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शिक्षा समझो वही सफल, जो कर दे आचरण निर्मल”

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर एस.एन.सेन बी.वी.पी.जी. कॉलेज कानपुर में शिक्षाशास्त्र विभाग द्वारा मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत “नारी शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान- एक सशक्त भविष्य का आधार”, विषय पर अतिथि व्याख्यान एवं पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्या प्रोफेसर सुमन, मुख्य वक्ता डॉ. स्वीटी श्रीवास्तव, वरिष्ठ आचार्य प्रो. निशी प्रकाश, निर्णायक मंडल में कैप्टन ममता अग्रवाल, किरन तथा शिक्षाशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्षा प्रो. चित्रा सिंह तोमर ने सरस्वती प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन तथा माल्यार्पण के साथ किय। उपस्थित सभी शिक्षिकाओं ने सरस्वती माँ के चरणों में पुष्प अर्पित किए। मुख्य अतिथि, प्राचार्या एवं निर्णायक मंडल का स्वागत उत्तरीय तथा स्मृति चिह्न भेंट कर किया गया।

प्रो. चित्रा सिंह तोमर ने विषय प्रवर्तन करते हुए महिला सशक्तिकरण में शिक्षा योगदान के विभिन्न पक्षों को उजागर किया तथा छात्राओं को स्वर्णिम भविष्य की ओर कदम बढ़ाने को प्रोत्साहित किया उन्होंने मिशन 5.0 की संपूर्ण रूपरेखा भी प्रस्तुत की। प्राचार्या प्रो. सुमन ने शिक्षाशास्त्र विभाग को नवरात्रि में आयोजित नारी सशक्तिकरण कार्यक्रम हेतु शुभकामनाएं तथा बधाई दी। उन्होंने स्त्री और पुरुष एक दूसरे का पूरक बताया तथा मिशन 5.0 की सफलता के लिए समाज को सम्वेदनशील बनाने के अवसर प्रदान किए जाने चाहिये।

मुख्य वक्ता डॉ. स्वीटी श्रीवास्तव, ने व्याख्यान के विषय को समसामयिक एवं कभी ना पुराना होने वाला बताया। उन्होंने नारी शिक्षा के लिए समाज में जागरूकता एवं अभिप्रेरणा को आवश्यक बताया। उन्होंने छात्राओं को परेशानी में भी मुस्कुराते रहने को कहा जिससे उनकी शक्ति बनी रहे। सफलता के लिए समय प्रबंधन, उत्तरदायित्व का निर्वाह, मूल्य शिक्षा, संयम, नियमित उपस्थिति, आदि के महत्त्व पर प्रकाश डाला |
प्रो. निशी प्रकाश ने बेटे-बेटी की एक समान शिक्षा और एक समान व्यवहार को नारी सम्मान के लिए अनिवार्य बताया

पोस्टर प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार स्नेहा सिंह,
द्वितीय पुरस्कार रोशनी निषाद, तृतीय पुरस्कार कुमकुम पांडेय और पावनी पांडेय ने संयुक्त रूप से तथा सांत्वना पुरस्कार मुस्कान थारू ने प्राप्त किया।

कैप्टन ममता अग्रवाल ने पाठ्य सहगामी क्रियाओं के महत्त्व को बताया तथा आंतरिक सुंदरता को ज्यादा महत्तवपूर्ण बताया। श्रीमती किरन ने पोस्टर से जुड़े तकनीकी बिंदुओं को बताया। स्वयं में ईमानदारी और नैतिकता बनाए रखें।

डाॅ. ऋचा सिंह तथा डाॅ. संगीता सिंह ने मंच संचालन का कार्य कुशलतापूर्वक किया। डाॅ. अनामिका ने कार्यक्रम के आयोजन में सक्रिय योगदान दिया। प्राचार्या, मुख्य अतिथि, शिक्षिकाओं तथा छात्राओं की कार्यक्रम में एक साथ उपस्थिति ही वास्तव में महिला सशक्तिकरण की ओर उनके बढ़ते हुए कदम हैं| इस अवसर पर प्रो. रेखा चौबे, प्रो. अलका टंडन, डाॅ. शुभा बाजपेयी, डाॅ. रोली मिश्रा, डाॅ. कोमल, डाॅ. रश्मि, डाॅ. शिवांगी, डाॅ. समीक्षा, डाॅ. शैल उपस्थित रहीं।