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युवा जगत

बिक्री (पुनर्निर्गम) की घोषणा (i) “6.68% सरकारी प्रतिभूति 2040”  और (ii) “6.90% सरकारी प्रतिभूति 2065”

भारत सरकार ने (i) मूल्य आधारित नीलामी, विविध मूल्य विधि के माध्यम से 16,000 करोड़ रुपये (अंकित) की अधिसूचित राशि के लिए “6.68% सरकारी प्रतिभूति 2040” और (ii) मूल्य आधारित नीलामी, विविध मूल्य विधि के माध्यम से 16,000 करोड़ रुपये (अंकित) की अधिसूचित राशि के लिए “6.90% सरकारी प्रतिभूति 2065” की बिक्री (पुनर्निर्गम) करने की घोषणा की है । भारत सरकार के पास उपरोक्त प्रत्येक प्रतिभूति में 2,000 करोड़ रुपये की सीमा तक, अतिरिक्त अभिदान बनाए रखने का विकल्प होगा। ये नीलामियाँ, भारतीय रिज़र्व बैंक, मुंबई कार्यालय, फोर्ट, मुंबई द्वारा 26 सितम्बर, 2025 (शुक्रवार) को संचालित की जाएगी।   

प्रतिभूतियों की बिक्री की अधिसूचित राशि के 5 प्रतिशत तक की राशि सरकारी प्रतिभूतियों की नीलामी में अप्रतिस्पर्धी बोली सुविधा योजना के अनुसार पात्र व्‍यक्तियों और संस्थाओं को आवंटित की जाएगी।

नीलामी हेतु प्रतिस्पर्धी और अप्रतिस्पर्धी दोनों बोलियां भारतीय रिज़र्व बैंक कोर बैंकिंग सोल्यूशन (ई-कुबेर प्रणाली) पर इलेक्ट्रॉनिक प्रपत्र में 26 सितम्बर, 2025 को प्रस्तुत की जानी चाहिए। अप्रतिस्पर्धी बोलियां पूर्वाह्न 10:30 बजे से पूर्वाह्न 11:00 बजे के बीच और प्रतिस्पर्धी बोलियां पूर्वाह्न 10:30 बजे से पूर्वाह्न 11:30 बजे के बीच प्रस्तुत की जानी चाहिए।   

नीलामियों के परिणाम की घोषणा 26 सितम्बर, 2025 (शुक्रवार) को की जाएगी और सफल बोलीदाताओं द्वारा भुगतान 29 सितम्बर, 2025 (सोमवार) को किया जाएगा।  

ये प्रतिभूतियां भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा उनके समय समय पर यथा संशोधित परिपत्र

दिनांक 24 जुलाई, 2018 के सं. आरबीआई/2018-19/25, तहत जारी “केन्‍द्र सरकार की प्रतिभूतियों में जब निर्गमित लेन-देन” संबंधी दिशानिर्देशों के अनुसार “जब निर्गमित” कारोबार के लिए पात्र होंगी।

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रक्षा मंत्री ने मोरक्को में भारतीय समुदाय से मुलाकात की और ऑपरेशन सिंदूर में भारत के संयम और संकल्प पर प्रकाश डाला

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने  रबात, मोरक्को में भारतीय समुदाय के साथ बातचीत की। भारतीय समुदाय ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सशस्त्र बलों की निर्णायक कार्रवाई की सराहना की। रक्षा मंत्री ने दोहराया कि पहलगाम में निर्दोष भारतीयों पर हुए कायरतापूर्ण हमले का जवाब देने के लिए सशस्त्र बलों को पूरी आजादी दी गई थी। देश के दृढ़ लेकिन संयमित दृष्टिकोण का वर्णन करने के लिए रामचरितमानस का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि भारत की कार्रवाई सोची-समझी और आक्रामक नहीं थी, “हमने धर्म देख कर नहीं, कर्म देख कर मारा है।”

भारतीयों के साथ बातचीत के दौरान श्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले एक दशक में भारत की बहुआयामी प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वैश्विक और भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद, भारत दुनिया की 11वीं से चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और जल्द ही शीर्ष तीन में शामिल होने के लिए तैयार है। रक्षा मंत्री ने भारत के डिजिटल परिवर्तन, ज्ञान अर्थव्यवस्था में तेज़ प्रगति और एक दशक पहले 18 यूनिकॉर्न से 118 तक स्टार्टअप्स की संख्या में हुई वृद्धि का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत के रक्षा उद्योग ने 1.5 लाख करोड़ रुपये के उत्पादन और 100 से अधिक देशों को 23,000 करोड़ रुपये से अधिक के रक्षा निर्यात की उपलब्धि हासिल की है।

श्री राजनाथ सिंह ने भारतीय समुदाय की कड़ी मेहनत, समर्पण और ईमानदारी की प्रशंसा की, उन्होंने विश्व धर्म संसद में स्वामी विवेकानंद के शब्दों को याद करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में, चरित्र ही व्यक्ति की असली पहचान है। भारतीय समुदाय ने मजबूत आर्थिक नींव और बढ़ती सैन्य शक्ति में निहित भारत की वैश्विक भूमिका पर गर्व व्यक्त किया।

 

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कुराश के लिए ओपन सिलेक्शन ट्रायल्स भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI CRC) भोपाल में आयोजित किए जाएंगे

भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के अंतर्गत गठित कुराश की आयोजन समिति द्वारा अक्टूबर में होने वाली कुराश विश्व चैंपियनशिप के लिए ओपन सिलेक्शन ट्रायल्स का आयोजन किया जा रहा है। यह ट्रायल्स 18 से 20 सितंबर 2025 तक भारतीय खेल प्राधिकरण, केंद्रीय क्षेत्रीय केंद्र (CRC), भोपाल (मध्यप्रदेश) में आयोजित किए जाएंगे।

ये ट्रायल्स उन खिलाड़ियों के लिए खुले हैं जिन्होंने वर्ष 2022 से अब तक किसी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय कुराश प्रतियोगिता में कैडेट, जूनियर या सीनियर श्रेणी में कम से कम एक पदक प्राप्त किया हो, और जिनकी आयु 17 से 35 वर्ष के बीच (जन्म 1 जनवरी 1990 से 31 दिसंबर 2008 के बीच) हो। साथ ही खिलाड़ियों के पास कम से कम छह महीने की वैधता वाला भारतीय पासपोर्ट और पंजीकृत चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी किया गया वैध मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। हालांकि, जो खिलाड़ी वर्तमान में किसी अन्य मार्शल आर्ट्स की विश्व रैंकिंग सूची में शामिल हैं, वे इन ट्रायल्स के लिए पात्र नहीं होंगे।

पुरुषों के लिए मान्य भार वर्ग -60 किग्रा, -66 किग्रा, -73 किग्रा, -81 किग्रा, -90 किग्रा, -100 किग्रा, -120 किग्रा, और +120 किग्रा हैं, जबकि महिलाओं के लिए -48 किग्रा, -52 किग्रा, -57 किग्रा, -63 किग्रा, -70 किग्रा, -78 किग्रा, -87 किग्रा, और +87 किग्रा भार वर्ग निर्धारित हैं। प्रतिभागियों को मूल पासपोर्ट (आयु सत्यापन हेतु), दो हालिया पासपोर्ट आकार के फोटो, वर्ष 2022 से अब तक की कुराश प्रतियोगिता में प्राप्त योग्यता प्रमाण पत्र, और भरा हुआ स्वघोषणा पत्र (Annexure-A) साथ लाना अनिवार्य है। इसके अलावा, खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार ग्रीन और ब्लू कुराश यख्ताक (Yakhtak) यूनिफॉर्म भी लाना होगा।

ट्रायल्स से संबंधित अधिक जानकारी के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट https://sportsauthorityofindia.nic.in/sai_new/    पर विजिट करें।

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सशक्त नारी समृद्ध प्रदेश:मिशन शक्ति-पंचम चरण कार्यशाला आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर दयानंद कॉलेज कानपुर में ग्वालटोली थाना पुलिस टीम के द्वारा सब इंस्पेक्टर दुर्गेश राय एवं किरण के नेतृत्व में मिशन शक्ति (पंचम चरण) के अंतर्गत एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। महाविद्यालय मिशन शक्ति कोर्डिनेटर डॉ संगीता सिरोही बताया कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य छात्राओं एवं महिला शिक्षकों को नारी सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन से संबंधित विभिन्न योजनाओं, सेवाओं तथा महिला हेल्पलाइन सुविधाओं के बारे में जानकारी देना था।

कार्यशाला में पुलिस अधिकारियों द्वारा छात्राओं को वुमन हेल्पलाइन 1090, 112, 181, महिला पुलिस बीट, मिशन शक्ति केंद्र तथा महिला परामर्श केंद्र जैसी सेवाओं के विषय में विस्तार से बताया गया। साथ ही स्वयं की सुरक्षा हेतु आत्मरक्षा के उपाय, साइबर क्राइम से बचाव, और अपराध की त्वरित रिपोर्टिंग पर विशेष जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में उपस्थित 100 से अधिक छात्राओं ने सक्रिय रूप से सहभागिता की तथा प्रश्नोत्तर सत्र में अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। अंत में, सभी को नारी सशक्तिकरण हेतु समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प दिलाया गया। कार्यशाला छात्राओं के लिए अत्यंत उपयोगी रही, जिससे उनमें आत्मविश्वास और जागरूकता दोनों का विकास हुआ।

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स्वच्छता पखवाड़ा – स्वच्छता ही सेवा के अंतर्गत स्वच्छता अभियान

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर एस एन सेन महाविद्यालय में *स्वच्छता पखवाड़ा – स्वच्छता ही सेवा* के अंतर्गत स्वच्छता अभियान आयोजित किया गया। यह अभियान कॉलेज की एनएसएस इकाई कार्यक्रम अधिकारी डॉ श्वेता रानी के नेतृत्व में संपन्न हुआ।मीडिया प्रभारी डॉ प्रीति सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि इस अवसर पर 70 से अधिक छात्रों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और महाविद्यालय परिसर में सफाई कार्य किया। स्वयंसेवकों ने कूड़ा-कचरा एकत्र कर उचित स्थान पर निस्तारित किया तथा आमजन को स्वच्छता का संदेश दिया।

यह कार्यक्रम छात्रों की जागरूकता, जिम्मेदारी और *स्वच्छ भारत अभियान* के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण रहा। अंत में विद्यार्थियों ने यह संकल्प लिया कि वे अपने घर, मोहल्ले और समाज में स्वच्छता का संदेश निरंतर फैलाते रहेंगे।

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श्रीराम जन्म होते ही गूंजे गीत, बाल कलाकारो ने मन मोहा

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर। श्रीराम रामलीला सोसाइटी परेड में रामलीला शुरू हुई। लीला के पहले दिन नारद मोह, राम जन्म और बाल लीलाओं का भावपूर्ण मंचन किया गया। प्रभु श्रीराम के जन्म लेते ही अयोध्यावासी खुशी से झूम उठे। हर घर में लोग बधाइयां गाने लगे। महाराज दशरथ ने प्रभु राम को गोद में लेकर सभी अयोध्यावासियों को दर्शन कराए। लीला के मंचन में कलाकारों ने संवाद के माध्यम से ऐसा समा बांध की माहौल भक्तिमयीं हो गया । भगवान राम की जन्म और बाल लीला में प्रथम साहू सहित अन्य बच्चों ने अपनी लीला से सभी का मन मोह लिया । मंचन से पहले दोपहर में रामलीला भवन में मुकुट पूजन हुआ। शाम को बैंड बाजे के साथ रामलीला भवन से शोभायात्रा निकाली गई जो परेड रामलीला मैदान पहुंच कर समाप्त हुई । भगवान लक्ष्मी नारायण जी की आरती के बाद लीला का मंचन शुरू हुआ । व्यास महेश दत्त चतुर्वेदी के भजनों से भक्त भाव विभोर हो गए । इस दौरान सोसाइटी प्रधानमंत्री कमलकिशोर अग्रवाल, लाल जी शुक्ल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजीव गर्ग, संरक्षक राकेश गर्ग, मंत्री आलोक अग्रवाल, संयोजक जगत नारायण गुप्ता , अशोक अग्रवाल लोकेश अग्रवाल और वीरेंद्र अग्रवाल मौजूद थे ।

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कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से 2 अक्टूबर, 2025 से विशेष अभियान 5.0 का आयोजन किया जाएगा

प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार कृषि एवं किसान कल्याण विभाग 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर, 2025 तक विशेष अभियान 5.0 के तहत विभिन्न गतिविधियां संचालित करने की योजना बना रहा है। इस अभियान का उद्देश्य स्वच्छता को संस्थागत बनाना, सरकारी कार्यालयों में लंबित मामलों को कम करना और इन कार्यालयों के साथ आम जनता के अनुभव को बेहतर बनाना है। अभियान का महत्वपूर्ण पहलू सरकारी कार्यालयों में उत्पन्न ई-कचरे का नियमों के अनुसार निपटान करना है।

पिछले वर्ष विशेष अभियान 4.0 के तहत कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने पूरे भारत में 1791 स्थलों की सफाई की। इससे कार्यालयों में लगभग 55473 वर्ग फुट जगह खाली कराया गया और 11299 किलोग्राम कचरे का निपटान किया गया। इसके साथ ही 61,07,784/- रुपये की राजस्व की प्राप्ति हुई। इसके अलावा 22269 जन शिकायतों का निपटारा किया गया। 53660 भौतिक फाइलों की समीक्षा की गई और 19241 फाइलों को हटाया गया।

विशेष अभियान 5.0 के लिए विभाग ने पहले ही नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिया है। इस विभाग के सभी प्रभागों और सभी अधीनस्थ/संलग्न कार्यालय, सार्वजनिक उपक्रम, स्वायत्त निकाय और डीएएंडएफडब्ल्यू के प्रशासनिक नियंत्रण वाले प्राधिकरण से अभियान को सफल बनाने के लिए इसमें सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया गया है।

डीएएंडएफडब्ल्यू के सचिव ने स्वच्छता ही सेवा और विशेष अभियान 5.0 के दौरान किए जाने वाले कार्यों पर चर्चा करने के लिए इस विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। संयुक्त सचिव की अध्यक्षता में विभाग के नोडल अधिकारी और उसके संबद्ध एवं अधीनस्थ कार्यालयों आदि के साथ दो बार विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठकें आयोजित की गईं।

उनसे अनुरोध किया गया कि वे तैयारी के प्रारंभिक चरण के दौरान स्वच्छता स्थलों, स्थान प्रबंधन, ई-कचरे, स्क्रैप और अनावश्यक वस्तुओं के निपटान, सांसदों, राज्य सरकारों, अंतर-मंत्रालयी संदर्भों, संसदीय आश्वासनों, पीएमओ संदर्भों, लोक शिकायतों और उसकी अपीलों तथा रिकॉर्ड प्रबंधन आदि से संबंधित लक्ष्यों की पहचान करें और उन्हें प्रस्तुत करें।

डीएएंडएफडब्ल्यू के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत सभी प्रभागों/क्षेत्रीय और बाहरी कार्यालयों के संबंध में विशेष अभियान 5.0 के लिए प्रारंभिक चरण में निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए 2 अक्टूबर, 2025 से कार्यान्वयन चरण शुरू किया जाएगा।

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रेल मंत्रालय ने महिलाओं, किशोरियों और बच्चों के लिए स्वास्थ्य सेवा एवं पोषण को मजबूत करने हेतु “स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान” में भागीदारी की

 प्रधानमंत्र नरेन्द्र मोदी ने आज “स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान” का शुभारंभ किया। यह अभियान पूरे भारत में महिलाओं, किशोरियों और बच्चों के लिए स्वास्थ्य सेवा एवं  पोषण संबंधी सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। रेल मंत्रालय, एक सहयोगी मंत्रालय के रूप में, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के संयुक्त नेतृत्व में चलने वाले इस पहल में योगदान दे रहा है।

इस पहल के तहत, उत्तर रेलवे केन्द्रीय अस्पताल ने आज “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” अभियान में अपनी भागीदारी की घोषणा की। उत्तर रेलवे केन्द्रीय अस्पताल में आयोजित इस शुभारंभ समारोह में केन्द्रीय रेल, सूचना और प्रसारण, तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री सतीश कुमार और उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक श्री अशोक कुमार वर्मा उपस्थित थे। उनकी उपस्थिति ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य आंदोलन के प्रति भारतीय रेल की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

“स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” अभियान का उद्देश्य सामुदायिक स्तर पर व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। यह कार्यक्रम रक्ताल्पता (एनीमिया), उच्च रक्तचाप और मधुमेह सहित विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं की जांच करके उनकी शीघ्र पहचान और उपचार सुनिश्चित करने के लिए डिजाइन किया गया है।

उत्तर रेलवे केन्द्रीय अस्पताल की सीएमडी सुश्री रुश्मा टंडन ने कहा, “हमारी महिलाओं का स्वास्थ्य एक मजबूत परिवार और एक मजबूत राष्ट्र की नींव है।” उन्होंने आगे कहा, “इस महत्वपूर्ण अभियान में भाग लेकर, हम रेलवे कर्मचारियों, उनके परिवारों और व्यापक समुदाय को सुलभ और उच्च-गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह पहल एक स्वस्थ और अधिक उत्पादक समाज के निर्माण में योगदान देने के हमारे मिशन के अनुरूप है।”

इससे पहले दिन में, श्री अश्विनी वैष्णव ने सेवा पर्व के तहत आयोजित एक विशाल रक्तदान अभियान के दौरान रक्तदान किया।

सेवा की भावना को जारी रखते हुए, रेल मंत्रालय ने आज नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के अजमेरी गेट पर ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान 2025 का शुभारंभ किया। इस अभियान का उद्घाटन रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री सतीश कुमार ने किया।

यह कार्यक्रम भारतीय रेल नेटवर्क में एक पखवाड़े तक चलने वाले स्वच्छता अभियान का शुभारंभ है। सतीश कुमार ने नई दिल्ली स्टेशन पर रेल अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। शपथ लेने के बाद, उन्होंने स्टेशन की स्वच्छता में योगदान देने हेतु श्रमदान में सक्रिय रूप से भाग लिया। रेलवे बोर्ड की सचिव सुश्री अरुणा नायर ने रेल भवन में अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई।

आगामी 2 अक्टूबर को समाप्त होने वाले इस अभियान में स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जायेंगी। यह पहल स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण बनाए रखने की सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर देती है।

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सामाजिक सुरक्षा के लिए एसपीआरईई 2025 पर ज़ोर

कर्मचारी कल्याण कानूनों और योजनाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी), हरियाणा क्षेत्रीय कार्यालय ने फरीदाबाद प्रोग्रेसिव स्कूल कॉन्फ्रेंस के बैनर तले जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया। इस संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य स्कूल अधिकारियों और प्रतिष्ठान मालिकों को कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 के वैधानिक प्रावधानों और ईएसआई योजना के पंजीकरण के लाभों के बारे में शिक्षित करना था।

कार्यक्रम में ईएसआई अधिनियम के अनुसार, 10 या अधिक कर्मचारियों को रोजगार देने वाले प्रत्येक स्कूल, कारखाने, क्लिनिक, अस्पताल, दुकान या प्रतिष्ठान को इस योजना के तहत अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराने पर प्रकाश डाला गया है। 10 कर्मचारियों की सीमा पूरी होने के 15 दिनों की अवधि के भीतर पंजीकरण पूरा किया जाना चाहिए। इस बात पर बल दिया गया कि ईएसआईसी पंजीकरण न केवल श्रम कानूनों का अनुपालन सुनिश्चित करता है, बल्कि ईएसआई पंजीकरण न होने के मामलों में, नियोक्ताओं को कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम, 1923 और मातृत्व लाभ अधिनियम, 1961 के तहत उत्पन्न होने वाली वित्तीय देनदारियों से भी बचाता है।

प्रतिभागियों को बताया गया कि कई प्रतिष्ठान, वर्षों से पात्र होने के बावजूद, ईएसआईसी के साथ पंजीकरण कराने में विफल रहे हैं, इससे उनके कर्मचारी महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा लाभों से वंचित हो रहे हैं। अनुपालन न करने पर पूर्वव्यापी अंशदान देनदारियां, ब्याज, दंड और कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इन चिंताओं के समाधान और स्वैच्छिक अनुपालन को बढ़ावा देने के लिए, सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अंतर्गत ईएसआईसी द्वारा शुरू की गई नियोक्ताओं और कर्मचारियों के पंजीकरण को बढ़ावा देने की योजना (एसपीआरईई) 2025 के बारे में जानकारी दी गई। यह योजना पात्र प्रतिष्ठानों को पूर्वव्यापी जांच या मांग के डर के बिना ईएसआई योजना के तहत पंजीकरण कराने का अवसर प्रदान करती है। एसपीआरईई 2025 के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:

नए पंजीकृत प्रतिष्ठानों के पिछले अभिलेखों का निरीक्षण नहीं;

पिछले अंशदान, ब्याज या दंड की मांग नहीं;

पिछले गैर-अनुपालन के लिए कोई कानूनी कार्रवाई नहीं;

प्रतिष्ठान स्वामी का पंजीकरण पंजीकरण की तिथि से ही मान्य होगा।

एसपीआरईई 2025 के अंतर्गत, नियोक्ता और कर्मचारी ईएसआईसी के सभी लाभों का लाभ उठा सकते हैं। इनमें चिकित्सा देखभाल, बीमारी और मातृत्व लाभ, स्थायी विकलांगता और आश्रित पेंशन, अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना के अंतर्गत बेरोजगारी भत्ता, अंतिम संस्कार व्यय, कौशल विकास, व्यावसायिक प्रशिक्षण और पुनर्वास शामिल हैं।

यह विशेष पंजीकरण योजना 31 दिसंबर 2025 तक खुली रहेगी। इससे प्रतिष्ठानों को अपनी स्थिति को नियमित करने और अपने कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा कवरेज प्रदान करने के लिए सीमित समय मिलेगा।

सहायता या स्पष्टीकरण चाहने वाले प्रतिष्ठान मालिक तत्काल सहायता के लिए समर्पित हेल्पलाइन 0129-2222980/981 पर संपर्क कर सकते हैं।

इस संगोष्ठी में लगभग 40 नियोक्ताओं और शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व ईएसआईसी हरियाणा के क्षेत्रीय निदेशक सुगन लाल मीणा ने किया और ईएसआई योजना के तहत वैधानिक दायित्वों और लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। टी.एस. दलाल (मुख्य संरक्षक),  नरेंद्र परमार (अध्यक्ष), राजदीप सिंह (महासचिव), भारत भूषण (कोषाध्यक्ष), श्री नारायण डागर, साकेत भाटिया,  राकेश बंसल, अनुभव माहेश्वरी, तुलसी, विनय गोयल, विनोद, मोहन और भगवान सिंह आदि अन्य प्रमुख लोग भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।

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भारतीय रक्षा इंजीनियर सेवा ने 76वां स्थापना दिवस मनाया

रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत एक संगठित ग्रुप ‘ए’ कैडर, भारतीय रक्षा इंजीनियर सेवा (आईडीएसई) ने दिल्ली कैंट स्थित मानेकशॉ सेंटर में अपना 76वां स्थापना दिवस मनाया। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। अपने संबोधन में  उन्होंने विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे के माध्यम से राष्ट्रीय रक्षा तैयारियों को मज़बूत बनाने में आईडीएसई कैडर के अधिकारियों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने बदलते सुरक्षा परिदृश्य को देखते हुए उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार रहने का आग्रह किया और बदलते समय के अनुरूप नई तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

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रक्षा सचिव के संबोधन के पश्‍चात एक सांस्कृतिक कार्यक्रम और भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के कलाकारों द्वारा नृत्य प्रस्तुतियां दी गईं। रक्षा मंत्रालय और सेना मुख्यालय के वरिष्ठ नागरिक और सैन्य अधिकारी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।आईडीएसई की औपचारिक स्थापना 17 सितंबर, 1949 को हुई थी और यह भारत के रक्षा इंजीनियरिंग परिदृश्य में एक ऐतिहासिक उपलब्धि सिद्ध हुआ है। देश भर के सैन्य केंद्रों पर तैनात इस संवर्ग के अधिकारी, वैवाहिक आवासों, तकनीकी और प्रशासनिक भवनों से लेकर हवाई अड्डों, हैंगरों, नौसेना घाटों, अस्पतालों और सेना, नौसेना, वायु सेना, तटरक्षक बल एवं डीआरडीओ के लिए विशेष सुविधाओं तक, रक्षा अवसंरचना के निर्माण और रखरखाव का दायित्‍व निभाते हैं

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