राष्ट्र 26 जनवरी, 2023 को अपना 74वां गणतंत्र दिवस मनाएगा। समारोह में कर्तव्य पथ पर पारंपरिक मार्च पास्ट शामिल है, जिसमें सशस्त्र बलों और अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियों द्वारा एक भव्य परेड शामिल है, राज्यों और केन्द्रीय मंत्रालयों/विभागों द्वारा झांकी का प्रदर्शन; विजय चौक पर बीटिंग द रिट्रीट समारोह के अलावा बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां, मोटरसाइकिल सवारों की कलाबाजियां और एक फ्लाई पास्ट तथा प्रधानमंत्री की एनसीसी रैली शामिल है।
रक्षा सचिव श्री गिरिधर अरमाने ने 18 जनवरी, 2023 को नई दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की जनभागीदारी की परिकल्पना को प्रतिबिंबित करते हुए समारोहों की योजना बनाई गई है। गणतंत्र दिवस समारोह महान राष्ट्रीय नेता नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती 23 जनवरी को शुरू होकर 30 जनवरी को शहीद दिवस पर समाप्त होने के साथ सप्ताह भर चलेगा। यह समारोह आईएनए के दिग्गजों, लोगों और आदिवासी समुदायों को श्रद्धांजलि होगी जिन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया था।
इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह में अनेक नए कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें सैन्य टैटू और जनजातीय नृत्य उत्सव, वीर गाथा 2.0, वंदे भारतम नृत्य प्रतियोगिता का दूसरा संस्करण, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर सैन्य और तटरक्षक बैंड का प्रदर्शन; राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में अखिल भारतीय स्कूल बैंड प्रतियोगिता, बीटिंग द रिट्रीट समारोह के दौरान एक ड्रोन शो और प्रोजेक्शन मैपिंग। कार्यक्रमों का विवरण इस प्रकार है :
सैन्य टैटू और जनजातीय नृत्य महोत्सव
गणतंत्र दिवस समारोह के अंतर्गत और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 126वीं जयंती (पराक्रम दिवस के रूप में मनाई जाती है) के अवसर पर, नई दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में 23 और 24 जनवरी, 2023 को एक सैन्य टैटू और जनजातीय नृत्य उत्सव ‘आदि-शौर्य – पर्व पराक्रम का’ आयोजित किया जाएगा। रक्षा मंत्रालय और जनजातीय कार्य मंत्रालय संयुक्त रूप से इस कार्यक्रम का आयोजन कर रहे हैं, जिसमें भारतीय तट रक्षक समन्वय एजेंसी है। इस दौरान 10 सैन्य टैटू प्रदर्शन और 20 जनजातीय नृत्य देखने को मिलेंगे।
अपनी अनूठी और रंगीन वेशभूषा, हेडड्रेस, संगीत वाद्ययंत्रों और लयबद्ध नृत्य बीट्स के साथ 1,200 से अधिक कलाकार प्रतिदिन रिहर्सल में अपनी कला को बेहतर करने में लगे हुए हैं। मुख्य कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुत किए जाने वाले पारंपरिक नृत्य रूपों में गौर मारिया, गद्दी नटी, सिद्दी धमाल, बैगा परधोनी, पुरुलिया, बगुरूम्बा, घुसादी, बाल्टी, लम्बाडी, पाइका, राठवा, बूदीगली, सोंगीमुखवाटे, कर्मा, मंघो, का शाद मस्तीह, कुम्मीकली, पलैयार, चेराव और रेखम पाडा शामिल हैं।
भारतीय सशस्त्र बल हॉर्स शो, खुकुरी नृत्य, गतका, मल्लखंब, कलारीपयट्टू, थंग-टा, मोटरसाइकिल प्रदर्शन, वायु योद्धा ड्रिल, नेवी बैंड और मार्शल आर्ट का प्रदर्शन करेंगे। देश भर के 20 जनजातीय नृत्य समूह सैन्य टैटू कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शन करेंगे। इस कार्यक्रम में लगभग 60,000 दर्शकों के भाग लेने की उम्मीद है।
ग्रैंड फिनाले में प्रसिद्ध पार्श्व गायक श्री कैलाश खेर का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम के लिए प्रवेश निःशुल्क है। टिकट www.bookmyshow.com.पर उपलब्ध हैं।
वंदे भारतम 2.0
वंदे भारतम नृत्य प्रतियोगिता का दूसरा संस्करण आरडीसी 2023 के हिस्से के रूप में आयोजित किया गया था। 15 अक्टूबर से 10 नवम्बर, 2022 तक 17-30 वर्ष के आयु वर्ग के प्रतिभागियों से लोक/आदिवासी, शास्त्रीय और समकालीन शैलियों में प्रविष्टियां मांगी गई थीं। संस्कृति मंत्रालय के तत्वावधान में सात क्षेत्रीय सांस्कृतिक केन्द्रों द्वारा 17 नवम्बर से 10 दिसम्बर, 2022 तक राज्य/केन्द्र शासित प्रदेश स्तर और क्षेत्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
ग्रैंड फिनाले 19 और 20 दिसम्बर, 2022 को नई दिल्ली में आयोजित किया गया था, जिसमें 980 नर्तकियों ने भाग लिया था। उनमें से 503 नर्तकियों को एक जूरी द्वारा चुना गया था। ये नर्तकियां गणतंत्र दिवस परेड के दौरान ‘नारी शक्ति’ की विषय वस्तु पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगी।
वीर गाथा 2.0
वीर गाथा, पिछले साल ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के एक भाग के रूप में शुरू की गई अनूठी परियोजनाओं में से एक थी, जिसका आयोजन सशस्त्र बलों के वीरतापूर्ण कार्यों और बलिदानों के बारे में बच्चों को प्रेरित करने और जागरूकता फैलाने के लिए किया गया था। इस साल भी, तीनों सेनाओं ने वीरता पुरस्कार विजेताओं के साथ स्कूली बच्चों की वर्चुअल और आमने-सामने बातचीत का आयोजन किया और छात्रों (तीसरी से 12 वीं कक्षा तक) ने कविता, निबंध, पेंटिंग, मल्टीमीडिया प्रस्तुति आदि के रूप में अपनी प्रविष्टियाँ जमा कीं। इनका मूल्यांकन एक राष्ट्रीय समिति द्वारा किया गया, जिसने सुपर-25 का चयन किया। विजेताओं को 25 जनवरी, 2023 को नई दिल्ली में रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह द्वारा सम्मानित किया जाएगा। ये विजेता गणतंत्र दिवस परेड में भी शामिल होंगे।
झांकियां
गणतंत्र दिवस परेड के दौरान देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आर्थिक और सामाजिक प्रगति और मजबूत आंतरिक और बाहरी सुरक्षा को दर्शाती तेईस झांकियां-राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों से 17 और विभिन्न मंत्रालयों/विभागों से छह झांकियां कर्तव्य पथ पर देखने को मिलेंगी।
भारत पर्व
जनभागीदारी विषय को दर्शाते हुए, पर्यटन मंत्रालय द्वारा 26-31 जनवरी, 2023 तक दिल्ली के लाल किले के सामने ज्ञान पथ पर ‘भारत पर्व’ का आयोजन किया जाएगा। इसमें गणतंत्र दिवस की झांकी, सैन्य बैंड के प्रदर्शन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, पैन इंडिया फूड कोर्ट और क्राफ्ट बाजार का प्रदर्शन किया जाएगा।
ई-आमंत्रण
इस वर्ष, मेहमानों और दर्शकों को निमंत्रण कार्डों के स्थान पर ई-निमंत्रण दिए गए हैं। इस उद्देश्य के लिए, एक समर्पित पोर्टल www.amantran.mod.gov.in शुरू किया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से टिकटों की बिक्री, प्रवेश पत्र, निमंत्रण पत्र और कार पार्किंग लेबल ऑनलाइन जारी किए जा रहे हैं। यह पूरी प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और कागज रहित बनाना सुनिश्चित करेगा और देश के सभी हिस्सों के लोग इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में भाग लेने में सक्षम हो सकेंगे।
विशेष निमंत्रण
इस वर्ष समाज के सभी वर्गों के आम लोगों को निमंत्रण भेजा गया है जैसे कि सेंट्रल विस्टा, कर्तव्य पथ, नए संसद भवन के निर्माण में शामिल श्रमयोगी, दूध, सब्जी विक्रेता, स्ट्रीट वेंडर आदि। इन विशेष आमंत्रितों को कर्तव्य पथ पर प्रमुखता से बैठाया जाएगा।
राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में स्कूल बैंड का प्रदर्शन
बच्चों के बीच अनुशासन, टीमवर्क और राष्ट्रीय गौरव के मूल्यों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिस्पर्धा करने और प्रदर्शन करने के लिए गणतंत्र दिवस तक विभिन्न स्कूलों के लिए एक अखिल भारतीय स्कूल बैंड प्रतियोगिता आयोजित की गई। शिक्षा मंत्रालय के साथ रक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित प्रतियोगिता में 300 से अधिक स्कूलों ने भाग लिया। आठ स्कूल बैंड चुने गए, जिन्होंने 15 जनवरी से राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन 22 जनवरी तक जारी रहेगा।
ड्रोन शो
भारत में सबसे बड़ा ड्रोन शो, जिसमें 3,500 स्वदेशी ड्रोन शामिल हैं, रायसीना की पहाड़ियों पर शाम के आसमान को रोशन करेगा, सहज तालमेल के माध्यम से राष्ट्रीय आकृतियों/कार्यक्रमों के असंख्य रूपों को गूंथेगा। यह स्टार्ट-अप इकोसिस्टम की सफलता, देश के युवाओं तकनीकी कौशल को दर्शाता है और भविष्य के पथ-प्रदर्शक रुझानों के लिए मार्ग प्रशस्त करता है। इस कार्यक्रम का आयोजन मैसर्स बोटलैब्स डायनेमिक्स द्वारा किया जाएगा।
एनामॉर्फिक प्रोजेक्शन
बीटिंग रिट्रीट समारोह 2023 के दौरान नॉर्थ और साउथ ब्लॉक के अग्रभाग पर पहली बार 3-डी एनामॉर्फिक प्रोजेक्शन का आयोजन किया जाएगा।
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पश्चिमी घाट भारत में चार वैश्विक जैव विविधता हॉटस्पॉट में से एक है और पुणे में अगरकर रिसर्च इंस्टीट्यूट (एआरआई) एक दशक से इसकी जैव विविधता विशेष रूप से इसके रॉक आउटक्रॉप्स का अध्ययन कर रहा है। पठार पश्चिमी घाट में एक प्रमुख भूदृश्य हैं, जो स्थानिक प्रजातियों की प्रबलता के कारण महत्वपूर्ण हैं। उन्हें एक प्रकार के रॉक आउटक्रॉप के रूप में वर्गीकृत किया गया है और प्रजातियों को अनुकूल करने के लिए अद्वितीय और चुनौतीपूर्ण वातावरण प्रदान करता है। इन आउटक्रॉप में मौसमी पानी की उपलब्धता, सीमित मिट्टी और पोषक तत्व होते हैं, जो उन्हें प्रजातियों के अस्तित्व पर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का अध्ययन करने के लिए आदर्श प्रयोगशाला बनाते हैं। पठार इस प्रकार अंतर्दृष्टि का एक मूल्यवान स्रोत है कि प्रजातियां चरम स्थितियों में कैसे जीवित रह सकती हैं। डॉ. मंदर दातार के नेतृत्व में एआरआई की टीम ने हाल ही में ठाणे जिले के मंजरे गांव में एक दुर्लभ कम ऊंचाई वाले बेसाल्ट पठार की खोज की। यह इस क्षेत्र में पहचाना जाने वाला चौथे प्रकार का पठार है। पिछले पहचाने गए तीन उच्च और निम्न ऊंचाई पर लेटराइट और उच्च ऊंचाई पर बेसाल्ट हैं। टीम ने पठार का सर्वेक्षण करते हुए 24 विभिन्न परिवारों के पौधों और झाड़ियों की 76 प्रजातियों का प्रलेखन किया। लेखकों का मानना है कि यह एक महत्वपूर्ण खोज है क्योंकि पठार तीन अन्य रॉक आउटक्रॉप्स के साथ वनस्पति साझा करने के साथ-साथ कुछ अनूठी प्रजातियों को भी धारण करता है। यह अलग-अलग पर्यावरणीय परिस्थितियों में प्रजातियों के इंटरएक्शन का अध्ययन करने के लिए एक अनूठी मॉडल प्रणाली देता है। स्प्रिंगर नेचर जर्नल नेशनल एकेडमी ऑफ साइंस लेटर्स में हाल ही में प्रकाशित शोध पत्र ने उत्तरी पश्चिमी घाट में ठाणे जिले के मंजरे गांव में नए खोजे गए निम्न स्तरीय बेसाल्ट पठार के महत्व पर प्रकाश डाला है, जो औसत समुद्र तल से 156 मीटर ऊपर है। अधिक जानकारी के लिए डॉ. मंदर दातार (mndatar@aripune.org, 020-25325057), वैज्ञानिक, जैव विविधता और पुराजीव विज्ञान समूह तथा डॉ. पीके ढाकेफलकर, निदेशक (कार्यवाहक), एआरआई, पुणे, (director@aripune.org, 020-25325002) से संपर्क किया जा सकता है।
कानपुर 19 जनवरी भारतीय स्वरूप संवाददाता, दयानंद गर्ल्स पीजी कॉलेज, में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा “सड़क सुरक्षा माह” कार्यक्रम के अंतर्गत “सड़क सुरक्षा जागरूकता रैली” का आयोजन कर विभिन्न नारों व पोस्टर के द्वारा जन-जागरूकता अभियान चला कर जनमानस को अवगत कराया गया कि यदि दो पहिया वाहन से जाए तो हेलमेट का प्रयोग जरूर करें, चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट का अवश्य प्रयोग करें।
इसके साथ ही सड़क पर दर्शाए गए यातायात सुरक्षा के संकेतों का पालन करें एवं दूसरों को भी जागरूक करें। कार्यक्रम अधिकारी डॉ संगीता सिरोही यातायात नियमों के साथ-साथ ड्राइविंग लाइसेंस और इंश्योरेंस की उपयोगिता के बारे में बताया।कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्या प्रो. अर्चना वर्मा के द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए घर से निकलने के पूर्व अपने आपको तथा वाहन का निरीक्षण कर लें जिससे कि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। कार्यक्रम में एनएसएस वॉलिंटियर्स सौम्या उपाध्याय, दीक्षा तिवारी व फलक आदि ने सड़क सुरक्षा जागरूकता पर अपने-अपने विचारों को व्यक्त किया। मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ सुषमा शर्मा ने अपने व्याख्यान में सरकार के द्वारा चलाए जा रहे ने सड़क सुरक्षा कार्यक्रम की भूरी भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि यातायात से संबंधित नियमों एवं सावधानियों के बारे में जानकारी प्राप्त करने व उसका प्रचार प्रसार करने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रमों की अत्यधिक आवश्यकता है जिससे कि सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। डॉ शिप्रा श्रीवास्तव ने छात्राओं के द्वारा की गई विभिन्न गतिविधियों की प्रशंसा करते हुए उन्हें आगे भी इस प्रकार के कार्यक्रम में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना के सभी स्वयंसेवक कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
