केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया और नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री जनरल (डॉ.) वी.के. सिंह (सेवानिवृत्त) ने आज नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव श्री प्रदीप खरोला के साथ वर्चुअल रूप से जबलपुर-दिल्ली सेक्टर के लिए इंडिगो उड़ान को झंडी दिखाई। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान भी वर्चुअल रूप से उपस्थित थे। अन्य गणमान्य व्यक्तियों में अन्य महत्वपूर्ण हितधारकों के साथ-साथ मध्य प्रदेश के जल संसाधन, मत्स्य पालन कल्याण और मत्स्य विकास मंत्री श्री तुलसी राम सिलावट, मध्य प्रदेश की पर्यटन, संस्कृति, अध्यात्म मंत्री श्रीमती उषा ठाकुर, मध्य प्रदेश के सांसद श्री राकेश सिंह, मध्य प्रदेश के सांसद श्री शंकर लालवानी ने मध्य प्रदेश से वर्चुअल रूप से इस कार्यक्रम में भाग लिया।

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने अपने संबोधन में कहा, “हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले सात वर्षों में भारतीय उड्डयन का जनतंत्रीकरण संभव हो पाया है, जो उड्डयन आम लोगों के लिए दूर का सपना था, वह अब सभी के लिए सुलभ होता जा रहा है। जबलपुर मध्यप्रदेश के सबसे महत्पूर्ण शहरों में से एक है, इस शहर में विभिन्न सेक्टरों के लिए कई प्रकार के अवसरों की संभावना है। आज से, जबलपुर को देश की राजधानी दिल्ली और देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के साथ अतिरिक्त उड़ान कनेक्टिविटी प्राप्त हो गई है। इसके अतिरिक्त, इस शहर को 28 अगस्त 2021 से इंदौर तथा हैदराबाद से अतिरिक्त कनेक्टिविटी प्राप्त होगी। मुझे यह घोषणा करते हुए अति प्रसन्नता हो रही है कि पिछले 35 दिनों में हमने मध्य प्रदेश में 44 नई उड़ानों का प्रचालन आरंभ कर दिया है जिसमें से 26 विमान आवाजाही केवल जबलपुर से जुड़ी हुई है। महामारी के बावजूद हम न केवल पुराने रूटों का पुनरुत्थान कर रहे हैं बल्कि नई रूटें भी आरंभ कर रहे हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि “आज हम न केवल नए रूट तथा जबलपुर से नई उड़ानें आरंभ कर रहे हैं, बल्कि हमने जबलपुर हवाई अड्डे के विकास के लिए 421 करोड़ रुपए की एक स्कीम को भी मंजूरी दी है। नए विकासों में 10 हजार स्क्वायर फीट के एक नए टर्मिनल भवन का निर्माण, एक नया एटीसी टावर तथा बड़े विमान प्रचालनों को व्यवहार्य बनाने के लिए रनवे के विस्तार को 1950 से 2750 मीटर करना शामिल है।”
मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में विख्यात जबलपुर में 8 जिलों: जबलपुर, सिवनी, मांडला, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, कटनी, दिनदोरी तथा बालाघाट के डिविजनल मुख्यालय हैं। यह राज्य के सबसे मूल्यवान तथा विकसित शहरों में से भी एक है। हनुमंत बाड़ा जैन मंदिर, जबलपुर मदन महल, धुआंधार जलप्रपात, चौंसठ-योगिनी, भेड़ा घाट, मदन महल किले के निकट बैलेंसिंग रॉक, कचनार शहर में शिव प्रतिमा, कान्हा राष्ट्रीय उद्यान, बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान जैसे बाघ अभ्यारण्य तथा पेंच नेशनल पार्क दुनिया भर के पर्यटकों को आमंत्रित करते हैं। इस शहर का एक समृद्ध इतिहास है और यह भारत की विरासत में भी झांकने का अवसर प्रस्तुत करता है।
जबलपुर मैसर्स इंडिगो एयरलाइन्स द्वारा कनेक्टेड 69वां घरेलू गंतव्य है। इन सीधी उड़ानों का लक्ष्य व्यापार एवं वाणिज्य में वृद्धि करना तथा जबलपुर में पर्यटन को बढ़ावा देना भी है, खासकर, ऐसे समय में जब भारतीय लगातार घरेलू छुट्टियों में ऐसे जगहों पर जाने की योजना बना रहे हैं जो पर्यटन की दृष्टि से अभी तक देश में विख्यात रहे हैं।
उड़ान का अनुसूची नीचे उल्लेखित हैः
| उड़ान संख्या | कहां से | कहां तक | बारंबारता | प्रस्थान समय | आगमन समय | विमान | कब से प्रभावी |
| 6E 2016 | DEL | JLR | प्रतिदिन | 9:00 | 10:20 | A320 | 20-अगस्त-21 |
| 6E 2017 | JLR | DEL | प्रतिदिन | 10:50 | 12:20 | 20- अगस्त -21 | |
| 6E 917 | BOM | JLR | प्रतिदिन | 6:25 | 8:15 | 20- अगस्त -21 | |
| 6E 916 | JLR | BOM | प्रतिदिन | 8:45 | 10:10 | 20- अगस्त -21 | |
| 6E 7742 | IDR | JLR | प्रतिदिन | 7:45 | 9:20 | ATR | 28- अगस्त -21 |
| 6E 7743 | JLR | HYD | प्रतिदिन | 9:40 | 11:55 | 28- अगस्त -21 | |
| 6E 7744 | HYD | JLR | प्रतिदिन | 12:30 | 14:45 | 28- अगस्त -21 | |
| 6E 7745 | JLR | IDR | प्रतिदिन | 15:05 | 16:40 | 28- अगस्त -21 |
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हाथरस। विप्र शिरोमणि भगवान परशुराम की जयंती के उपलक्ष में ब्राह्मण महासभा के तत्वावधान में कल 13 अप्रैल को चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को विशाल एवं भव्य शोभायात्रा शहर में निकलेगी और शोभायात्रा में सभी विप्र बंधुओं एवं शहर की जनता से शामिल होने की अपील की गई है। उक्त संबंध में जानकारी देते हुए श्री ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष रवि रंजन द्विवेदी एडवोकेट, शोभा यात्रा संयोजक राजेश शर्मा ‘राजू’ एवं ब्राह्मण शिविर संयोजक विशाल सारस्वत ने बताया है कि विप्र शिरोमणि भगवान परशुराम की शोभायात्रा कल 13 अप्रैल को भारी धूमधाम के साथ आगरा रोड स्थित चित्रकूट व्यायामशाला से सायं 5 बजे प्रारंभ होगी और शोभा यात्रा का उद्घाटन उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं सादाबाद विधायक रामवीर उपाध्याय द्वारा किया जाएगा। उन्होंने समस्त ब्राह्मण समाज एवं शहर की जनता से अनुरोध किया है कि शोभायात्रा में भारी संख्या में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करें।
हरिद्वार| उत्तराखंड के पर्यटन संस्कृति कैबिनेट मंत्री एवं सुप्रसिद्ध समाजसेवी सतपाल महाराज ने कहा कि कुम्भ महापर्व सदियों से चला आ रहा है भारतीय सनातन संस्कृति का अद्वितीय महापर्व है जिसका अमृतमय सन्देश आत्मसात करके ही विश्व को विनाश से बचाया जा सकता है। महाराज ने प्रेमनगर आश्रम स्थितगोवर्धन हॉल में आयोजित विशाल अध्यात्म-योग-साधना शिविर के दूसरे दिन श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमें कोविड-19 के सभी नियमों का पालन करते हुए अपने दैनिक तथा सामाजिक कार्यों को करने की आदत बनानी है। महाराज ने कहा कि भारत के ऋषि-महऋषियों एवं धर्म शास्त्रों के ज्ञान का मूल है कि समस्त प्राणियों के श्वांस-प्रश्वांस में समाये प्रभु-नाम के अध्यात्म तत्व-ज्ञान से ही मानव के विनाश कारी मन पर काबू किया जा सकता है। समुद्र मंथन से अमृत कुम्भ निकला और उसकी बूँदें चार स्थानोंपर गिरीं जहां पर हर बारह वर्ष में कुम्भ मनाया जाता है। महाराज ने अपने सम्बोधन में कहा कि भारत का प्राचीन विज्ञान इतना उन्नत था कि ऋषि-महाऋषियों को यह ज्ञात था कि हर बारह वर्ष में बृहस्पति सूर्य की राशि में लौटता है जिससे महा-योग की स्थिति उत्पन्न होती है तथा इसी पावन योग में कुम्भ पर्व मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि समुद्र से निकले चौदह रत्नो में सबसे पहले विष निकला जिसके विनाश से भगवान शिव ने संसार की रक्षा की । मानव मन को अध्यात्म ज्ञान से संतुलित करके ही मन के सागर मंथन से हम अमरत्व की दिशा प्राप्त कर सकते हैं। इसलिए हमें अपने समाज की व राष्ट्र सहित समग्र मानवता की प्रगति को सुनिश्चित व सुरक्षित रखने हेतु हम सबको कुम्भ अर्थात घड़ा बनकर अच्छाइयों का संग्रह अपने अंदर करना होगा। तभी हम विनाशकारी शक्तियों का डटकर मुकाबला करते हुए अमृतत्व की शक्ति से अपने व अपने समाज की रक्षा कर भारत को एक महाशक्ति बना सकते हैं। कार्यक्रम में पूर्व कैबिनेट मंत्री अमृता रावत सहित देश से विभिन्न राज्यों से आये हुए अनेक-अनुभवी संत-महात्माओं ने अपने विचार रखे तथा कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध कलाकारों ने अपने मधुर भजनों से श्रद्धालुओं को मंत्र मुग्ध किया।