खानों, टीपीपी (डीसीबी) और पारगमन आदि में समग्र कोयला स्टॉक की स्थिति 23.08.23 तक 88.01 मिलियन टन पहुंच गई, जो 23.08.22 के 70.61 मिलियन टन के स्टॉक की तुलना में 24.7 प्रतिशत अधिक है। कोयले के भंडार की यह उच्च स्थिति कोयला मंत्रालय द्वारा कोयले की पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखने की प्रतिबद्धता दिखाती है।

इसके अतिरिक्त 23.08.23 को कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) में पिटहेड कोयला स्टॉक 46.13 मीट्रिक टन है। यह 23.08.2022 के 31.70 मीट्रिक टन के स्टॉक की तुलना में 45.5 प्रतिशत अधिक है। यह ऊपरी प्रवृत्ति प्रभावी स्टॉक प्रबंधन रणनीतियों और परिचालन दक्षता दिखाती है।

विद्युत क्षेत्र को कोयला भेजने के संदर्भ में 23.08.2023 तक वित्त वर्ष 2023-24 के लिए संचयी उपलब्धि 307.97 मीट्रिक टन थी, जिसमें पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 5.6 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर दर्ज की गई, जिससे विद्युत क्षेत्र की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कोयले की स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित हुई।

समग्र रूप से वित्त वर्ष 2023-24 के लिए संचयी कोयला उत्पादन में शानदार वृद्धि देखी गई है। 23.08.2023 तक 340.31 मीट्रिक टन कोयला उत्पादन हुआ है। यह पिछले वर्ष के 23.08.22 तक 307.92 मिलियन टन था। इस तरह इसमें 10.52 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि दर दिखती है। इसके अतिरिक्त 23.08.2023 तक समग्र रूप से कोयला भेजने में पर्याप्त वृद्धि देखी गई है, जो 371.11 मीट्रिक टन तक पहुंच गई है। यह पिछले वर्ष के 23.8.22 तक 338.66 मीट्रिक टन के प्रेषण की तुलना में 9.58 प्रतिशत की सराहनीय वृद्धि दर को दर्शाता है।
कोयला मंत्रालय घरेलू कोयला उत्पादन क्षमताओं को बढ़ाने के लिए सावधानीपूर्वक रणनीतिक योजना और कुशल निष्पादन से कोयला क्षेत्र में सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए सभी आवश्यक उपाय कर रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य राष्ट्र की बढ़ती ऊर्जा मांगों को पूरा करने में विद्युत क्षेत्र को मजबूत करना है।
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उन्होंने कहा, ‘खेलो इंडिया योजना और टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना की सफलता के कारण पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे अधिक पदक मिले हैं, चाहे वह ओलंपिक हो या पैरालंपिक या राष्ट्रमंडल खेल या थॉमस कप जीत जैसी ऐतिहासिक प्रतियोगिता। अंडर-20 कुश्ती में अंतिम पंघाल ने भी दो बार विश्व चैंपियन बनकर इतिहास रचा। प्रगनानंदा शतरंज में एफआईडीए विश्व कप के फाइनल में पहुंचे। यह भारतीय खेलों के लिए अभूतपूर्व दौर है। 60 वर्षों में, विश्व विश्वविद्यालय खेलों में केवल 18 पदक मिले थे, जबकि, केवल इस साल टूर्नामेंट में हमने 26 पदक जीते हैं।
वर्तमान में, 17,000 से अधिक एथलीट खेलो इंडिया केंद्रों (केआईसी) में प्रशिक्षित हो रहे हैं और 699 पूर्व चैंपियन एथलीट पहले से ही देश भर में काम पर हैं। वर्तमान में पूरे भारत में अधिसूचित खेलो इंडिया केंद्रों की कुल संख्या 960 है, जिनमें से 715 केआईसी द्वारा संचालित हैं। राजस्थान में अधिसूचित केआईसी की कुल संख्या 33 है, जिनमें से 32 केआईसी कार्यरत हैं। ये केआईसी विशिष्ट प्रशिक्षण केंद्र हैं जो साइकिल चलाना, बास्केटबॉल, वुशु, हॉकी आदि जैसे खेल विषयों पर केंद्रित हैं।

कानपुर 24 अगस्त भारतीय स्वरूप संवाददाता, एस एन सेन महाविद्यालय में शिक्षक संघ इकाई की नई कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रुप में प्रो सुमन उपस्थित रहीं। उन्होंने नई कार्यकारिणी सदस्यों से निष्पक्षता और ईमानदारी से कार्य करने की अपेक्षा की। पूर्व कार्यकारिणी के अध्यक्ष डॉ हरीश झा ने नई कार्यकारिणी के सदस्यों को शपथ दिलाई। अध्यक्ष प्रो चित्रा सिंह तोमर, उपाध्यक्ष डॉ प्रीति सिंह, सचिव डॉ अनामिका राजपूत, संयुक्त सचिव डॉ संगीता सिंह, कोषाध्यक्ष प्रोफेसर प्रीति पांडे संयुक्त कोषाध्यक्ष डॉ श्वेता रानी ने शपथ ग्रहण किया। इस अवसर पर महाविद्यालय शिक्षक संघ के सभी सदस्य उपस्थित रहें ।



शिविर में तीरंदाजों के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए श्री ठाकुर ने कहा, “टीम भावना ही मायने रखती है और मुझे यह जानकर गर्व है कि न केवल कोच बल्कि सीनियर्स ने भी जूनियर्स को मानसिक दृढ़ता और तैयारियों को आकार देने में मदद की। जिस तरह अभिषेक वर्मा जैसे अनुभवी सीनियर ने प्रतियोगिता के दौरान ओजस प्रवीण जैसे युवा को प्रेरित और उनका मार्गदर्शन किया, वह सराहनीय है।