
गोयल ने उद्योग जगत से उत्पादन गतिविधियों में तेजी लाने और भारत को विनिर्माण के लिहाज से एक वैश्विक केंद्र बनाने में योगदान देने के लिए भी कहा। केंद्रीय मंत्री ने उद्योग जगत के प्रमुख लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका और समर्थन को स्वीकार करते हुए सुसंगत नीतियां बनाने के प्रति सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता पर जोर दिया। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री श्री सोम प्रकाश की उपस्थिति ने इस अवसर के महत्व को रेखांकित किया और उन्होंने भारत के औद्योगिक विकास को आगे बढ़ाने वाली सहयोग की भावना पर जोर दिया गया। उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी), वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने स्केल समिति और इन्वेस्ट इंडिया के सहयोग से एक “चिंतन शिविर – भारत के विनिर्माण उद्योग की क्षमताओं को सामने लाना” का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में सीआईआई, फिक्की, एसोचैम, एक्मा, सियाम जैसे दिग्गज उद्योग संगठनों के साथ-साथ नॉलेज पार्टनर्स बीसीजी और मैकिन्से भी शामिल हुए। यह कार्यक्रम आज भारत मंडपम, प्रगति मैदान, नई दिल्ली में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। यह कॉन्क्लेव भारत के विनिर्माण क्षेत्र की चुनौतियों और अवसरों पर चर्चा करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में नजर आई। इसमें मुख्य रूप से विभिन्न क्षेत्रों में विनिर्माण क्षमताओं को बढ़ाने और 2030 तक जीडीपी में योगदान बढ़ाने पर विचार-विमर्श करने पर जोर दिया गया था।
इस कार्यक्रम में विनिर्माण से लेकर 12 क्षेत्रों (वस्त्र, पूंजीगत सामान, ऑटो और ईवी, रक्षा, एयरोस्पेस और अंतरिक्ष, धातु और खनन, चमड़ा और जूते, ऊर्जा, खाद्य प्रसंस्करण, रसायन, चिकित्सा उपकरण, ईएसडीएम मूल्य श्रृंखला, ड्रोन) से जुड़े विनिर्माण इकोसिस्टम बनाने, गुणवत्ता मानकों को बनाए रखने, घरेलू मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने, सरकारी नीतियों और समर्थन, उद्योग की चपलता को बढ़ावा देने जैसे प्रमुख विषयों पर उद्योग के साथ व्यापक चर्चा हुई। इन चर्चाओं ने नवीन रणनीतियां बनाने, व्यापार में बढ़ोतरी, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के साथ एकीकरण और भारतीय विनिर्माण उद्योग में निवेश में वृद्धि की नींव रखी। प्रत्येक क्षेत्र के द्वारा दी गई प्रस्तुतियों में उद्योग की एक बड़ी झलक नजर आई, जिनमें वर्तमान और अनुमानित उद्योग क्षमता और निर्यात क्षमता के बारे में बताया गया था। प्रस्तुतियों में इकोसिस्टम, नीति परिदृश्य, तकनीकी प्रगति और कौशल विकास से जुड़ी पहलों से जुड़े लक्ष्यों को हासिल करने के लिए जरूरी महत्वपूर्ण प्रोत्साहनों पर प्रकाश डाला गया। इसके अलावा, उपस्थित लोगों ने इन पहलों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार और उद्योग के बीच प्रस्तावित सहयोगात्मक योजनाओं के बारे में विस्तार से अपने विचार रखे।
यह चर्चा उद्योग से जुड़े सदस्यों और स्केल समिति के साथ आयोजित कार्य समूहों के क्षेत्र-आधारित विचार-मंथन सत्र के परिणाम के रूप में सामने आई थी।
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कानपुर 13 अक्टूबर भारतीय स्वरूप संवाददाता, क्राइस्ट चर्च कॉलेज कॉलेज परिसर में एनएसएस इकाई के द्वारा “मेरी माटी मेरा देश” कार्यक्रम के तहत अमृत कलश यात्रा निकाली गई जिसमे देश के लिए शहीद हुए जवानों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए इस कार्यक्रम हुआ जिसमे प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. सुनीता वर्मा तथा उनके साथ डा. हिमांशु दीक्षित व डा.अंकिता जैसमीन लाल भी उपस्थित रहे इस कार्यक्रम के तहत कलश यात्रा का समापन करते हुए कॉलेज परिसर में एक छोटी सी यात्रा निकाली गई जिसमे एनएसएस इकाई के स्वयंसेवकों ने “मेरी माटी मेरा देश”तथा भारत माता की जय आदि देशभक्ति नारे लगाए इस कार्यक्रम के द्वारा समाज के देशप्रेम के विषय में भी जागरूक किया इस कार्यक्रम में एनएसएस हेड रितेश यादव तथा उनके साथ उनकी टीम जिसमे हर्षिता आर्या, नागेंद्र प्रताप सिंह, सैय्यद, अपेक्षा, तरंग,आर्यन,यश,विवेक आदि मौजूद रहे!
कानपुर 11 अक्टूबर भारतीय स्वरूप संवाददाता, एस.एन सेन बी.वी.पी.जी. कॉलेज के सभागार महाविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग द्वारा “विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस” के उपलक्ष्य में “training: the body mind and soul by using acupressure techniques” विषय पर एक कार्यशाला आयोजित की गई।
लखनऊ 10 अक्टूबर भारतीय स्वरूप संवाददाता, राम प्रसाद बिस्मिल मेमोरियल पब्लिक स्कूल, काकोरी, लखनऊ के तत्त्वावधान में नक्षत्र फाउण्डेशन द्वारा ‘‘आधुनिक शिक्षा एवं अनुशासित जीवन के मूल मंत्र ‘‘ विषयक शैक्षिक दक्षता वृद्धि व्याख्यानमाला की द्वितीय प्रस्तुति का आयोजन किया गया। उक्त व्याख्यानमाला में वक्ता के रूप में डा0 सतीश तिवारी, असिस्टेंट प्रोफेसर, स्कूल ऑफ दर्शन एवं संस्कृति, श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय, कटरा, जम्मू और कश्मीर, विद्यालय के प्रबंधक मो0 इरफान हुसैन, विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती विनीता अग्निहोत्री, नक्षत्र फाउण्डेशन से सुश्री सोनम सिंह उपस्थित रहे।
कानपुर 10 अक्टूबर भारतीय स्वरूप संवाददाता, भारत सरकार युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, युवा कार्यक्रम विभाग रा.से.यो. क्षेत्रीय निदेशालय लखनऊ व एन.एस.एस. प्रभाग नई दिल्ली के पत्रानुसार ’’मेरी माटी मेरा देश अभियान’’ एस ऍन सेन बी वी पी जी कॉलेज में प्रारम्भ किया गया। जिसके अन्तर्गत महाविद्यालय की ऍन एस एस इकाई की स्वयंसेविकाओं से घर के प्रांगण से एक मुट्ठी मिट्टी व एक मुट्ठी चावल मंगाये गये। सर्वप्रथम महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. सुमन द्वारा पंच प्रण की शपथ समस्त प्राध्यापक, कर्मचारियों व छात्र-छात्राओं को दिलायी गई। महाविद्यालय की ऍन एस एस इकाई की कार्यक्रम अधिकारी प्रो चित्रा सिंह तोमर ने कहा हमारे देश के स्वतंत्रता सेनानियों ने भारत की मिट्टी के लिये अपने प्राणों की आहुति दे दी। आज भारत के प्रत्येक गाॅंव, शहर की मिट्टी व चावल एकत्र किये जा रहे है। जिसे जिला स्तर पर ससम्मान पहुंचाया जायेगा। इसके उपरान्त प्राचार्य समस्त शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों द्वारा एक कलश में मिट्टी व एक कलश में चावलों का संग्रह किया गया। एवम ऍन एस एस यूनिट की स्वयंसेविकाओं द्वारा महाविद्यालय में सफाई का कार्य भी किया गया। एस एन सेन बालिका विद्यालया पी जी कॉलेज, कानपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के द्वारा “मेरी माटी मेरा देश – अमृत कलश यात्रा” का आयोजन किया गया जिसमें समस्त शिक्षिकाओं, कर्मचारियों ने भी भाग लिया तथा माटी को वंदन व वीरों को नमन करते हुए पंच प्रण की शपथ ली।
कानपुर 10 अक्टूबर भारतीय स्वरूप संवाददाता, दयानंद गर्ल्स पी जी कॉलेज, कानपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के द्वारा कार्यक्रम अधिकारी डॉ संगीता सिरोही के निर्देशन में “मेरी माटी मेरा देश – अमृत कलश यात्रा” के अंतर्गत एनएसएस वॉलिंटियर्स के द्वारा कानपुर के अलग-अलग शहीद स्थलों एवम् स्मारकों की मिट्टियों को लाकर अमृत कलश में एकत्रित किया गया तथा माटी को वंदन व वीरों को नमन करते हुए पंच प्रण की शपथ ली गई।
प्राचार्य प्रोफेसर अर्चना वर्मा जी ने अपने उद्बोधन में छात्राओं को कहा कि उनके द्वारा मेरी माटी मेरा देश अभियान के अंतर्गत किए जा रहे कार्य अत्यधिक सराहनीय व प्रशंसनीय हैं इससे छात्राओं में देशभक्ति की भावना का संचार होता है जिससे उनके अंदर नैतिक मूल्य सर्जित होते हैं। कार्यक्रम में कार्यालय अधीक्षक कृष्णेंद्र श्रीवास्तव, दर्शनशास्त्र की प्रभारी डॉ सुचेता शुक्ला एनएसएस की समस्त वॉलिंटियर्स ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कानपुर 9 अक्टूबर भारतीय स्वरूप संवाददाता, दयानंद गर्ल्स पी जी कॉलेज, कानपुर में भूगोल विभाग द्वारा एकदिवसीय व्याख्यान आयोजित किया गया। व्याख्यान के मुख्य वक्ता डॉ मंजीव विश्वकर्मा, असिस्टेंट प्रोफेसर, डी बी एस कॉलेज, कानपुर ने भौगोलिक सूचना प्रणाली एवं सुदूर संवेदन तकनीक के उपयोग पर प्रकाश डालते हुए महत्वपूर्ण जानकारियां देते हुए कहा कि यह भौगोलिक शोध एवम् अन्वेषण की दृष्टि से अत्यधिक महत्त्वपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि रिमोट सेंसिंग संवेदकों के माध्यम से पृथ्वी के सतह से डाटा जमा करने का काम करता है जबकि जी आई एस डाटा एकीकरण और क्षैतिज विश्लेषण के लिए एक उपकरण होता है। इसका प्रयोग जैव वातावरण की मॉनिटरिंग, आपदा प्रबंधन, रिसोर्स मैनेजमेंट, जलवायु परिवर्तन विश्लेषण, शहरी विकास योजना, यातायात, दूरसंचार, कानून व्यवस्था और स्वास्थ्य समेत अनेक क्षेत्रों में किया जाता है। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर अर्चना वर्मा ने मुख्य वक्ता तथा सभी का स्वागत किया तथा व्याख्यान विषय की महत्ता को छात्राओं के भविष्य के लिए उपयोगी बताया। व्याख्यान की संयोजिका डॉ शशि बाला सिंह ने व्याख्यान विषय पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन डॉ अंजना श्रीवास्तव के द्वारा तथा धन्यवाद प्रस्ताव विभाग की इंचार्ज डॉक्टर संगीता सिरोही के द्वारा किया गया। व्याख्यान असि प्रो डॉ श्वेता गोंड का सक्रिय योगदान रहा। कार्यक्रम में शोध छात्र विवेक चौरसिया, सुभाष, विकास, अनिल, अतुल, विपुल, दिलीप, दीक्षा मालवीया, कल्पना, नेहा, जयललिता तथा विभाग पाई समस्त छात्राएं उपस्थित रही।


कानपुर 4 अक्टूबर भारतीय स्वरूप संवाददाता एस. एन.सेन बालिका विद्यालय पी. जी. कॉलेज के जन्तु विज्ञान विभाग मे विश्व जंतु दिवस दिवस के उपलक्ष में माडल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर (डॉ.) सुमन तथा निर्णायक मंडल के सदस्य डॉ गार्गी यादव, डॉ प्रीति सिंह ने द्वीप प्रज्वलन करके किया। विषय की जानकारी देते हुए जन्तु विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. शिवांगी यादव ने बताया कि विश्व जंतु दिवस का महत्व और जंतु संरक्षक के महत्व को बताया।