जनजातीय उत्पादों पर जारी विशेष आवरण से देश-दुनिया में होगी इनकी ब्रांडिंग और प्रचार-पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव
आजादी का अमृत महोत्सव 2.0 के तत्वावधान में भारतीय डाक विभाग द्वारा पूरे देश में जनजातीय उत्पादों पर 75 विशेष आवरण जारी किये जा रहे हैं। इसी क्रम में वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने वाराणसी के प्रगतिशील किसान पद्मश्री चंद्रशेखर सिंह और प्रवर डाक अधीक्षक राजन राव संग जनजातीय उत्पाद ‘कत्था’ पर विशेष आवरण व विरूपण का विमोचन प्रधान डाकघर, वाराणसी में आयोजित एक कार्यक्रम में किया। इस विशेष आवरण पर अंतर्राष्ट्रीय श्री अन्न वर्ष पर जारी डाक टिकट लगाकर इसका विरूपण किया गया। पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने विशेष आवरण जारी करते हुए कहा कि विभिन्न जनजातीय क्षेत्रों के आदिवासी अपने हस्तशिल्प और जैविक व प्राकृतिक उत्पादों के माध्यम से न सिर्फ विरासतों को सहेज रहे हैं बल्कि कृषि अर्थव्यवस्था की अभिवृद्धि में भी अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। कत्था खरवार जनजाति का उत्पाद है। इस जनजाति ने सबसे पहले इसके अर्क को अपने व्यवसाय के रूप में एकत्र करना शुरू किया था। लाल कत्थे का इस्तेमाल पान में तो सफ़ेद कत्थे का इस्तेमाल औषधीय रूप में किया जाता है। मनोदैहिक और चिकित्सीय गुणों के कारण प्राचीनकाल से ही भारत में कत्थे का प्रयोग किया जाता है। पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक टिकट और विशेष आवरण अतीत को वर्तमान से जोड़ते हैं। एक जिला-एक उत्पाद, जीआई उत्पादों से लेकर जनजातीय उत्पादों तक पर जारी विशेष आवरण देश-दुनिया में इनकी ब्रांडिंग कर प्रचार-प्रसार बढ़ाते हैं और समावेशी विकास के तहत ‘वोकल फॉर लोकल’ एवं ‘आत्मनिर्भर भारत’ की संकल्पना को मूर्त रूप देते हैं। फिलेटली को हॉबी के रूप में अपनाकर युवा वर्ग भी डाक टिकटों और विशेष आवरणों के माध्यम से तमाम जानकारियां प्राप्त कर ज्ञान में रचनात्मक अभिवृद्धि कर सकेंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रगतिशील किसान पद्मश्री श्री चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि डाक विभाग अपने विशाल और विश्वसनीय नेटवर्क के माध्यम से समाज के हर वर्ग तक पहुँचकर उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ रहा है। कृषि से लेकर जनजातीय समाज से जुड़े उत्पादों, विरासतों, विभूतियों और विभिन्न पहलुओं पर डाक टिकट और विशेष आवरण जारी कर उन्हें नई पहचान दे रहा है। प्रवर डाक अधीक्षक राजन राव ने बताया कि उक्त विशेष आवरण मय विरूपण 25 रुपए में फिलेटलिक ब्यूरो, वाराणसी प्रधान डाकघर में उपलब्ध होगा। इस अवसर पर प्रवर डाक अधीक्षक राजन, डाक अधीक्षक विनय कुमार, सीनियर पोस्टमास्टर एसपी राय, सहायक अधीक्षक अजय कुमार, दिलीप सिंह यादव, आइपीपीबी मैनेजर सुबलेश सिंह, डाक निरीक्षक सर्वेश सिंह, श्रीकांत पाल, दिलीप पांडेय, श्रीप्रकाश गुप्ता, दीपमणि, जगदीश सडेजा, सुशांत सिंह सहित तमाम अधिकारी, कर्मचारी, फ़िलेटलिस्ट इत्यादि उपस्थित रहे।
भारतीय स्वरुप दैनिक ई-पेपर
कानपुर 25 जुलाई भारतीय स्वरूप संवाददाता, एस एन सेन बालिका विद्यालय पीजी कॉलेज में सड़क सुरक्षा पकवाड़ा के अंतर्गत छात्राओं एवं महाविद्यालय के समस्त शिक्षकगण एवं कर्मचारियों हेतु एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें मुख्य अतिथि महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. सुमन एवं प्रशिक्षण देने हेतु उप निरीक्षक यातायात श्री रविकांत , उप निरीक्षक यातायात श्री शिवानंद एवं कॉन्स्टेबल दीपक जी रहे
आपने छात्राओं को यातायात संबंधी नियमों, सुरक्षा एवं सावधानियों के बारे में विस्तार से समझाया ।यातायात के संकेत क्या बताते हैं इसका भी छात्र छात्राओं को समझाते हुए शपथ भी ग्रहण करवाई। कार्यक्रम को महाविद्यालय की तीनों प्रकोष्ठ एन.एस.एस प्रभारी प्रो. चित्रा सिंह तोमर ,रेंजर प्रभारी प्रो. प्रीति पांडेय एवं एनसीसी प्रभारी डॉ प्रीति यादव ने मिलकर आयोजित किया। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा सभी महाविद्यालयों को छात्राओं में यातायात संबंधी जागरूकता अभियान चलाने के लिए 17 जुलाई से लेकर 30 जुलाई 2030 तक पखवाड़े मनाने का अवसर प्रदान किया है एसएन सेन महाविद्यालय दिनांक 17 जुलाई से लगातार विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन आयोजन कर छात्राओं में यातायात के प्रति जागरूकता फैलाने का सक्रिय कार्य कर रहा है कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त शिक्षक गण एवं कर्मचारी भी छात्र छात्राओं के साथ मौजूद रहे।



आज .. फिर दिल ने इक दुआ भेजी है.. तेरे ही लिए ..
सभी राजनीतिक दलों ने 2024 की लोकसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है और गठबंधन की गठजोड़ जारी है। इस चुनावी जोर आजमाइश के माहौल में भाजपा ने यूनिफार्म सिविल कोड का कार्ड चल दिया है। 2019 में भी यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था। समान नागरिक संहिता मतलब जिसका उद्देश्य हर धर्म रीति-रिवाजों और परंपराओं पर आधारित व्यक्तिगत कानूनों को सभी के लिए एक समान करना है।
कानपुर संवाद सूत्र संगीता सिरोही, मुख्यमंत्री उत्तरप्रदेश सरकार, योगी आदित्यनाथ द्वारा ‘वन महोत्सव-2023’ हेतु निर्धारित 30 करोड़ पौधे लगाने के लक्ष्य के तहत आज दिनांक 22 जुलाई, 2023 को डी जी कॉलेज, कानपुर में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी डॉ संगीता सिरोही के निर्देशन में एनएसएस वॉलिंटियर्स के द्वारा पौधारोपण किया गया।
मुख्य रूप से आंवला, गुड़हल, करीपत्ता, मीठी नीम, अशोक हारसिंगार, कनेर, चांदनी, चमेली आदि के पौधे लगाए गए। कार्यक्रम में महाविद्यालय की कार्यवाहक प्राचार्या प्रो वंदना निगम ने अपने उद्बोधन में महाविद्यालय की समस्त छात्राओं, प्राध्यापिकाओ तथा कर्मचारियों को वन महोत्सव में जनता की अधिकतम भागीदारी तथा हरित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को सुनिश्चित करने हेतु स्वयं तथा अपने आसपास के सभी लोगों को एक-एक पौधा जरूर लगाने तथा वृक्षों एवम् पौधों का संरक्षण करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए कहा गया। साथ ही शासन के निर्देशानुसार वृक्षारोपण करते हुए फोटो क्लिक कर “हरितिमा वन ऐप ” पर अपलोड भी की गई । कार्यक्रम में मुख्यरूप से प्रो मुकुलिका हितकारी, प्रो पप्पी मिश्रा, प्रो अलका श्रीवास्तव, प्रो सुमन सिंह, प्रो रचना प्रकाश की उपस्थिति सराहनीय रही। इस कार्यक्रम में माली श्री शिवनाथ व श्री रामपारस समेत सभी वॉलिंटियर्स ने उत्साह पूर्वक हिस्सा लिया।
शहरी-20 (यू-20) के मेयरों के शिखर सम्मेलन का उद्घाटन 7 जुलाई को गुजरात के माननीय मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र भाई पटेल और आवास और शहरी मामलों के राज्यमंत्री, माननीय श्री कौशल किशोर द्वारा किया गया। राज्य के शहरीकरण के सिंधु घाटी सभ्यता तक जुड़े समृद्ध इतिहास के बारे में बोलते हुए श्री पटेल ने राज्य में अमल में ले जा रहे भविष्यगामी, दूरदर्शी शहरी उपक्रमों पर प्रकाश डाला। श्री कौशल किशोर ने हरित विकास को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार द्वारा शुरू की गई कुछ नीतियों और कार्यक्रमों की मुख्य झलकियाँ साझा कीं, जिनमें लाइफ मिशन, नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना, ई-मोबिलिटी पर नीतियां और सभी के लिए आवास, स्वच्छ भारत मिशन जैसे मिशन शामिल हैं। छठे यू-20 चक्र के अध्यक्ष के रूप अहमदाबाद, जी-20 देशों के 60 से अधिक शहरों के 140 से अधिक विदेशी शहर नेताओं, 70 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं को शहरी क्षेत्रों को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर विचार-विमर्श करने और सतत शहरी विकास प्राप्त करने में बाधक चुनौतियों का समाधान करने के लिए, एक साथ लेकर आया है। शिखर सम्मेलन में 30 से अधिक शहरों के 100 से अधिक भारतीय प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।।