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विविधा

दयानंद गर्ल्स पी जी कॉलेज में मिशन शक्ति 5.O के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता, कानपुर 14 अक्टूबर सिविल लाइंस स्थित दयानंद गर्ल्स पी जी कॉलेज, कानपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी एवम् महाविद्यालय की मिशन शक्ति प्रभारी डॉ संगीता सिरोही के कुशल निर्देशन में छात्राओं के द्वारा नारी सुरक्षा, नारी सम्मान एवं नारी स्वावलंबन – मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए जिसमें छात्राओं ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, नारी एक रूप अनेक, महिला सशक्तिकरण तथा लैंगिक समानता आदि विषयों पर पोस्टर बनाए गए। इस अवसर पर जागरूकता रैली निकालकर, शपथ एवं संगोष्ठी आदि कार्यक्रम भी आयोजित किये गए। इस कार्यक्रम में कुल 50 वॉलिंटियर्स ने हिस्सा लिया।

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एस .एन. सेन बालिका पी.जी. महाविद्यालय में भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं महान वैज्ञानिक डॉ ए पी जे अब्दुल कलाम की जंयती मनाई गई

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर 15 अक्टूबर एस.एन. सेन बालिका विद्यालय पी.जी. महाविद्यालय में भारत रत्न, पूर्व राष्ट्रपति एवं बहुमुखी प्रतिभा के धनी डॉ ए पी जे अब्दुल कलाम जी की 93वीं जयंती विज्ञान संकाय की छात्राओं द्वारा मनाई गई। इस अवसर पर भाषण, ग्रीटिंग कार्ड एवं पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। दीप प्रज्वलन व डॉ कलाम जी के चित्र का माल्यार्पण प्राचार्या डॉ प्रोफेसर सुमन, निर्णायक मंडल के सदस्य डॉ निशि प्रकाश एवं डॉ रेखा चौबे द्वारा किया गया। विभिन्न प्रतियोगिताओं के परिणाम इस प्रकार रहे-

सर्वश्रेष्ठ भाषण : आलिया ख़ातून (बीएससी प्रथम वर्ष)
सर्वश्रेष्ठ ग्रीटिंग कार्ड : आयशा (बीएससी प्रथम वर्ष)
सर्वश्रेष्ठ पोस्टर : अंजलि गौतम (बीएससी तृतीय वर्ष)

महाविद्यालय के विज्ञान संकाय की छात्राओं ने डॉ ए पी जे अब्दुल कलाम जी के जीवन के विभिन्न पहलुओं और उनके प्रेरक विचारों को शब्दों एवं कार्ड्स के माध्यम से व्यक्त किया। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो सुमन ने कलाम जी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों के जीवन में उनके विचारों का महत्व समझाया। उन्होंने कलाम जी द्वारा आविष्कृत कलाम – राजू स्टेंट से जुड़ी अपने जीवन की घटना साझा की। इस अवसर पर सभी ने दिवंगत मशहूर उद्योगपति श्री रतन टाटा जी को भी भावभीनी श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम का संचालन बीएससी तृतीय वर्ष की छात्रा सृष्टि जायसवाल और द्वितीय वर्ष की छात्रा माही तिवारी ने किया एवं धन्यवाद ज्ञापन रसायन विज्ञान की विभागाध्यक्षा डॉ गार्गी यादव ने किया। कार्यक्रम में डॉ ममता अग्रवाल, डॉ निशा वर्मा, डॉ किरण, डॉ प्रीति पांडेय, डॉ मीनाक्षी व्यास, डॉ रचना निगम, डॉ शिवांगी यादव, डॉ समीक्षा सिंह, अमिता सिंह आदि शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।

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एस एन सेन बालिका पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज, रोटरी क्लब आर्यन कानपुर एवं सेन्टर फॉर साइट हॉस्पिटल के संयुक्त तत्वाधान में फ्री आई चेकअप आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर एस एन सेन महाविद्यालय में  फ्री आई चेकअप करवाया गया । यह कार्यक्रम सड़क सुरक्षा अभियान के अंतर्गत एव रोटरी क्लब आर्यन कानपुर एवं सेन्टर फॉर साइट हॉस्पिटल के सौजर्य से सेन स्मार्ट रूम में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मॉ सरस्वती का माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवल कर करवाया गया। कार्यक्रम में प्राचार्या प्रो सुमन ने छात्राओ को यातायात सम्बन्धित जानकारी देते हुए आँख एवं उसकी सफाई के महत्व के बार में बताया। विशिष्ट अतिथि डॉ बी एन आचार्य प्रसीडेन्ट रोटरी क्लब कानपुर आर्यन ने छात्राओ को इस जाँच के लाभो का महत्व समझाया। जानकारी देते हुए दाव प्रीति सिंह ने बताया डॉ अभिनव डॉ करन, डॉ मनोज ने सभी की जाँच करते हुए उपयुक्त सलाह दी ।कार्यक्रम में छात्र छात्राओं ने बढ़चढ़ कर भाग लिया । लगभग 150 छात्राओ एवं 23 शिक्षको एवं 15 शिक्षणेत्तर कर्मचारी ने अपने आँखो की जाँच करवाई।

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“सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा” थीम पर जागरूकता रैली निकली

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर दयानंद गर्ल्स पी जी कॉलेज, कानपुर में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत महाविद्यालय की सड़क सुरक्षा क्लब की कोऑर्डिनेटर डॉ संगीता सिरोही के निर्देशन में एनएसएस वॉलिंटियर्स तथा महाविद्यालय की अन्य छात्राओं के द्वारा *सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा* के उद्देश्य को ध्यान में रखकर एक जागरूकता रैली निकाली गई तथा सिविल लाइंस स्थित वी आई पी रोड, मर्चेंट चेंबर चौराहे पर आने जाने वाले वाहन चालकों को पोस्टर आदि के माध्यम से रोड सेफ्टी के नियमों के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारियां दी गई। दो पहिया वाहन पर चलने वाले यात्रियों को हेलमेट न लगाने के नुकसान के बारे में बताते हुए उन्हें हेलमेट लगाकर सुरक्षित ड्राइविंग करने की अपील छात्रों के द्वारा की गई तथा कार चालकों को सीट बेल्ट आवश्यक रूप से लगाने एवं ड्राइविंग करते समय मोबाइल फोन प्रयोग न करने की अपील की गई। इस कार्यक्रम में कुल 50 छात्राओं ने प्रतिभाग किया।

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स्वस्थ समाज के लिए मानसिक विकारों से छुटकारा जरूरी : डॉ अमरीन

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर कानपुर प्रेस क्लब में एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सल रिलीफ ऐड (AURA) ट्रस्ट की संस्थापक डॉ अमरीन फातिमा ने प्रेसवार्ता करते हुए बताया, ” AURA ट्रस्ट के बैनर तले ट्रस्ट के सदस्यों के सहयोग से जमीनी स्तर पर कार्य किया जा रहा है। अनेक बच्चों को नशे की लत से छुटकारा दिलाया गया है और निरन्तर छुटकारा दिलाया जा रहा है। इसके साथ ही कई लोगों को मानसिक विकारों से उबारने का काम किया है। “

डॉ फातिमा ने यह भी बताया कि संस्था का उद्देश्य है कि लोगों के बेहतर जीवन के लिए कार्य करना है।
उन्होंने अपील की कि अगर किसी को मानसिक स्वास्थ्य की समस्या है तो वह कभी भी मुझसे या ट्रस्ट के सदस्यों से सम्पर्क कर सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि लोगो को अपने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना चाहिए। भावनात्मक, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक संतुलन बनाये रखना चाहिए। क्योंकि आत्महत्या का एक कारण यह भी है।
यह भी कहा कि मानसिक स्वास्थ्य की परिभाषा के मुताबिक, लोगों को मानसिक विकारों से ही मुक्ति नहीं बल्कि भावनात्मक रूप से स्वस्थ रहना, सामाजिक जिम्मेदारियों को निभाना और मनोवैज्ञानिक रूप से मजबूत रहना भी मानसिक स्वास्थ्य का अभिन्न हिस्सा है।
प्रेस वार्ता में मौजूद फिजियोथेरेपिस्ट सौम्या बाजपेयी ने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहें और स्वस्थ समाज के निर्माण में अहम योगदान करें। उन्होंने लोगों से अपील की कि संस्था से जुड़ें और समाजहित में सहयोग करें।
प्रेस वार्ता में संस्था की संस्थापक डॉ अमरीन फातिमा, फिजियोथेरेपिस्ट सौम्या बाजपेयी, पत्रकार श्याम सिंह पंवार मौजूद रहे।

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पिछले तीन महीनों में प्रमुख मंडियों में तुअर और उड़द की कीमतों में लगभग 10 प्रतिशत की गिरावट

उपभोक्ता कार्य विभाग की सचिव श्रीमती निधि खरे ने आज रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आरएआई) और प्रमुख संगठित खुदरा श्रृंखलाओं के साथ बैठक की अध्यक्षता की और प्रमुख दालों की कीमतों के परिदृश्य और रुझानों पर चर्चा की। यह बैठक त्यौहारी सीजन को देखते हुए समय पर और महत्वपूर्ण है। गौरतलब है कि इस साल खरीफ दालों की बेहतर उपलब्धता और अधिक बुवाई क्षेत्र की वजह से हाल के महीनों में अधिकांश दालों की मंडी कीमतों में गिरावट का रुख रहा है।

उपभोक्ता कार्य विभाग की सचिव ने बताया कि पिछले तीन महीनों के दौरान प्रमुख मंडियों में तुअर और उड़द की कीमतों में औसतन लगभग 10 प्रतिशत की गिरावट आई है, लेकिन खुदरा कीमतों में ऐसी कोई गिरावट नहीं देखी गई है। चना के मामले में, पिछले एक महीने में मंडी कीमतों में गिरावट देखी गई है, लेकिन खुदरा कीमतों में वृद्धि जारी है। उन्होंने बताया कि थोक मंडी कीमतों और खुदरा कीमतों के बीच अलग-अलग रुझान खुदरा विक्रेताओं द्वारा बाजार से निकाले जा रहे अनुचित मार्जिन का संकेत देते हैं। इन रुझानों पर बारीकी से नज़र रखी जा रही है और अगर यह अंतर बढ़ता हुआ पाया जाता है तो आवश्यक उपाय शुरू करने होंगे।

इस बैठक में आरएआई के अधिकारियों और रिलायंस रिटेल लिमिटेड, विशाल मार्ट, डी मार्ट, स्पेंसर और मोर रिटेल के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

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उपभोक्ता कार्य विभाग की सचिव ने उपलब्धता की स्थिति के संबंध में बताया कि खरीफ उड़द और मूंग की आवक बाजारों में शुरू हो गई है, जबकि पूर्वी अफ्रीकी देशों और म्यांमार से तुअर और उड़द का आयात घरेलू उपलब्धता बढ़ाने के लिए लगातार आ रहा है। घरेलू उपलब्धता की सहज स्थिति इस तथ्य से भी स्पष्ट होती है कि उपभोक्ता मामलों के विभाग के स्टॉक प्रकटीकरण पोर्टल में बड़े-चेन खुदरा विक्रेताओं की ओर से घोषित दालों के स्टॉक की मात्रा हर हफ्ते बढ़ रही है।

उन्होंने यह भी बताया कि इस वर्ष खरीफ दलहनों की बुवाई का रकबा पिछले वर्ष से 7 प्रतिशत अधिक है तथा फसल की स्थिति अच्छी है। रबी की बुवाई की तैयारी में, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने दलहनों में उत्पादन बढ़ाने तथा आत्मनिर्भरता पाने के उद्देश्य से प्रत्येक प्रमुख उत्पादक राज्य को फोकस योजनाएं सौंपी हैं। आगामी रबी सीजन में किसानों के पंजीकरण तथा किसानों के बीच बीज वितरण में नैफेड और एनसीसीएफ शामिल होंगे, जैसा कि इस वर्ष खरीफ बुवाई सीजन में किया गया था।

मौजूदा उपलब्धता की स्थिति तथा मंडी कीमतों में नरमी को देखते हुए, सचिव ने खुदरा उद्योग से कहा कि वे दालों की कीमतों को उपभोक्ताओं के लिए किफायती बनाए रखने के सरकार के प्रयासों में हर संभव सहायता प्रदान करें। इस संबंध में, उन्होंने संगठित खुदरा शृंखलाओं को भारतीय दालों, विशेषकर भारतीय मसूर दाल तथा भारतीय मूंग दाल के वितरण में एनसीसीएफ तथा नैफेड के साथ समन्वय करने के लिए आमंत्रित किया, ताकि उपभोक्ताओं के बीच भारतीय दालों की पहुंच को बढ़ाया जा सके।

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प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग ने साइबर सुरक्षा की जागरूकता बढ़ाने और इलेक्ट्रॉनिक्स और विशेष अभियान 4.0 के अंतर्गत चल रही सूचना सुरक्षा मंत्रालय की पहल को बढ़ावा देने के लिए 7 अक्टूबर को सीएसओआई में साइबर सुरक्षा पर कार्यशाला का आयोजन किया

प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) ने सिविल सेवा अधिकारी संस्थान (सीएसओआई), विनय मार्ग, नई दिल्ली में साइबर सुरक्षा पर एक व्यापक कार्यशाला का आयोजन किया। यह पहल इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल (सीईआरटी-आईएन) द्वारा साइबर स्वच्छता केंद्र की स्थापना से प्रेरित थी।

इस कार्यशाला का उद्देश्य साइबर सुरक्षा जागरूकता बढ़ाना, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की पहलों को बढ़ावा देना तथा सार्वजनिक ई-गवर्नेंस प्लेटफार्मों की सुरक्षा के लिए मजबूत साइबर बुनियादी ढांचे की आवश्यकता पर जोर देना था। यह कार्यशाला विशेष अभियान 4.0 के तहत आयोजित की गई, जिसमें 200 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इनमें नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर(एनआईसी) के वरिष्ठ अधिकारी, लोक शिकायत/ केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली (सीपीजीआरएएमएस) के नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सेवा वितरण मूल्यांकन (एनईएसडीए) 2023 के नोडल अधिकारी और मंत्रालय के डिजिटल प्लेटफार्मों के निर्माण और संचालन में शामिल वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

कार्यशाला में भारत में वर्तमान साइबर सुरक्षा परिदृश्य के बारे में जागरूकता बढ़ाने, विभिन्न सरकारी अनुप्रयोगों के लिए साइबर सुरक्षा संबंधी विवेचन, और वर्तमान डिजिटल वातावरण में साइबर सुरक्षा की महत्वपूर्ण आवश्यकता पर ध्यान केंद्रित किया गया तथा उन उपायों के बारे में जानकारी प्रदान की गई जिनसे साइबर खतरों को कम किया जा सकता है।

कार्यशाला में पैनल चर्चा के दो महत्वपूर्ण दौर हुए। पहले दौर में ‘भारत में वर्तमान साइबर सुरक्षा परिदृश्य’ पर चर्चा हुई। इसकी अध्यक्षता सीईआरटी-इन के महानिदेशक डॉ. संजय बहल ने की, जिसमें श्री नवीन कुमार सिंह (डीजी, एनसीआईआईपीसी), श्री संतोष मिश्रा (साइबर सुरक्षा पर साझेदार पीडब्ल्यूसी और एनईएसडीए 2023), और सुश्री सीमा खन्ना (डीडीजी और एचओजी साइबर सुरक्षा – एनआईसी) तथा स्वयं डॉ. संजय बहल ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। दूसरी पैनल चर्चा में ‘ई-ऑफिस, भविष्य और सीपीजीआरएएमएस के लिए साइबर सुरक्षा संबंधी विवेचन’ पर ध्यान केंद्रित किया गया। इसमें श्रीमती जया दुबे (संयुक्त सचिव, डीएपीआरजी), डॉ. सुशील कुमार (डीडीजी और एचओजी, एनआईसी), सुश्री रचना श्रीवास्तव (वैज्ञानिक जी, एनआईसी – ई-ऑफिस), श्री अनिल बंसल (वरिष्ठ निदेशक (आईटी), डीओपीपीडब्ल्यू- भविष्य), और श्री संजीव सक्सेना (एसटीडी, एनआईसी, डीएआरपीजी- सीपीजीआरएएमएस) ने अपने विचार व्यक्त किए।

उद्घाटन सत्र की शुरुआत प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) के अतिरिक्त सचिव श्री पुनीत यादव के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने वर्तमान डिजिटल वातावरण में मजबूत साइबर बुनियादी ढांचे के निर्माण के महत्व के बारे में एक ठोस संदेश के साथ अपनी बात रखकर विचार-विमर्श का माहौल तैयार किया। उन्होंने लोक सेवाओं में पारदर्शिता और विश्वास सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षित और कुशल ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म की आवश्यकता पर जोर दिया।

सीईआरटी-इन के महानिदेशक डॉ. संजय बहल ने भारत में अनुकूल साइबर व्यवस्था बनाने के उद्देश्य से चल रही पहलों पर चर्चा की। उन्होंने सुरक्षित डिजिटल इंडिया के दृष्टिकोण के अनुरूप साइबर खतरों के विरुद्ध डिजिटल प्लेटफॉर्म को मजबूत करने के प्रयासों पर जोर दिया। पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (डीओपीपीडब्ल्यू) के संयुक्त सचिव श्री ध्रुवज्योति सेनगुप्ता ने भविष्य पोर्टल की साइबर सुरक्षा विशेषताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने पेंशन मामलों से जुड़ी संवेदनशील सूचनाओं की सुरक्षा और पेंशनभोगियों को सुरक्षित सेवा सुनिश्चित करने में डेटा सुरक्षा और गोपनीयता के महत्व पर जोर दिया।

प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग के सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने भी साइबर सुरक्षा उपायों को मजबूत करने और ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म की सुरक्षा की महत्वपूर्ण आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सेवा वितरण मूल्यांकन (एनईएसडीए) जैसी प्रमुख पहलों पर भी प्रकाश डाला, जिसमें सूचना सुरक्षा और गोपनीयता के मुख्य मापदंडों के आधार पर यह सुनिश्चित किया जाता है कि सुरक्षित और कुशलतापूर्ण तरीके से लोक सेवाएं प्रदान की जाएं।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव श्री एस. कृष्णन ने साइबर स्वच्छता केंद्र (बॉटनेट क्लीनिंग और मालवेयर एनालिसिस सेंटर) जैसी पहलों के माध्यम से भारत के साइबर सुरक्षा परिदृश्य को मजबूत करने में चल रहे भारत सरकार के प्रयासों को रेखांकित किया। CERT-In के नेतृत्व में यह प्रयास देश का सुरक्षित डिजिटल भविष्य सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

सीईआरटी-इन के महानिदेशक डॉ. संजय बहल के संचालन में पहले पैनल ने राष्ट्रीय साइबर व्यवस्था के निर्माण के प्रयासों का अवलोकन किया। एनसीआईआईपीसी के श्री नवीन कुमार सिंह ने महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की साइबर खतरों से सुरक्षा की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। पीडब्ल्यूसी के श्री संतोष मिश्रा ने एनईएसडीए 2023 के तहत डिजिटल परिवर्तन को आगे बढ़ाने वाले साइबर सुरक्षा के वर्तमान रुझानों पर चर्चा की, और एनआईसी की सुश्री सीमा खन्ना ने सरकारी डिजिटल प्लेटफार्मों के सामने आने वाली चुनौतियों और उन्हें सुरक्षित करने के लिए एनआईसी के प्रयासों के बारे में बताया। दूसरी पैनल चर्चा ई-ऑफिस, भविष्य और सीपीजीआरएएमएस के लिए साइबर सुरक्षा विचारों पर केंद्रित थी। इसका संचालन डीएआरपीजी की संयुक्त सचिव श्रीमती जया दुबे ने किया। उन्होंने ई-ऑफिस, भविष्य और सीपीजीआरएएमएस जैसे प्रमुख सरकारी प्लेटफार्मों की कुशलता और समग्रता को बढ़ाने के प्रयासों में मजबूत साइबर सुरक्षा उपायों को शामिल करने के महत्व को रेखांकित किया।

डीएआरपीजी की संयुक्त सचिव श्रीमती जया दुबे के संचालन में दूसरे पैनल ने ई-ऑफिस, भविष्य और सीपीजीआरएएमएस के लिए साइबर सुरक्षा उपायों की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। डॉ. सुशील कुमार ने सरकारी कामकाज के निर्बाध संचालन के लिए ई-ऑफिस सुरक्षा पर जोर दिया, जबकि सुश्री रचना श्रीवास्तव ने उत्पादकता बढ़ाने में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। श्री अनिल बंसल ने भविष्य पोर्टल में डेटा गोपनीयता की आवश्यकता पर जोर दिया और श्री संजीव सक्सेना ने सुरक्षित नागरिक शिकायत निवारण व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सीपीजीआरएएमएस की साइबर सुरक्षा रणनीतियों का उल्लेख किया।

कार्यशाला के समापन में श्रीमती सरिता तनेजा ने धन्यवाद ज्ञापन किया। उन्होंने श्री एस. कृष्णन और श्री वी. श्रीनिवास के नेतृत्व की प्रशंसा की। इस कार्यक्रम में सुरक्षित ई-गवर्नेंस के लिए साइबर सुरक्षा के विशेष महत्व को रेखांकित किया गया, तथा भारत की डिजिटल व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएपीआरपीजी) की पहलों को प्रदर्शित किया गया।

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क्राइस्ट चर्च महाविद्यालय में थियेटर प्रोग्राम कोर्स (एड ऑन थियेटर इन एक्टिंग स्किल,थियेटर,ओरिनेंटेशन, डिक्शन) संपन्न

भारतीय स्वरूप संवाददाता क्राइस्ट चर्च महाविद्यालय कानपुर के डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन सभागार में 6 दिनों से चल रहे थियेटर प्रोग्राम कोर्स जिसका विषय “एड ऑन थियेटर इन एक्टिंग स्किल,थियेटर,ओरिनेंटेशन, डिक्शन ” के अन्तिम दिवस में प्राचार्य एवम कार्यक्रम संरक्षक जोसेफ डेनियल के मार्गदर्शन एवम दिशानिर्देश से समापन समारोह के उपलक्ष में एक बहुचर्चित हास्यात्मक नाट्य “अंधेर नगरी चौपट राजा” जोकि प्रो. विभांशु वैभव की कल्पना से ओत–प्रोत और प्रतिभाशाली निर्देशन के द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसमे रित्विक(चौपट राजा), कांची(मंत्री), सुंदरम(फरियादी), आर्यन(कल्लू बनिया), मनुज(महंत), नागेंद्र(कोतवाल), वैष्णवी(गोवर्धनदास), उर्वशी(नारायणदास)ओजश्विनी, यशस्वी (दरबान), तनिस्का(भिस्तीवाला) जैसे किरदारों ने सभागार में उपस्थित दर्शकों को हँसा हँसा कर लोट पोट कर दिया। प्रो.विभांशु ने नाट्य प्रस्तुति के बारे में बात करते हुए कहा ” इसी लिए नाट्यशास्त्र और रंगमंच को पंचम वेद की श्रेणी में रखा गया है प्रतिभागियो को इसी प्रकार अपनी प्रतिभा का अवलोकन करते रहना चाहिए “साथ ही प्रतिभागियों को इसी प्रकार से निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा और आशीर्वाद दिया। मुख्य अतिथि मिसेज सुसी जोसेफ ने नाट्य प्रस्तुति की तारीफ करते हुए कहा की ” इस प्रकार की नाट्य प्रस्तुति बच्चों के व्यक्तित्व के विकास में संजीवनी का कार्य करती है। “महाविद्यालय के प्राचार्य एवम कार्यक्रम संरक्षक प्रो. जोसेफ डेनियल जी ने कहा  “प्रतिभागियों का नाट्य रंगमंच के प्रति ये रुझान और उनकी कर्तव्यनिष्ठा उनके उज्ज्वल भविष्य कि कुंजी बनेगी ” कार्यक्रम संयोजक प्रो. मीत कमल ने बीते छह दिनों से चल रहे एड ऑन थियेटर कार्यक्रम का संपूर्ण लेखाजोखा देते हुए कहा “बच्चों ने पूरे सप्ताह अपनी कला और मंचन को निखारने का काम किया है और आगे भी करते रहेंगे “
कार्यक्रम सह संयोजक डॉ प्रेरणा दीक्षित जी ने कार्यक्रम की सफलता के पश्चात धन्यवाद ज्ञापन दिया! हास्य एवम उमंगों से भरपूर के इस नाट्य प्रस्तुति ने ‘कभी किसी लोभ मोह से ग्रसित प्रलोभन में नही पड़ना चाहिए’ ऐसी सीख देते हुए सबके दिलों को जीत लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मिसेज सुसी जोसेफ, महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. जोसेफ डेनियल, उप प्राचार्या प्रो. श्वेता चंद्रा, कार्यक्रम संयोजक प्रो. मीत कमल, सह संयोजक डॉ प्रेरणा दीक्षित, डॉ अर्चना वर्मा तथा कोर्स में प्रतिभागी छात्र -छात्रायें एवम उन सभी के अभिभावकगण , अन्य अतिथिगण छात्र कोऑर्डिनेटर कांची त्रिपाठी, सुंदरम मिश्रा, आर्यन जयसवाल एवम महाविद्यालय शिक्षकगण एवम छात्र– छात्रा मौजूद रहे।।

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स्त्री” 2024 “कर्टेन रेज़र” कार्यक्रम का सफल आयोजन

भारतीय स्वरूप संवाददाता    कानपुर 5 अक्टूबर – महिला सशक्तिकरण को समर्पित राष्ट्रीय सम्मेलन “स्त्री”, 2024 का कर्टेन रेज़र कार्यक्रम कानपुर के दीन दयाल उपाध्याय सभागार में भव्य रूप से संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने हिस्सा लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रो. सुधीर अवस्थी (प्रो-वाइस चांसलर) के प्रेरणादायक संबोधन से हुई, जिसमें उन्होंने आगामी”स्त्री”, 2024 सम्मेलन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह सम्मेलन महिलाओं के नेतृत्व और उनकी बढ़ती भूमिका के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा। इसके बाद CDC के निदेशक डॉ. राजेश अवस्थी और कुलसचिव डॉ. अनिल यादव ने भी महिला सशक्तिकरण के बढ़ते महत्व और उनके योगदान पर विचार रखे।

विभा संगठन मंत्री श्री अशुतोष सिंह और आईआईटी कानपुर के प्रो. अजीत चौधरी उपाध्यक्ष विभा ने भी इस अवसर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और कार्यक्रम को गरिमा प्रदान की।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ताओं के रूप में डॉ. संगीता सरस्वत ने समग्र स्वास्थ्य प्रबंधन (Holistic Health Management) पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने महिलाओं के समग्र स्वास्थ्य के महत्व और उसे प्रबंधित करने के तरीकों पर गहन चर्चा की। इसके अलावा, डॉ. तुषार संधान ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग के माध्यम से शिक्षा, विज्ञान और कला को जोड़ने के विषय पर एक जानकारीपूर्ण सत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने इन क्षेत्रों के बीच हो रहे अभूतपूर्व परिवर्तनों को रेखांकित किया और बताया कि कैसे नई तकनीकें इन क्षेत्रों में क्रांति ला रही हैं।

कार्यक्रम का संचालन प्रो. सुनीता वर्मा द्वारा किया गया, जिन्होंने अपनी कुशल वाणी से कार्यक्रम को सरस और रोचक बनाए रखा। अंत में डॉ. शशि बाला सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए सभी अतिथियों और उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो.Rashmi Gore,सीमा द्विवेदी और डॉ. नूतन वोहरा ने की, जिन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

यह कर्टेन रेज़र कार्यक्रम दिसंबर में होने वाले स्ट्री 2024 सम्मेलन के लिए मंच तैयार करता है, और महिला सशक्तिकरण परआप महत्वपूर्ण विचार-विमर्श की आवश्यकता को बल देता है। कार्यक्रम ने नारी शक्ति और समाज में उनके योगदान को लेकर एक नई दिशा देने का कार्य किया है।

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प्रधानमंत्री स्मृति चिन्हों की ई-नीलामी 31 अक्टूबर, 2024 तक बढ़ाई गई

भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को मिले स्मृति चिन्हों के अनूठे संग्रह की असाधारण ई-नीलामी को तिथि को आगे बढ़ा दिया है। यह नीलामी भारत की समृद्ध सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक विरासत को दर्शाती है।

आरंभ में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर, 2024 तक निर्धारित यह नीलामी अब 31 अक्टूबर 2024 तक भागीदारी के लिए खुली रहेगी। इच्छुक व्यक्ति आधिकारिक वेबसाइट: https://pmmementos.gov.in/ के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं और नीलामी में भाग ले सकते हैं।

इस नीलामी में प्रस्तुत की जाने वाली वस्तुओं में पारंपरिक कला रूपों की एक श्रृंखला है, जिसमें जीवंत चित्रकारी, भव्य मूर्तियां, स्वदेशी हस्तशिल्प, आकर्षक लोक और आदिवासी कलाकृतियाँ प्रदर्शित की गई हैं। इन खजानों में पारंपरिक अंगवस्त्र, दुशाला, शिरोवस्ट्र और औपचारिक तलवारें सहित सम्मान और आदर के प्रतीक के रूप में पारंपरिक रूप से दी जाने वाली वस्तुएँ शामिल हैं।

खादी का दुशाला, चांदी की जरदोज़ी के वस्त्र, माता नी पचेड़ी कला, गोंड कला और मधुबनी कला जैसी उल्लेखनीय वस्तुएं भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत का प्रतिनिधित्व करते हुए, इनमें चार चांद लगाती हैं । नीलामी की एक प्रमुख विशेषता पैरा ओलंपिक, 2024 से खेल स्मृति चिन्ह हैं। प्रत्येक खेल स्मृति चिन्ह एथलीटों के असाधारण एथलेटिकता और दृढ़ संकल्प को दर्शाता है, जो उनकी कड़ी मेहनत और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता का प्रमाण है। यह स्मृति चिन्ह न केवल उनकी उपलब्धियों का सम्मान है बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा है।

वर्तमान ई-नीलामी सफल नीलामियों की श्रृंखला में छठा संस्करण है, जिसे शुरू में जनवरी 2019 में प्रारंभ किया गया था। पिछले संस्करणों की तरह, नीलामी के इस संस्करण से प्राप्त आय भी नमामि गंगे परियोजना में योगदान देगी। यह परियोजना केंद्र सरकार की प्रमुख पहल है जो हमारी राष्ट्रीय नदी, गंगा के संरक्षण और पुनरुद्धार और इसके कमजोर पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा के लिए समर्पित है। इस नीलामी के माध्यम से प्राप्त धन का उपयोग इस श्रेष्ठ कार्य में किया जाएगा जो पर्यावरण के संरक्षण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।  

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