदा कानपुर नगर क्षेत्र की समस्त महिला स्टाफ कर्मचारी , विभिन्न स्वयं सहायता समूह की महिलाएं और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के अंतर्गत लाभान्वित महिलाएं उपस्थित थी। मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा उपस्थित सभी महिलाओं को प्रेरणात्मक शब्दों से संबोधित किया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने नौकरी कर रही महिलाओं की चुनौतियों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि महिला सशक्तिकरण तभी संभव है जब महिलाएं अपना निर्णय स्वयं लेने का साहस और विश्वास रख पाएंगी। उन्होंने महिलाओं को कार्यस्थल पर सक्रिय नेतृत्व लेकर हर कार्य में प्रतिभाग करने हेतु प्रेरित किया। ऐसा करने से ही महिला कर्मचारी अपने कौशल विकास में प्रगति कर पाएंगी। उन्होंने बताया कि हर महिला कर्मचारी को अपने विचार प्रकट करने का साहस रखना चाहिए जिसे उनके व्यक्तित्व का विकास होगा। उन्होंने महिलाओं को अपनी क्षमता पर किसी प्रकार का खुद से अंकुश न रखने हेतु समझाया। उन्होंने महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ अपने निर्णय स्वयं लेने हेतु प्रेरित किया। बैंक ऑफ़ बड़ौदा कानपुर नगर क्षेत्र के क्षेत्रीय प्रमुख शैलेश कुमार परख द्वारा महिलाओं के योगदान के महत्व पर चर्चा करी गई और बैंक द्वारा विभिन्न योजनाएं जो महिला केंद्रित हैं उनके बारे में बताया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने विभिन्न स्वयं सहायता समूह की महिलायों को सम्मानित किया , जिन्होंने बैंक से ऋण लेके अपने कार्य को शुरू कर आत्मनिर्भर होने की दिशा में कदम उठाया है । मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजनांतर्गत लाभान्वित महिलाओं को भी सम्मानित किया गया जिन्होंने बैंक से ऋण प्राप्त कर अपना व्यवसाय शुरू करने का साहस किया जिससे उन्हें और लोगों को व्यवसाय प्रदान करने का अवसर प्रात हुआ है।

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नवाचार व उद्यमिता के माध्यम से विकसित भारत संकल्प के सहयोगी बनें विद्यार्थी

क्राइस्ट चर्च कॉलेज में हुआ “यंत्र 2025ः उभरते इनोवेशन को उजागर करना” कार्यक्रम का आयोजन*
*स्टार्टअप मेले में प्रतिभागी छात्रों ने प्रस्तुत किए अद्भुत मॉडल, छात्रों को किया गया पुरस्कृत*
भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर, 05 मार्च  छात्रों में नवाचार, तकनीकी विकास व व्यवसाय को बढ़ावा देने व उसका समर्थन करते हुए प्रेरित करने के उद्देश्य से क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर के इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन सेल ने आज “यंत्र 2025ः उभरते इनोवेशन को उजागर करना” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आवश्यक संसाधन जैसे फंडिंग, मेंटरशिप, कार्यक्षेत्र और प्रशिक्षण प्रदान करने की जानकारी दी गई, जिससे अंततः उन्हें अपने अभिनव अवधारणाओं को बाजार में व्यवहार्य उत्पादों या सेवाओं में बदलने में मदद मिल सके।
कॉलेज के डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई तथा कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया गया। इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन सेल के संयोजक प्रो. मनीष कपूर ने विषयगत विवरण दिया। उन्होंने बताया कि 2022 में सेल की स्थापना के बाद से ही कॉलेज ने इनोवेशन, इनक्यूबेशन और उद्यमिता (आईआईसी) की संस्कृति को बढ़ावा दिया है। 21वीं सदी में नवाचार के बदलते समय और इसकी मांग के साथ, कठिनाइयों से समायोजन करते हुए, नवाचार, ऊष्मायन और उद्यमिता केंद्र के महत्व पर जोर देने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।
कॉलेज गवर्निंग बॉडी के सचिव और प्रिंसिपल प्रो. जोसेफ डैनियल ने कहा कि कॉलेज का उद्देश्य अपने छात्रों और शिक्षकों के बीच प्रौद्योगिकी, विज्ञान और प्रबंधन आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देना है और इस तरह मांग आधारित विचारों और नवाचारों के विकास के लिए ज्ञान के व्यावहारिक अनुप्रयोग की सुविधा प्रदान करना है जो समाज को लाभ पहुंचाते हैं। इसे अकादमिक ढांचे में शामिल करके छात्रों और शिक्षकों में उद्यमशीलता की प्रवृत्ति विकसित की जाएगी।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ भक्ति वी शुक्ला सहायक निदेशक, एफएफडीसी, कन्नौज ने कहा कि कॉलेज को पूर्व-बीज वित्तीय सहायता, बुनियादी ढांचे और संसाधन प्रदान करके तकनीकी आविष्कारों और व्यावसायिक उद्यमों के विचारों को पोषित करने के लिए एक प्री-इन्क्यूबेशन प्लेटफॉर्म बनाना चाहिए। यह एक ऐसा वातावरण तैयार करेगा जो कॉलेज के छात्रों को प्रेरणा और एंड-टू-एंड समर्थन प्रदान करके नौकरी निर्माता में परिवर्तित करता है। यह छात्रों को उनके नवाचारों और विचारों के लिए पेटेंट दायर करने के लिए सशक्त करेगा। इस सत्र के बाद “कानपुर और आसपास के स्थानों में इनक्यूबेशनः चुनौतियां और अवसर” विषय पर पैनल चर्चा हुई। पैनलिस्ट प्रोफेसर अमिताभ बंदोपाध्याय, केंट चेयर फॉर एंटरप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन, बीएसबीई, आईआईटी कानपुर और अमित टंडन, उद्यमी थे। चर्चा में मेंटरशिप तक पहुंच, उद्योग जगत के नेताओं के साथ नेटवर्किंग और शुरुआती चरण के स्टार्टअप के लिए अपने विचारों को विकसित करने के लिए एक सहायक वातावरण जैसे अवसरों पर चर्चा की गई, और चुनौतियों में फंडिंग हासिल करना, जटिल विनियामक परिदृश्यों को नेविगेट करना और इनक्यूबेशन प्रोग्राम की स्थिरता और विकास सुनिश्चित करना शामिल है।
इसके बाद “स्टार्ट-अप मेला” का आयोजन किया गया। छात्रों ने मॉडल और प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी नवीनता का प्रदर्शन किया।
क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर के वाणिज्य विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. श्वेता मिश्रा ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।

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डी जी कॉलेज द्वारा बस्ती में चलाया गया साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर 5 मार्च दयानंद गर्ल्स पी जी कॉलेज, कानपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा आजाद नगर स्थित लल्लनपुरवा बस्ती में सात दिवसीय विशेष शिविर के चौथे दिन *साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान* चलाया गया। शिविर स्थल की साफ-सफाई करने के उपरांत दैनिक गतिविधियों में सरस्वती वंदना एवं एन एस एस लक्ष्य गीत गाया गया। आज के शिविर के प्रथम सत्र में महाविद्यालय की नॉलेज इंस्टीट्यूशन प्रभारी डॉ ज्योत्सना पांडे के द्वारा माय भारत आउटरीच कार्यक्रम के अंतर्गत छात्राओं को विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट तथा एग्रीकल्चर ELP के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारियां देते हुए उसके महत्व को समझाया तथा रजिस्ट्रेशन करना सिखाया। मध्यान भोजन के पश्चात द्वितीय सत्र में मुख्य अतिथि सबइंस्पेक्टर श्री अनुज चौधरी, चौकी इंचार्ज, नवाबगंज के द्वारा छात्राओं को साइबर सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराई गई। उन्होंने छात्राओं को संबोधित करते हुए बताया कि कंप्यूटर, नेटवर्क, और डेटा को डिजिटल खतरों से बचाने को साइबर सुरक्षा कहते हैं। इसमें साइबर हमलों से बचाव और सूचना की गोपनीयता, अखंडता, और उपलब्धता सुनिश्चित करना शामिल है।

छात्राओं ने साइबर सुरक्षा से संबंधित पोस्टर भी बनाए। जिनके माध्यम से बस्ती में जाकर कार्यक्रम अधिकारी डॉ संगीता सिरोही के कुशल निर्देशन में साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान रैली निकाली तथा पोस्टर एवं स्लोगन “अपना डेटा सुरक्षित रखें, अपना दिमाग सुरक्षित रखें।” “साइबर सुरक्षा एक यात्रा है, मंजिल नहीं।” “आज सतर्क – कल जीवित।” “सुरक्षित साइबरस्पेस एक साझा जिम्मेदारी है।” का संदेश जन-जन तक पहुंचाया। छात्राओं ने बस्तीवासियों को साइबर बैंक फ्रॉड, साइबर डिजिटल अरेस्ट सोशल मीडिया अकाउंट हैक आदि के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारियां देते हुए उनसे बचाव के तरीके तथा साइबर सुरक्षा हेल्पलाइन 1930 एवं 155260 के बारे में विस्तृत जानकारियां दी। बस्तीवासियों ने भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान की सराहना करते हुए विकसित भारत@2047 के निर्माण में इसे एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

छात्राओं के द्वारा देशज खेलों में “घोड़ा है सलाम शाही” खेल खेलने के उपरांत एन एस एस गीत तथा राष्ट्रगान गाकर चतुर्थ दिवस का समापन हुआ। कार्यक्रम को सफल बनाने में आकांक्षा अस्थाना, अनुपम शुक्लाएवं बसंत कुमार का विशेष योगदान रहा।

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सात दिवसीय विशेष शिविर में डी जी कॉलेज द्वारा *बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान* चलाया गया

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर 4 मार्च  दयानंद गर्ल्स पी जी कॉलेज, कानपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के द्वारा आजाद नगर स्थित लल्लनपुरवा बस्ती में सात दिवसीय विशेष शिविर के तीसरे दिन *बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान* चलाया गया। सर्वप्रथम स्वयंसेविकाओं के द्वारा शिविर स्थल की साफ-सफाई की गई। तत्पश्चात दैनिक गतिविधियों में सरस्वती वंदना एवं एन एस एस लक्ष्य गीत करने के पश्चात स्वयंसेविकाओं ने योगाभ्यास किया। स्वयंसेविकाओं के द्वारा बस्ती में जाकर कार्यक्रम अधिकारी डॉ संगीता सिरोही के कुशल निर्देशन में महिला सुरक्षा, महिला स्वावलंबन एवं महिला सशक्तिकरण हेतु जागरूकता अभियान चलाते हुए विभिन्न प्रकार की गतिविधियों की। जिनमें उन्होंने सर्वप्रथम रैली निकाली तथा पोस्टर एवं स्लोगन जैसे बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ ; बेटी को ना समझो भार, बेटी है जीवन का आधार ; बेटा बेटी एक समान, बेटी है ईश्वर का वरदान आदि नारे लगाए। इसी क्रम में नुक्कड़ नाटक के द्वारा बस्ती वासियों को जागरूक किया गया कि बेटा – बेटी को हमें अलग-अलग प्रकार से नहीं आंकना चाहिए बल्कि वह दोनों समान है। उनके लालन पालन मैं कोई भेद नहीं करना चाहिए तथा बेटियों को भी बेटों के समान पढ़ने एवं जॉब करने के अवसर देने चाहिए। ताकि वह विकसित भारत के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सके। बस्तीवासियों ने महिला सशक्तिकरण के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रम मिशन शक्ति तथा भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के द्वारा चलाए जा रहे राष्ट्रीय सेवा योजना के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ एवं महिला सशक्तिकरण अभियान में छात्राओं के द्वारा किए गए प्रयासों को खूब सराहा। उन्होंने अपनी बेटियों को भी बेटों के समान अवसर देने का संकल्प भी लिया।

द्वितीय सत्र के दौरान भोजन अवकाश के पश्चात छात्राओं ने बौद्धिक सत्र में *विकसित भारत@2047 में महिलाओं की अग्रणी भूमिका* के विषय पर एक सामूहिक परिचर्चा की गई। महाविद्यालय की नॉलेज इंस्टीट्यूशन प्रभारी डॉ ज्योत्सना पांडे ने इस विषय पर छात्राओं को एक व्याख्यान भी दिया। छात्राओं के द्वारा खो-खो खेल खेलने के उपरांत एन एस एस गीत तथा राष्ट्रगान गाकर तृतीय दिवस का समापन हुआ। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ शशिबाला सिंह, आकांक्षा अस्थाना, बसंत कुमार का विशेष योगदान रहा। समस्त गतिविधियों को छात्राओं के द्वारा उमंग एवं उत्साह के साथ संपन्न किया गया।

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जिलाधिकारी द्वारा उर्सला जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर नगर, 04 मार्च, 2025 जिलाधिकारी द्वारा आज उर्सला जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया गया, निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी को कई खामियां मिली।

चिकित्सालय के अंदर निर्मित मुख्य चिकित्सा अधिकारी कंट्रोल रूम के निरीक्षण के दौरान जिसके नोडल अधिकारी ACMO डॉ. आर. के. गुप्ता बिना कार्यालय में उपस्थित हुए किसी मीटिंग में चले गए थे। उपस्थिति रजिस्टर देखने से पता चला कि दो अन्य कर्मचारी भी नदारद रहे। पाया गया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा वार्ड के निरीक्षण के साथ-साथ नहीं नियमित देखभाल भी नहीं किया जा रहा है।

यह भी पाया गया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय 30 से 35 कर्मचारी उर्सुला अस्पताल में अटैच है जबकि वहां इतने कर्मचारियों की आवश्यकता नहीं है। पाया गया कि 20 बेड के आयुष्मान वार्ड में कुल 8 मरीज भर्ती थे लेकिन वहां एक भी डॉक्टर उपस्थित नहीं पाया गया। जिलाधिकारी द्वारा जब यह पूछा गया कि इस वार्ड में किस डॉक्टर की ड्यूटी लगी हुई है इस पर वहां उपस्थित चिकित्सालय के डायरेक्टर समेत कोई अन्य जिम्मेदार संतोषजनक उत्तर न दे पाए। उक्त वार्ड में जिलाधिकारी द्वारा बिताए गए 15 से 20 मिनट तक भी कोई डॉक्टर वहां उपस्थित नहीं हुआ l

इसके उपरांत जिलाधिकारी द्वारा उर्सला चिकित्सालय के डायरेक्टर के अधीनस्थ कर्मचारियों के उपस्थिति रजिस्टर को देखा गया। पाया गया कि लिपिक किरण रजिस्टर पर बिना साइन किया नदारद रही जबकि अन्य कर्मचारी राकेश मौर्य आकस्मिक अवकाश पर रहे। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी द्वारा यह भी पाया गया कि चिकित्सालय के डायरेक्टर हेल्प डेस्क और मुख्य चिकित्सा अधिकारी के हेल्प डेस्क पर ताला लगा मिला। वहां उपस्थित मरीजों ने जिलाधिकारी को बताया कि ड्यूटी पर चिकित्सालय के कर्मचारी व डॉक्टर समय पर उपस्थित नहीं होते हैं मरीजों को मूलभूत सुविधाएं देने के नाम पर मात्र खाना-पूर्ति की जा रही है। जिलाधिकारी ने पाया कि चिकित्सालय के अंदर बनी सड़क भी ऊबड़- खाबड़ है जिससे एंबुलेंस के आवागमन में मरीजों को अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता हैl पाया कि कई मरीज बैठने की चिकित्सालय द्वारा बैठने की समुचित व्यवस्था न होने के कारण जमीन पर ही बैठे मिले, इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की।

उक्त घोर लापरवाही एवं अनुशासनहीनता को देखते हुए जिलाधिकारी द्वारा संबंधित को एसीएमओ डॉ. आर. के. गुप्ता वह मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर हरिदत्त नेमी को कारण बताओं नोटिस जारी करने के साथ-साथ तीनों अनुपस्थित कर्मचारियों के वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि चिकित्सालय के अंदर सड़क को दुरुस्त किया जाए। डायरेक्टर और मुख्य चिकित्सा अधिकारी भी नियमित तौर पर ओपीडी में मरीजों का इलाज करें। डायरेक्टर और मुख्य चिकित्सा अधिकारी यह भी सुनिश्चित करें कि उनके अधीनस्थ कर्मचारी या डॉक्टर समय पर उपस्थित होते हैं या नहीं, इसके लिए उपस्थिति रजिस्टर को नियमित देखा जाए,उन्होंने निर्देश दिए की अस्पताल परिसर में मरीजों के बैठने के लिए प्राप्त संख्या में चेयर लगवाया जाए। किसी भी मरीज को मूलभूत सुविधाओं व आवश्यक दवाओ से वंचित न रखा जाए। यह डायरेक्टर और मुख्य चिकित्सा अधिकारी की प्राथमिक जिम्मेदारी भी है। सरकारी डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस ना करें अन्यथा उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने निर्देशित करते हुए यह भी कहा कि सभी डॉक्टर सेवाभाव के साथ काम करें और इस पेशे को बदनाम ना करेंl डॉक्टरों की यह भी जिम्मेदारी है कि वह अपनी प्रतिभा व कर्तव्यनिष्ठा का ऐसा इस्तेमाल करें जिससे मरीजों को निजी चिकित्सालयो में न जाना पड़ेl चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधा को जमीन पर उतारना और उसे आम जनमानस को तक पहुंचाना शासन के साथ-साथ जिला प्रशासन की भी प्राथमिकता है।

पोषण- पोटली वितरण कार्यक्रम में लिया हिस्सा
इसके उपरांत जिलाधिकारी द्वारा उर्सला जिला चिकित्सालय परिसर में ही प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत एक कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए टीबी से ग्रस्त मरीजों को पोषण – पोटली का वितरण किया गयाl इस अवसर पर कुल 50 मरीजों को पोषण – पोटली वितरित किए गएl इस दौरान जिलाधिकारी ने वहां उपस्थित मरीजों व डॉक्टर को संबोधित करते हुए कहा कि शासन की मंशा है कि सबको समय से व बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो, जिसके क्रियान्वयन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। केंद्र सरकार ने मार्च 2025 में भारत को ‘टीबी मुक्त भारत’ बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है इसके लिए हम सबको मिलकर टीम भावना के साथ टीबी को हराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की आवश्यकता है।
इसके उपरांत जिलाधिकारी द्वारा राजकीय पशु चिकित्सालय, चुन्नीगंज का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कर्मचारी योगेंद्र प्रताप रजिस्टर पर हस्ताक्षर करके गायब रहें। वहीं, कर्मचारी कविता वर्मा कल और आज 2 दिन से आराम पर चल रही है, इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए उक्त कर्मचारियों का वेतन रुकते हुए अन्य आवश्यक कार्रवाई करने हेतु संबंधित को निर्देश दिए।

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डी जी कॉलेज द्वारा चलाया गया सड़क सुरक्षा अभियान

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर 3 मार्च दयानंद गर्ल्स पी जी कॉलेज, कानपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के लल्लनपुरवा बस्ती में सात दिवसीय विशेष शिविर के दूसरे दिन *सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान* चलाया गया।
सर्वप्रथम स्वयंसेविकाओं के द्वारा आजाद पार्क स्थित शहीद स्थल जहां पर अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा लगी है, की साफ-सफाई की गई। तत्पश्चात दैनिक गतिविधियों में सरस्वती वंदना करने के पश्चात स्वयंसेविकाओं ने योगाभ्यास किया। स्वयंसेविकाओं के द्वारा बस्ती में जाकर कार्यक्रम अधिकारी डॉ संगीता सिरोही के कुशल निर्देशन में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने हेतु चलाए जा रहे सड़क सुरक्षा अभियान के अंतर्गत सड़क सुरक्षा जागरूकता संबंधी गतिविधियों की गई। जिनमें छात्राओं ने रैली निकालकर स्लोगन के माध्यम से, नुक्कड़ नाटक कर एवं आपसी संवाद के माध्यम से यातायात के नियमों एवं सड़क सुरक्षा के नियमों से संबंधित जानकारियां बस्तीवासियों को दी। इस अवसर पर सड़क सुरक्षा की शपथ भी ली गई। भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के द्वारा चलाए जा रहे राष्ट्रीय सेवा योजना के इस अभियान तथा छात्राओं के द्वारा किए गए प्रयासों को बस्तीवासियों ने खूब सराहा तथा सड़क पर चलते समय स्वयं तथा दूसरों की सुरक्षा हेतु यातायात के नियमों का पालन करने का संकल्प भी लिया।
द्वितीय सत्र के दौरान भोजन ग्रहण करने के पश्चात छात्राओं ने बौद्धिक सत्र में *सड़क हादसे से मनुष्य के जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव व उससे बचाव एवं इसमें महिलाओं की भूमिका* विषय पर एक सामूहिक परिचर्चा की गई। एन एस एस गीत तथा राष्ट्रगान के साथ द्वितीय दिवस का समापन हुआ।
कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ शशिबाला सिंह, श्रीमती आकांक्षा अस्थाना, श्री बसंत कुमार का विशेष योगदान रहा। समस्त गतिविधियों को छात्राओं के द्वारा उमंग एवं उत्साह के साथ संपन्न किया गया

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विश्व का सबसे बड़ा राजयोग और ध्यान आउट रीच कार्यक्रम *”एकात्म अभियान”* 08 राज्यों के 125000 गांवों में संचालित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर, 28 फरवरी ,2025 विश्व का सबसे बड़ा राजयोग और ध्यान आउट रीच कार्यक्रम *”एकात्म अभियान”* 08 राज्यों के 125000 गांवों में संचालित किया जा रहा है, यह जानकारी शालिनी श्रीवास्तव जोनल समन्वयक ,कानपुर ने एक विज्ञप्ति में बताया है । उन्होंने आगे बताया कि इसे सांस्कृतिक मंत्रालय भारत सरकार ,उत्तर प्रदेश सरकार एवं जनपदों/मंडलों के हार्टफुलनेस इंस्टीट्यूट के सहयोग से क्रियान्वित किया जा रहा है। हार्टफुलनेस की कानपुर की शाखा ने कानपुर जनपद के समस्त 10 ब्लाकों को क्रमशः पूर्ण रूप से हार्टफुलनेस ध्यान पद्धति से परिचित कराने का अभियान चलाया है ।इस अभियान के माध्यम से हर दिल ध्यान,हर घर ध्यान की अवधारणा को पूरा किया जा रहा है ।

श्रीमती श्रीवास्तव ने आगे बताया कि इस अभियान के अंतर्गत कृषि की उन्नत तकनीक एवं मानसिक विकास के लिए मानसिक व्यायाम से परिचित कराया जा रहा है ।इसके अंतर्गत सरसौल ब्लॉक के समस्त 107 गांवों हार्टफुलनेस की 20 टीम बनकर आच्छादित किया गया ।इस कार्य में 100से अधिक स्वयं सेवकों ने सहयोग किया ।
01 मार्च तक एकात्म अभियान कल्याणपुर विकासखंड चलाया जा रहा है।यहां के 79 गांवों को एकात्म अभियान से कवर किया जाएगा ।
विदित हो कि हार्टफुलनेस के अंतर्गत हृदय में ध्यान का अभ्यास भी कराया जाता है । हार्टफुलनेस के अंतराष्ट्रीय गाइड श्री कमलेश डी पटेल (दाजी) चाहते हैं कि देश के कोने कोने में अध्यात्म पहुंचे ।संपूर्ण मानवता के लिए आध्यात्मिक *ध्यान* अत्यंत लाभदायक है । योग और ध्यान का नियमित अभ्यास हमारे सर्वांगीण विकास में मदद करता है । हार्टफुलनेस ध्यान को गहनता से समझने के लिए *heartfulness.org* वेबसाइट देखी जा सकती है ।हार्टफुलनेस ध्यान में हृदय में *ईश्वरीय प्रकाश /devine light/नूर* की उपस्थिति की परिकल्पना कर ध्यान किया जाता है। विश्व के 160 देशों में सभी धर्मों को मानने वाले लोग हार्टफुलनेस का ध्यान करते हैं। संपर्क अनुयाई /व्यक्ति :~ प्रदीप श्रीवास्तव 8853759572

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विज्ञान दिवस के अवसर छात्राओं को सी पी आर के बारे में जानकारी दी

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर 28 फरवरी एस.एन. सेन बालिका विद्यालय पी.जी. महाविद्यालय में सर सी. वी. रमन की रमन प्रभाव की खोज की स्मृति में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर डॉ. सुनीत गुप्ता द्वारा छात्राओं को सी पी आर के बारे में जानकारी दी गई। डॉ. सुनीत गुप्ता आईएमए द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित हैं एवं प्राणोदय संस्थान से जुड़ कर पिछले २२ वर्षों से निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं। माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण डॉ. सुनीत गुप्ता, प्रो. गार्गी यादव, कैप्टेन ममता अग्रवाल, प्रो. रेखा चौबे एवं प्रो. अलका टंडन द्वारा किया गया। डॉ सुनीत गुप्ता ने सी.पी.आर की ट्रेनिंग को डमी पर प्रदर्शित किया । इसके पश्चात छात्राओं ने भी डमी पर अभ्यास किया । अचानक हृदयाघात के शिकार व्यक्ति, दुर्घटना में घायल, करंट की चपेट में आए व्यक्ति का जीवन बचाने में सी.पी.आर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) का महत्व समझाते हुए उन्होंने छात्राओं को हृदय का संकेत समझने और जान बचाने का हुनर सिखाया। उन्होंने बताया कि तीन मिनट के अंदर सीपीआर शुरू कर देने से मस्तिष्क में ऑक्सीजन के संचरण को पहुंचाया जा सकता है जिससे व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। डमी पर महाविद्यालय की शिक्षिकाओं ने भी प्रशिक्षण हासिल किया।

कार्यक्रम का संयोजन प्रोफेसर गार्गी यादव ने किया एवं मंच संचालन डॉक्टर अमिता सिंह ने किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की सभी शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।

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