भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर एस. एन. सेन बी. वी. पी. जी. कॉलेज, कानपुर में प्राचार्या प्रो. सुमन के पर्यवेक्षण में शिक्षाशास्त्र विभाग द्वारा छात्राओं के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य छात्राओं का शैक्षिक एवं व्यवसायिक निर्देशन करना था। कार्यक्रम में सी. एस. जे. एम. यूनिवर्सिटी के बी. एड. विभाग की प्रवक्ता डॉ. स्नेह पाण्डेय एवं डॉ. प्रिया तिवारी ने छात्राओं को विश्वविद्यालय में चलाए जा रहे बी. एड. एवं अन्य कोर्सेज की जानकारी प्रदान की एवं छात्राओं की जिज्ञासा का निवारण किया।
कार्यक्रम का संयोजन शिक्षाशास्त्र विभाग प्रभारी प्रो. चित्रा सिंह तोमर के निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षाशास्त्र विभाग की असि. प्रो. ऋचा सिंह, डॉ. अनामिका राजपूत, डॉ. रेनू शुक्ला द्वारा किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की शिक्षिकाएं कर्मचारी एवं छात्राएं उपस्थित रहे।
महिला जगत
एस.एन. सेन बी.वी.पी.जी. कॉलेज में एमएसएमई–टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट सेंटर द्वारा उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित ल
भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर एस.एन. सेन बी.वी.पी.जी. कॉलेज, कानपुर में एमएसएमई–टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट सेंटर द्वारा उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम(Entrepreneurship Awareness Program) का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. सुमन ने अपने संबोधन में कहा कि आज के युवाओं के लिए उद्यमिता आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विद्यार्थियों को नवाचार और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम की आयोजन सचिव प्रो. प्रीति पांडेय ने अपने वक्तव्य में कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की तथा एमएसएमई द्वारा संचालित योजनाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करते हैं और उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रेरित करते हैं।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ताओं के रूप में हृदयनारायण पांडेय, तनमय तिवारी, सपना रॉय एवं आदित्य निगम उपस्थित रहे।
सह-आयोजक मंडल में डॉ. शैल बाजपेयी, डॉ. रोली मिश्रा एवं डॉ. कोमल सरोज का विशेष योगदान रहा। मुख्य वक्ताओं ने उद्यमिता के महत्व, स्टार्टअप की संभावनाओं, व्यवसाय स्थापना की प्रक्रिया तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका पर विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और अपने प्रश्नों के माध्यम से जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया और विद्यार्थियों को उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में प्रो.अलका टंडन प्रोफेसर रेखा चौबे, प्रो.मीनाक्षी व्यास प्रो.निशा वर्मा। प्रो. गार्गी यादव,पूजा गुप्ता डॉ रेशमा, डॉ प्रीत अवस्थी डॉक्टर शुभा बाजपेई आदि उपस्थित रहे।
एनएसएस के सात दिवसीय विशेष शिविर का समापन, पोषण एवं खाद्य सुरक्षा पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर। दयानंद गर्ल्स पी.जी. कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा लल्लनपूर्वा बस्ती में संचालित सात दिवसीय विशेष शिविर का समापन समारोह दिनांक 17 फ़रवरी 2026 को महाविद्यालय प्राचार्या प्रोफेसर वन्दना निगम के के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। समापन दिवस का मुख्य विषय “पोषण एवं खाद्य सुरक्षा अभियान” रहा, जिसमें स्वयंसेविकाओं ने बस्ती की महिलाओं एवं बच्चों को संतुलित आहार, स्वच्छ भोजन, एनीमिया से बचाव तथा कुपोषण के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दी।कार्यक्रम के अंतर्गत पोस्टर प्रदर्शन, नुक्कड़ नाटक और संवाद सत्र आयोजित किए गए। स्वयंसेविकाओं ने बताया कि हरी सब्ज़ियाँ, दालें, दूध, फल और स्वच्छ पानी का नियमित सेवन स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। साथ ही खाद्य पदार्थों को ढककर रखने, साफ-सफाई बनाए रखने और मिलावटी खाद्य पदार्थों से बचने के उपाय भी बताए गए।
कार्यक्रम में महाविद्यालय राष्ट्रीय सेवा योजना समिति की वरिष्ठ सदस्या डॉ अंजना श्रीवास्तव ने कहा कि सही पोषण से ही स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है और युवाओं की भागीदारी से जागरूकता अभियान और प्रभावी बनता है। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संगीता सिरोही ने बताया कि शिविर के दौरान की गई गतिविधियों स्वच्छता, सड़क सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण, ए आई/ डिजिटल लिटरेसी, साइबर सिक्योरिटी, नशामुक्त युवा – नशा मुक्त भारत अभियान और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर भी जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए।समापन अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्वयंसेविकाओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। अंत में सभी ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समाज में पोषण संबंधी जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में महाविद्यालय की शिक्षिकाओं डॉ . साधना सिंह, डॉ . दीप्ति शुक्ला, डॉ . ज्योत्सना पाण्डेय, बसंत कुमार समस्त स्वयंसेविकाओं, क्षेत्रीय नागरिकों तथा मीडिया बंधुओं का विशेष योगदान रहा।कार्यक्रम अधिकारी ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
एनएसएस विशेष शिविर एआई उपयोग शपथ एवं मतदाता जागरूकता अभियान आयोजित
भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर, 16 फरवरी दयानंद गर्ल्स पी.जी. कॉलेज, कानपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा लल्लनपूर्वा बस्ती में संचालित सात दिवसीय विशेष शिविर के षष्टम् दिवस पर एआई जिम्मेदार उपयोग की शपथ तथा मतदाता जागरूकता से संबंधित विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संगीता सिरोही के निर्देशन एवं प्राचार्या प्रो. वंदना निगम के मार्गदर्शन में कार्यक्रम संपन्न हुआ। प्रथम सत्र का शुभारंभ प्रातः व्यायाम एवं योगाभ्यास से हुआ। इसके उपरांत इंडिया ए आई मिशन द्वारा आयोजित ए आई समिट के अंतर्गत जिम्मेदार एआई उपयोग हेतु अधिकतम प्रतिज्ञाओं का रिकॉर्ड बनाने के प्रयास में एनएसएस स्वयंसेविकाओं ने “AI for All” की शपथ ली। स्वयंसेविकाओं ने डिजिटल तकनीक के सुरक्षित, नैतिक एवं सकारात्मक उपयोग का संकल्प लिया।
स्वल्पाहार के उपरांत द्वितीय सत्र में स्वयंसेविकाओं ने बस्ती क्षेत्र में मतदाता जागरूकता अभियान चलाया। लोगों को मतदान के महत्व, मतदाता पहचान पत्र बनवाने तथा लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। रैली के माध्यम से “हर वोट की कीमत”, “मतदान ज़रूरी–लोकतंत्र मज़बूत” जैसे नारों से लोगों को प्रेरित किया गया।इस अवसर पर पोस्टर एवं स्लोगन प्रदर्शनी आयोजित की गई तथा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से बालिका शिक्षा, महिला सम्मान और एआई के जिम्मेदार उपयोग का संदेश दिया गया। स्वयंसेविकाओं ने बस्तीवासियों से संवाद कर प्रत्येक निर्वाचन में मतदान करने की अपील एवं शपथ भी दिलाई।कार्यक्रम में 50 स्वयंसेविकाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। बस्तीवासियों ने इस पहल की सराहना करते हुए महिला सम्मान, डिजिटल जिम्मेदारी और मतदान जागरूकता को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। शिविर को सफल बनाने में डॉ. अंजना श्रीवास्तव, डॉ. साधना सिंह, बसंत कुमार तथा ग्रुप लीडर्स वैष्णवी, सिमरन, वासु, वंशिका एवं शीतल का विशेष सहयोग रहा। अंत में राष्ट्रगान के साथ षष्टम् दिवस का समापन किया गया।
Read More »डी.ए-वी. कॉलेज में प्राथमिक उपचार एवं सीपीआर विषयक ऑनलाइन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर। डी ए वी कॉलेज में रीजेंसी इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग (रीजेंसी हेल्थकेयर लिमिटेड की इकाई) के सहयोग से प्राथमिक उपचार (First Aid), सीपीआर (CPR) एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में करियर परामर्श विषय पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन ऑनलाइन माध्यम से किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को आपातकालीन परिस्थितियों में जीवनरक्षक कौशलों के प्रति जागरूक करना तथा स्वास्थ्य क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार संभावनाओं से परिचित कराना था। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अरुण कुमार दीक्षित ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन के साथ-साथ उन्हें व्यावहारिक दक्षताओं से भी सशक्त करते हैं।
कार्यक्रम में विशिष्ट वक्तव्य प्रोफेसर अनुराग सक्सेना द्वारा प्रदान किया गया। उन्होंने प्राथमिक उपचार एवं सीपीआर के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समय पर दी गई उचित सहायता किसी भी व्यक्ति के जीवन की रक्षा कर सकती है।
कार्यक्रम की विषय-वस्तु का प्रस्तुतीकरण डॉ. सरस द्वारा किया गया। रीजेंसी संस्थान के नर्सिंग विशेषज्ञ श्रीधर एवं ज्योति ने सीपीआर तथा प्राथमिक उपचार की प्रक्रियाओं का विस्तृत एवं व्यवहारिक विवरण प्रस्तुत किया। साथ ही, करियर विशेषज्ञ जीशान ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उपलब्ध विविध अवसरों की जानकारी दी। इस अवसर पर डॉ. भावना श्रीवास्तव, डॉ. सुनीत कुमार सक्सेना, डॉ. प्रतिभा त्रिपाठी एवं डॉ. अरुण कुमार तिवारी सहित विभिन्न संकायों के अनेक शिक्षक ऑनलाइन रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन नीतू पाण्डेय, कोमल यादव एवं विशाल कुमार द्वारा किया गया तथा अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. आशुतोष कुमार झा ने प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में सौ से अधिक छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की तथा कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
Read More »नए मतदाताओं को मतदाता सूची में जोड़ने हेतु एस. एन. सेन बी. वी. पी. जी. कॉलेज में तीन दिवसीय शिविर आयोजित
भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर नए मतदाताओं को मतदाता सूची में जोड़ने हेतु जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा निर्गत आदेश के परिपालन में एस. एन. सेन बी. वी. पी. जी. कॉलेज, कानपुर में प्राचार्या प्रो. सुमन के पर्यवेक्षण में दिनांक 12/02/2026 से 14/02/2026 तक तीन दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया।
दिनांक 12/02/2026 को शिविर के उद्घाटन सत्र में प्राचार्या द्वारा महाविद्यालय के शिक्षाशास्त्र विभाग की प्रभारी प्रो. चित्रा सिंह तोमर को मतदाता जागरूकता अभियान का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया साथ ही नोडल अधिकारी सहित छः सदस्यीय ‘ चुनाव साक्षरता क्लब (ELC) का गठन किया गया।
प्रथम दिवस प्राचार्या ने अपने उद्बोधन में छात्राओं को अपने मतदान के अधिकार का उपयोग करने के लिए जागरूक किया। कार्यक्रम में नए मतदाताओं के पंजीकरण हेतु फॉर्म 6 वितरित किए गए। नोडल अधिकारी ने सर्वप्रथम फॉर्म -6 को भरने एवं पहचान पत्र तथा हाईस्कूल की मार्कशीट की छायाप्रति के साथ फार्म 6 को जमा करने के सम्बंधित जानकारी प्रदान की।
दिनांक 13/02/2026 को भी मतदाता जागरूकता शिविर में छात्राओं ने बड़ी संख्या में प्रतिभाग किया। शिविर के दूसरे दिन फॉर्म 6 जमा करने के साथ साथ नए पंजीकरण हेतु फॉर्म वितरित भी किए गए।
शिविर के समापन सत्र में दिनांक 14/02/2026 को भी शिविर में छात्राओं ने सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई। प्राचार्या प्रो. सुमन ने नोडल अधिकारी प्रो. चित्रा सिंह तोमर एवं अन्य ELC सदस्यों डॉ. रश्मि गुप्ता ( सहप्रभारी), असि. प्रो. ऋचा सिंह, डॉ. पूजा गुप्ता, डॉ संगीता सिंह एवं असि. प्रो. प्रीति यादव को शिविर के सफल संचालन हेतु बधाई दी।
मतदता जागरूकता हेतु आयोजित तीन दिवसीय शिविर का उद्देश्य नववयस्क नागरिकों को एक परिपक्व मतदाता बनाकर निर्वाचन प्रक्रिया में उनकी सहभागिता सुनिश्चित करना था।
क्राइस्ट चर्च कॉलेज में Many voice one science कार्यक्रम आयोजित
भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर, 10 फरवरी क्राइस्ट चर्च कॉलेज के रसायन विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन प्रो. मीत कमल ने किया। इस दौरान छात्रों ने पोस्टर एवं model making competition का प्रदर्शन किया। अतिथि डाॅ निधि श्रीवास्तव (पी पी एन कालेज)ने छात्रों को संबोधित कर भविष्य के लिए प्रोत्साहित किया। प्रतियोगिता का मूल्यांकन पीपीएन कॉलेज के रसायन विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. निधि श्रीवास्तव और क्राइस्ट चर्च कॉलेज के रसायन विभाग के प्रोफेसर आशीष के. नथानियल ने किया। कार्यात्मक मॉडल श्रेणी में प्राची गुप्ता (M.Sc. 2nd सेमेस्टर) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, उसके बाद शिवांग शुक्ला और आर्यन गुप्ता (B.Sc. 6th सेमेस्टर) ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि अंबरीन इरशाद (M.Sc. 2nd सेमेस्टर) ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। पोस्टर निर्माण श्रेणी में अक्सा फातिमा (B.Sc. 2nd सेमेस्टर) ने प्रथम पुरस्कार जीता, आर्यन गुप्ता और अजीमा रहबर ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया और अलशुमा (BSc. 6th सेमेस्टर) ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। डॉ. धनंजय डे ने विज्ञान में महिलाओं की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। प्रोफेसर ज्योत्सना लाल ने छात्रों को संपूर्ण कार्यक्रम की अवधारणा तैयार करने में सहायता की। प्रधानाचार्य प्रोफेसर विनय जॉन सेबेस्टियन ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया और विजेताओं को उनके वैज्ञानिक दृष्टिकोण और रचनात्मकता की सराहना करते हुए सम्मानित किया। उप-प्रधानाचार्य प्रो. श्वेता चंद ने विजेताओं के नवोन्मेषी प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम का संचालन इल्मा तबस्सुम ने सुचारू रूप से किया। यह पूरा कार्यक्रम प्रिंसिपल प्रोफेसर विनय जॉन सेबेस्टियन के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ और उन्होंने इस आयोजन के लिए department of chemistry और global women breakfast IUPAC की टीम को भी धन्यवाद दिया।और प्रो. अनिंदिता भट्टाचार्य द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
स्वच्छ भारत–स्वस्थ भारत अभियान के अंतर्गत स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर। दयानंद गर्ल्स पी जी कॉलेज, कानपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा लल्लनपूर्वा बस्ती, कानपुर में कार्यक्रम अधिकारी डॉ संगीता सिरोही के कुशल निर्देशन में प्राचार्य प्रो वन्दना निगम के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ दिनांक 11 फ़रवरी को हुआ। सर्वप्रथम स्वयं सेविकाओं ने कैम्प स्थल हुई स्थल की साफ़ सफाई की।स्वयंसेवकों ने बस्ती में सफाई अभियान चलाकर सार्वजनिक स्थलों से कूड़ा-करकट हटाया तथा लोगों को स्वच्छ परिवेश बनाए रखने का संदेश दिया।उसके पश्चात एनएसएस लक्ष्य गीत गाकर कैम्प का शुभारंभ किया। शिविर के प्रथम प्रहर में शारीरिक गतिविधियों में योगा तथा क्रीड़ा गतिविधियां की गई।स्वल्पाहार के बाद शिविर के प्रथम दिवस “स्वच्छ भारत–स्वस्थ भारत अभियान” के अंतर्गत की जाने वाली गतिविधियों की विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई तथा छात्राओं के द्वारा पोस्टर, स्लोगन आदि तैयार किए गए। बस्ती में विशेष स्वच्छता एवं स्वास्थ्य जागरूकता अभियान के अंतर्गत रैली निकालकर, नुक्कड़ नाटक, आपसी संवाद तथा पोस्टर-स्लोगन आदि के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य क्षेत्रीय निवासियों को स्वच्छता के महत्व, स्वास्थ्य सुरक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना था।
इस अवसर पर स्वयंसेवकों ने घर-घर जाकर स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलायी तथा बताया कि स्वच्छ वातावरण से ही स्वस्थ जीवन संभव है। लोगों को प्लास्टिक का कम से कम उपयोग करने, कूड़े को निर्धारित स्थान पर डालने तथा नियमित सफाई रखने की प्रेरणा के साथ बस्तीवासियों विशेषकर महिलाओं एवं बच्चों को हाथ धोने की सही प्रक्रिया में प्रशिक्षित किया गया।कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना के 50 स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। बस्तीवासियों ने इस प्रकार के सामाजिक उत्तरदायित्व कार्यक्रमों की सराहना करते हुए साफ़ सफ़ाई तथा स्वच्छता की भी शपथ ली। दोपहर के भोजन के पश्चात स्वयंसेविकाओं ने बस्ती के बच्चों के साथ देशज खेलों खेल खो-खो खेलकर तथा सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ राष्ट्रगान गाकरशिविर का समापन किया। शिविर को सफल बनाने में डॉ अंजना श्रीवास्तव, डॉ साधना सिंह, बसंत कुमार तथा ऋषभ का विशेष सहयोग रहा।
मेरी ज़िंदगी का खूबसूरत गुलाब हो तुम
दोस्तों ! महकता हुआ मखमली गुलाब कुदरत की दी हुई बेहतरीन सौग़ात हमें फूल के रूप में मिली है जिसे वेलेंटाइन के मौक़े पर बहुत से चाहने वाले अपने प्यार का इज़हार करने के लिये ढेरों,
लाल गुलाब देंगे और लेंगे,और बहुत कुछ कहा भी जाएगा जैसे कि “मेरी ज़िंदगी का खूबसूरत गुलाब हो तुम..,एक नाज़ुक सा एहसास ,महकता हुआ जज़्बात हो तुम “🌺…. और कुछ लोग ऐसा भी कहेंगे । “ज़िन्दगी की मेरी ज़रूरत हो तुम ,गुलाब तो खूबसूरत हैं ही मगर गुलाब से भी हसीन हो तुम”… 🌺 और कुछ तो प्रेमी को खुदा का ही ख़िताब दे डालेंगे।
“ सोचते हैं गुलाब दे कर दिल का हाल दिखा दें उन्हें..तुम ख़ुदा हो हमारे लिए ,ये भी बता दें उन्हें…
🌺 वगैरह वगैरह ….!!ढेरों कविताएँ, ढेरों शायरी कही जायेगी…मेरी शुभकामनाएँ है उन के लिए जो अपने अपने पार्टनर या प्रेम की तालाश में है .. कुछ का इंतज़ार आज ख़त्म होगा ,कईयो की तालाश अभी जारी रहने वाली होगी।ये सिलसिला तो सालों से चलता आ रहा है और आगे भी चलता रहेगा…. पर दोस्तों ! गुलाब उसी को देना ,जिसको आप दिल से चाहते है..जिसके साथ आप हर दुख सुख बाँटना चाहते है। ये बहुत ही महत्वपूर्ण, संवेदनशील नाजुक पल होता है .. इसकी मर्यादा को बनाए रखना ज़रूरी है.. ये फ़ैसला कुछ पलों का नहीं बल्कि उम्र का होना चाहिए । पर अफ़सोस तो ये है !!असल में हमें पता ही नहीं कि प्रेम क्या है। चलिए पहले समझते है प्रेम को …प्रेम जीवन में बहुतो से होता है जैसे कि मांबाप बहन भाई.. अपने दोस्त ,सहेलियों ,अपने सहयोगियों से ,पड़ोसियों से ..रिश्तेदारों से ,देश से ,यहाँ तक की कथा कहानियों से प्रेम हो जाता है ,और तो और भगवान से भी सभी प्रेम ही करते हैं इश्क़ नही ।
🌺प्रेम का मतलब है (लगाव )
…याद रखे अगर एक से ज़्यादा लोगों से आप इश्क़ का दावा करते है समझ जाईये …ये सिर्फ़ लगाव या प्रेम हो सकता है “इश्क़ नही।” इश्क़ तो किसी विरले के हिस्से में आता है। इश्क़ अलग अहसास है .. वो सिर्फ़ एक से ही होगा ,दूसरे से नही .. जब इश्क़ मिलता है तो किसी दूसरे का कोई स्थान रह ही नही जाता। न ही उसकी जगह कोई ओर ले सकता है। इश्क़ तो वो शय है ,वो मिले न मिले पर हम उसी के हो कर रह जाते है अपनी ही मर्ज़ी से। उसे हासिल करना कोई मायने नहीं रखता।वो पास न होकर भी करीब ही महसूस होता है।जहाँ आशिक़ की सिर्फ़ इक झलक पर ही अपनी सारी ज़िंदगी गुज़ार दी जाती है। इसका उदाहरण कृष्ण दीवानी मीरा बाई जी थी.. “जहाँ रूह कह उठती है कि हम उसके बग़ैर संसार को विरान लिखते है ,”और हम कितनी आसानी से कह देते है कि हमें इश्क़ हुआ है ,मगर सच यही है कि हम सब अभी प्रेम में ही है। कोई विरला आशिक ही इस इश्क़ की पाकीज़ा गली से गुज़रता हैं ।आमतौर पर होता क्या है .. बस जवान हुए ,कालेज मे कोई लड़की या लड़का अच्छा लगा तो सोच लिया कि हमे प्रेम हो गया है .. बस गुलाब दे दो और अपने मन की बात कह दो .. और फिर कुछ देर के बाद शादी… और दूसरी ओर इश्क़ जो इतना सस्ता नहीं कि हर किसी को,और किसी से भी हो जाए..न ही इतना आसान है कि इसे हर कोई पा सके।ये मिलेगा उसे ही जिसमे शिद्दत होगी ,गहराई होगी ,सब्र होगा,..इश्क़ खुद तुमसे तुमको माँगता है। क्या कर सकते हो खुद को किसी के हवाले ? दोस्तों!! ये कोई टाइम पास या मस्ती करना नहीं होता।इश्क़ नाईट क्लबों या चकाचौंध से भरी दुनिया में नहीं मिल सकता। इश्क़ गहरा इसीलिए है क्योंकि वो मर्यादित है ,सीमाबद्ध है ,उसके अपने दायरे है और वो दायरों को तोड़ना नही जानता,अपनी या सामाज की खींची हुई लकीर में ही रहता है। इश्क़ आनन्दमय भी हो सकता है और उदासी,बैचेनी बिछोह का भी रूप हो सकता है। प्रेम अगर आसानी से मिल जाये, तो
उसमें गहराई नहीं होगी। मुश्किल से मिला प्रेम मूल्यवान होगा और वही प्रेम धीरे धीरे इश्क़ का रूप होने लगता है….
“इश्क़ बँधता नहीं, न ही इसे
बांधने की कोशिश ही नही करनी चाहिए …जो बाँधा जाये वो इश्क़ नही .…वो तो क़ैद होगी ..इश्क़ तो खुद ब ख़ुद बंध जाता है और खुद को किसी से बांधें रखना
ही इश्क़ है “इश्क़ बिल्कुल भगवान और भक्त जैसा है भगवान चाहे दिखे न दिखे.. बात करे न करे .. मिले ना मिले..चाहे जो भी दे दे .. भक्त उसकी हर रज़ा में राज़ी रहता है। ऐसी इश्क़ की अवस्था में भगवान के देह स्वरूप की भक्त को कोई ज़रूरत महसूस नही होती।वो उसे अपना मान चुका होता है..भक्त कहता है कि आप कहीं भी हो ..दुनिया के किसी भी कोने मे हो …हे भगवन ! मैं तुम्हारा हूँ ।हर इंसान जो प्रेम की तलाश मे है उसे सोचना होगा कि क्या वो ज़िम्मेदारियों के लिए तैयार है,क्योंकि प्रेम अकेला नहीं आता ..बहुत कुछ अपने साथ लेकर आता है।हमारी माँ बाप की जब शादी हुई थी उन लोगों ने प्रेम को निभाया .. संसार को आगे बढ़ाया …संस्कारों को बांटा …क्या हम संस्कारों को आगे बढ़ा पाएंगे .. नई जनरेशन से मैं यही कहूँगी अगर शादी करनी है तो पहले सोचिये।
लडकियों से भी कह रही हूँ कि शादी सिर्फ़ लाखों का लहंगा पहनना नहीं होता ,महंगा मेकअप करवाना नहीं होता ..शादी के साथ बहुत सी ज़िम्मेदारियाँ आती हैं जो हमें निभानी होती हैं।पहले उसके लिए खुद को तैयार करे .. फिर गुलाब का फूल देने और लेने की सोचे।आज की जनरेशन को अगर आज प्यार होता है तो दो चार दिनों में अपनी सहूलियत के हिसाब से एक दूसरे को बलोक भी कर देते है .. ये कैसा प्रेम है जो मात्र बलोक करने से सब ख़त्म हो जाता है..जो लड़को की जेब को पहले देखता है..उसकी कौन सी गाड़ी है .. उसका कामकाज क्या है …उसका क्या कोई अपना घर है भी या नहीं …ये प्रेम कैसे हो सकता है।
ये तो एक व्यापार ही कह सकते है और हम कह देते है कि हम प्यार मे है ।
हमारे बुजुर्गों ने भी शादी के बाद मिल कर घर बनाये थे।पहले इस तरह के सवाल नहीं हुआ करते थे।अगर पहले ही आप को बना बनाया सब कुछ मिल जाएगा तो आप क्या करेंगे। ..
लड़के भी लड़की की ब्यूटी को ही देखते है ,गोरे रंग पर मर मिटते है चाहे लड़की मे घर सँभालने का कोई भी गुण न हो …चेहरे से ज़्यादा सीरत पर ध्यान देना ज़रूरी है
अंतर्मन को पढ़ना ज़रूरी है
रूप आज है कल नहीं रहेगा…
तो फिर क्या होगा.प्रेम भी दो चार महीने ..सालो में हवा में कहीं उड़ जायेगा..नई जनरेशन को जरा सोच विचार करना होगा।
जब लड़कियां आजकल कमा रही है तो क्यों आप लड़कों से इतनी अपेक्षाएँ रखती है..क्यों लड़को पर इतना बोझ डालती है।अगर प्रेम करे तो तैयार भी रहे, मिल जुल कर जीवन जीने के लिये।
गुलाब देने से या लेने से पहले सोचिये ज़रूर…,
पहचाने खुद को ,परखें अपने प्रेम को …क्या वाक़ई में आप प्रेम में हैं ? क्या सामने वाले में भी आप के लिए वही चाहत है जो आप उसके लिए महसूस करते है ?क्या सच में आप उम्र भर प्रेम निभा पाएंगे ?
या फिर आप सिर्फ़ ट्रेंड के साथ चल रहे है। सोचियेगा ज़रूर …..आप की दोस्त ✍️ स्मिता
Read More »उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली स्वयं सेविकाएं और विजेता स्वयंसेविकाएं सम्मानित
भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर एस एन सेन बालिका विद्यालय पी जी कॉलेज कानपुर में सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर के सफल समापन पर शिविर में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली स्वयं सेविकाओं और शिविर में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं की विजेता स्वयंसेविकाओं को महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर सुमन के द्वारा सम्मानित करने हेतु एक पुरस्कार वितरण कार्यक्रम का आयोजन स्मार्ट क्लास (कॉमन रूम) में राष्ट्रीय सेवा योजना प्रभारी डाॅ. श्वेता रानी के निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम में स्वयंसेविकाओं ने शिविर के अनुभवों को साझा किया। उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या के समाधान के लिए सर्वप्रथम जागरूकता अभियान और फिर प्रशासन का सहयोग वांछनीय है। कार्यक्रम में प्रो. निशी प्रकाश, प्रो. गार्गी यादव, प्रो. अलका टण्डन, कैप्टन ममता अग्रवाल, प्रो. मीनाक्षी व्यास, डाॅ. अनामिका, डाॅ. प्रीता अवस्थी, डाॅ. मोनिका शुक्ला और सभी स्वयंसेविकायें उपस्थित रहें।
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