मुंबई अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (एमआईएफएफ) का आयोजन करने वाली सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की नोडल एजेंसी राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (एनएफडीसी) की ओर से आगामी 18वें मुंबई अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (एमआईएफएफ) में सभी इच्छुक एनिमेटरों को अपनी रचनात्मकता को मुक्त करने और विशेष एनीमेशन क्रैश कोर्स और वीएफएक्स पाइपलाइन कार्यशाला में महत्वपूर्ण विशेषज्ञता हासिल करने के लिए आमंत्रित किया जाता है।
यह अनूठा अवसर 16 जून से 20 जून तक पांच दिवसीय गहन कार्यक्रम प्रदान करता है, जिसका नेतृत्व बैटमैन और वंडर वुमन जैसी प्रतिष्ठित परियोजनाओं पर काम कर चुके वार्नर ब्रदर्स के एक अनुभवी एनीमेशन फिल्म निर्माता करेंगे। प्रतिभागी व्यावहारिक ज्ञान और उद्योग संबंधी अंतर्दृष्टि प्राप्त करते हुए, मूवी, सीरीज़ और गेमिंग एनीमेशन की मनोरम दुनिया का अन्वेषण करेंगे।
भारत में फिल्मों, विजुअल इफेक्ट्स (वीएफएक्स), गेमिंग एनीमेशन और मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए मनमोहक सामग्री की बढ़ती मांग के कारण एनीमेशन क्षेत्र में अभूतपूर्व वृद्धि हो रही है। यह प्रतिभाशाली और उत्साही एनिमेटरों के लिए रोमांचक अवसरों में रूपांतरित होती है। भारत में एनीमेशन उद्योग फल-फूल रहा है। 25% की वृद्धि दर और 2023 तक 46 बिलियन रूपये के अनुमानित मूल्य (फिक्की-ईवाई रिपोर्ट 2023) के साथ, यह रोमांचक क्षेत्र उत्साही युवाओं के लिए अवसरों का खजाना प्रदान करता है।
चाहे आप कहानी सुनाने के जुनून और रचनात्मक प्रवृत्ति से युक्त उभरते हुए एनिमेटर हों या पूरी तरह नौसिखिए, यह कार्यशाला सभी के लिए खुली है और एक संतोषप्रद करियर के लिए आपकी मददगार हो सकती है। इसके लिए एनिमेशन में किसी तरह का कोई पूर्व अनुभव आवश्यक नहीं है। केवल अपने उत्साह और बुनियादी कंप्यूटर कौशल के साथ आएं।
सीटें केवल 20 प्रतिभागियों तक सीमित हैं, इसलिए पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर आज ही पंजीकरण कराएं। वर्कशॉप शुल्क मात्र 10,000/- रुपये है और इसमें ब्लेंडर जैसे सॉफ़्टवेयर तक पहुंच शामिल है। यह कार्यशाला एनएफडीसी, 24 डॉ. गोपालराव देशमुख मार्ग, मुंबई 400026 में आयोजित की जाएगी।
इस कार्यशाला का चयन क्यों करें?
- सर्वश्रेष्ठ से सीखें: प्रमाणित ट्रैक रिकॉर्ड वाले इस उद्योग के अनुभवी पेशेवर से प्रत्यक्ष ज्ञान प्राप्त करें।
- व्यवहारिक रूप से सीखें: अपने नए कौशल को व्यवहार में लाते हुए विशेषज्ञ मार्गदर्शन में अपनी खुद की एनीमेशन क्लिप तैयार करें।
- उद्योग संबंधी अंतर्दृष्टि: मूवी और गेमिंग एनीमेशन पाइपलाइन की बारीकियों को समझें और नौकरी के अवसरों का पता लगाएं।
- वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र: भारत में फिल्म निर्माण और एनीमेशन के क्षेत्र के अग्रणी संगठन एनएफडीसी से प्रतिष्ठित प्रमाणपत्र प्राप्त करें।
अतिरिक्त लाभ:
- पुरस्कार-विजेता फिल्मों का अनुभव करें: समीक्षकों द्वारा प्रशंसित ढेरों वृत्तचित्रों और एनिमेटेड शॉर्ट्स में खुद को तल्लीन करें।
- मास्टर क्लासेज : विशेष मास्टर क्लास सत्रों के माध्यम से उद्योग जगत की प्रसिद्ध हस्तियों से सीखें
सीमित सीटें उपलब्ध हैं! तत्काल पंजीकरण करें
पंजीकरण और अधिक जानकारी के लिए, कृपया https://miff.in/animation-crash-course/ पर विजिट करें / या हमें pr@nfdcindia.comपर ईमेल करें।
अपने एनीमेशन कौशल को उन्नत बनाने और प्रतिष्ठित मुंबई अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में शामिल होने का यह सुनहरा अवसर न चूकें।
भारतीय स्वरुप दैनिक ई-पेपर
भारतीय स्वरूप संवाददाता विश्व पृथ्वी दिवस WORLD EARTH DAY 🌱 के अवसर पर कानपुर के एस एन सेन बालिका विद्यालय पी जी कॉलेज, कानपुर के वनस्पति विज्ञान विभाग ने 8 दिवसीय व्याख्यान शृंखला का शुभारंभ किया । “8 Days 8 Scientists “ नामक इस शृंखला में आठ दिवसों में आठ वैज्ञानिक विज्ञान के अलग अलग विषयों पर व्याख्यान देंगे । सभी वैज्ञानिक कानपुर के ICAR-IIPR अर्थात् दलहन अनुसंधान संस्थान से आते हैं।
भारतीय स्वरूप संवाददाता, कानपुर के ब्रह्मानंद कॉलेज में आज मतदाता जागरूकता अभियान का शुभारंभ हुआ , कानपुर प्रेस क्लब और कानपुर पुलिस कमिश्नरेट के संयुक्त तत्वावधान में हुए इस आयोजन में कानपुर पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की ,
पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार और ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर हरीश चन्दर ने कार्यक्रम में मौजूद शिक्षक , छात्रों और युवा मतदाताओं को मतदान अवश्य करने की शपथ दिलाई , उन्होंने कहा कि धर्म संप्रदाय जाति और वर्ग से ऊपर उठकर मतदान जरूर करें यह देश का पर्व है , प्रेस क्लब अध्यक्ष सरस बाजपेई और जेएमडी न्यूज़ के डायरेक्टर संजीत दीक्षित ने भी मतदान को पर्व के रूप में मनाने का आह्वान किया , ब्रह्मानंद कॉलेज के प्रचार डॉ विवेक द्विवेदी और अन्य वक्ताओं ने भी लोगों से मतदान जरूर करने की अपील की ,
कार्यक्रम का संचालन प्रेस क्लब के महामंत्री शैलेश अवस्थी ने किया जबकि पूर्व अध्यक्ष अवनीश दीक्षित ने धन्यवाद ज्ञापित किया , इस मौके पर सरस बाजपेई अध्यक्ष , शैलेश अवस्थी , कुशाग्र पांडे , सुनील साहू कोषाध्यक्ष , गौरव सारस्वत वरिष्ठ उपाध्यक्ष , मनोज यादव उपाध्यक्ष , मधुर मोहन दुबे वरिष्ठ मंत्री , शिवराज साहू मंत्री
भारतीय स्वरूप संवाद सूत्र डॉ डी सी शुक्ल, महिला महाविद्यालय के सभागार में इतिहास विभाग द्वारा दो दिवसीय संगोष्ठी(19,20 अप्रैल 2024)का आयोजन किया गया जिसमें महाकाव्य कालीन भारत इतिहास, राजनीति, कला एवं संस्कृति” पर परिचर्चा आयोजित किया गया* कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या एवं अतिथि गणों के कर कमलों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया।
अतिथियों का स्वागत करते हुए दयानंद शिक्षण संस्थान की संरक्षिका कुमकुम स्वरूप ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमारे महाकाव्य में महिला एवं पुरुष को समान अधिकार की बात की गई है परंतु आज स्त्रियां के अधिकारों का दमन किया जा रहा है और वो हाशिए खड़ी नजर आती है। अतः आज हमें पुनः महाकाव्य कालीन विचारों को आत्मसात करके समाज को पुनर्स्थापित करने की आवश्यकता है। प्राचार्य प्रोफेसर अंजू चौधरी ने महाविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियां पर प्रकाश डालते हुए प्रगति आख्या प्रस्तुत की। संगोष्ठी की सयोजिका प्रोफेसर ममता गंगवार ने विषय परिवर्तन करते हुए महाकाव्य के इतिहास विषय पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया साथ ही महाकाव्य कालीन संस्कृति, आर्थिक सामाजिक दशा तथा धार्मिक स्थिति पर भी प्रकाश डाला विशिष्ट अतिथि माननीय विवेक द्विवेदी (एआईफुक्टा) ने संगोष्ठी के विषय को वर्तमान समय में प्रासंगिक बताते हुए कहा कि महाकाव्य कालीन संस्कृति के आदर्शो को हमें अपनाने की आवश्यकता है। *प्रोफेसर ममता गंगवार, डॉ. मीरा त्रिपाठी, डॉक्टर अनामिका वर्मा प्रोफेसर पुष्पा यादव, डॉ रश्मि सिंह, द्वारा लिखित पुस्तकों का विमोचन किया गया।
हममे से हर किसी ने कछुए और खरगोश की कहानी जरूर सुनी होगी। खरगोश तेज रफ़्तार के बाद भी अति-आत्मविश्वास का शिकार हो जाता है और कछुआ अपनी धीमी रफ़्तार से लगातार आगे बढ़ते हुए जीत सुनिश्चित कर लेता है। अगर यूं कहें कि आगामी लोकसभा चुनाव के वर्तमान परिदृश्य में कुछ ऐसी ही स्थिति बनती नजर आ रही है तो संभवतः बहुत से राजनीतिक जानकर इसे मनगढंत कहानी बताएं, लेकिन जैसे जरुरी नहीं कि हर बार तेज तफ्तार ही जीत का आधार बने, वैसे ही यह भी संभव है कि अति-आत्मविश्वास के घोड़े पर सवार एनडीए या बीजेपी को कटी पतंग की तरह गोते खा रही इंडिया अलायंस या कांग्रेस के हाथों मुँह की खानी पड़ जाए। क्या पता जिस कॉन्फिडेंस के साथ पीएम मोदी ने बीजेपी के लिए 370 और एनडीए के लिए 400 पार का लक्ष्य रखा है, वह सिर्फ एक नारे तक ही सीमित रह जाए, और दिशा विहीन समझे जाने वाली कांग्रेस या विपक्षी गठबंधन, अपने सतत प्रयास के भरोसे, ताबूत की अंतिम कील बनकर उभरे। चूंकि पीएम मोदी का करिश्मा कम से कम बीजेपी कार्यकर्ता और समर्थकों पर तो इस कदर सवार है कि यदि उन्हें नींद से भी उठा कर पूछें तो अबकी बार चार सौ पार का नारा लगाते ही नजर आएंगे लेकिन शायद उनका यही उत्साह उन्हें मतदान केंद्रों तक भी न पहुंचा पाए। चूँकि सब (एनडीए के संभावित मतदाता) यही मानकर चल रहे हैं कि ‘आएगा तो मोदी ही’ और उनकी यही सोच उन्हें ये भी सोचने पर मजबूर कर दे कि जब आना मोदी को ही है तो फिर उनके एक मत से क्या ही फर्क पड़ना है। और यदि यह विचार इसी दिशा में आगे बढ़ा तो बीजेपी या एनडीए को सतर्क हो जाने की जरुरत है। बहरहाल इसे भी राजनीति में पकाये जाने वाले ख़याली पुलाव की श्रेणी में रखा जा सकता है लेकिन कुछ तकनीकी पहलु भी हैं जो फिलहाल कछुए की भूमिका में चल रहे विपक्षी गठबंधन के लिए खरगोश की भांति एकतरफा रेस जीतती दिख रही एनडीए से बाजी छीनने की ओर इशारा करते हैं।MF3G.jpg)