कहते हैं जब कोई इंसान प्रेम में होता है या कोमल भावनाओं के साथ किसी रिश्ते में जुड़ जाता है तो कुछ भी करने को, सहने को तैयार हो जाता है।
जब दो विपरीत प्रवृति के लोग किसी रिश्ते में जुड़ जाते तो सबसे भयावह स्थिति उत्पन्न होती है। दिल और दिमाग का तालमेल संभव नहीं हो पाता। भावुक इंसान चूंकि भावनाओं से जुड़ता है इस लिए रिश्ते में तमाम समस्याएं उत्पन्न होने लगती हैं। दिमाग वाला बिना नफा नुकसान देखे कोई काम नहीं करता। नतीजा भावुक इंसान पीड़ा ,अवसाद में घिरने लगता है। लेकिन तमाम दुख ,दर्द ,अवहेलना , अपमान सहने के बाद भी उस रिश्ते को बचाने में लगा रहता है और दूसरे इंसान को कोई फ़र्क नहीं पड़ता।
टॉक्सिक रिलेशनशिप आखिर क्या है इसे कैसे पहचाना जाए? अगर किसी रिश्ते में आपको लगातार पीड़ा ,तिरस्कार , अवहेलना मिल रही हो बेवजह प्रताड़ना ,गलत साबित किया जा रहा हो ,रिश्ते में खुशी से ज्यादा दुख ने पाँव पसार लिए हों तो निःसंदेह आप गलत रिश्ते में जुड़े हैं। ऐसे रिश्ते में दूसरा व्यक्ति नकारात्मक रूप से आपको प्रभावित करके नियंत्रित करने की कोशिश करता है। इसके लिए अनैतिक बर्ताव, कटु बाणी ,आरोप प्रत्यारोप आम बातें हो जाती हैं। जबकि दूसरा इंसान कुछ बीते अच्छे दिनों की यादें समेटे बदलाव की उम्मीद में सब सहता रहता है। नतीजतन दोनों ही इस चीज़ के अभ्यस्त हो जाते हैं।
अगर हम कहें कि टॉक्सिक रिलेशन जुए के खेल जैसा होता है, तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। जैसे जुए में दस बार हारने के बाद भी जीतने की उम्मीद बनी रहती है। वैसे ही भावनाओं से जुड़ा इंसान बदलाव की उम्मीद में सब सहता रहता है और एक समय ऐसा आ जाता है कि ये उसकी आदत बन जाती है और मर मर कर जीना उसकी नियति ।
जीवन हमें एक बार ही मिलता है।कोशिश करें इसे हम उन लोगों के साथ गुजारें जिन्हें हमारी परवाह है। जिनको हमारे सुख दुख से फ़र्क पड़ता हो। महज भावुकता में बह कर ऐसे किसी रिश्ते को ना ढोयें जो आपको कष्ट देना ही जानता हो ।
टूटने ,बिखरने का भय त्याग कर अपने स्वभाव अनुसार रिश्तों में जुड़िए फिर देखिए जीवन कितना खूबसूरत है। बस इस बदलाव के लिए अपने अंदर दृढ़ इच्छा शक्ति पैदा करनी होगी।
- निवेदिता शुक्ला
- इटावा , उत्तर प्रदेश
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इस कार्यक्रम में महाविद्यालय की 100 से अधिक छात्राएं उपस्थित रही तथा सभी ने उत्साह एवं उमंग के साथ हिस्सा लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में संगीत विभाग प्रभारी प्रो संगीता श्रीवास्तव, प्रो शालिनी त्रिपाठी, प्रो रुचिमिता पांडे, डॉ अलका सिंह, श्री निशांत कुमार सिंह समेत समस्त टीम का सहयोग सराहनीय रहा।
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केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय पशु जैव प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईएबी) में भारत के अपनी तरह के पहले अत्याधुनिक पशु स्टेम सेल बायोबैंक और पशु स्टेम सेल प्रयोगशाला का उद्घाटन किया।