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पर्यटन

 शांतनु ठाकुर ने तूतीकोरिन से मालदीव के बीच सीधी शिपिंग सेवा को वी.ओ. चिदम्बरनर  बंदरगाह से झंडी दिखाकर रवाना किया

आज आयोजित एक समारोह में पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग राज्यमंत्री श्री शांतनु ठाकुर ने पोत एम बी एमएसएस गैलाना को तुतीकरण से मालदीव के लिए सीधी शिपिंग सेवा के रूप में रवाना किया।

जून 2019 में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की मालदीव यात्रा के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री और मालदीव के राष्ट्रपति ने भारत और मालदीव के बीच सम्पर्क बढ़ाने हेतु बुनियादी संरचना के विकास पर विचार किया था, जो दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को भी बढ़ावा देने वाला होगा।

यह सेवा दोनों देशों के बीच आपसी समझ की पुष्टि करने और इसे आगे बढ़ाने के लिए भारतीय प्रधानमंत्री की मालदीव के आधिकारिक यात्रा के दौरान ०८.०६ २०१९  को मालदीव सरकार के नागर विमानन मंत्रालय और भारत सरकार के पतन पोत परिवहन और जल मार्ग मंत्रालय के बीच समुद्री मार्ग द्वारा यात्री और कार्गों सेवा को संचालित करने के लिए हस्ताक्षरित ज्ञापन की परिणति के रूप में संचालित की जा रही है. यह कदम ‘पड़ोसी पहले’ और क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास की भारत की नीति  के अनुरूप भी है.

पोत एमवी एमएस गैलेना की भार वहन क्षमता 421 TEUs और इसमें बल्क कार्गों ले जाने का प्रावधान भी है. शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया द्वारा तैनात यह पोत  कंटेनर टर्मिनल पर 04.05.2023 पर तो पहुंचा इसे PSA SICAL कंटेनर टर्मिनल पर 270 TEU कंटेनर से लोड किया गया. एम.वी एमएस गैलेना  तूतीकोरिन से मालदीव  के लिये 05.05.2023 को रवाना होगी इसके माले पहुंचने की तिथि 07.05 2023 निर्धारित की गई है. इस शिपिंग सेवा  का मार्ग तूतीकोरिन- माले- तूतीकोरिन है और और इसका  इस मार्ग पर महीने में तीन चक्कर लगना तय है।

इस अवसर पर बोलते हुए  शांतनु ठाकुर ने कहा कि इस ऐतिहासिक और पथप्रदर्शक सेवा की शुरुआत करने के पीछे हमारे आदरणीय प्रधानमंत्री जी द्वारा मालदीव   यात्रा के दौरान की गई प्रतिबद्धता को पूरा करना था। इस पहल से न केवल रसद और अन्य लागतों में कटौती करने में मदद मिलेंगी बल्कि यह सेवा  दोनों देशों के बीच संपर्क को बढ़ाकर माल परिवहन  में लगने वाले समय को भी कम करेगी । दोनों देशों के द्वारा ली गई इस नई संपर्क पहल से न केवल हिंद महासागर क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत होगी बल्कि यह भारतीय और मालदीव बंदरगाहों के बीच स्थिर और विकसित संपर्क को भी बढ़ाएगा। उन्होंने आगे कहा कि इससे भारत और मालदीव के बीच द्विपक्षीय व्यापार को और गति मिलेगी। इस प्रकार व्यापार और आर्थिक अवसरों में वृद्धि होगी और दोनों देशों के बीच नए जोश के साथ समुद्री व्यापार संबंधों में वृद्धि होगी। पहले तूतीकोरिन से मालदीव जाने वाले बल्क कार्गों को बजरों और समुद्री जहाजों के माध्यम से भेजा जाता था और माल्दीव जाने वाले कंटेनरों को कोलंबो के रास्ते   भेजा जाता था. SCI द्वारा तूतीकोरिन – कोच्चि – कुल्लूधुफुसी  माले  के बीच एक सेवा संचालित की गई थी 200 TEU कंटेनरों और 3000 टन सामान्य कार्गों की क्षमता वाले पोत MCP Linz को 21.09 2020 को लॉन्च किया गया था जिसका अनुबंध 28.08.2022 को समाप्त हो गया.

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रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) को नवरत्न का दर्जा मिला

रेल मंत्रालय के केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) को नवरत्न कंपनी का दर्जा हासिल हो गया है।

आरवीएनएल को 24 जनवरी, 2003 को पीएसयू के रूप में निगमित किया गया था, जिसका उद्देश्य फास्ट ट्रैक आधार पर रेलवे के बुनियादी ढांचे की क्षमताओं के निर्माण और वृद्धि से संबंधित परियोजनाओं का कार्यान्वयन और एसपीवी परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त बजटीय संसाधनों को जुटाना था। निदेशक मंडल की नियुक्ति के साथ 2005 में कंपनी का परिचालन शुरू हुआ था। कंपनी को सितंबर, 2013 में मिनी रत्न का दर्जा दिया गया था। कंपनी की अधिकृत शेयर पूंजी 3000 करोड़ रुपये है, जिसकी चुकता शेयर पूंजी 2085 करोड़ रुपये है।

आरवीएनएल को निम्नलिखित काम सौंपे गए हैं :

  1. पूर्ण परियोजना जीवन चक्र को कवर करने वाली परियोजना के विकास और कार्यों का निष्पादन करना।
  2. यदि आवश्यक हो, तो व्यक्तिगत कार्यों के लिए परियोजना केंद्रित एसपीवी बनाना।
  3. आरवीएनएल द्वारा एक रेलवे परियोजना पूरी किए जाने पर, संबंधित क्षेत्रीय रेलवे इसका संचालन और रखरखाव करेगा।

आरवीएनएल को “नवरत्न” का दर्जा मिलने से उसके अधिकार, परिचालन स्वतंत्रता और वित्तीय स्वायत्तता में बढ़ोतरी हो गई है, जिससे आरवीएनएल की प्रगति को पर्याप्त प्रोत्साहन मिलेगा। यह विशेष रूप से इसलिए भी अहम है, क्योंकि आरवीएनएल रेलवे से परे और यहां तक कि विदेश स्थित परियोजनाओं में भी अपना विस्तार कर रही है।

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मानकों को ताक पर रखकर सुरक्षा व्यवस्था से खिलवाड़ कर रही कैब कम्पनी ओला

देश के लोगों की जानमाल से खिलवाड़ कर रही है कैब कम्पनी ‘‘ओला’’
-मानकों को ताक पर रखकर सुरक्षा व्यवस्था से खिलवाड़ कर रही ओला कैब कम्पनी
-बिना बीमा, बिना फिटनेश, बिना टैक्स जमा किये गाड़ियों पर की जा रही बुकिंग
-देशहित में अन्य कैब कम्पनियों की भी जाँच करने की जरूरत है
कानपुर 23 अप्रैल, भारतीय प्रेस परिषद के सदस्य श्याम सिंह पंवार ने कहा, कानपुर महानगर की बिगड़ी यातायात व्यवस्था की कमान जब से पुलिस उपायुक्त यातायात आई0 पी0 एस0 रवीना त्यागी ने संभाली है, तब से उनके द्वारा अनेक प्रयास किये गये हैं और अनेक प्रयास किये जा रहे हैं। परिणामतः शहर की सड़कों पर चलने वाले वाहन सवारों को पहले की अपेक्षा बहुत राहत मिली है और शहर की सड़कों पर गुजरने वाले लोगों को काफी हद तक सुरक्षा का अहसाह हो रहा है। किन्तु शहरवासियों की ही नहीं अपितु कानपुर महानगर में आने वाले सभी व्यक्तियों की सुरक्षित यात्रा और उनकी सुरक्षा को लेकर किये जा रहे प्रयासों को देश की एक कैब कम्पनी ओला (ओ0 एल0 ए0) कमीशन के लालच में जमकर पलीता लगा रही है। ऐसे नजारे सामने आ चुके हैं जिनसे स्पष्ट है कि कैब कम्पनी ओला (ओ0 एल0 ए0) के द्वारा बुकिंग कर यात्रा करना सुरक्षित कतई नहीं माना जा सकता है और अपने कमीशन के लालच में यह कम्पनी लोगों की जानमाल से खिलवाड़ कर रही है, इतना ही नहीं बल्कि देश की सुरक्षा व्यवस्था के लिये एक बड़ा खतरा साबित हो सकती है!  बताते चलें कि ओला (ओ0 एल0 ए0) कैब कम्पनी से हुण्डई कम्पनी की एक कार नम्बर यू0पी0 78 एफ0 एन0 5980 सम्बद्ध है। कैब कम्पनी के अभिलेखों में इस गाड़ी को चलाने हेतु विजय कुमार नामक व्यक्ति अधिकृत है। दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद कई महीनों से उपरोक्त कार, जी0-1 टी/17, अर्मापुर स्टेट कानपुर नगर के पते पर खड़ी है। इस गाड़ी का फिटनेश 16 जनवरी 2021 तक, टैक्स 31 दिसम्बर 2019 तक व इन्श्योरेन्स 15 जनवरी 2020 तक वैध है और उपरोक्त गाड़ी के नाम पर ओला (ओ0 एल0 ए0) कैब कम्पनी, लोगों को बुकिंग दे कर कमीशन के लालच में उनकी जानमाल की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया है। ऐसे में आशंका है कि ऐसा ही अनेक मामलों में और भी हो सकता है। ऐसे में सवाल उठता है कि देश की अन्य कैब कम्पनियों में भी क्या ऐसा नहीं हो रहा होगा और लोगों की जानमाल की सुरक्षा के साथ अन्य कम्पनियों द्वारा खिलवाड़ किया जा रहा होगा ?
लोगों की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए और लोगों के साथ घटित हो सकने वाली वाली किसी भी तरह की अनहोनी को देखते हुए एवं ओला कैब कम्पनी के रीजनल सेल्स मैनेजर उप्र अंकुर त्रिपाठी व विधिक सलाहकार एडवोकेट संजय जायसवाल की मौजूदगी में थाना गुजैनी परिसर में जब ओला कैब कम्पनी के द्वारा निर्धारित किये गये सुरक्षा मानकों जैसे-कम्पनी से सम्बद्ध होने वाली गाड़ी का मेकअप, गाड़ी में लिखा जाने वाला विवरण (मालिक का नाम, ड्राईवर का नाम, हेल्पलाइन नम्बर आदि) ड्राईवर की ड्रेस, गाड़ी में लगने वाला सुरक्षात्मक बटन, प्रथम दृष्टया चिकित्सकीय बॉक्स, आग लगने केे दौरान बचाव हेतु रखा जाने वाला सिलेण्डर, उपभोक्ता द्वारा ओटीपी बताने के बाद वेरीफाई करने वाला ध्वनि सूचक यन्त्र, बुकिंग के अनुसार यात्रा का नियत किये गये मानचित्र पर ही यात्रा करवाना, गाड़ी की फिटनेश, टैक्स, इन्श्योरेन्स, चालक का चरित्र सत्यापन आदि जरूरी तथ्यों के बारे में जानकारी प्राप्त की गई तो अंकुर त्रिपाठी ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टिगत सभी जरूरी मानक होने ही चाहिये, इसके अलावा समय-समय पर उनका भौतिक परीक्षण/सत्यापन भी ओला कैब कम्पनी की टीम द्वारा होना चाहिये।
तत्पश्चात ओला कैब एप के माध्यम से शुक्रवार को कई लोगों के मोबाइलों ओला एप के माध्यम से बुकिंग कर कई गाड़ियाँ, गुजैनी थाना के निकट कारगिल पेट्रोल पम्प की लोकेशन पर भौतिक परीक्षण/सत्यापन हेतु बुलवाईं और सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में गाड़ियों का भौतिक परीक्षण/सत्यापन श्री त्रिपाठी से करवाया तो पाया गया कि गाड़ियाँ सुरक्षा की दृष्टि के कतई फिट नहीं थीं, एक बुकिंग में जो चालक गाड़ी को लेकर आया था, वह अभिलेख पर दर्ज नहीं था, बल्कि उसके स्थान पर कोई अन्य व्यक्ति चालक बना था।
ऐसे में इससे कतई इनकार नहीं किया जा सकता है कि ओला कैब कम्पनी से सम्बद्ध गाड़ियों की फिटनेश, बीमा, टैक्स, रजिस्ट्रेशन, डाईवर के चरित्र, ड्राईवर की वर्दी, सुरक्षा हेतु नियत मानकों की जाँच सहित अन्य बिन्दुओं पर ओला कैब कम्पनी कतई ध्यान नहीं दे रही है और अपने कमीशन के लालच में भोली भाली जनता की ही नहीं अपितु हर आम-औ-खास हर व्यक्ति की जानमाल से खिलवाड़ कर रही है।
रीजनल सेल्स मैनेजर अंकुर त्रिपाठी की मानें तो ओला कैब कम्पनी देश के लोगों की सुरक्षा के साथ ही नहीं बल्कि देश की सुरक्षा व्यवस्था के साथ भारी खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने स्वयं देखा कि कैब कम्पनी में अटैच अनेेक गाड़ियां जो चलन में नहीं उनके एप दूसरी गाड़ियों में धड़ल्ले से प्रयोग किये जा रहे हैं और जो गाड़ियां चलने लायक ही नहीं हैं उनके द्वारा बुकिंग धड़ल्ले से की जा रही है।
ओला कम्पनी के रीजनल सेल्स मैनेजर अंकुर त्रिपाठी ने लिखित रूप में स्वीकार किया है कि ओला की गाड़ियों में यात्रा करना लोगों के लिये सुरक्षित नहीं है। उन्होंने यह तक लिख कर दिया है कि ओला कैब की गाड़ी से कोई भी अपराध हो सकता है, आतंकवादी हमला हो सकता है।
ऐसे में क्या कानपुर पुलिस कमिश्नरेट की पुलिस उपायुक्त यातायात रवीना त्यागी (आई0 पी0 एस0) व सभी राज्य सरकारों सहित भारत सरकार को इस बारे में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता नहीं है, क्यों यह सिर्फ कानपुर महानगर के लोगों की ही नहीं बल्कि देश के सभी लोगों की जानमाल की सुरक्षा से जुड़ा गम्भीर विषय है ? ऐसे में जिम्मेदारों को चाहिये कि सिर्फ ओला कैब कम्पनी ही नहीं बल्कि सभी कैब कम्पनियों की जाँच गहनता से करवायें जिससे कि देश के लोगों की जानमाल की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को सबक मिल सके।

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प्रधानमंत्री मोदी ने अजमेर और दिल्ली कैंट के बीच राजस्थान की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस को झंडी दिखाकर रवाना किया

प्रधानमंत्री मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राजस्थान की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को झंडी दिखाकर रवाना किया।

सभा को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने वीर भूमि राजस्थान को अपनी पहली वंदे भारत ट्रेन मिलने पर बधाई दी, जो न केवल जयपुर-दिल्ली के बीच यात्रा को आसान बनाएगी, बल्कि राजस्थान के पर्यटन उद्योग को भी बढ़ावा देगी, क्योंकि यह तीर्थराज पुष्कर और अजमेर शरीफ जैसी आस्था के स्थलों तक पहुंचने में मदद करेगी।

प्रधानमंत्री ने याद करते हुए कहा कि, पिछले दो महीनों में दिल्ली-जयपुर वंदे भारत एक्सप्रेस सहित देश में छह वंदे भारत ट्रेनों को झंडी दिखाने का अवसर मिला है। उन्होंने मुंबई-सोलापुर वंदे भारत एक्सप्रेस, मुंबई-शिर्डी वंदे भारत एक्सप्रेस, रानी कमलापति-हजरत निजामुद्दीन वंदे भारत एक्सप्रेस, सिकंदराबाद-तिरुपति वंदे भारत एक्सप्रेस और चेन्नई कोयम्बटूर वंदे भारत एक्सप्रेस का उदाहरण दिया। प्रधानमंत्री ने इस बात को रेखांकित किया कि वंदे भारत एक्सप्रेस की शुरुआत के बाद से लगभग 60 लाख नागरिकों ने इससे यात्रा की है। प्रधानमंत्री ने कहा, “वंदे भारत की गति इसकी मुख्य विशेषता है और यह लोगों के समय की बचत कर रही है।“ प्रधानमंत्री ने कहा कि एक अध्ययन के अनुसार, जो लोग वंदे भारत एक्सप्रेस से यात्रा करते हैं, वे प्रत्येक यात्रा पर 2500 घंटे बचाते हैं। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि वंदे भारत एक्सप्रेस को विनिर्माण कौशल, सुरक्षा, तेज गति और सुंदर डिजाइन को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। यह दोहराते हुए कि नागरिकों ने वंदे भारत एक्सप्रेस की बहुत सराहना की है, प्रधानमंत्री ने कहा कि एक्सप्रेस ट्रेन भारत में विकसित की जाने वाली पहली अर्ध-स्वचालित ट्रेन है और दुनिया की पहली सुगठित और कुशल ट्रेनों में से एक है। श्री मोदी ने कहा, “वंदे भारत पहली ट्रेन है, जो स्वदेशी सुरक्षा प्रणाली, कवच के अनुकूल है।“ उन्होंने बताया कि यह पहली ट्रेन है, जो बिना किसी अतिरिक्त इंजन की आवश्यकता के सह्याद्री घाटों की ऊंचाइयों को पार कर सकती है। उन्होंने कहा, “वंदे भारत एक्सप्रेस ‘भारत प्रथम, हमेशा प्रथम’ की भावना को साकार करती है।” प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि वंदे भारत एक्सप्रेस विकास, आधुनिकता, स्थिरता और ‘आत्मनिर्भरता’ का पर्याय बन गई है।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर खेद व्यक्त किया कि रेलवे जैसी नागरिकों की एक महत्वपूर्ण और मूलभूत आवश्यकता को राजनीति का अखाड़ा बना दिया गया। उन्होंने कहा कि आजादी के समय भारत को काफी बड़ा रेलवे नेटवर्क विरासत में मिला था, लेकिन आजादी के बाद के वर्षों में आधुनिकीकरण की आवश्यकता पर राजनीतिक हित हावी रहे। रेल मंत्री के चयन, ट्रेनों की घोषणा और यहां तक कि भर्तियों में भी राजनीति साफ नजर आई। रेलवे की नौकरियों के झूठे बहाने देकर भूमि का अधिग्रहण किया गया और कई मानवरहित क्रॉसिंग बहुत लंबे समय तक चलते रहे तथा साफ़-सफाई एवं सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया गया। 2014 के बाद स्थिति बेहतर हुई, जब लोगों ने पूर्ण बहुमत के साथ एक स्थिर सरकार चुनी। उन्होंने कहा, “जब राजनीतिक लेन-देन का दबाव कम हुआ, तो रेलवे ने राहत की सांस ली और यह नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया।“

प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र की सरकार राजस्थान को नए अवसरों की भूमि बना रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने कनेक्टिविटी के लिए अभूतपूर्व काम किया है, जो राजस्थान जैसे राज्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, जिसकी अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा पर्यटन है। श्री मोदी ने फरवरी में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के दिल्ली-दौसा-लालसोट खंड के लोकार्पण का उल्लेख किया। इस खंड से दौसा, अलवर, भरतपुर, सवाई माधोपुर, टोंक, बूंदी और कोटा जिलों को लाभ होगा। प्रधानमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार राजस्थान में सीमावर्ती क्षेत्रों में लगभग 1400 किलोमीटर लंबाई की सड़कों पर काम कर रही है और राज्य के लिए 1000 किलोमीटर से अधिक लंबाई की सड़कें प्रस्तावित हैं।

राजस्थान में कनेक्टिविटी को दी जा रही प्राथमिकता को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने तरंगा हिल से अंबाजी तक रेलवे लाइन पर काम शुरू करने का उल्लेख किया। यह लाइन एक सदी पुरानी लंबित मांग थी, जिसे अब पूरा किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि उदयपुर-अहमदाबाद लाइन बड़ी लाइन बनाने का काम पूरा हो चुका है और 75 प्रतिशत से अधिक रेलवे नेटवर्क का विद्युतीकरण किया जा चुका है। श्री मोदी ने टिप्पणी की कि राजस्थान के लिए रेल बजट 2014 की तुलना में 14 गुना बढ़ा दिया गया है, जो 2014 के 700 करोड़ रुपये से बढ्कर इस वर्ष 9500 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। रेलवे लाइनों के दोहरीकरण की गति भी दोगुनी हो गयी है। रेल लाइन के आमान परिवर्तन और दोहरीकरण से डूंगरपुर, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, पाली और सिरोही जैसे आदिवासी क्षेत्रों को मदद मिली है। उन्होंने कहा कि अमृत भारत रेल योजना के तहत दर्जनों स्टेशनों का उन्नयन किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, सरकार विभिन्न प्रकार की सर्किट ट्रेनों का भी परिचालन कर रही है और भारत गौरव सर्किट ट्रेनों का उदाहरण दिया। इन ट्रेनों ने अब तक 70 से अधिक यात्राएं की हैं और 15 हजार से अधिक यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचा चुकी है। प्रधानमंत्री ने कहा, “अयोध्या-काशी हो, दक्षिण दर्शन हो, द्वारका दर्शन हो, सिख तीर्थस्थल हों, ऐसे कई स्थानों के लिए भारत गौरव सर्किट ट्रेनें चलाई गई हैं।” प्रधानमंत्री ने कहा कि यात्रियों के सोशल मीडिया पर सकारात्मक प्रतिक्रिया को ध्यान में रखते हुए, यह कहा जा सकता है कि ये ट्रेनें ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना को लगातार मजबूत कर रही हैं।

प्रधानमंत्री ने ‘एक स्टेशन, एक उत्पाद’ अभियान पर प्रकाश डाला और कहा कि भारतीय रेलवे ने पिछले वर्षों में राजस्थान के स्थानीय उत्पादों को पूरे देश में पहुंचाने का एक और प्रयास किया है। उन्होंने बताया कि भारतीय रेलवे ने लगभग 70 ‘एक स्टेशन, एक उत्पाद’ के स्टॉल लगाए हैं, जिनमें राजस्थान की जयपुरी रजाई, सांगानेरी ब्लॉक प्रिंट वाली चादरें, गुलाब के उत्पाद और अन्य हस्तशिल्प बेचे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान के छोटे किसानों, कारीगरों और हस्तशिल्पियों को बाजार तक पहुंचने का यह नया माध्यम मिला है। संबोधन का समापन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह विकास में सबकी भागीदारी का उदाहरण है। प्रधानमंत्री ने निष्कर्ष के तौर पर कहा, “जब रेल जैसी परिवहन-संपर्क की अवसंरचना मजबूत होती है, तो देश मजबूत होता है। इससे देश के आम नागरिक को लाभ होता है, देश के गरीब और मध्यम वर्ग को लाभ होता है।“ उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि आधुनिक वंदे भारत ट्रेन राजस्थान के विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

पृष्ठभूमि

राजस्थान के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस की पहली ट्रेन जयपुर से दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन के बीच चलेगी। इस ट्रेन की नियमित सेवा 13 अप्रैल, 2023 से शुरू होगी तथा जयपुर, अलवर और गुड़गांव में ठहराव-स्टेशनों के साथ अजमेर और दिल्ली कैंट के बीच चलेगी।

नई वंदे भारत एक्सप्रेस दिल्ली कैंट और अजमेर के बीच की दूरी 5 घंटे 15 मिनट में तय करेगी। इस मार्ग की मौजूदा सबसे तेज ट्रेन शताब्दी एक्सप्रेस दिल्ली कैंट से अजमेर तक के लिए 6 घंटे 15 मिनट का समय लेती है। इस तरह नई वंदे भारत एक्सप्रेस, इस मार्ग पर चलने वाली मौजूदा सबसे तेज ट्रेन की तुलना में 60 मिनट कम समय लेगी।

अजमेर-दिल्ली कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस हाई राइज ओवरहेड इलेक्ट्रिक (ओएचई) टेरीटरी पर दुनिया की पहली अर्ध-उच्च गति यात्री ट्रेन होगी। यह ट्रेन पुष्कर, अजमेर शरीफ दरगाह सहित राजस्थान के प्रमुख पर्यटन स्थलों के रेल-संपर्क में सुधार करेगी। बढ़े हुए रेल-संपर्क से क्षेत्र में सामाजिक-आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

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कटरा में इंटर मॉडल स्टेशन श्री माता वैष्णो देवी तीर्थ यात्रा करने वाले यात्रियों की यात्रा के अनुभव को बेहतर बनाने वाली एक विश्व स्तरीय अत्याधुनिक परियोजना होगी: गडकरी

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने आज कहा की कटरा में स्थापित किया जाने वाला इंटर मॉडल स्टेशन (आईएमएस) श्री माता वैष्णो देवी मंदिर जाने वाले तीर्थयात्रियों के यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने के लिए निर्मित एक विश्व स्तरीय अत्याधुनिक परियोजना होगी। श्री माता वैष्णो देवी आध्यात्मिक विकास केंद्र, कटरा में मीडिया से बातचीत के दौरान श्री गडकरी ने यह बात कही।

मीडिया से बातचीत के दौरान, श्री गडकरी ने कहा, जम्मू-कश्मीर में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा 1,30,000 करोड़ रुपये के विकास कार्य किए जा रहे हैं और 2014 से इस क्षेत्र में लगभग 500 किलोमीटर सड़क नेटवर्क का निर्माण पूरा हो चुका है। श्री गडकरी ने बताया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 45,000 करोड़ रुपये की लागत से 41 महत्वपूर्ण सुरंगों का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही 5,000 करोड़ रुपये की लागत के साथ 18 रोपवे का निर्माण किया जाएगा।

श्री नितिन गडकरी ने यह भी बताया कि जम्मू और श्रीनगर के बीच यात्रा के लिए 35,000 करोड़ रुपये की लागत से तीन कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं, जो पहले की 320 किलोमीटर की दूरी को 70 किलोमीटर कम कर देंगे और यात्रा का समय दस घंटे से घटकर चार से पांच घंटे रह जाएगा।

श्री नितिन गडकरी ने यह भी घोषणा की कि पहलगाम में पवित्र अमरनाथ गुफा की ओर जाने वाले 110 किलोमीटर लंबे अमरनाथ मार्ग को तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए लगभग 5300 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा।

श्री गडकरी ने कहा, देश भर के हर राज्य और केंद्रशासित प्रदेश से अत्याधुनिक सड़क नेटवर्क के विकास के साथ, कश्मीर से कन्याकुमारी तक यात्रा अब देश के लोगों के लिए सपना नहीं रहेगी।

मीडिया से बातचीत के दौरान मौजूद डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि बनिहाल, रामबन राजमार्ग खंड लैवेंडर की खेती का एक केंद्र बन जाएगा, जिससे कृषि-प्रौद्योगिकी स्टार्ट-अप को बढ़ावा मिलेगा।

इस अवसर पर उपस्थित अन्य गणमान्य व्यक्तियों में सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री डॉ. वीके सिंह, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल श्री मनोज सिन्हा और सड़क परिवहन और राजमार्ग सचिव अलका उपाध्याय शामिल थे।

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गडकरी ने जम्मू और कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा के साथ सभी मौसम में जम्मू और श्रीनगर के बीच कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए बनाए जा रहे जम्मू से उधमपुर-रामबन-बनिहाल से श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच 44) के श्रीनगर-बनिहाल सेक्शन का निरीक्षण किया

केंद्रीय सड़क परिवहन तथा राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल श्री मनोज सिन्हा, केंद्रीय राज्य मंत्री (डॉ.) वी. के. सिंह (सेवानिवृत्त) तथा केंद्रीय राज्य मंत्री श्री जितेंद्र सिंह के साथ जम्मू-कश्मीर के बीच सभी मौसम में कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए बनाए जा रहे जम्मू से उधमपुर-रामबन-बनिहाल से श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच 44) के श्रीनगर-बनिहाल सेक्शन का निरीक्षण किया।

जम्मू और श्रीनगर के बीच आवाजाही को सुगम बनाने के लिए 35,000 करोड़ रुपए की लागत से तीन कोरिडोर बनाए जा रहे हैं। इसके अंतर्गग जम्मू से उधमपुर-रामबन-बनिहाल और आगे श्रीनगर तक के पहले कोरिडोर में श्रीनगर से बनिहाल तक का सेक्शन शामिल है। 250 किलोमीटर लंबी यह सड़क 16,000 करोड़ रुपए की लागत से बनाई जा रही है। इसमें से 210 किलोमीटर का चार लेन का मार्ग पूरा हो गया है, जिसमें 21.5 किलोमीटर की 10 सुरंगें शामिल हैं।

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इस सड़क का चार लेन का डिजाइन जियो-टेक्नीकल तथा जियोलॉजिकल जांच के आधार पर तैयार किया गया है, ताकि इस क्षेत्र में संभावित भू-स्खलन से निपटा जा सके। जम्मू और श्रीनगर के बीच यात्रा को सुरक्षित तथा सहज बनाने के लिए क्रैश बेरियर और अन्य सड़क सुरक्षा उपाय किए गए हैं।

इस मार्ग के बनने से जम्मू और श्रीनगर के बीच सभी मौसम में कनेक्टिविटी होगी। श्रीनगर से जम्मू का यात्रा समय 9-10 घंटे से कम होकर 4-5 घंटे रह जाएगा। जून 2024 तक रामबन और बनिहाल के बीच 40 किलोमीटर की चार लेन सड़क का केरिज-वे तैयार हो जाएगा, जिससे श्रीनगर के आने-जाने वाले लोगों को राहत मिलेगी।

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सिकंदराबाद और तिरुपति के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस से विशेष रूप से आध्यात्मिक पर्यटन को लाभ होगा और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री  मोदी ने कहा है कि वंदे भारत एक्सप्रेस गर्व, आराम और कनेक्टिविटी का पर्याय है।

श्री मोदी द्वारा सिकंदराबाद और तिरुपति के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किए जाने से संबंधित केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी के एक ट्वीट को साझा करते हुए, प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया:

“वंदे भारत एक्सप्रेस गर्व, आराम और कनेक्टिविटी का पर्याय है। सिकंदराबाद और तिरुपति के बीच चलने वाली इस ट्रेन से पर्यटन, विशेषकर आध्यात्मिक पर्यटन को लाभ होगा। इससे आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।”

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गडकरी ने 6 लेन वाले 212 किलोमीटर लंबे 12,000 करोड़ वाले दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे का निरीक्षण किया

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री, श्री नितिन गडकरी ने आज केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री श्री जनरल वीके सिंह और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में 6 लेन वाले 212 किलोमीटर लंबे दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे का निरीक्षण किया, जिसकी लागत 12,000 करोड़ रुपये है।

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यह एक्सप्रेसवे चार खंडों में विभाजित है और इसका निर्माण दिल्ली में अक्षरधाम के पास से शुरु होकर शास्त्री पार्क, खजूरी खास, मंडोला के खेकड़ा में ईपीई इंटरचेंज, बागपत, शामली, सहारनपुर उत्तर प्रदेश से होकर उत्तराखंड के देहरादून तक किया जा रहा है। देहरादून के दतकाली में 1,995 करोड़ रुपये की लागत से 340 मीटर लंबी 3 लेन वाली सुरंग का निर्माण भी किया जा रहा है।

इस कॉरिडोर के निर्माण में अनेक प्रकार के विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिसमें गणेशपुर से देहरादून तक मार्ग को वन्यजीवों के लिए सुरक्षित रखा गया है। इसमें 12 किलोमीटर एलिवेटेड रोड, 6 पशु अंडरपास, 2 हाथी अंडरपास, 2 बड़े पुल और 13 छोटे पुलों का प्रावधान है। पूरे एक्सप्रेसवे में 113 वीयूपी (वाहन अंडर पास), एलवीयूपी (हल्के वाहन अंडर पास), एसवीयूपी (छोटे वाहन अंडर पास), 5 आरओबी, 4 बड़े पुल और 62 बस शेल्टर का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही, 76 किलोमीटर सर्विस रोड, 29 किलोमीटर एलिवेटेड रोड और 16 प्रवेश-निकास बिंदु का भी निर्माण किया जा रहा है।

यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, दिल्ली-देहरादून एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर 12 सड़क सुविधाओं का प्रावधान किया गया है। इस राजमार्ग को हरिद्वार से जोड़ने के लिए 2,095 करोड़ रुपये की लागत से 6 लेन वाले 51 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड सड़क का निर्माण किया जा रहा है।

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नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने इंदौर और शारजाह के बीच सीधी विमान सेवा का शुभारंभ किया

  • उड़ान 31 मार्च को अपना परिचालन शुरू करेगी, और यह सप्ताह में तीन दिन संचालित होगी।
  • यह संयुक्त अरब अमीरात के लिए इंदौर का दूसरा हवाई संपर्क है, और यह मध्य प्रदेश में व्यापार, वाणिज्य और पर्यटन को बढ़ावा देगा।

नागर विमानन और इस्पात मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने नागर विमानन मंत्रालय के राज्यमंत्री जनरल डॉ. विजय कुमार सिंह (सेवानिवृत्त) के साथ आज इंदौर और शारजाह के बीच सीधी विमान सेवा का शुभारंभ किया।

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यह नया मार्ग मध्य-पूर्व के साथ संपर्क बढ़ाएगा और मध्य प्रदेश में व्यापार, वाणिज्य और पर्यटन को बढ़ावा देगा। यह 31 मार्च, 2023 से शुरू होकर सप्ताह में तीन दिन निम्नलिखित कार्यक्रम के अनुसार संचालित होगा:

उड़ान सं.  कहां से  कहां तक  फ्रीक्वेंसी  प्रस्थान का समय  आगमन का समय  विमान शुरुआत की तिथि
आईएक्स0255 आईडीआर एसजेएच सोमवारशुक्रवार और शनिवार 10:30 12:10 बी 737-800 31 मार्च 2023
आईएक्स0256 एसजेएच आईडीआर सोमवार, शुक्रवार और शनिवार 03:00 07:35

नागर विमानन मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि इंदौर से दुबई, इंदौर से शारजाह के बाद संयुक्त अरब अमीरात के साथ इंदौर का दूसरा हवाई संपर्क होगा। इससे न केवल व्यापार और वाणिज्य को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि दो अलग-अलग देशों में रहने वाले परिवारों को भी जोड़ा जा सकेगा।

कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के बारे में चर्चा करते हुए श्री सिंधिया ने कहा कि 2013-14 में इंदौर केवल 6 गंतव्यों से जुड़ा था। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सरकार के 9 वर्षों में, यह शहर 2 अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों सहित 24 गंतव्यों तक बढ़ गया है, जो कि 400 प्रतिशत की वृद्धि है। पहले इंदौर से साप्ताहिक हवाई यातायात की आवाजाही 320 थी, जो अब बढ़कर 500 हो गई है जो कि 52 प्रतिशत की वृद्धि है।

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सिंधिया ने यह भी कहा कि 2014 में मध्य प्रदेश राज्य का देश के केवल आठ शहरों से हवाई संपर्क था, लेकिन अब यह 26 शहरों से जुड़ गया है, जो कि 300 प्रतिशत की वृद्धि है। राज्य से साप्ताहिक हवाई यातायात की आवाजाही 500 विमानों की थी, जो 9 वर्षों में बढ़कर 840 हो गया है। आरसीएस उड़ान योजना के तहत मध्य प्रदेश को 60 रूट दिए गए थे, जिनमें से 33 पहले से ही चालू हैं और 12 जल्द ही चालू हो जाएंगे। हाल ही में रीवा हवाई अड्डे की नींव रखी गई और इसके विकास पर 50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। ग्वालियर में 500 करोड़ रुपये की लागत से एक नया एकीकृत टर्मिनल भवन विकसित किया जा रहा है। जबलपुर में भी लगभग 475 करोड़ रुपये की लागत से नया एकीकृत टर्मिनल भवन विकसित किया जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान एयर इंडिया एक्सप्रेस, एयरएशिया इंडिया के प्रबंध निदेशक श्री आलोक सिंह और एयरएशिया इंडिया के संचालन प्रमुख कैप्टन मनीष उप्पल उपस्थित थे।

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केंद्रीय नागरिक विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अमृतसर और गैटविक हवाई अड्डे के बीच सीधी उड़ान सेवा का उद्घाटन किया

केंद्रीय नागरिक विमानन और इस्पात मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने आज अमृतसर और गैटविक के बीच सीधी उड़ान सेवा का उद्घाटन किया। अमृतसर और गैटविक के बीच बिना किसी ठहराव के यह उड़ान सेवा एयर इंडिया द्वारा आज से निम्नलिखित कार्यक्रम के अनुसार संचालित की जाएगी:

उड़ान संख्या प्रस्थान का स्थान पहुँचने का स्थान उड़ान के दिनों की संख्या प्रस्थान का समय (एलटी) पहुँचने का समय (एलटी)
एआई 169 एटीक्यू एलजीडबल्यू सप्ताह में तीन दिन 1320 1755
एआई 170 एलजीडबल्यू एटीक्यू सप्ताह में तीन दिन 2010 0840+1

केंद्रीय नागरिक विमानन और इस्पात मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि यह नई अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवा इस क्षेत्र के विकास के लिए प्रेरक का काम करेगा। यह एक भावनात्मक विषय भी है क्योंकि ब्रिटेन में पंजाब के लाखों लोग रहते हैं और यह नई उड़ान सेवा दो अलग-अलग देशों में रहने वाले परिवारों को जोड़ने का काम करेगी ।

श्री सिंधिया ने अमृतसर हवाई अड्डे के बुनियादी ढांचे के विकास पर बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने अमृतसर हवाई अड्डे के विकास का भरोसा दिया है। सरकार ने 50 करोड़ रुपये की लागत से 13 पार्किंग एप्रन विकसित किए हैं। श्री सिंधिया ने कहा कि 100 करोड़ रुपये की लागत से विमानों की आसान आवाजाही के लिए एक समानांतर टैक्सी-ट्रैक भी विकसित किया गया है। उन्होंने कहा कि 250 करोड़ रुपये की लागत से एक नया एकीकृत टर्मिनल भी विकसित किया गया है।

नागरिक विमानन मंत्री महोदय श्री सिंधिया ने कनेक्टिविटी के बारे में कहा कि यह अमृतसर और इंग्लैंड के बीच तीसरी उड़ान सेवा है और इसे मिलाकर छह अंतरराष्ट्रीय उड़ानें अमृतसर से इंग्लैंड के लिए चल रही हैं। श्री सिंधिया ने कहा कि वर्ष 2014 तक अमृतसर हवाई मार्ग से सिर्फ 6 शहरों से जुड़ा था, लेकिन पिछले 9 वर्ष में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में यह बढ़कर 21 शहरों तक पहुंच गया है और इसमें 250 प्रतिशत का उछाल आया है। उन्होंने कहा कि इससे पहले साप्ताहिक यातायात आवागमन 217 प्रति सप्ताह था जो अब 87 प्रतिशत की वृद्धि के साथ बढ़कर 416 प्रति सप्ताह हो गया है। श्री सिंधिया ने कहा कि क्षेत्रीय संपर्क सेवा उड़े देश का आम नागरिक-उड़ान योजना के अंतर्गत, पंजाब में 145.35 करोड़ रुपये के बजट के साथ 20 हवाई मार्ग चालू हो चुके हैं और निकट भविष्य में 4 और हवाई मार्ग शुरू करने की योजना है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कनाडा के साथ ओपन स्काई ऑफर पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें एयरलाइन ऑपरेटर भारतीय शहरों और उनके कनाडा के समकक्षों के बीच असीमित उड़ान सेवाएँ संचालित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें आशा है कि इस समझौते से पंजाब राज्य और वहां के लोगों को लाभ होगा।

उद्घाटन समारोह में वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री श्री सोम प्रकाश, श्री. एस.के. मिश्रा संयुक्त सचिव, नागरिक उड्डयन मंत्रालय श्री मालविंदर सिंह जग्गी सचिव नागरिक उड्डयन, पंजाब सरकार और एयर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री कैंपबेल विल्सन उपस्थित थे।

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