केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने आज मुंबई में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस के साथ एक संयुक्त समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान सोनोवाल और श्री फडणवीस ने पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय के सागरमाला कार्यक्रम के तहत महाराष्ट्र में बंदरगाह एवं पोत परिवहन क्षेत्र से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक में वाधवन एवं मुंबई बंदरगाह से संबंधित मामलों और लोथल के राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर में महाराष्ट्र तटीय राज्य पैविलियन की स्थापना पर भी ध्यान केंद्रित किया गया।
महाराष्ट्र में सागरमाला परियोजनाओं के पूरा होने के बारे में चर्चा करते हुए श्री सोनोवाल ने कहा, ‘महाराष्ट्र में 14 सागरमाला परियोजनाओं को पूरा करने के लिए कार्य में तेजी लाने पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। इन परियोजनाओं में करीब एक साल की देरी हो चुकी है। हम इन कार्य बिंदुओं को प्राथमिकता देते हुए महाराष्ट्र में सागरमाला परियोजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा करने, आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और इस क्षेत्र में समुद्री बुनियादी ढांचे को बेहतर करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।’
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में सागरमाला कार्यक्रम के तहत 1,13,285 करोड़ रुपये की 126 परियोजनाओं की योजना बनाई गई है। इन 126 परियोजनाओं में से 2,333 करोड़ रुपये की 46 परियोजनाएं आंशिक रूप से पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय द्वारा वित्त पोषित हैं। इनमें 1,387 करोड़ रुपये की 37 परियोजनाएं महाराष्ट्र सरकार के अधीन हैं। 279 करोड़ रुपये की 9 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। 777 करोड़ रुपये की 18 परियोजनाएं कार्यान्वयन चरण में और 331 करोड़ रुपये की 10 परियोजनाएं विकास चरण में हैं।
महाराष्ट्र में रो-रो/ रो-पैक्स/ पैसेंजर फेरी के परिचालन के लिए आवश्यक बंकर ईंधन पर वैट में छूट/ रियायत देने पर भी विस्तृत चर्चा की गई। फेरी संचालन की कुल ईंधन लागत में इसका योगदान 20 प्रतिशत से अधिक है।
बैठक के दौरान महाराष्ट्र में आगामी वाधवन बंदरगाह के विकास पर भी चर्चा की गई। वाधवन के पास 18 मीटर से अधिक का प्राकृतिक तलछट है जो बंदरगाह पर काफी बड़े कंटेनरों और कार्गो जहाजों की आवाजाही को आसान बनाता है। इससे प्रमुख शिपिंग लाइनों के लिए भारत को एक प्रमुख गंतव्य बनाने के प्रयासों को बढ़ावा मिलेगा और भविष्य में कार्गो की वृद्धि को समायोजित करने के लिए आवश्यक क्षमता प्रदान करने में मदद मिलेगी।
श्री सोनोवाल ने कहा, ‘हमारे माननीय प्रधानमंत्री के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप देश के तटीय राज्यों की समुद्री गतिविधियों को प्रदर्शित करने के लिए राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर में एक तटीय राज्य पैविलियन स्थापित करने का प्रस्ताव दिया गया है। यहां महाराष्ट्र के लिए अपनी समृद्ध समुद्री विरासत को प्रदर्शित करने का एक अनूठा अवसर है। यह राज्य प्रायोजित होगा जिसमें महाराष्ट्र सरकार महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।’
श्री सर्बानंद सोनोवाल और श्री देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र में समुद्री क्षेत्र में कौशल विकास और बंदरगाहों के लिए समुद्री मास्टर प्लान को अंतिम रूप देने पर काफी उपयोगी बातचीत की।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री ने विभिन्न मुद्दों को निपटाने और परियोजनाओं के कार्यान्वयन में जल्द से जल्द तेजी लाने के लिए प्रतिबद्धता जताई।
बाद में श्री सर्बानंद सोनोवाल ने सभी संबद्ध हितधारकों, सलाहकारों और उप सलाहकारों के साथ लोथल में राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर (एनएमएचसी) परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। बैठक के दौरान इस परियोजना की विभिन्न चुनौतियों और विकास योजना पर चर्चा की गई ताकि इसे समय पर पूरा किया जा सके। साथ ही प्रतिभागियों को निर्देश दिया गया कि वे इस परियोजना के जरिये दुनिया सामने तकनीकी चमत्कार का एक उदाहरण पेश करें और उसकी सराहना करें।
बैठक में मुंबई पोर्ट के अध्यक्ष श्री राजीव जलोटा, जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी (जेएनपीए) के अध्यक्ष श्री संजय सेठी, सागरमाला के जेएस श्री भूषण कुमार और मंत्रालय एवं बंदरगाहों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
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– एसोसिएशन ऑफ स्मॉल एण्ड मीडियम न्यूजपेपर्स ऑफ इण्डिया की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में अखबारों की समस्याओं पर हुई चर्चा।

कानपुर भारतीय स्वरूप संवाददाता, दयानंद गर्ल्स पीजी कॉलेज, कानपुर में सेंचुरी क्लब, विजन कानपुर@2047 के अंतर्गत महिलाओं की सुरक्षा, स्वावलंबन व सशक्तिकरण के मुद्दे को ध्यान में रखते हुए सरोज देवी फाउंडेशन के सहयोग से मासिक धर्म स्वच्छता दिवस मनाया गया। इस दिन पूरी दुनिया में ‘मासिक धर्म स्वच्छता दिवस’ मनाया जाता है। 2014 में जर्मन के ‘वॉश यूनाइटेड’ नाम के एक एनजीओ ने इस दिन को मनाने की शुरुआत की थी, जिसका मुख्य उद्देश्य – लड़कियों और महिलाओं को महीने के उन 4-5 दिन यानी मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता रखने के लिए जागरूक करना है।
कानपुर भारतीय स्वरूप संवाददाता, शोध और रोज़गार युक्त एमओयू से बेहतर राष्ट्र की एक पहल सोशल रिसर्च फाउंडेशन और पीपीएन कॉलेज कानपुर के मध्य एमओयू (MOU), प्राचार्य प्रो अनूप सिंह एवं सोशल रिसर्च फाउंडेशन के सचिव डॉ राजीव मिश्रा के हस्ताक्षर से संपन्न हुआ। प्राचार्या द्वारा अवगत कराया गया कि यह संस्था शोध के क्षेत्र में,समय समय पर रोज़गार मेला, संगोष्ठी और भविष्य के राष्ट्र निर्माता आज के छात्रों को नैतिक, सामाजिक एवं बौद्धिक विषयों पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी। इस मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग में सोशल रिसर्च फाउंडेशन की उत्तर प्रदेश अध्यक्ष डॉ अर्चना दीक्षित (डीजी कॉलेज के रसायन विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर), कानपुर जिला इकाई के उपाध्यक्ष प्रो० शैलेंद्र कुमार शुक्ला (रसायन विज्ञान, डीबीएस कॉलेज), विषय विशेषज्ञ डॉ० आर०बी० तिवारी (सांख्यिकी विभाग डीएवी कॉलेज) एवं कार्यक्रम की सूत्रधार डॉ आभा सिंह (मनोविज्ञान विभाग, पीपीएन कॉलेज) भी उपस्थित रहे।