दिलों में बसा कानपुर, आओ करें गुणगान।
अनेकों दर्शनीय स्थल,सभी रखें निज मान।।
बात करें बिठूर की, ऐतिहासिक सम्मान।
ग्रीन पार्क स्टेडियम, बहु उद्देशीय मैदान।।
पनकी मंदिर बाबा का, मनोकामना धाम।
जे के मंदिर में बसे , राधे संग श्याम।।
बात करें ऊंनं की, लाल इमली उद्यान।
चले जो चिड़िया घर,पक्षी जानवर प्राण।।
अब चले शिवालय, ले चूड़ी चलो चौक।
आगे आए मिस्टन रोड,मिले जहां सब थोक।।
करें अब तपेश्वरी की बात,मिले पुण्य सौगात।
वही पे बिरहाना रोड, ले लो गहने साथ।।
करें पवित्रता की बात, अनेकों गंगा घाट।
चलो जरा फूलबाग, पाएं संग्रहालय आप।।
माहेश्वरी मोहाल , कांच का मंदिर बसा।
भीतर गांव जो जाओ,प्राचीनता से सजा।।
जाजमऊ की टेंडरी,करे लेदर निर्माण ।
निर्यात हो विदेशों में, बने जिससे समान।।
कानपुर बड़ी धरोहर, ऐतिहासिक सम्मान।
गिनाने बैठे जो हम, नहीं सभी आसान!! — डॉ अंजनी अग्रवाल कानपुर नगर
दैनिक भारतीय स्वरूप
अतुल दीक्षित द्वारा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड एवं महाराष्ट्र से प्रकाशित
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वर्ष 2025 के विश्व जल दिवस का विषय ग्लेशियर संरक्षण है। डॉ. राजेश वाजपेयी जी, फहद राज़ी जी, प्राचार्या प्रो सुमन, प्रो निशि प्रकाश, प्रो गार्गी यादव, डॉ प्रीति सिंह ने माँ सरस्वती के समक्ष माल्यार्पण किया। जल संरक्षण और भविष्य में इसके महत्व को पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से छात्राओं को जागरूक किया गया । उन्होंने छात्राओं से साझा किया कि वॉटर फुटप्रिंट का किस प्रकार प्रबंधन किया जाना चाहिए। जल संरक्षण के चार महत्वपूर्ण उपाय के रूप में रेन वाटर हार्वेस्टिंग, वॉटर रिसाइकल, रियूज वॉटर और वॉटर फुटप्रिंट की मैपिंग की चर्चा की गई।
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अनुष्का बताती हैं, पहले मैंने लोगो को मैन्युअल रूप से ड्रा करके बनाया, मेरी प्रेरणा रानी लक्ष्मीबाई थी तो