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Christ Church College के एन.एस.एस. स्वयंसेवकों द्वार स्लम बस्तियों में सात दिवसीय शिविर का समापन

कानपुर 16 फरवरी भारतीय स्वरूप संवाददाता क्राइस्ट चर्च पी.जी. कॉलेज, कानपुर के एन.एस.एस. स्वयंसेवकों द्वारा वार्ड 16, जुही परंपुरा, कानपुर की स्लम बस्तियों में सात दिवसीय शिविर के अंतिम दिन समापन समारोह का आयोजन किया गया।

प्रातः 8:00 बजे स्वयंसेवक शिविर स्थल पर पहुंचे और सामूहिक रूप से सफाई कार्य किया। इसके उपरांत प्रोजेक्ट कार्य के अंतर्गत बस्ती के गरीब एवं जरूरतमंद बच्चों को स्कूल बैग, किताबें, स्टेशनरी आदि वितरित किए गए। इसके पश्चात बच्चों को आकर्षक गतिविधियों जैसे नृत्य एवं संगीत में सम्मिलित किया गया, जिससे वे आनंदित हुए।

*मुख्य सत्र*

मुख्य सत्र में कानपुर पुलिस कमिश्नरेट से कांस्टेबल अफसाना मैम और सब-इंस्पेक्टर अमित कुमार यादव ने उपस्थित होकर स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया। स्वयंसेवकों ने एक दिन पहले कौशल विकास गतिविधि के दौरान बनाए गए उत्पाद जैसे पक्षियों के लिए घोंसले, मॉइस्चराइज़र, टोनर आदि स्मृति चिन्ह के रूप में अतिथियों को भेंट किए।

इसके बाद, पुलिस अधिकारियों ने सड़क सुरक्षा एवं जागरूकता पर व्याख्यान दिया। उन्होंने विशेष रूप से हेलमेट पहनने की अनिवार्यता पर जोर दिया, भले ही यात्रा छोटी ही क्यों न हो। अधिकारियों ने सात दिवसीय शिविर के दौरान स्वयंसेवकों द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की और उनके प्रयासों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।

समारोह के दौरान सभी स्वयंसेवकों ने मिलकर एन.एस.एस. लक्ष्य गीत गाया, जिससे पूरा वातावरण प्रेरणादायक हो गया।

*भोजन अवकाश*

शिविर के अंतिम दिन स्वयंसेवकों द्वारा हमारे अतिथियों को स्वादिष्ट एवं पौष्टिक भोजन परोसा गया। इसके पश्चात स्वयंसेवकों ने भी भोजन का आनंद लिया।

*समापन एवं निष्कर्ष*

अंत में, सम्माननीय अतिथियों को पूरे सम्मान के साथ विदाई दी गई। चूंकि यह शिविर का अंतिम दिन था, स्वयंसेवकों ने इन अंतिम क्षणों को पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया। उन्होंने गीत-संगीत और नृत्य के माध्यम से अपनी खुशियों को व्यक्त किया।

कार्यक्रम के समापन पर कार्यक्रम अधिकारी अंकिता जैस्मिन लाल मैम ने उच्च प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों एवं सभी स्वयंसेवकों को उनके अथक प्रयासों के लिए धन्यवाद दिया।

इसके साथ ही, सात दिवसीय शिविर का विधिवत समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया।

यह कार्यक्रम सहायक कृष्णा सिंह, विनय गौतम एवं जॉय रस्किन सर और एन.एस.एस. प्रमुख आर्यन जायसवाल एवं आयुष भारती के बिना संभव नहीं हो सकता था। उनके अद्भुत मार्गदर्शन और कठिन परिश्रम ने इस शिविर को सफल बनाया।