सीसीपीए ने पाया कि जब भी उपभोक्ता ओला ऐप पर कोई शिकायत दर्ज करता है, तो अपनी बिना किसी सवाल के रिफंड नीति के तहत ओला सिर्फ़ एक कूपन कोड प्रदान करता है जिसका इस्तेमाल अगली सवारी के लिए किया जा सकता है, जबकि उपभोक्ता को बैंक खाते से रिफंड या कूपन में से किसी एक को चुनने का स्पष्ट विकल्प नहीं दिया जाता है। यह देखा गया कि यह उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन करता है और बिना किसी सवाल के रिफंड नीति का मतलब यह नहीं हो सकता कि कंपनी लोगों को सिर्फ़ दूसरी सवारी के लिए इस सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करती है।
इसके अलावा, सीसीपीए ने पाया कि यदि कोई उपभोक्ता ओला पर बुक की गई ऑटो सवारी के लिए चालान प्राप्त करने का प्रयास करता है, तो ऐप यह संदेश दिखाता है कि ‘ओला की ऑटो सेवा नियम एवं शर्तों में परिवर्तन के कारण ऑटो सवारी के लिए ग्राहक चालान प्रदान नहीं किया जाएगा।’ यह देखा गया कि बेची गई वस्तुओं या प्रदान की गई सेवाओं के लिए बिल या चालान या रसीद जारी न करना उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत ‘अनुचित व्यापार व्यवहार’ है।
2. परिभाषाएँ.
(47) “अनुचित व्यापार व्यवहार” से तात्पर्य ऐसे व्यापार व्यवहार से है, जो किसी माल की बिक्री, उपयोग या आपूर्ति को बढ़ावा देने या किसी सेवा के प्रावधान के लिए कोई अनुचित तरीका या अनुचित या भ्रामक व्यवहार अपनाता है, जिसके अंतर्गत निम्नलिखित में से कोई भी व्यवहार शामिल है, अर्थात:—
(vii) बेची गई वस्तुओं या प्रदान की गई सेवाओं के लिए निर्धारित तरीके से बिल या कैश मेमो या रसीद जारी न करना।
उपरोक्त के अलावा, सीसीपीए के हस्तक्षेप से ओला ऐप में निम्नलिखित उपभोक्ता-केंद्रित परिवर्तन हुए हैं –
- इससे पहले वेबसाइट पर शिकायत अधिकारी और नोडल अधिकारी का विवरण स्पष्ट रूप से नहीं दिखता था। अब वेबसाइट के सहायता अनुभाग में शिकायत अधिकारी और नोडल अधिकारी का नाम, फोन नंबर और ई-मेल दर्ज है।
- रद्दीकरण नीति के अनुसार रद्दीकरण का अनुमत समय अब सवारी बुकिंग के समय प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाता है।
- रद्दीकरण शुल्क की राशि अब सवारी बुकिंग पृष्ठ पर स्पष्ट रूप से उल्लिखित है , ताकि उपभोक्ता को सवारी रद्द करने से पहले स्पष्ट रूप से पता चल सके कि सवारी रद्द करने पर कितना शुल्क लिया जा सकता है।
- ड्राइवरों के लिए नई स्वीकृति स्क्रीन जोड़ी गई है, जहां ड्राइवरों को पिकअप और ड्रॉप दोनों स्थानों का पता दिखाया जाता है ।
- असुविधा और भ्रम से बचने के लिए, और अधिक कारण जोड़े गए जिनके आधार पर उपभोक्ता यात्रा रद्द करना चाहते हैं ।
- कुल किराये में शामिल घटकों की सूची अब सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है , जैसे आधार किराया, प्रति किमी किराया, प्रतीक्षा-पूर्व शुल्क आदि।
- ड्राइवरों को डिजिटल भुगतान करने और एसी चालू करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए संदेश जारी किए गए ।
- ड्राइवरों के लिए भुगतान चक्र संशोधित किया गया ताकि उन्हें शीघ्र भुगतान मिल सके।
राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) की जानकारी के अनुसार, 01.01.2024 से 09.10.2024 तक ओला के खिलाफ कुल 2,061 शिकायतें दर्ज की गई हैं। शिकायतों की शीर्ष श्रेणियों में शामिल हैं –
- सवारी बुकिंग के समय दर्शाए गए किराए से अधिक किराया उपभोक्ता से वसूला गया
- उपभोक्ता को राशि वापस न करना
- ड्राइवर अतिरिक्त नकदी मांग रहा है
- ड्राइवर सही स्थान पर नहीं पहुंचा या गलत स्थान पर उतार दिया
सीसीपीए अपने विनियामक हस्तक्षेप के माध्यम से यह सुनिश्चित करने में दृढ़ रहा है कि ओला उपभोक्ताओं के अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए स्थापित कानूनी ढांचे का पालन करे। इन उपायों का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सशक्त बनाना, विश्वास बढ़ाना और सेवा प्रदाता की जवाबदेही में सुधार करना है, जो ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म पर सभी उपभोक्ताओं के लिए निष्पक्ष और सुरक्षित अनुभव सुनिश्चित करने के लिए सीसीपीए की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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शिवराज सिंह ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि अनेकों काम शुरू हुए हैं लेकिन सबसे महत्वपूर्ण काम – पूरे देश में आज से कच्चे घर का सर्वे शुरू हो रहा है। जिनके नाम 2018 की पक्के घर की सूची में छूट गये थे अब उनके नाम शामिल किये जायेंगे। यह सर्वे 6 महीने के अन्दर पूरा कर लिया जायेगा ताकि कोई बहन और भाई वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि फोन, मोटर साइकिल या स्कूटर होने पर भी प्रधानमंत्री आवास योजना में नाम जोड़ा जायेगा। लाडली बहना के साथ -साथ लखपति दीदी बनाने का अभियान भी पूरे देश में चलेगा। भारत सरकार प्रधानमंत्री के नेतृत्व में निरंतर काम कर रही है। लखपति दीदी का मतलब है हर एक बहन को प्रत्येक माह 10 हजार रूपये से ज़्यादा की आमदनी हो। पहले 10 हजार रूपये की आमदनी वाले को ही आवास योजना का लाभ मिलता था लेकिन अब 15 हजार प्रति मास आय होने पर भी नाम आवास योजना में जोड़ा जायेगा। लखपति दीदी अभियान के लिए 100 करोड़ रूपये दिये गये हैं। जिनकी ढ़ाई एकड़ तक सिंचित जमीन है और 5 एकड़ तक असिंचित जमीन होने पर भी प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिलेगा। किसानों के हित में कैबिनेट रोज़ फैसले कर रही है। सोयाबीन के दाम विदेशों से तेल आयात होने के कारण कम हो रहे थे। भारत सरकार ने विदेशों से आने वाले तेल पर साढ़े 27 प्रतिशत टैक्स लगा दिया जायेगा ताकि देश में सोयाबीन के दाम बढ़ें। केंद्र सरकार ने अनुमोदन दे दिया है अब मध्य प्रदेश में सोयाबीन न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी जायेगी। इसके लिए रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिये हैं। मध्य प्रदेश सरकार ने इससे पहले मूंग की पूरी खरीद की है। बासमती धान पर मिनिमम एक्पोर्ट दर भी खत्म कर दी है। अब चावल विदेशों में जायेगा जिससे धान के दाम बढ़ेंगे। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों का भला करने वाली सरकार होती है तो किसान हितैषी फैसले किये जाते हैं। इस बार मसूर, उड़द, तुअर जितना पैदा होगा उतना न्यूनतम समर्थन मूल्य पर पूरा खरीदेंगे ताकि किसानों को उसके ठीक दाम मिलें। 109 बीजों की नई किस्में जारी की गई हैं जोकि कम समय में ज्यादा उपज देगी। रबी की फसल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा होने वाली है। मेरे लिए आपकी सेवा ही भगवान की पूजा है। सिहोर ज़िला भी पीछे नहीं रहेगा। केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार पैसा देगी। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में 3 लाख 68 हजार मकान ग़रीबों को मिले हैं जो कि राज्य सरकार देगी। आपकी सेवा ही मेरी जिन्दगी का मिशन है। केंद्र सरकार मध्य प्रदेश के लिए कोई भी कमी नहीं छोड़ेगी। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ग़रीब की सेवा होती रहेगी और खेती भी लगातार आगे बढ़ती रहेगी। हम आपकी आय दोगुनी करके दिखायेंगे। सीएम राज्य स्कूल और खुलेंगे। तेंदु पत्ते को बोनस देने के लिए भी मैं सरकार का अभिनंदन करता हूं। श्री शिवराज सिंह ने सभी उपस्थित लोगों को नवरात्र की शुभकामनाएं दीं।