कानपुर 17 फरवरी भारतीय स्वरूप संवाददाता क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर भारत में वसंत एक उत्सव के रूप में मनाया जाता है और इसी को क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर के प्रांगण में उतारते हुए हिन्दी विभाग का विविधवर्णी आयोजन “वासंतिक” 17 फरवरी 2025 को सर्वपल्ली राधाकृष्णन सभागार में आयोजित किया गया। पूर्णतः शास्त्रीय आधार पर आयोजित इस नृत्य, संगीत, कला व कविता के अभिनव सहमेल में कॉलेज के छात्रों ने बढ़-चढ़कर अपनी प्रतिभा का सुन्दर प्रदर्शन किया। इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सुश्री सूज़ी जोसेफ़ थीं और विशिष्ट अतिथि प्रो. श्वेता चंद थीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य जोसेफ़ डेनियल ने की।
‘वासंतिक’ की शुरुआत वाद्य वृंद की राग यमन पर सामूहिक प्रस्तुति के साथ हुई और फिर महाप्राण निराला द्वारा रचित ‘वर दे वीणावादिनी’ के गान व नृत्य प्रस्तुति ने वसन्त की आभा बिखेर दी। इसी क्रम में ‘देव’ की कविता का पाठ अर्जित द्वारा, वसन्त से संबंधित विविध गीत, कथक नृत्य, सबद गान ने पूरे वातावरण को रागमय, अनुरागमय और रंगमय बना दिया। शास्त्रीय गायन में पारंगत अंकित श्रीवास्तव (पूर्व छात्र) ने वसन्त ऋतु पर अत्यंत सुन्दर प्रस्तुतियाँ दीं। साथ ही राहिल अहमद, सुप्रिया दास, तनिष्का वाजपेई और अनाया ने भी बसंत की बहार को गीतों द्वारा उकेरा। रसायनशास्त्र विभाग की प्रो. मीतकमल ने भी सबद गायन प्रस्तुत कर वसन्त का प्रभाव द्विगुणित किया। कथक के शास्त्रीय पारंपरिक नृत्य की मोहक प्रस्तुति अभिज्ञा चतुर्वेदी (पूर्व छात्रा) और अनया मिश्र ने दी तथा तन्वी, उर्वशी, साक्षी, शाल्वी, चहक, सृष्टि ने शास्त्रीय नृत्य की मोहक प्रस्तुतियों द्वारा सभी को प्रभावित किया। वादन में राग यमन और राग हंसध्वनि तबले पर उदित, बांसुरी पर हर्षित, हारमोनियम पर राहिल और ढफली पर शरद ने प्रस्तुत कर वसन्त का मधुर समां बाँध दिया।
मुख्य अतिथि के रूप में पधारी सूज़ी जोसेफ़ ने सभागार में उपस्थित सभी छात्र छात्राओं का न केवल उत्साहवर्धन किया अपितु वसंत के सांस्कृतिक एवं लौकिक पक्ष की भी चर्चा की। अध्यक्षीय भाषण कॉलेज के प्राचार्य प्रो. जोसेफ डेनियल द्वारा प्रदान किया गया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को शुभाशीष देते हुए महाविद्यालय में आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों की महत्ता और इनमें प्रतिभागिता का महत्त्व छात्रों को समझाया।
‘वासंतिक’ कार्यक्रम के अंतर्गत फूलों की रंगोली प्रतियोगिता सभागार के मुख्य द्वार पर सम्पन्न हुई इसमें महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने बढ़ चढ़ कर प्रतिभाग किया। रंगोली प्रतियोगिता में प्रथम स्थान शिवांग शुक्ला ने, द्वितीय स्थान तनिष्का चौरसिया ने और तृतीय स्थान कांची त्रिपाठी ने तथा सांत्वना पुरस्कार लावण्या , सृष्टि मिश्रा एवं फैरी ने प्राप्त किया। फूलों की रंगोली प्रतियोगिता ने जहाँ कॉलेज में ‘वासन्तिक’ की उद्घोषणा कर दी थी, वहीँ छात्रों ने बहुत मेहनत से पूरे सभागार का श्रृंगार फूलों से करके वसन्त को कॉलेज के आँगन में उतार दिया। अंजलि, अनंत, सुन्दरम, कांची, विख्यात, प्रज्ञा, फैरी ने पूरे कार्यक्रम की व्यवस्था की कमान संभाल रखी थी। कार्यक्रम का कुशल संचालन गौरांगी मिश्र (शोध छात्रा) द्वारा किया गया। ‘वासन्तिक’ छात्रों की ऊर्जा व उत्साह से उल्लासमय और आनंदमय बन गया। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में शिक्षक, विद्यार्थी, शोधार्थी और कर्मचारी-गण उपस्थित रहे।