
कानपुर नगर। नौबस्ता क्षेत्र के तौधकपुर ग्राम में साहित्यिक संस्था साहित्य चेतना के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कवि सम्मलेन में संस्था के संस्थापक आचार्य डॉ. राम सिंह ‘विकल’ सहित 37 कवियों ने एक से बढ़कर एक रचनाएँ सुनाकर जमकर श्रोताओं की तालियाँ बटोरी।
शहर के जाने माने कवि आचार्य डॉ. राम सिंह ‘विकल’ द्वारा स्थापित गिरधारी लाल मेमोरियल सोसायटी द्वारा संचालित साहित्यिक संस्था साहित्य चेतना के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित तथा देर रात तक चले कवि-सम्मेलन में पधारे कवियों ने अपनी रचनाएँ सुनाकर श्रोताओं का मन मोह लिया। कवि सम्मेलन की अध्यक्षता डॉ. हरीलाल ‘मिलन’ ने की तथा सञ्चालन वेद प्रकाश शुक्ल ‘संजर’ ने किया।
आमन्त्रित कवियों में डॉ. राम नरेश सिंह चौहान, अशोक शास्त्री, डॉ. सुरेन्द्र गुप्त ‘सीकर’, वंश गोपाल मिश्र ‘वंश’, डॉ. रमेश मिश्र ‘आनन्द’, डॉ. अजीत सिंह राठौर ‘लुल्ल कानपुरी’, डॉ. राजीव मिश्र, जयराम ‘जय’, डॉ. दीपकुमार शुक्ल, मोहन लाल, डॉ.अनुज सिंह ‘मनमीत’, सन्तोष दुबे, उदय मोहन मिश्र ‘करुणेश’, डॉ. आदित्य कटियार, अशोक गुप्त ‘अचानक’, बी. डी. सिंह, दिनेश ‘नीरज’, लाल सिंह फौजी, आदित्य भदौरिया, डॉ. रमाकान्त ‘बनफूल’, डॉ. उदय नारायण ‘उदय’, डॉ. गोविन्द नारायण शाण्डिल्य, एम.के. विश्वकर्मा, मो. नूरैन फैजाबादी, राजेन्द्र अवस्थी, अभिषेक ‘अज्ञानी’, रवि शर्मा, धीरपाल सिंह ‘धीर’, गोविन्द वर्मा, अर्पित अवस्थी, एम.के.विश्वकर्मा, सुरेश गुप्त ‘राजहंस’, सुश्री निधि विश्वकर्मा, डॉ.सुषमा सिंह सेंगर तथा अनामिका सिंह ‘अविरल’ आदि ने गीत, छन्द एवं कवित्त सुनाकर श्रोताओं को गुदगुदाया, हंसाया तथा सम सामयिक विषयों पर जोरदार कटाक्ष भी किया। आगन्तुक अतिथियों एवं कवियों का स्वागत शिव सिंह यादव, महेन्द्र सिंह, कपूर सिंह फौजी, सरवन यादव तथा प्रदीप कुमार यादव ने किया।
इस अवसर पर रतीपाल सिंह कछवाह, विश्वनाथ सिंह कछवाह, वीरेन्द्र सिंह कछवाह, रामकरन सिंह कछवाह ‘सीटू’, तेज बहादुर सिंह कछवाह, शिवशरण सिंह कछवाह ‘पुजारी’, राजकुमार सिंह कछवाह ‘बड़े बउआ’, शिवबदन सिंह कछवाह, योगेन्द्र प्रताप सिंह कछवाह सहित अनेक श्रोतागण उपस्थित रहे।
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प्रमुख सचिव जी-20 शिखर सम्मेलन की तैयारियों से संबंधित समन्वय समिति के अध्यक्ष हैं। इस क्षमता में, डॉ पी के मिश्र द्वारा समीक्षा अभ्यास यह सुनिश्चित करने के लिए किया गया था कि एक स्मरणीय शिखर सम्मेलन की आवभगत के लिए योजना के अनुरूप सभी चीजें व्यवस्थित रहें। यह दौरा यह सुनिश्चित करने के लिए किया गया था कि शिखर सम्मेलन के लिए आने वाले सभी राष्ट्राध्यक्षों और अन्य अंतर्राष्ट्रीय गणमान्य व्यक्तियों को अपनी यात्रा के दौरान भारत की संस्कृति और विश्व स्तरीय अनुभव की झलक मिले।

कानपुर 5 सितंबर भारतीय स्वरूप संवाददाता, एस.एन.सेन महाविद्यालय के शिक्षाशास्त्र विभाग द्वारा शिक्षक दिवस के अवसर पर महान शिक्षाविद डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के व्यक्तित्व एवम कृतित्व पर प्रकाश डाला गया ।कार्यक्रम का औपाचारिक शुभारम्भ विभाग की विभागाध्यक्षा प्रोफेसर चित्रा सिंह तोमर ने द्वीप प्रज्जवलन एवं राधाकृष्णन जी की प्रतिमा पर माल्यापर्ण कर किया। इस अवसर स्नातक एवं परास्नातक कक्षा की छात्राओ द्वारा भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमे लगभग 26 छात्राओ ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम .में महाविद्यालय की अंग्रेजी विभाग की विभाध्यक्ष डा अल्का टण्डन ,डॉ मोनिका सहाय एवं डॉ संगीता सिंह आदि उपस्थित रहीं।
उत्केला हवाई अड्डे का स्वामित्व ओडिशा सरकार के पास है। इसे भारत सरकार के नागर विमानन मंत्रालय की उड़ान स्कीम के तहत 31.07 करोड़ रुपये की लागत से एक क्षेत्रीय हवाई अड्डे के रूप में विकसित किया गया है। उत्केला हवाई अड्डे का रनवे (2,995 फीट) 30 मीटर की चौड़ाई के साथ 917 मीटर लंबा है। उत्केला हवाई अड्डे के जुड़ने से ओडिशा में अब पांच हवाई अड्डे हो जाएंगे।


कानपुर 4 सितंबर भारतीय स्वरूप संवाददाता, एस. एन. सेन बी. वी. पी. जी. कॉलेज कानपुर के शिक्षाशास्त्र विभाग में दिनाँक 04/09/2023 को परास्नातक प्रथम तथा तृतीय सेमेस्टर की छात्राओं हेतु प्राचीन भारतीय शिक्षण संस्थान विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया | प्रत्येक छात्रा ने अपने पोस्टर की व्याख्या अपने शब्दों में प्रस्तुत की| निर्णायक मंडल में कैप्टन ममता अग्रवाल तथा प्रो. प्रीती पांडेय ने निम्न छात्राओं को विजेता घोषित किया:-