एनईपी 2020 के कार्यान्वयन के महत्वपूर्ण पहलुओं पर शिक्षा मंत्रालय को सलाह देने और विद्यालयी एवं उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नीति के व्यापक, समग्र, समन्वित एवं व्यवस्थित कार्यान्वयन को सुगम बनाने के लिए शिक्षा मंत्रालय ने विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित शिक्षा विशेषज्ञों को शामिल करते हुए एक शिक्षा सलाहकार परिषद का गठन किया है। परिषद का कार्य एनईपी के कार्यान्वयन के महत्वपूर्ण पहलुओं पर मंत्रालय को सलाह देना, विद्यालयी एवं उच्च शिक्षा के क्षेत्र में इसके व्यापक, समग्र और समन्वित कार्यान्वयन को सुगम बनाना, एक व्यापक रोडमैप विकसित करना, पाठ्यक्रम सुधार के लिए हस्तक्षेपों की समीक्षा करना और सीएबीई को सुदृढ़ करने के उपायों की अनुशंसा करना है।
सरकार सहकारी संघवाद और शिक्षा से संबंधित मामलों पर राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के साथ निरंतर एवं नियमित सहभागिता को अत्यधिक महत्व देती है। सीएबीई, 2020 की घोषणा के बाद से शिक्षा नीतियों और शैक्षिक सुधारों से संबंधित मुद्दों पर चर्चा और विचार-विमर्श के लिए विभिन्न संस्थागत मंचों के माध्यम से राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों, शिक्षाविदों, उद्योग और अन्य हितधारकों के साथ नियमित रूप से परामर्श किए गए हैं। इनमें राष्ट्रीय शिक्षा मंत्रियों का सम्मेलन (जून 2022), राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन (2022, 2023 और 2025), नीति आयोग की 7वीं, 9वीं और 11वीं शासी परिषद की बैठकें (क्रमशः 2022, 2024 और 2026), राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ परामर्श-सह-समीक्षा बैठकें (अक्टूबर और दिसंबर 2022), क्षेत्रवार परामर्श-सह-समीक्षा बैठकें (फरवरी, मार्च, मई और जून 2023), एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला और दो क्षेत्रीय कार्यशालाएं (नवंबर 2021), पाठ्यक्रम एवं मूल्यांकन समकक्षता तथा सीखने के परिणामों में सुधार पर राष्ट्रीय सम्मेलन (जुलाई 2025), अखिल भारतीय शिक्षा समागम (2022, 2023, 2024 और 2025), राज्यपालों का सम्मेलन (2021 और 2024), तथा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सचिवों के साथ उच्च एवं तकनीकी शिक्षा पर राष्ट्रीय कार्यशाला (नवंबर 2024) शामिल हैं।
हाल ही में 22-23 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षा मंत्रियों का दो दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें देशभर के प्रमुख नीति निर्माताओं ने अन्य विषयों के साथ, विद्यालयी शिक्षा में प्रमुख केंद्र प्रायोजित योजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा करने तथा बेहतर शैक्षिक परिणामों के लिए केंद्र- राज्य सहयोग और ज्ञान साझा करने को सुदृढ़ करने पर विचार-विमर्श किया। ये सहभागिताएं शैक्षिक सुधारों के लिए सहयोगात्मक नीति निर्माण, समीक्षा और कार्यान्वयन हेतु एक नियमित मंच प्रदान करती हैं।
यह जानकारी शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
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जिला सूचना कार्यालय कानपुर नगर। गुरुदेव चौराहा स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक में टाटा टेक्नोलॉजी लिमिटेड के सहयोग से स्थापित किए जा रहे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। गुरुवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने निर्माणाधीन परियोजना का स्थलीय निरीक्षण कर कार्य की प्रगति और गुणवत्ता की समीक्षा की। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। राजकीय पॉलिटेक्निक के छात्र-छात्राओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण की सुविधा शीघ्र उपलब्ध कराई जाए।
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