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कानपुर

सात दिवसीय विशेष शिविर में डी जी कॉलेज द्वारा *बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान* चलाया गया

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर 4 मार्च  दयानंद गर्ल्स पी जी कॉलेज, कानपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के द्वारा आजाद नगर स्थित लल्लनपुरवा बस्ती में सात दिवसीय विशेष शिविर के तीसरे दिन *बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान* चलाया गया। सर्वप्रथम स्वयंसेविकाओं के द्वारा शिविर स्थल की साफ-सफाई की गई। तत्पश्चात दैनिक गतिविधियों में सरस्वती वंदना एवं एन एस एस लक्ष्य गीत करने के पश्चात स्वयंसेविकाओं ने योगाभ्यास किया। स्वयंसेविकाओं के द्वारा बस्ती में जाकर कार्यक्रम अधिकारी डॉ संगीता सिरोही के कुशल निर्देशन में महिला सुरक्षा, महिला स्वावलंबन एवं महिला सशक्तिकरण हेतु जागरूकता अभियान चलाते हुए विभिन्न प्रकार की गतिविधियों की। जिनमें उन्होंने सर्वप्रथम रैली निकाली तथा पोस्टर एवं स्लोगन जैसे बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ ; बेटी को ना समझो भार, बेटी है जीवन का आधार ; बेटा बेटी एक समान, बेटी है ईश्वर का वरदान आदि नारे लगाए। इसी क्रम में नुक्कड़ नाटक के द्वारा बस्ती वासियों को जागरूक किया गया कि बेटा – बेटी को हमें अलग-अलग प्रकार से नहीं आंकना चाहिए बल्कि वह दोनों समान है। उनके लालन पालन मैं कोई भेद नहीं करना चाहिए तथा बेटियों को भी बेटों के समान पढ़ने एवं जॉब करने के अवसर देने चाहिए। ताकि वह विकसित भारत के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सके। बस्तीवासियों ने महिला सशक्तिकरण के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रम मिशन शक्ति तथा भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के द्वारा चलाए जा रहे राष्ट्रीय सेवा योजना के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ एवं महिला सशक्तिकरण अभियान में छात्राओं के द्वारा किए गए प्रयासों को खूब सराहा। उन्होंने अपनी बेटियों को भी बेटों के समान अवसर देने का संकल्प भी लिया।

द्वितीय सत्र के दौरान भोजन अवकाश के पश्चात छात्राओं ने बौद्धिक सत्र में *विकसित भारत@2047 में महिलाओं की अग्रणी भूमिका* के विषय पर एक सामूहिक परिचर्चा की गई। महाविद्यालय की नॉलेज इंस्टीट्यूशन प्रभारी डॉ ज्योत्सना पांडे ने इस विषय पर छात्राओं को एक व्याख्यान भी दिया। छात्राओं के द्वारा खो-खो खेल खेलने के उपरांत एन एस एस गीत तथा राष्ट्रगान गाकर तृतीय दिवस का समापन हुआ। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ शशिबाला सिंह, आकांक्षा अस्थाना, बसंत कुमार का विशेष योगदान रहा। समस्त गतिविधियों को छात्राओं के द्वारा उमंग एवं उत्साह के साथ संपन्न किया गया।

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जिलाधिकारी द्वारा उर्सला जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर नगर, 04 मार्च, 2025 जिलाधिकारी द्वारा आज उर्सला जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया गया, निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी को कई खामियां मिली।

चिकित्सालय के अंदर निर्मित मुख्य चिकित्सा अधिकारी कंट्रोल रूम के निरीक्षण के दौरान जिसके नोडल अधिकारी ACMO डॉ. आर. के. गुप्ता बिना कार्यालय में उपस्थित हुए किसी मीटिंग में चले गए थे। उपस्थिति रजिस्टर देखने से पता चला कि दो अन्य कर्मचारी भी नदारद रहे। पाया गया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा वार्ड के निरीक्षण के साथ-साथ नहीं नियमित देखभाल भी नहीं किया जा रहा है।

यह भी पाया गया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय 30 से 35 कर्मचारी उर्सुला अस्पताल में अटैच है जबकि वहां इतने कर्मचारियों की आवश्यकता नहीं है। पाया गया कि 20 बेड के आयुष्मान वार्ड में कुल 8 मरीज भर्ती थे लेकिन वहां एक भी डॉक्टर उपस्थित नहीं पाया गया। जिलाधिकारी द्वारा जब यह पूछा गया कि इस वार्ड में किस डॉक्टर की ड्यूटी लगी हुई है इस पर वहां उपस्थित चिकित्सालय के डायरेक्टर समेत कोई अन्य जिम्मेदार संतोषजनक उत्तर न दे पाए। उक्त वार्ड में जिलाधिकारी द्वारा बिताए गए 15 से 20 मिनट तक भी कोई डॉक्टर वहां उपस्थित नहीं हुआ l

इसके उपरांत जिलाधिकारी द्वारा उर्सला चिकित्सालय के डायरेक्टर के अधीनस्थ कर्मचारियों के उपस्थिति रजिस्टर को देखा गया। पाया गया कि लिपिक किरण रजिस्टर पर बिना साइन किया नदारद रही जबकि अन्य कर्मचारी राकेश मौर्य आकस्मिक अवकाश पर रहे। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी द्वारा यह भी पाया गया कि चिकित्सालय के डायरेक्टर हेल्प डेस्क और मुख्य चिकित्सा अधिकारी के हेल्प डेस्क पर ताला लगा मिला। वहां उपस्थित मरीजों ने जिलाधिकारी को बताया कि ड्यूटी पर चिकित्सालय के कर्मचारी व डॉक्टर समय पर उपस्थित नहीं होते हैं मरीजों को मूलभूत सुविधाएं देने के नाम पर मात्र खाना-पूर्ति की जा रही है। जिलाधिकारी ने पाया कि चिकित्सालय के अंदर बनी सड़क भी ऊबड़- खाबड़ है जिससे एंबुलेंस के आवागमन में मरीजों को अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता हैl पाया कि कई मरीज बैठने की चिकित्सालय द्वारा बैठने की समुचित व्यवस्था न होने के कारण जमीन पर ही बैठे मिले, इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की।

उक्त घोर लापरवाही एवं अनुशासनहीनता को देखते हुए जिलाधिकारी द्वारा संबंधित को एसीएमओ डॉ. आर. के. गुप्ता वह मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर हरिदत्त नेमी को कारण बताओं नोटिस जारी करने के साथ-साथ तीनों अनुपस्थित कर्मचारियों के वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि चिकित्सालय के अंदर सड़क को दुरुस्त किया जाए। डायरेक्टर और मुख्य चिकित्सा अधिकारी भी नियमित तौर पर ओपीडी में मरीजों का इलाज करें। डायरेक्टर और मुख्य चिकित्सा अधिकारी यह भी सुनिश्चित करें कि उनके अधीनस्थ कर्मचारी या डॉक्टर समय पर उपस्थित होते हैं या नहीं, इसके लिए उपस्थिति रजिस्टर को नियमित देखा जाए,उन्होंने निर्देश दिए की अस्पताल परिसर में मरीजों के बैठने के लिए प्राप्त संख्या में चेयर लगवाया जाए। किसी भी मरीज को मूलभूत सुविधाओं व आवश्यक दवाओ से वंचित न रखा जाए। यह डायरेक्टर और मुख्य चिकित्सा अधिकारी की प्राथमिक जिम्मेदारी भी है। सरकारी डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस ना करें अन्यथा उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने निर्देशित करते हुए यह भी कहा कि सभी डॉक्टर सेवाभाव के साथ काम करें और इस पेशे को बदनाम ना करेंl डॉक्टरों की यह भी जिम्मेदारी है कि वह अपनी प्रतिभा व कर्तव्यनिष्ठा का ऐसा इस्तेमाल करें जिससे मरीजों को निजी चिकित्सालयो में न जाना पड़ेl चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधा को जमीन पर उतारना और उसे आम जनमानस को तक पहुंचाना शासन के साथ-साथ जिला प्रशासन की भी प्राथमिकता है।

पोषण- पोटली वितरण कार्यक्रम में लिया हिस्सा
इसके उपरांत जिलाधिकारी द्वारा उर्सला जिला चिकित्सालय परिसर में ही प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत एक कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए टीबी से ग्रस्त मरीजों को पोषण – पोटली का वितरण किया गयाl इस अवसर पर कुल 50 मरीजों को पोषण – पोटली वितरित किए गएl इस दौरान जिलाधिकारी ने वहां उपस्थित मरीजों व डॉक्टर को संबोधित करते हुए कहा कि शासन की मंशा है कि सबको समय से व बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो, जिसके क्रियान्वयन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। केंद्र सरकार ने मार्च 2025 में भारत को ‘टीबी मुक्त भारत’ बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है इसके लिए हम सबको मिलकर टीम भावना के साथ टीबी को हराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की आवश्यकता है।
इसके उपरांत जिलाधिकारी द्वारा राजकीय पशु चिकित्सालय, चुन्नीगंज का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कर्मचारी योगेंद्र प्रताप रजिस्टर पर हस्ताक्षर करके गायब रहें। वहीं, कर्मचारी कविता वर्मा कल और आज 2 दिन से आराम पर चल रही है, इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए उक्त कर्मचारियों का वेतन रुकते हुए अन्य आवश्यक कार्रवाई करने हेतु संबंधित को निर्देश दिए।

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डी जी कॉलेज द्वारा चलाया गया सड़क सुरक्षा अभियान

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर 3 मार्च दयानंद गर्ल्स पी जी कॉलेज, कानपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के लल्लनपुरवा बस्ती में सात दिवसीय विशेष शिविर के दूसरे दिन *सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान* चलाया गया।
सर्वप्रथम स्वयंसेविकाओं के द्वारा आजाद पार्क स्थित शहीद स्थल जहां पर अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा लगी है, की साफ-सफाई की गई। तत्पश्चात दैनिक गतिविधियों में सरस्वती वंदना करने के पश्चात स्वयंसेविकाओं ने योगाभ्यास किया। स्वयंसेविकाओं के द्वारा बस्ती में जाकर कार्यक्रम अधिकारी डॉ संगीता सिरोही के कुशल निर्देशन में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने हेतु चलाए जा रहे सड़क सुरक्षा अभियान के अंतर्गत सड़क सुरक्षा जागरूकता संबंधी गतिविधियों की गई। जिनमें छात्राओं ने रैली निकालकर स्लोगन के माध्यम से, नुक्कड़ नाटक कर एवं आपसी संवाद के माध्यम से यातायात के नियमों एवं सड़क सुरक्षा के नियमों से संबंधित जानकारियां बस्तीवासियों को दी। इस अवसर पर सड़क सुरक्षा की शपथ भी ली गई। भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के द्वारा चलाए जा रहे राष्ट्रीय सेवा योजना के इस अभियान तथा छात्राओं के द्वारा किए गए प्रयासों को बस्तीवासियों ने खूब सराहा तथा सड़क पर चलते समय स्वयं तथा दूसरों की सुरक्षा हेतु यातायात के नियमों का पालन करने का संकल्प भी लिया।
द्वितीय सत्र के दौरान भोजन ग्रहण करने के पश्चात छात्राओं ने बौद्धिक सत्र में *सड़क हादसे से मनुष्य के जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव व उससे बचाव एवं इसमें महिलाओं की भूमिका* विषय पर एक सामूहिक परिचर्चा की गई। एन एस एस गीत तथा राष्ट्रगान के साथ द्वितीय दिवस का समापन हुआ।
कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ शशिबाला सिंह, श्रीमती आकांक्षा अस्थाना, श्री बसंत कुमार का विशेष योगदान रहा। समस्त गतिविधियों को छात्राओं के द्वारा उमंग एवं उत्साह के साथ संपन्न किया गया

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विश्व का सबसे बड़ा राजयोग और ध्यान आउट रीच कार्यक्रम *”एकात्म अभियान”* 08 राज्यों के 125000 गांवों में संचालित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर, 28 फरवरी ,2025 विश्व का सबसे बड़ा राजयोग और ध्यान आउट रीच कार्यक्रम *”एकात्म अभियान”* 08 राज्यों के 125000 गांवों में संचालित किया जा रहा है, यह जानकारी शालिनी श्रीवास्तव जोनल समन्वयक ,कानपुर ने एक विज्ञप्ति में बताया है । उन्होंने आगे बताया कि इसे सांस्कृतिक मंत्रालय भारत सरकार ,उत्तर प्रदेश सरकार एवं जनपदों/मंडलों के हार्टफुलनेस इंस्टीट्यूट के सहयोग से क्रियान्वित किया जा रहा है। हार्टफुलनेस की कानपुर की शाखा ने कानपुर जनपद के समस्त 10 ब्लाकों को क्रमशः पूर्ण रूप से हार्टफुलनेस ध्यान पद्धति से परिचित कराने का अभियान चलाया है ।इस अभियान के माध्यम से हर दिल ध्यान,हर घर ध्यान की अवधारणा को पूरा किया जा रहा है ।

श्रीमती श्रीवास्तव ने आगे बताया कि इस अभियान के अंतर्गत कृषि की उन्नत तकनीक एवं मानसिक विकास के लिए मानसिक व्यायाम से परिचित कराया जा रहा है ।इसके अंतर्गत सरसौल ब्लॉक के समस्त 107 गांवों हार्टफुलनेस की 20 टीम बनकर आच्छादित किया गया ।इस कार्य में 100से अधिक स्वयं सेवकों ने सहयोग किया ।
01 मार्च तक एकात्म अभियान कल्याणपुर विकासखंड चलाया जा रहा है।यहां के 79 गांवों को एकात्म अभियान से कवर किया जाएगा ।
विदित हो कि हार्टफुलनेस के अंतर्गत हृदय में ध्यान का अभ्यास भी कराया जाता है । हार्टफुलनेस के अंतराष्ट्रीय गाइड श्री कमलेश डी पटेल (दाजी) चाहते हैं कि देश के कोने कोने में अध्यात्म पहुंचे ।संपूर्ण मानवता के लिए आध्यात्मिक *ध्यान* अत्यंत लाभदायक है । योग और ध्यान का नियमित अभ्यास हमारे सर्वांगीण विकास में मदद करता है । हार्टफुलनेस ध्यान को गहनता से समझने के लिए *heartfulness.org* वेबसाइट देखी जा सकती है ।हार्टफुलनेस ध्यान में हृदय में *ईश्वरीय प्रकाश /devine light/नूर* की उपस्थिति की परिकल्पना कर ध्यान किया जाता है। विश्व के 160 देशों में सभी धर्मों को मानने वाले लोग हार्टफुलनेस का ध्यान करते हैं। संपर्क अनुयाई /व्यक्ति :~ प्रदीप श्रीवास्तव 8853759572

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विज्ञान दिवस के अवसर छात्राओं को सी पी आर के बारे में जानकारी दी

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर 28 फरवरी एस.एन. सेन बालिका विद्यालय पी.जी. महाविद्यालय में सर सी. वी. रमन की रमन प्रभाव की खोज की स्मृति में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर डॉ. सुनीत गुप्ता द्वारा छात्राओं को सी पी आर के बारे में जानकारी दी गई। डॉ. सुनीत गुप्ता आईएमए द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित हैं एवं प्राणोदय संस्थान से जुड़ कर पिछले २२ वर्षों से निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं। माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण डॉ. सुनीत गुप्ता, प्रो. गार्गी यादव, कैप्टेन ममता अग्रवाल, प्रो. रेखा चौबे एवं प्रो. अलका टंडन द्वारा किया गया। डॉ सुनीत गुप्ता ने सी.पी.आर की ट्रेनिंग को डमी पर प्रदर्शित किया । इसके पश्चात छात्राओं ने भी डमी पर अभ्यास किया । अचानक हृदयाघात के शिकार व्यक्ति, दुर्घटना में घायल, करंट की चपेट में आए व्यक्ति का जीवन बचाने में सी.पी.आर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) का महत्व समझाते हुए उन्होंने छात्राओं को हृदय का संकेत समझने और जान बचाने का हुनर सिखाया। उन्होंने बताया कि तीन मिनट के अंदर सीपीआर शुरू कर देने से मस्तिष्क में ऑक्सीजन के संचरण को पहुंचाया जा सकता है जिससे व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। डमी पर महाविद्यालय की शिक्षिकाओं ने भी प्रशिक्षण हासिल किया।

कार्यक्रम का संयोजन प्रोफेसर गार्गी यादव ने किया एवं मंच संचालन डॉक्टर अमिता सिंह ने किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की सभी शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।

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क्राइस्ट चर्च कॉलेज में भौतिकी एवं रसायन विज्ञान विभाग द्वारा संयुक्त रूप से राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर ” HAM रेडियो कार्यशाला ” का आयोजन

भारतीय स्वरूप संवाददाता क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर के भौतिकी एवं रसायन विज्ञान विभाग द्वारा संयुक्त रूप से राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर एक विशिष्ट आयोजन ” HAM रेडियो कार्यशाला ” का आयोजन किया गया । कार्यशाला का उद्देश्य HAM रेडियो संचालन में अनुभव प्रदान कराते हुए छात्रों के बीच वैज्ञानिक जागरूकता व शिक्षा को बढ़ाना था।समारोह की शुरुआत 27 फरवरी को “प्रज्ञान” (फिजिक्स सोसायटी) द्वारा आयोजित एक पोस्टर प्रस्तुति और मॉडल प्रदर्शनी के साथ हुई। सभी छात्रों के लिए खुली इस प्रदर्शनी में नवीन और रचनात्मक परियोजनाओं का प्रदर्शन किया गया, जिसने मुख्य कार्यक्रम के लिए मंच तैयार किया।

28 फरवरी को उद्घाटन समारोह में प्राचार्य प्रो. जोसेफ डेनियल की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिन्होंने नवाचार को बढ़ावा देने के लिए विज्ञान को प्रौद्योगिकी के साथ एकीकृत करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए दोनों विभागों के प्रयासों की सराहना की।

मुख्य अतिथि वी.के. आर्या ने आपदा प्रबंधन में HAM रेडियो संचार की महत्वपूर्ण भूमिका पर मुख्य भाषण दिया। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि पारंपरिक नेटवर्क विफल होने पर HAM रेडियो ऑपरेटर किस प्रकार से आपातकाल के दौरान आवश्यक संचार सेवाएं प्रदान करते हैं। छात्रों को HAM रेडियो को एक शौक के रूप में अपनाने के लिए प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने जिंदगी बचाने और आपदा राहत प्रयासों का समर्थन करने में इसकी क्षमता को रेखांकित किया।

इस कार्यक्रम में डॉ. राघवेंद्र कुमार चौधरी, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग, आईआईटी कानपुर के एक प्रतिष्ठित फैकल्टी सदस्य, सम्मानित अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने आधुनिक संचार प्रणालियों में एंटीना प्रौद्योगिकी के महत्व पर एक व्यावहारिक व्याख्यान दिया और प्रतिभागियों को अपनी विशेषज्ञता से समृद्ध किया।

आर्या जी और उनकी टीम द्वारा HAM रेडियो संचार का एक लाइव प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिन्होंने छात्रों को वीएचएफ यागी एंटीना के डिजाइन और निर्माण में मार्गदर्शन किया, जो एक मूल्यवान व्यावहारिक शिक्षा का अनुभव प्रदान करता है।

कार्यक्रम का सफल संचालन बी.एस.सी. की छात्रा सदफ़ ने किया। कार्यक्रम संयोजक प्रो. सत्य प्रकाश सिंह तथा आयोजन सचिव प्रो. मीत कमल ने समस्त कार्यक्रम का व्यवस्थित क्रियान्वयन किया। प्रो. श्वेता चंद, डॉ. मनीष कपूर, प्रो. अनिंदिता भट्टाचार्य और डॉ. आशुतोष कुमार सहित प्रतिष्ठित फैकल्टी सदस्यों ने भी अपनी उपस्थिति से इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। कार्यशाला में छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने बढ़ चढ़ के हिस्सा लिया जिनकी कार्यशाला को खूब सराहना मिली । इसने प्रतिभागियों को HAM रेडियो के अनुप्रयोगों का पता लगाने और क्षेत्र के विशेषज्ञों के साथ बातचीत करने का एक अनूठा अवसर प्रदान किया, जिससे वैज्ञानिक शिक्षा और संचार प्रौद्योगिकी के प्रति उत्साह बढ़ा।

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जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने थाना समाधान दिवस, शिवराजपुर में जनता की समस्याओं का निस्तारण किया

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने आज थाना समाधान दिवस, शिवराजपुर में जनसुनवाई की। जनसुनवाई के दौरान वार्ड नंबर 3 शिवराजपुर निवासी लोकेश ने शिकायत किया कि उसकी जमीन पर कुछ लोगों द्वारा निर्माण कार्य नहीं होने दिया जा रहा है, इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित को मौके पर जाकर निस्तारण के निर्देश दिएl परशुराम ने शिकायत किया कि कुछ लोग उनके प्लॉट पर निर्माण कार्य नहीं होने दे रहे हैं इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित को जांच कर आख्या देने के निर्देश दिएl यहां यह भी उल्लेखनीय है कि कल शिवराजपुर में जमीनी रंजिश के चलते लड़ाई में 10 लोग घायल हो गए थे जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित लेखपाल, राजस्व निरीक्षक व अन्य संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि रामप्रसाद ने जो कथित तौर पर दो बीघा जमीन कब्जा की है उसे बिना कोर्ट के आदेश के कब्जा मुक्त कराना संभव नहीं है, कब्जा की गई जमीन को जांच करके धारा 134 के आधार पर ही हटाया जा सकता है l

उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि नगर पालिका व PWD की जमीन पर कब्जा ना हो, अगर कब्जा हो भी गए हैं तो इस पर जिलाधिकारी ने पिछले 10 वर्ष पूर्व जो भी लेखपाल व अधिशासी अधिकारी तैनात थे उनकी जवाबदेही भी तय करते हुए उन पर कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिएl

उन्होंने उपजिलाधिकारी बिल्हौर रश्मि लांबा को जनमानस की समस्याओं का समय से निवारण हेतु निर्देश दिएl
इस दौरान शिवराजपुर निवासी देवेंद्र पांडेय गुटखा खाकर पहुंच गया , इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए उस पर ₹200 का जुर्माना लगवायाl

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क्राइस्ट चर्च कॉलेज के एन एस एस स्वयंसेवकों ने “शिविरों” से लाभान्वित हुए स्थानीय निवासियों से फीडबैक लिया

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर *आयोजक:* क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर (एनएसएस इकाई)

*विषय:* पूर्व में आयोजित तीन एकदिवसीय और सात दिवसीय शिविरों के लाभार्थियों से फीडबैक प्राप्त करना तथा परमारपुरवा क्षेत्र की समस्याओं को नगर निगम के समक्ष प्रस्तुत करना।

*प्रातःकालीन सत्र* क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर* की *एनएसएस इकाई* द्वारा *परमारपुरवा की जुग्गी बस्ती* में अंतिम *एकदिवसीय शिविर* का आयोजन किया गया। स्वयंसेवक शिविर स्थल पर पहुंचे और परियोजना कार्य के अंतर्गत *पिछले तीन एकदिवसीय एवं सात दिवसीय शिविरों* से लाभान्वित हुए स्थानीय निवासियों से फीडबैक लिया।

*वार्ड 16, परमारपुरवा* के निवासियों ने एनएसएस इकाई द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की और बताया कि वे शिविरों से अत्यधिक लाभान्वित हुए हैं। सभी ने आयोजित गतिविधियों की सकारात्मक समीक्षा दी। *कॉलेज के प्रधानाचार्य श्री जोसेफ डेनियल* ने स्वयंसेवकों द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने एनएसएस इकाई द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों की प्रशंसा करते हुए एक प्रेरणादायक भाषण दिया। एनएसएस इकाई की *कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अंकिता जैस्मिन लाल* के मार्गदर्शन में और *प्रधानाचार्य डॉ. जोसेफ डेनियल* के नेतृत्व में *परमारपुरवा क्षेत्र की समस्याओं* को *कानपुर नगर निगम* के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इनमें मुख्य रूप से *सीवरेज व्यवस्था* एवं *तालाबों की साफ-सफाई* शामिल थीं।

नगर निगम ने एनएसएस इकाई द्वारा दिए गए आवेदन को स्वीकार किया। इस प्रकार, एनएसएस इकाई का यह *एकदिवसीय शिविर सफलतापूर्वक संपन्न* हुआ।

*समापन सत्र एवं निष्कर्ष*

स्वयंसेवकों ने इस शिविर में *निःस्वार्थ सेवा* का अनुभव किया और अपनी *सामूहिक मेहनत* पर गर्व महसूस किया। उन्होंने टीम वर्क की सराहना की और इस पूरे कार्यक्रम में *आर्यन जायसवाल एवं आयुष कुमार* के नेतृत्व को महत्वपूर्ण बताया। उनके योगदान के बिना यह कार्यक्रम सफल नहीं हो पाता।

इस प्रकार, *क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर की एनएसएस इकाई* का यह एकदिवसीय शिविर *सकारात्मक प्रभाव* छोड़ते हुए संपन्न हुआ।

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कानपुर मण्डल की चतुर्थ पेंशन अदालत (90वीं) का आयोजन मार्च में होगा

कानपुर नगर, 21 फरवरी, (सू0वि0)* अपर निदेशक, कोषागार एवं पेंशन कानपुर मण्डल मनोज कुमार त्रिपाठी ने बताया है कि उ0प्र0 सरकार के सेवानिवृत्त/मृत राजकीय सेवकों के सेवानवृत्तिक लाभों से सम्बन्धित समस्याओं के समाधान हेतु मण्डलायुक्त की अध्यक्षता में वित्तीय वर्ष 2024-25 की कानपुर मण्डल की चतुर्थ पेंशन अदालत (90वीं) का आयोजन माह मार्च, 2025 के चतुर्थ सप्ताह में किया जाना प्रस्तावित है। अतः कानपुर मण्डल के जनपदों से ऐसे सेवानिवृत्त अथवा मृत राजकीय सेवकों के आश्रितों से अपेक्षित है कि वह निम्नवत प्रारूप पर अपना वाद पत्र तीन प्रतियों में पंजीकृत डाक से अपर निदेशक, कोषागार एवं पेंशन, कलेक्ट्रेट कम्पाउण्ड, कानपुर मण्डल, कानपुर को ऐसे भेजें कि वह दिनांक 05 मार्च, 2025 तक प्राप्त हो जाये। उक्त तिथि के पश्चात प्राप्त वाद पत्रों को पेंशन अदालत में नहीं रखा जायेगा।

उन्होंने बताया है कि वादी से यह भी अपेक्षित है कि अपने वाद पत्र की एक प्रति अपने संबंधित कार्यालयाध्यक्ष/विभागाध्यक्ष जहां अन्तिम तैनाती के समय कार्यरत थे, को अनिवार्य रूप से उपलब्ध करा दें। पेंशन अदालत में किसी न्यायालय/शासन द्वारा निर्णीत मामले तथा किसी माननीय न्यायालय/शासन स्तर पर विचाराधीन एवं नीतिगत मामलों से संबंधित वाद पत्र पर विचार नहीं किया जायेगा। पेंशन अदालत में केवल पूर्णतः राजकीय कार्मिकों के प्रकरण ही स्वीकार किये जायेंगे।

उन्होंने बताया है कि सेवानिवृत्त अथवा मृत राजकीय सेवकों के आश्रितों से की वह प्रार्थी का नाम (पदनाम सहित), पिता/पति का नाम, कार्यालय जहां से सेवानिवृत्त हुये हैं, विभागाध्यक्ष का नाम, जन्म तिथि, सेवा में आने की तिथि, मृत्यु/से0नि0 तिथि, कार्यालयाध्यक्ष को पेंशन स्वीकृति/पुनरीक्षण हेतु प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करने की तिथि (साक्ष्य सहित), कार्यालयाध्यक्ष द्वारा प्रकरण पेंशन स्वीकर्ता अधिकारी को भेजे जाने की तिथि, पेंशन स्वीकर्ता अधिकारी द्वारा आपत्ति का विवरण यदि कोई उठाया गया हो (प्रति संलग्न करे), यदि आपत्ति का उत्तर भेजा गया हो,तो विवरण दें (प्रति भी संलग्न करें), पेंशन अदालत से जो राहत चाहते हों, उसका विवरण औचित्य सहित दें, पत्र व्यवहार का पता (पिन कोड सहित), कोषागार का नाम जहां से पेंशन प्राप्त करते हों, अथवा चाहते हों, मैं भलीभांति समझता हूं/समझती हूं कि नीतिगत मामले अदालत में नहीं सने जायेंगे काननी मामले जैसे उत्तराधिकारी/संरक्षक प्रमाण पत्र के विवाद एवं कोर्ट केसेज से संबंधित मामले आदि पेंशन अदालत में नहीं उठाये जायेंगे। इसके अतिरिक्त यदि किसी मामले में शासन स्तर पर विभागीय मंत्री के अनुमोदन से निर्णय हो चुका है एवं संविदा मामले भी नहीं सने जायेगें। न्यायालय में विचाराधीन मामले भी तब तक ग्राहय नहीं होंगे जब तक कि याची द्वारा शपथ पत्र के साथ यह घोषणा न की जाये कि वह न्यायालय से बाहर समझौता चाहता है तथा अपना वाद पापस लेने हेतु सहमत है।

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मातृभाषाओं में अभिव्यक्ति का विराट उत्सव ‘बोली बानी’ आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता ‘बोली – बानी’ (मातृभाषाओं का त्यौहार) 21 फरवरी अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के रूप में मनाया जाता है और इसी को क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर के प्रांगण में उतारते हुए हिंदी विभाग द्वारा मातृभाषाओं में अभिव्यक्ति का विराट उत्सव ‘बोली बानी’ महाविद्यालय के डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन सभागार में आयोजित किया गया। विभिन्न बोलियों और मातृभाषाओं में विविध विधाओं में जैसे गीत, नृत्य, कविता, वक्तव्य, संस्मरण आदि का शानदार प्रदर्शन न केवल छात्र-छात्राओं ने किया, अपितु कॉलेज के अध्यापकों ने भी इसमें बढ़-चढ़ कर प्रतिभाग किया।
इस कार्यक्रम के सारस्वत अतिथि महाविद्यालय के दर्शनशास्त्र के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. दिनेश चंद्र श्रीवास्तव थे, विशिष्ट अतिथि इतिहास विभाग की सूफिया शहाब तथा विशेष अतिथि कॉलेज की उप प्राचार्य प्रो. श्वेता चंद थीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य जोसेफ डेनियल ने की ।
अतिथियों का स्वागत स्मृति चिह्न प्रदान करके किया गया तथा विभागीय स्वागत हिंदी के शोधार्थी अर्जित पाण्डेय ने कन्नौजी बोली में किया। कार्यक्रम का आरंभ करते हुए प्रो. अनिंदिता भट्टाचार्य ने 21 फरवरी की महत्ता स्पष्ट करते हुए इस दिन मातृभाषा दिवस को मनाने का कारण बांग्ला भाषा में स्पष्ट किया। इसके बाद छात्र-छात्राओं द्वारा दी गईं एक के बाद एक मोहक प्रस्तुतियों की श्रृंखला सज गई। गरिमा, शाल्वी व साक्षी ने पंजाबी नृत्य किया, आकृति व ओजस्विनी ने राजस्थानी ‘कालबेलिया’ किया तो तन्वी ने मराठी ‘लावणी’ पर प्रस्तुति दी। तनिष्का ने राजस्थानी नृत्य किया तो वर्षा ने भोजपुरी छठ पूजा के गीत पर मोहक नृत्य किया और स्वस्तिक ने नेपाली गीत पर एकल नृत्य किया। साथ ही शरद ने राजस्थानी, तनिष्का ने अवधी व शिवा ने भोजपुरी में एकल गीत प्रस्तुत किए तथा नेहा, उपासना व अंजलि ने अवधी में भांवर गीत प्रस्तुत किया। वैष्णवी ने वंशीधर शुक्ल की अवधी की कविता तथा आदर्श, अब्दुल व पूजा ने क्रमशः हरियाणवी , उर्दू व बंगाली में मातृभाषा के प्रति अपने विचार प्रकट किए।
इसके उपरांत मंच सभी की प्रस्तुतियों के लिए खोल दिया गया। इस खुले मंच पर अनेक सुन्दर प्रस्तुतियाँ शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों आदि ने दीं। तदोपरांत विशेष अतिथि प्रो. श्वेता चंद ने भी एक कविता प्रस्तुत की। साथ ही विशिष्ट अतिथि सूफ़िया शहाब ने उर्दू में अपने विचार व्यक्त किए। सारस्वत अतिथि प्रो. दिनेशचंद्र श्रीवास्तव ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए भोजपुरी में सबको संबोधित किया। कार्यक्रम के अध्यक्ष प्राचार्य प्रो. जोसेफ़ डेनियल ने अपनी मातृभाषा मलयालम में बात करते हुए सभी को अपने देश और उसकी भाषाई विविधता के प्रति गर्व महसूस करने के प्रति प्रेरित किया।
धन्यवाद ज्ञापन हिंदी की शोधार्थी गौरांगी मिश्र द्वारा अवधी बोली में दिया गया। समस्त कार्यक्रम का कुशल संचालन अरुणेश शुक्ल द्वारा अवधी में किया गया। सुंदरम, कांची, प्रज्ञा, विख्यात, अंजलि, नेहा ने पूरे कार्यक्रम की व्यवस्था की कमान संभाल रखी थी। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में शिक्षक, विद्यार्थी, शोधार्थी और कर्मचारी-गण उपस्थित रहे और बोलियों की विविधता का आनंद लिया।

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