भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर “सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ सोसाइटी एंड पॉलिटिक्स” (सी एस एस पी)की ओर से घर की बेटियों को राजनीति में लाने का संदेश दिया गया।
सिविल लाइंस स्थित मर्चेंट चेंबर सभागार में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि राजनीति अब राजनैतिक घरानों के बेटियों के लिए नहीं रहेगी इसका स्वरूप बदलेगा,
अब राजनीति में रुचि रखने वाली गैर राजनैतिक परिवार की बेटियों की भागीदारी बढ़ेगी। संस्थान ने गैर राजनैतिक पृष्ठभूमि वाले परिवार की महिलाओं को प्रेरित प्रशिक्षित और शिक्षित करने का बीड़ा उठाया है ताकि वो राजनीति में आने से न हिचकें और राजनीतिक में अपनी भूमिका निभा सकें।
कार्यक्रम में के डी जी सी लखनऊ की प्राचार्या प्रो सारिका दुबे ने इस विषय अपनी राय रखी उन्होंने कहा राजनैतिक सशक्तिकरण के लिए सीएसएसपी द्वारा की गई पहल से महिलाओं का राजनीत में आने का मार्ग सुलभ होगा। संस्थान के निदेशक डॉ ए के वर्मा ने अपनी पौत्री श्रेया की स्मृति में बेटियों को श्रेया स्कॉलरशिप देने की घोषणा की, इस अवसर पर डॉ ए के वर्मा की दो पुस्तकों “ए ग्रामर ऑफ प्रोफेशनल पॉलिटिक्स,इंटर पॉलिटिक्स,विन इलेक्शन” और व्यावसायिक राजनीति का व्याकरण राजनीतिज्ञ बने चुनाव जीतें” का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रो नलिन कुमार, डॉ नीता जैन, डॉ शिप्रा श्रीवास्तव, डॉ संजय कुमार, डॉ सूफिया शहाब, डॉ आशुतोष सक्सेना, डॉ मितकमल डॉ नीरज शुक्ला, अजय दीक्षित, प्रभात तिवारी, ज़ैनब आदि उपस्थित रहे।
शिक्षा
क्राइस्ट चर्च कॉलेज में जिलेट द्वारा “ग्रूमिंग एजुकेशन ड्राइव इन कॉलेज कैंपस” आयोजित
भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर 26 अगस्त क्राइस्ट चर्च कॉलेज में जिलेट द्वारा ग्रूमिंग एजुकेशन ड्राइव इन कॉलेज कैंपस का आयोजन किया गया। कॉलेज प्राचार्य विनय जॉन सेबेस्टियन के दिशा निर्देशन में कार्यक्रम का संचालन कैरियर काउंसलिंग सेल की संयोजिका डॉ मीतकमल द्वारा किया। इस कार्यक्रम में छात्रों को जिलेट गार्ड सेविंग किट का वितरण किया गया। मुख्य वक्ता श्रेयांश सक्सेना द्वारा छात्रों को साक्षात्कार टिप्स और यह भी बताया कि हमें अपना श्रेष्ठ देना चाहिए और हमें हेल्पफुल कम्युनिकेशन टिप्स भी दिए गए। इस अवसर पर कॉलेज के डॉ एरिक, डॉ संजय शुक्ला ,डॉ आशीष दुबे ,डॉ आशीष ओमर उपस्थित रहे
कानपुर विद्यामंदिर महिला महाविद्य एवं आओ गढ़ें संस्कारवान पीढ़ी, गायत्री परिवार शांतिकुंज, हरिद्वार के संयुक्त तत्वाधान में 7 दिवसीय कार्यशाला शुभारंभ
भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर 25 अगस्त कानपुर विद्यामंदिर महिला महाविद्यालय, स्वरूप नगर कानपुर में समाजशास्त्र विभाग एवं आओ गढ़ें संस्कारवान पीढ़ी, गायत्री परिवार शांतिकुंज, हरिद्वार के संयुक्त तत्वाधान से 7 दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। यह कार्यशाला दो चरणों में आयोजित होगी। यह कार्यशाला का प्रथम चरण है। कार्यशाला के द्वितीय चरण के बाद प्रतिभाग लेने वाली छात्राओं को संस्था द्वारा प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा। कार्यशाला का उद्देश्य छात्राओं को मानसिक,भावनात्मक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है तथा आज की युवा पीढ़ी को कल के बेहतर समाज की नींव रखने के लिए तैयार करना है। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों का स्वागत एवं प्राचार्या प्रो० पूनम विज द्वारा मोमेंटो भेंट देकर किया गया प्राचार्या जी ने अपने उद्बोधन में इस विशिष्ट कार्यशाला के आयोजन के प्रयास हेतु समाजशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्षा डॉ पूर्णिमा शुक्ला की सराहना की एवं छात्राओं को इस कार्यक्रम कार्यशाला की महत्ता से अवगत कराया।
इस कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ० संगीता सारस्वत, सीनियर गाइनेकोलॉजिस्ट एवं आओ गढ़ें संस्कारवान पीढ़ी उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट,कन्वीनर द्वारा छात्राओं को गहनता से उनके वातावरण, शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य, दिनचर्या इत्यादि का उनके जीवन और आने वाले भविष्य पर प्रभाव को वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक तरीके से समझाया। कैसे आज का युवा अपनी शक्तियों का दुरूपयोग कर रहा है। संस्कारों की जागृति से ही नई पीढ़ी का भविष्य संरक्षित और संवर्धित हो सकता है। ईश्वर के बाद यदि कोई सृजन कर सकता है तो केवल स्त्री। हमें अपने आत्मबल और शक्तियों को पहचान कर सही दिशा देकर एक नई ऊर्जा के साथ भावी पीढ़ी का निर्माण करना है। इस कार्यशाला में 55 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक और गंभीरता के साथ प्रतिभाग लिया। कार्यक्रम का कुशल संयोजन एवं संचालन समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ० पूर्णिमा शुक्ला द्वारा किया गया। कार्यक्रम में आओ गढ़ें संस्कारवान पीढ़ी की डिस्ट्रिक कॉर्डिनेटर नीरू तिवारी एवं शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।
सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए शिक्षा को रोचक और संवादात्मक बनाने की नई पहल
सीतापुर में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने किया “ज्ञान का पिटारा” और “जीवन कौशल शिक्षा किट” का अनावरण*
*एजुकेट गर्ल्स के ज्ञान का पिटारा और जीवन कौशल शिक्षा कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों में साक्षरता और किशोरियों में नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा*
भारतीय स्वरूप संवाददाता सीतापुर, एजुकेट गर्ल्स द्वारा जनपद सीतापुर में सरकारी विद्यालयों के छात्रों के अधिगम स्तर को मजबूत बनाने के उद्देश्य से “ज्ञान का पिटारा किट” तथा बालिकाओं के कौशल विकास एवं उनके समग्र व्यक्तित्व संवर्धन हेतु “जीवन कौशल शिक्षा किट” का अनावरण, बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) अखिलेश प्रताप सिंह द्वारा समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों की उपस्थिति में किया गया। संस्था द्वारा संचालित ज्ञान का पिटारा किट का मुख्य उद्देश्य कक्षा 3 से 5 के विद्यार्थियों में बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान को सुदृढ़ करना है, वहीं जीवन कौशल शिक्षा किट का लक्ष्य कक्षा 6 से 8 की किशोरियों में नेतृत्व क्षमता, आत्मनिर्णय, आत्मसम्मान, तर्कसंवाद एवं निर्णय लेने की क्षमता का विकास करना है।
इस अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा,
“एजुकेट गर्ल्स संस्था द्वारा संचालित ज्ञान का पिटारा और जीवन कौशल शिक्षा किट बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। संस्था द्वारा आयोजित सामुदायिक बैठकों से शिक्षा के प्रति जन-जागरूकता बढ़ती है। एजुकेट गर्ल्स के पास समर्पित टीम एवं स्वयंसेवकों का मजबूत नेटवर्क है, जिसके माध्यम से शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए जा सकते हैं।“
एजुकेट गर्ल्स संस्था के उत्तर प्रदेश के स्टेट हेड नितिन कुमार झा ने कहा,
“जिले के चयनित विद्यालयों में बच्चों के सीखने के स्तर को बढ़ाने के लिए संस्था द्वारा कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। ज्ञान का पिटारा किट को बच्चों के लिए रोचक एवं संवादात्मक बनाया गया है। वहीं, जीवन कौशल शिक्षा किट से किशोरियों में क्षमतावर्धन एवं निर्णय लेने की योग्यता का विकास होगा। हमें शिक्षा विभाग का सतत सहयोग प्राप्त हुआ है और हमें विश्वास है कि आने वाले समय में हम जनपद के प्रत्येक बच्चे तक बेहतर शिक्षा पहुँचाने में सफल होंगे।“
कार्यक्रम में जोनल ऑपरेशन लीड श्री रमाकांत ने संस्था का परिचय प्रस्तुत किया तथा फील्ड स्तर पर किए जा रहे सहयोग की जानकारी एक प्रस्तुति (पीपीटी) के माध्यम से साझा की।
इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारियों ओंकार सिंह, पुष्पराज सिंह, संतोष कुमार मिश्रा, ऋषिकेश सिंह एवं कपिल देव द्विवेदी सहित एजुकेट गर्ल्स संस्था से निगार, शादाब अंसारी, आनंद कुमार, विक्रांत कुमार, क्षेत्र समन्वयक एवं टीम बालिका की उपस्थिति रही।
Read More »एस एन सेन बालिका विद्यालय पीजी कॉलेज में एंटी रैगिंग वीक के अंतर्गत पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित
भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर 18 अगस्त एस एन सेन बालिका विद्यालय पीजी कॉलेज महाविद्यालय, माल रोड ,में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के निर्देशानुसार एंटी रैगिंग वीक के अंतर्गत एक पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन कराया गया, जिसमें महाविद्यालय की छात्राओं ने भाग लिया। जिसमें से प्रथम स्थान स्नेहा सिंह ,द्वितीय स्थान भूमि गुप्ता तथा तृतीय स्थान शुभेका खान ने प्राप्त किया। शिक्षा शास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर चित्रा सिंह तोमर ने एंटी रैगिंग विषय पर अपना विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रोफेसर निशि प्रकाश ने की। मीडिया प्रभारी डॉ प्रीति सिंह ने बताया यह कार्यक्रम कैप्टन ममता अग्रवाल तथा प्रो मीनाक्षी व्यास के निर्देशन में संपन्न हुआ। प्रोफेसर रेखा चौबे ,प्रोफेसर अलका टंडन ,डॉक्टर रेनू कुरील आदि उपस्थिति रही।
हर घर तिरंगा अभियान – म्यूज़िक कॉन्सर्ट एवं एच जी टी सेल्फी कार्यक्रम आयोजित
भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर 13 अगस्त दयानंद गर्ल्स पीजी कॉलेज कानपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई , कार्यक्रम अधिकारी डॉ संगीता सिरोही के कुशल निर्देशन में छात्राओं के द्वारा “हर घर तिरंगा अभियान – 2025” द्वितीय चरण के अंतर्गत आयोजित “म्यूजिकल कंसर्ट एवं एच जी टी सेल्फी” गतिविधि में हिस्सा लिया गया। जिसमें छात्राओं के द्वारा स्वतंत्रता दिवस, तिरंगा आदि की थीम से संबंधित गानों का प्रस्तुतिकरण किया गया।
इस कार्यक्रम में महाविद्यालय की 100 से अधिक छात्राएं उपस्थित रही तथा सभी ने उत्साह एवं उमंग के साथ हिस्सा लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में संगीत विभाग प्रभारी प्रो संगीता श्रीवास्तव, प्रो शालिनी त्रिपाठी, प्रो रुचिमिता पांडे, डॉ अलका सिंह, श्री निशांत कुमार सिंह समेत समस्त टीम का सहयोग सराहनीय रहा।
महाविद्यालय प्राचार्या प्रो वंदना निगम तथा सेल्फ फाइनेंस डायरेक्टर ने छात्राओं के द्वारा की गई समस्त गतिविधियों की सराहन की। कार्यालय अधीक्षक कृष्णेन्द्र कुमार ने सभी छात्राओं से “हर घर तिरंगा अभियान” में उत्साह के साथ हिस्सा लेने का आह्वान किया।
हर घर तिरंगा अभियान पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन
भारतीय स्वरूप संवाददाता दयानंद गर्ल्स पीजी कॉलेज कानपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई, कार्यक्रम अधिकारी के कुशल निर्देशन में छात्राओं के द्वारा “हर घर तिरंगा अभियान – 2025” के अंतर्गत आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में हिस्सा लिया गया। जिसमें छात्राओं के द्वारा स्वतंत्रता दिवस, तिरंगा आदि की थीम से संबंधित पोस्टर बनाए गए।इस प्रतियोगिता में कुल 25 छात्राओं ने प्रतिभाग किया पोस्टर बनाकर उन्हें महाविद्यालय की दीवारों तथा नोटिस बोर्ड पर सजाया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में ड्राइंग एंड पेंटिंग विभाग की प्रभारी प्रोफेसर शुभम शिवा, तथा असिस्टेंट प्रोफेसर पूजा श्रीवास्तव का योगदान सराहनीय रहा। महाविद्यालय प्राचार्य प्रोफेसर वंदना निगम तथा सेल्फ फाइनेंस डायरेक्टर ने छात्राओं के द्वारा बनाए गए पोस्टरों की सराहना की तथा सभी को इस अभियान में उत्साह के साथ हिस्सा लेने का आह्वान किया।
कानपुर विद्या मन्दिर महिला महाविद्यालय में दीक्षारम्भ (ओरिएन्टेशन) कार्यक्रम का शुभारंम्म
भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर विद्या मन्दिर महिला महाविद्यालय, स्वरूप नगर कानपुर में स्नातक विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय की नवागंतुक छात्राओं हेतु कार्यक्रम प्रभारी डॉ० शोभा मिश्रा के निर्देशन में दीक्षारम्भ (ओरिएन्टेशन) कार्यक्रम का शुभारंम्म सर्वप्रथम प्रातः हवन पूजन के साथ किया गया तत्पश्चात् प्राचार्या प्रो० पूनम विज द्वारा गों सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन किया गया। महाविद्यालय की प्राचार्या ने छात्राओं का स्वागत करते हुए उन्हें समस्त प्राध्यापिकाओं से परिचय कराया साथ ही छात्राओं को अपने लक्ष्य को निर्धारित करके आगे बढ़ने हेतु प्रेरित किया। महाविद्यालय के नैक एक्रीग्रेटेड होने के कारण छात्राओं को मिलने वाले छात्रवृत्ति लाभ से परिचित कराया तथा सत्र 2025~26 से महाविद्यालय को स्नातक विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय हेतु सहशिक्षा के शुभारंभ हेतु बधाई दी एवं नवागंतुक छात्रों का भी स्वागत किया।
महाविद्यालय की शिक्षिकाओं द्वारा समरत समितियों के सम्बन्ध में छात्राओं को सम्पूर्ण जानकारियां प्रदान की गई जैसे अनुशासन समिति, नवाचार एवं शिकायत निवारण समिति, समय सारिणी समिति, नैक समिति, शासकीय एवं अशासकीय छात्रवृत्ति समिति, एनएसएस, एनसीसी, रोवर रेंजर्स समिति, स्वीप योजना, डिजीशक्ति, शिक्षक अभिभावक समिति, सांस्कृतिक समिति, पुस्तकालय समिति इत्यादि।
उक्त कार्यक्रम का संयोजन कार्यक्रम प्रभारी डॉ० शोभा मिश्रा द्वारा एवं संचालन डॉ० जसमीत कौर द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय की विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय की सभी शिक्षिकायें एवं लगभग 60 नवागंतुक छात्राएं उपस्थित रहीं।
Read More »एस एन सेन बा वि पी जी कॉलेज में गोस्वामी तुलसीदास व मुंशी प्रेमचंद की जयंती मनाई गई
भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर 31 जुलाई एस एन सेन बा वि पी जी कॉलेज कानपुर में हिंदी विभाग द्वारा श्रावण शुक्ल सप्तमी के पुण्य अवसर पर गोस्वामी तुलसीदास व मुंशी प्रेमचंद जी की संयुक्त रुप से जयंती मनाई गई
जिसमें श्री रामचरितमानस की चौपाइयों व कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद के उपन्यासों मे चित्रित नारी चित्रण पर मुख्य वक्ता व विभाग की छात्राओं द्वारा प्रकाश डाला गया
इस अवसर पर महाविद्यालय प्रबंधन तंत्र समिति के अध्यक्ष श्री प्रवीण कुमार मिश्रा सचिव श्री प्रोवीर कुमार सेन संयुक्त सचिव श्री सुब्रो सेन प्राचार्या प्रो सुमन मुख्य अतिथि श्री योगेश श्रीवास्तव प्रो निशि प्रकाश प्रो ममता अग्रवाल हिंदी विभागाध्यक्षा डॉ शुभा वाजपेई डा रेशमा ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया
छात्राओं को संबोधित करते हुए प्राचार्या प्रो सुमन ने कहा कि रामचरितमानस मानव जीवन का कल्याणकारी ग्रंथ है इसके पठन पाठन से हम अपना अपने परिवार व राष्ट्र का विकास कर सकते हैं साथ ही उन्होंने मुंशी प्रेमचंद के रचनाओ चित्रित मानवीय संवेदनाओ व मानवीय कर्तव्यों से परिचित कराया उन्होंने तुलसीदास जी के जीवन को छात्राओं के लिए कल्याणकारी बताया और रामचरितमानस की भावनात्मक व्याख्या की मुख्य अतिथि श्री योगेश श्री वास्तव जी ने अपने वक्तव्य में छात्राओं को संबोधित करते हुए श्री रामचरितमानस की चौपाइयों के माध्यम से लोक मान मर्यादाओं तथा संस्कारो को जीवंत रखने के लिए रामचरितमानस के पाठ को अनिवार्य बताया
इस अवसर पर महाविद्यालय की शिक्षिकाएं प्रो रेखा चौबे प्रो हरीश झा प्रो गार्गी यादव प्रो मीनाक्षी व्यास प्रो कोमल कुरील प्रो प्रीति पाडेय डॉ प्रीति सिंह डा रचना निगम डा अनामिका राजपूत डा शैल बाजपेयी डा प्रीता अवस्थी डॉ कोमल सरोज डॉ शिवांगी यादव डा समीक्षा सिंह एन सी सी प्रभारी डा प्रीति यादव डा अमिता सिंह इत्यादि उपस्थित रही साथ ही महाविद्यालय के द्वितीय व तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों ने सकृय भूमिका निभाई कार्यक्रम का संचालन डॉ रेशमा ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ शुभा बाजपेयी ने किया
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान एनईपी 2020 के 5 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में कल भारत मंडपम में अखिल भारतीय शिक्षा समागम 2025 का शुभारंभ करेंगे
अपनी शुरुआत के बाद से पिछले पांच वर्षों में, एनईपी 2020 ने उच्च शिक्षा में भारत के शिक्षा परिदृश्य में क्रांति ला दी है, और ऐसी परिवर्तनकारी नीतियां पेश की हैं जो अनुकूलन, समावेशिता और नवाचार को बढ़ावा देती हैं। 170 विश्वविद्यालयों द्वारा अपनाए गए राष्ट्रीय क्रेडिट फ्रेमवर्क के माध्यम से शैक्षणिक, कौशल-आधारित और अनुभवात्मक शिक्षा में निर्बाध ऋण वितरण को सक्षम बनाया गया है। एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट ने 2,469 संस्थानों को शामिल किया है और 32 करोड़ से ज्यादा पहचान पत्र जारी किए हैं, जिनमें से 2.36 करोड़ विशिष्ट अपार (एपीएएआर) पहचान पत्र पहले ही क्रेडिट के साथ सीडेड हैं। 153 विश्वविद्यालयों में बहु-प्रवेश और निकास विकल्पों की शुरुआत, जबकि यूजीसी द्वारा अनुमोदित द्विवार्षिक प्रवेश, भारत को 2035 तक अपने 50 प्रतिशत सकल नामांकन अनुपात लक्ष्य के करीब ले जा रहे हैं।
प्रौद्योगिकी-संचालित शिक्षा में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है, 116 उच्च शिक्षा संस्थान 1,149 मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा कार्यक्रम प्रदान कर रहे हैं, जिससे 19 लाख से अधिक छात्र लाभान्वित हो रहे हैं, साथ ही 107 संस्थान 544 ऑनलाइन पाठ्यक्रम प्रदान कर रहे हैं। स्वयम (एसडब्लयूएवाईएएम) प्लेटफार्म अब 40 प्रतिशत तक क्रेडिट स्थानांतरण की सुविधा प्रदान करता है, जिसमें 388 विश्वविद्यालय इसके पाठ्यक्रमों को एकीकृत कर रहे हैं। समर्थ (एसएएमएआरटीएच) जैसी डिजिटल पहल 32 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के 440 जिलों के 13,000 से अधिक उच्च शिक्षा संस्थानों में डिजिटल शासन का समर्थन करती है, जिससे प्रवेश, भुगतान और शैक्षणिक रिकॉर्ड सुव्यवस्थित होते हैं, 518 विश्वविद्यालय और 10,465 संस्थान मान्यताप्राप्त हैं तथा 6,517 संस्थान राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क में भाग ले रहे हैं। वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन पहल 6,300 संस्थानों में लगभग 13,000 ई-जर्नल्स तक पहुंच प्रदान करती है, जिससे शोध के संदर्भार्भ में एक मजबूत वातावरण को बढ़ावा मिलता है। मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम (एमएमटीटीपी) ने 3,950 से अधिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के साथ 2.5 लाख से अधिक शिक्षकों को सशक्त बनाया है, जिससे शिक्षकों को एआई, साइबर सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और उद्यमिता में विशेषज्ञता प्राप्त हुई है।
स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने स्कूली शिक्षा के सभी स्तरों पर विविध क्रियाकलापों और पहलों के साथ एनईपी 2020 को लागू करने में उल्लेखनीय प्रगति की है। इसके तहत 14.72 लाख स्कूल, 98 लाख से अधिक शिक्षक, और यूडीआईएसई+ 2023-24 के अनुसार पूर्व-प्राथमिक से लेकर उच्चतर माध्यमिक स्तर तक लगभग 24.8 करोड़ छात्रों को विविध सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि में शिक्षा प्रदान की गई है। सरकारी स्कूलों ने निजी स्कूलों की तुलना में अधिक लाभ दिखाया है, 2022-2024 की अवधि में एक दशक में सबसे तेज सुधार हुआ है। परख (पीएआरएकेएच) राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 और एएसईआर 2024 के निष्कर्ष मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मक कौशल परिणामों में महत्वपूर्ण सुधार को उजागर करते हैं, जो एनईपी 2020 में परिकल्पित भारत मिशन के सकारात्मक प्रभाव को दर्शाता है। इस पहल के तहत लद्दाख पहली पूर्ण साक्षर प्रशासनिक इकाई बन गई, जिसके बाद मिजोरम, गोवा और त्रिपुरा का स्थान रहा।
मूल्यांकन और निगरानी को निम्नलिखित के माध्यम से मजबूत किया गया है:
- परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण (दिसंबर 2024): 74,000 स्कूलों में 21.15 लाख छात्र।
- राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (एनएएस) 2021: 34 लाख छात्र और 1.18 लाख स्कूल।
- राज्य शैक्षिक उपलब्धि सर्वेक्षण (एसईएएस): 4 लाख स्कूलों के 84 लाख छात्र।
पीएम श्री पहल ने 13,076 स्कूलों को परिवर्तन हेतु एनईपी 2020 के लिए आदर्श स्कूल बनने के लिए चुना है, जबकि पीएम पोषण योजना में अब बाल वाटिका के छात्र शामिल हैं और 6.28 लाख से अधिक स्कूलों में स्कूल पोषण उद्यानों को समर्थन प्रदान किया जा रहा है। स्कूली शिक्षा के लिए स्वयं प्रभा के मौजूदा 12 डीटीएच चैनलों को 200 चैनलों तक विस्तारित किया गया है, जिनमें कुल 92,147 वीडियो सामग्री है, जो राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों/आकाशगंगाओं से 30 भाषाओं में प्राप्त 26,662 घंटों के प्रसारण के बराबर है।
अखिल भारतीय शिक्षा समागम (एबीएसएस) 2025 का एक प्रमुख आकर्षण प्रमुख नीति निर्माताओं, शिक्षाविदों और हितधारकों के साथ चर्चा के विषयगत क्षेत्र होंगे। चर्चा के महत्वपूर्ण क्षेत्र होंगे:
- शिक्षण-अधिगम में भारतीय भाषा का प्रयोग।
- अनुसंधान और प्रधानमंत्री अनुसंधान अध्येता (पीएमआरएफ): भारत की अगली पीढ़ी के शैक्षणिक और औद्योगिक नेतृत्व का पोषण करना।
- 2030 तक शत-प्रतिशत जीईआर प्राप्त करने के लिए माध्यमिक शिक्षा की पुनर्कल्पना करना।
- शिक्षा के लिए एआई में सीओई-शिक्षण और सीखने के इको-सिस्टम में बदलाव।
एबीएसएस 2025 का एजेंडा शैक्षिक परिवर्तन के अगले चरण की दिशा निर्धारित करते हुए इन उपलब्धियों पर प्रकाश डालेगा। ये चर्चाएं उद्योग-शैक्षणिक सहयोग को गहरा करने, व्यावसायिक मार्गों को परिष्कृत करने, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और पाठ्यक्रम में स्थिरता को शामिल करने पर केंद्रित होंगी। भारत के प्रमुख शिक्षा शिखर सम्मेलन के रूप में, एबीएसएस 2025 समता, उत्कृष्टता और नवाचार के प्रति राष्ट्र की प्रतिबद्धता की पुष्टि करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि एनईपी 2020 का प्रभाव आने वाले वर्षों में शैक्षिक प्रगति को गति प्रदान करता रहे।
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