कानपुर भारतीय स्वरूप संवाददाता, सड़क सुरक्षा जीवन के लिए मोती है – आर टी ओ राजेश सिंह दयानंद गर्ल्स पीजी कॉलेज कानपुर में सड़क सुरक्षा पखवाड़े के अंतर्गत रैली एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि आरटीओ कानपुर नगर, श्री राजेश सिंह रहे। उन्होंने अपने वक्तव्य में छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा के नियम का पालन कर हम स्वयं की तथा राह पर चलने वाले अन्य व्यक्तियों की भी जान बचा सकते हैं। कार्यक्रम में उपस्थित विशिष्ट अतिथि यातायात निरीक्षक, कानपुर नगर,श्री राजवीर सिंह ने छात्राओं को यातायात के नियमों तथा सड़क सुरक्षा से संबंधित आंकड़ों व नियमों के बारे में विस्तार पूर्वक बताते हुए उन्हें रोड सेफ्टी की शपथ दिलवाई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि नमामि गंगे विभाग भाजपा उत्तर प्रदेश के प्रदेश संयोजक श्री कृष्णा दीक्षित बड़े जी ने शासन प्रशासन तथा महाविद्यालय द्वारा रोड सेफ्टी क्लब का गठन कर रैली विभिन्न प्रतियोगिताओं विचार गोष्ठियों आदि गतिविधियों के द्वारा इस दिशा में फैलाई जा रही जनजागरूकता की भूरी–भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि यह योजना भविष्य में सड़क दुर्घटनाओं में तेजी से कमी लाने के लिए अत्यंत कारगर साबित होगी। इस अवसर पर महाविद्यालय से ग्रीन पार्क स्टेडियम तक एक जागरूकता रैली भी निकाली गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय प्राचार्या प्रो अर्चना वर्मा ने, अतिथियों का स्वागत आइ क्यू ए सी इंचार्ज प्रो वंदना निगम ने तुलसी के पौधे भेंट कर किया। कार्यक्रम का संचालन रोड सेफ्टी क्लब की इंचार्ज तथा महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की कार्यक्रम अधिकारी डॉ संगीता सिरोही के द्वारा, दीप प्रज्वलन एनसीसी इंचार्ज डॉ मनीष पांडे के द्वारा तथा हॉल व्यवस्था रोवर्स रेंजर्स की प्रभारी प्रो सुमन सिंह के द्वारा की गई। कार्यक्रम को सफल बनाने में कार्यालय अधीक्षक श्री कृष्णेंद्र कुमार श्रीवास्तव, प्रो स्वाति सक्सेना, डॉ अर्चना दीक्षित, डॉ अंजना श्रीवास्तव, श्रीमती श्वेता गोंड , इलेक्ट्रीशियन रामचंद्र, नरेश कुशवाहा, कु पवित्रा व श्रीमती लक्ष्मी समेत समस्त शोधार्थियों तथा छात्राओं की विशेष भूमिका रहीं।
शिक्षा
एस एन सेन बालिका विद्यालय पीजी कॉलेज में सड़क सुरक्षा पखवाड़ा के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
कानपुर 25 जुलाई भारतीय स्वरूप संवाददाता, एस एन सेन बालिका विद्यालय पीजी कॉलेज में सड़क सुरक्षा पकवाड़ा के अंतर्गत छात्राओं एवं महाविद्यालय के समस्त शिक्षकगण एवं कर्मचारियों हेतु एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें मुख्य अतिथि महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. सुमन एवं प्रशिक्षण देने हेतु उप निरीक्षक यातायात श्री रविकांत , उप निरीक्षक यातायात श्री शिवानंद एवं कॉन्स्टेबल दीपक जी रहे
आपने छात्राओं को यातायात संबंधी नियमों, सुरक्षा एवं सावधानियों के बारे में विस्तार से समझाया ।यातायात के संकेत क्या बताते हैं इसका भी छात्र छात्राओं को समझाते हुए शपथ भी ग्रहण करवाई। कार्यक्रम को महाविद्यालय की तीनों प्रकोष्ठ एन.एस.एस प्रभारी प्रो. चित्रा सिंह तोमर ,रेंजर प्रभारी प्रो. प्रीति पांडेय एवं एनसीसी प्रभारी डॉ प्रीति यादव ने मिलकर आयोजित किया। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा सभी महाविद्यालयों को छात्राओं में यातायात संबंधी जागरूकता अभियान चलाने के लिए 17 जुलाई से लेकर 30 जुलाई 2030 तक पखवाड़े मनाने का अवसर प्रदान किया है एसएन सेन महाविद्यालय दिनांक 17 जुलाई से लगातार विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन आयोजन कर छात्राओं में यातायात के प्रति जागरूकता फैलाने का सक्रिय कार्य कर रहा है कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त शिक्षक गण एवं कर्मचारी भी छात्र छात्राओं के साथ मौजूद रहे।
पेड़ लगाओ-पेड़ बचाओ : वन महोत्सव-2023 के अंतर्गत डी जी कॉलेज में किया गया वृहद् वृक्षारोपण
कानपुर संवाद सूत्र संगीता सिरोही, मुख्यमंत्री उत्तरप्रदेश सरकार, योगी आदित्यनाथ द्वारा ‘वन महोत्सव-2023’ हेतु निर्धारित 30 करोड़ पौधे लगाने के लक्ष्य के तहत आज दिनांक 22 जुलाई, 2023 को डी जी कॉलेज, कानपुर में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी डॉ संगीता सिरोही के निर्देशन में एनएसएस वॉलिंटियर्स के द्वारा पौधारोपण किया गया।
मुख्य रूप से आंवला, गुड़हल, करीपत्ता, मीठी नीम, अशोक हारसिंगार, कनेर, चांदनी, चमेली आदि के पौधे लगाए गए। कार्यक्रम में महाविद्यालय की कार्यवाहक प्राचार्या प्रो वंदना निगम ने अपने उद्बोधन में महाविद्यालय की समस्त छात्राओं, प्राध्यापिकाओ तथा कर्मचारियों को वन महोत्सव में जनता की अधिकतम भागीदारी तथा हरित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को सुनिश्चित करने हेतु स्वयं तथा अपने आसपास के सभी लोगों को एक-एक पौधा जरूर लगाने तथा वृक्षों एवम् पौधों का संरक्षण करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए कहा गया। साथ ही शासन के निर्देशानुसार वृक्षारोपण करते हुए फोटो क्लिक कर “हरितिमा वन ऐप ” पर अपलोड भी की गई । कार्यक्रम में मुख्यरूप से प्रो मुकुलिका हितकारी, प्रो पप्पी मिश्रा, प्रो अलका श्रीवास्तव, प्रो सुमन सिंह, प्रो रचना प्रकाश की उपस्थिति सराहनीय रही। इस कार्यक्रम में माली श्री शिवनाथ व श्री रामपारस समेत सभी वॉलिंटियर्स ने उत्साह पूर्वक हिस्सा लिया।
एस. एन. सेन बी. वी. पी. जी. कॉलेज में पहले आओ पहले पाओ की नीति से प्रवेश
कानपुर 10 जुलाई भारतीय स्वरूप संवाददाता, एस. एन. सेन बी. वी. पी. जी. कॉलेज में पहले आओ पहले पाओ की नीति द्वारा प्रवेश प्रक्रिया चल रही है ।बी. ए., बी . एस. सी.(ZBC) , बीबीए, बीसीए, बीकाम, एम. ए. -हिन्दी , समाजशास्त्र, शिक्षाशास्त्र,अर्थशास्त्र, कला, मनोविज्ञान,कक्षाओं में प्रवेश हेतु आवश्यक समस्त सुविधाएं एक ही स्थान पर महाविद्यालय सभागार में उपलब्ध हैं, प्रेक्षागृह में प्रवेश समिति के अतिरिक्त बैंक प्रतिनिधि ऑनलाइन फ़ीस जमा करने हेतु उपलब्ध हैं साथ ही महा विद्यालय प्रतिनिधि फी स्लिप तथा एडमिशन नंबर के प्रिंटआउट देने हेतु अलग से कंप्यूटर प्रिंटर सेटअप के साथ उपलब्ध हैं । प्रवेश समिति छात्राओं की समस्याओं के निस्तारण हेतु सुबह 10 बजे से सांय 3 बजे तक निरंतर उपलब्ध है। प्रवेश प्रक्रिया को सुलभ बनाने हेतु एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएँ उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है जिसपर प्रति छात्रा १५ रूपये का खर्च महाविद्यालय वहन कर रहा है।
महाविद्यालय में छात्राओं को सुरक्षित तथा उत्तम शैक्षिक वातावरण प्रदान किया जाता है जहां उन्हें सीखने के नित नए अनुभव मिलते हैं। उन्नत प्रयोगशाला, प्लेसमेंट सेल,काउंसलिंग सेल आदि छात्राओंको रोज़गार के अवसर प्रदान करता है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु वर्तमान समय में आवश्यक रणनीति पर शिक्षिकाओं द्वारा छात्राओं को निर्देशन प्रदान किया जाता है।
डीआरडीओ ने उद्योग और शैक्षणिक क्षेत्र में रक्षा अनुसंधान एवं विकास को प्रोत्साहित करने हेतु ‘अनुसंधान चिंतन शिविर’ का आयोजन किया
इस अवसर पर 75 प्रौद्योगिकी से संबंधित प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की सूची जारी की गई। डीआरडीओ द्वारा पहचान की गई इस सूची को 403 तकनीकी श्रेणियों में विभाजित किया गया है, जिनका विस्तार 1,295 वर्तमान और भविष्य के प्रौद्योगिकी विकास कार्यों तक है। डीआरडीओ टेक्नोलॉजी फोरसाइट 2023 में सूचीबद्ध प्रौद्योगिकी से संबंधित प्राथमिकता वाले क्षेत्र इस प्रकार हैं:
| क्र.सं | प्रौद्योगिकी क्षेत्र |
| 1 | एडिटिव मैन्यूफैक्चरिंग |
| 2 | एयरो स्ट्रक्चर्स |
| 3 | एयरोडाइनैमिक्स |
| 4 | एयरोमैकेनिकल सिस्टम्स |
| 5 | एग्रो टेक्नोलॉजी फॉर मिलिट्री सपोर्ट इन हाई ऑल्टीच्यूड एरियाज |
| 6 | एआई/एमएल टेक्नोलॉजी |
| 7 | अल्टरनेटिव पॉवर प्लांट |
| 8 | ऐन्टेनाज |
| 9 | आर्मर्ड एंड कॉम्बैट व्हीकल्स |
| 10 | ऑटोनोमस सिस्टम्स एंड रोबोटिक्स |
| 11 | बिहेवियरल एनालिसिस फॉर सोल्जर्स |
| 12 | बायो डिफेन्स |
| 13 | बायो रिमीडीएशन |
| 14 | बायोमेडिकल इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजीज |
| 15 | सी4आईएसआर |
| 16 | कैमफ्लाश टेक्नोलॉजी |
| 17 | सीबीआरएन डिफेन्स |
| 18 | कम्यूनिकेशन |
| 19 | कंट्रोल सिस्टम्स |
| 20 | काउंटर स्वॉर्म टेक्नोलॉजी |
| 21 | साइबर, इन्फोर्मेशन एंड कम्यूनिकेशन सिक्योरिटी |
| 22 | डिकॉयज |
| 23 | डेटोनिक्स एंड मैकेनिज्म |
| 24 | डीजल इंजन |
| 25 | डायरेक्टेड एनर्जी |
| 26 | इलेक्ट्रिक पॉवर टेक्नोलॉजी |
| 27 | इलेक्ट्रो ऑप्टिक्स |
| 28 | इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस |
| 29 | इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर |
| 30 | ईएम रेल गन |
| 31 | एम्बेडेड सिस्टम्स |
| 32 | एनर्जी |
| 33 | एनवायरनमेंट प्रोटेक्शन |
| 34 | एनवायरनमेंटल टेस्टिंग |
| 35 | फायर फाइटिंग |
| 36 | गाइडेंस एंड नेविगेशन |
| 37 | गाइडेड आर्टिलरी |
| 38 | गन टेक्नोलॉजी |
| 39 | हार्डवेयर इन लूप सिमुलेशन |
| 40 | हाई परफॉरमेंस कंप्यूटिंग |
| 41 | हाइड्रो स्ट्रक्चर्स |
| 42 | हाइपरसॉनिक टेक्नोलॉजीज |
| 43 | लाइफ सपोर्ट |
| 44 | मैटेरियल्स |
| 45 | मिलिट्री फूड टेक्नोलॉजी |
| 46 | माइंस एंड माइंस डिटेक्शन |
| 47 | मिसाइल सिस्टम्स |
| 48 | मल्टी-बैरल रॉकेटस |
| 49 | म्यूनिशन/ एम्यूनिशन |
| 50 | नेचुरल हैजर्ड मैनेजमेंट |
| 51 | नॉन डिस्ट्रक्टिव इवैल्यूएशन |
| 52 | ओशन प्रोफाइलिंग |
| 53 | पैराशूट टेक्नोलॉजी |
| 54 | पैसिव काउंटरमेजर्स |
| 55 | प्रपल्शन टेक्नोलॉजीज |
| 56 | प्रोटेक्टिव क्लोदिंग एंड गियर्स |
| 57 | क्वांटम टेक्नोलॉजीज |
| 58 | रडार टेक्नोलॉजीज |
| 59 | रैडम टेक्नोलॉजीज |
| 60 | रेस्पिरेटरी मैनेजमेंट |
| 61 | सीकर टेक्नोलॉजीज |
| 62 | सेंसर्स / डिटेक्टर्स |
| 63 | सोल्जर सपोर्ट |
| 64 | सोनार टेक्नोलॉजीज |
| 65 | स्पेस सिचुएशनल अवेयरनेस |
| 66 | स्पेस टेक्नोलॉजीज |
| 67 | सर्विलांस एंड ट्रैकिंग |
| 68 | स्वार्म टेक्नोलॉजी |
| 69 | टेरहर्ट्ज |
| 70 | यूएवी |
| 71 | यूजीवी |
| 72 | अंडरवाटर डिफेन्स टेक्नोलॉजीज |
| 73 | वारगेमिंग |
| 74 | वारहेड/ एक्सप्लोसिव एंड बैलिस्टिक प्रोटेक्शन |
| 75 | वेस्ट मैनेजमेंट |
इन 75 प्रौद्योगिकी से संबंधित प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को खोलने से भारत को आत्मनिर्भरता के पथ अग्रसर करने हेतु रक्षा प्रौद्योगिकियों के स्वदेशीकरण और उनमें नवाचार करने के लिए उद्योग जगत को प्रोत्साहित करते हुए रक्षा विनिर्माण क्षेत्र को एक बड़ा बढ़ावा मिलेगा। इस प्रकार, उद्योग और शिक्षा जगत के साथ जुड़ाव के माध्यम से देश में सैन्य प्रौद्योगिकी डिजाइन और विकास को बढ़ावा मिलेगा।
सभी क्षेत्रों, श्रेणियों और प्रौद्योगिकी के विकास से जुड़ी गतिविधियों को सूचीबद्ध करने वाली डीआरडीओ टेक्नोलॉजी फोरसाइट 2023 के बारे में भी जानकारी दी गई। यह दस्तावेज़ उन प्रौद्योगिकी क्षेत्रों की पहचान करता है जिन पर डीआरडीओ की विभिन्न प्रयोगशालाएं वर्तमान में काम कर रही हैं। यह दस्तावेज www.drdo.gov.in पर उपलब्ध है। गतिविधियों की सूची भविष्य के उन प्रौद्योगिकी क्षेत्रों की पहचान करती है जो राष्ट्र की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए रक्षा प्रणालियों के विकास और रक्षा अनुसंधान एवं विकास की दृष्टि से आवश्यक हैं। यह वेबपेज निकट भविष्य में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संबंधी जरूरतों के लिए परिकल्पित प्रमुख प्रौद्योगिकी कार्यों को सूचीबद्ध करेगा। उद्योग और शिक्षा जगत को संबंधित क्षेत्रों में काम करने वाले डीआरडीओ के विभिन्न प्रतिष्ठानों की सूची दी जाती है, जिससे विभिन्न हितधारकों के बीच समझ का एक सहज चैनल स्थापित होता है।
इस अवसर पर बोलते हुए, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ ने ‘अनुसंधान चिंतन शिविर’ के आयोजन के लिए डीआरडीओ की सराहना की और सशस्त्र बलों के लिए स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकियों के महत्व पर जोर दिया।
अपने संबोधन में, रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत ने कहा कि डीआरडीओ, उद्योग और शिक्षा जगत को प्रौद्योगिकियों को निचले स्तर से उठाकर उन्नत स्तर तक ले जाने के लिए आपस में तालमेल के साथ काम करना चाहिए, जहां इसका उपयोग व्यापक पैमाने पर उत्पादन के लिए किया जा सके।
महानिदेशक (प्रौद्योगिकी प्रबंधन) डॉ. सुब्रत रक्षित, आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रो. रंगन बनर्जी और एलएंडटी के कार्यकारी उपाध्यक्ष श्री अरुण रामचंदानी ने इस शिविर के दौरान रक्षा अनुसंधान एवं विकास के बारे में डीआरडीओ, शिक्षा जगत और उद्योग जगत के दृष्टिकोण को सामने रखा।
चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ के चेयरमैन, चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी (सीआईएससी) लेफ्टिनेंट जनरल जॉनसन पी मैथ्यू, डीजी (एडमिन) वायुसेना मुख्यालय एयर मार्शल पी.के. घोष, रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, डीआरडीओ के वैज्ञानिक, उद्योग जगत के प्रमुख और शिक्षा विशेषज्ञ भी उपस्थित थे।
डीआरडीओ अपने प्रयोगशालाओं और केंद्रों के नेटवर्क के साथ एयरोनॉटिक्स, आयुध, इलेक्ट्रॉनिक्स, लड़ाकू वाहन, इंजीनियरिंग सिस्टम, इंस्ट्रूमेंटेशन, मिसाइल, एडवांस्ड कंप्यूटिंग सिमुलेशन, विशेष सामग्री, नौसेना प्रणाली, जीवन विज्ञान, प्रशिक्षण सूचना प्रणाली और आधुनिक कृषि प्रौद्योगिकी जैसे विभिन्न विषयों को कवर करने वाली रक्षा प्रौद्योगिकियों के विकास में गंभीरतापूर्वक जुटा हुआ है। अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों और उपकरणों के विकास के माध्यम से महत्वपूर्ण रक्षा प्रौद्योगिकियों और प्रणालियों के मामले में आत्मनिर्भरता हासिल करना डीआरडीओ की मुख्य गतिविधियों में से एक है। डीआरडीओ नई प्रौद्योगिकियों को विकसित करने हेतु उद्योग और अकादमिक जगत के साथ सहयोग को बढ़ावा देने के लिए रक्षा इकोसिस्टम के विभिन्न हितधारकों के साथ बातचीत कर रहा है।
डी जी कॉलेज द्वारा मनाया गया 9वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस
कानपुर 22 जून भारतीय स्वरूप संवाददाता, डी जी कॉलेज, कानपुर राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी डॉ संगीता सिरोही के दिशा निर्देशन में एनएसएस ग्रुप लीडर्स और स्वयं सेविकाओं तथा छात्राओं ने सर्वप्रथम ग्रीन पार्क स्टेडियम मे प्रशासन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता की गई।
वहां सभी छात्राओं को योग दिवस की टी-शर्ट का वितरण भी प्रशासन के द्वारा किया गया। यहां आयोजित कार्यक्रम में कुल 200 छात्राओं ने प्रतिभागीता की। तत्पश्चात समस्त एनएसएस वॉलिंटियर्स ने विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित 75 गांव में योगा कार्यक्रम के अंतर्गत महाविद्यालय इकाई द्वारा अधिग्रहित मलिन बस्ती अस्पताल घाट में जाकर बस्तिवासियों को योग और प्राणायाम के लाभों से अवगत कराते हुए सभी से प्रतिदिन योग और प्राणायाम करने का आग्रह किया ताकि वह निरोग रह कर अपने दिन प्रतिदिन के कार्यों का संचालन भली-भांति कर सके तथा राष्ट्र के विकास में अपना भरपूर सहयोग कर पाए।
यहां आयोजित कार्यक्रम में छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर से मनोनीत योगाचार्या कु. अंजलि त्रिवेदी के द्वारा छात्राओं तथा बस्ती वासियों को योग व प्राणायाम के विभिन्न आसनों का अभ्यास कराया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में महाविद्यालय प्राचार्या प्रो अर्चना वर्मा, डॉ अंजना श्रीवास्तव, डॉ मिथलेश गंगवार, कु अनुराधा समेत समस्त स्वयं सेविकाओं तथा बस्तीवासियों की सक्रिय सहभागिता सराहनीय रही। अंत में कार्यक्रम अधिकारी द्वारा जलपान वितरण करवाया गया एवम सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।
एस० एन० सेन बा० वि० पी० जी० कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस भव्यता एवम उत्साह के साथ संपन्न
कानपुर 22 जून भारतीय स्वरूप संवाददाता, 9 वां अंतराष्ट्रीय योग दिवस- योग शिविर 2023 अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में शासन के निर्देशानुसार पूरा भारतवर्ष ही योगमय हो गया है और इसी भव्य उपलक्ष्य में कानपुर नगर के एस० एन० सेन बा० वि० पी० जी० कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को पूरी भव्यता एवम उत्साह के साथ, एन०एस०एस०, एन०सी०सी०, रेंजर रोवर्स एवम शिक्षणोत्तर कर्मचारियों द्वारा सम्पन्न किया गया।
इस योग दिवस के अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या ने बड़े उत्साह से महाविद्यालय की एन०एस०एस० इकाई द्वारा काकोरी ग्राम में आयोजित योग शिविर में प्रतिभाग किया, साथ ही 50 से अधिक ग्राम-वासियों तथा स्वयं सेविकाओं ने भी प्रतिभाग किया। सूक्ष्म योग के द्वारा ग्राम वासियों को प्रतिदिन योग करने के लिए जागरूक एवं प्रोत्साहित किया।
शासन द्वारा निर्देशित कार्यक्रमों की कड़ी में नगर के भव्य आयोजन स्थल ग्रीन पार्क स्टेडियम में 50 से अधिक रेंजर रोवर्स तथा एन०सी०सी० के छात्राओं ने उत्साह पूर्वक प्रतिभाग किया गया।
महाविद्यालय में शासन ऐवम यूनिवर्सिटी के निर्देश का पालन करते हुए, (वृहद) तीन कार्यक्रमों द्वारा योग दिवस को उत्साहपूर्वक, सम्पूर्ण जागरूकता व उत्साह के रूप में सम्पन कराया गया।प्राचार्य प्रो सुमन, एन एस एस प्रभारी प्रो चित्रा सिंह तोमर , सह प्रभारी डा प्रीति सिंह ने काकोरी बस्ती तथा महाविद्यालय शिक्षनेत्तर कर्मचारियों का नेतृत्व किया एवं, प्रो निशा अग्रवाल और प्रो अलका टंडन ने ग्रीन पार्क में छात्राओ की अगुवाई की
मिशन लाइफ के अंतर्गत डी जी कॉलेज में मनाया गया विश्व पर्यावरण दिवस
भारतीय स्वरूप संवाददाता, विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर दयानंद गर्ल्स पी जी कॉलेज में सेंचुरी क्लब, विजन कानपुर@2047 द्वारा *मिशन लाइफ – पर्यावरण संरक्षण* के मुद्दे को ध्यान मे रखते हुए छात्राओं के द्वारा पोस्टर बनाकर आसपास के लोगों को जागरूक किया गया। महाविद्यालय सेंचुरी कलब कोऑर्डिनेटर डॉ संगीता सिरोही के कुशल निर्देशन में एक जागरूकता रैली भी निकाली गई।
प्राचार्या प्रो अर्चना वर्मा जी ने अपने उद्बोधन में छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमे वन संरक्षण हेतु चिपको आंदोलन की प्रणेता अमृता देवी को कभी नहीं भूलना चाहिए तथा यथासंभव पेड़ों को कटने से बचाने, नए पौधों को आरोपित व उनका पालन-पोषण करना चाहिए। छात्राओं के द्वारा बस्ती वासियों को हरित घर की संकल्पना बताते हुए 5 मुख्य मुद्दों- वृक्षारोपण, जल संरक्षण, कचरे के वर्गीकरण, निस्तारण एवं चक्रण, पॉलिथीन मुक्त पर्यावरण लिए इकोब्रिक्स बनाकर विभिन्न उपयोगी सामग्री बनाने के लिए उनका प्रयोग करने व जीव-जंतु संरक्षण तथा ऊर्जा की बचत की ओर उन्मुख व अभिप्रेरित किया। डॉ सिरोही ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि मिशन लाइफ के अंतर्गत व्यक्तिगत _ छोटे-छोटे प्रयासों के द्वारा पृथ्वी पर जीवन को सुरक्षित रखा जा सकता है। उन्होंने अपने व्याख्यान में वेदो का भी उल्लेख किया जिनमें संपूर्ण जैव- जगत, जल, वायु, अग्नि, आकाश, पृथ्वी, पेड़-पौधों आदि को देव स्वरूप मानकर पूजा करना मनुष्य का धर्म बताया गया था। यह सब पर्यावरण संरक्षण के ही उपाय है। कार्यक्रम में महाविद्यालय कार्यालय अधीक्षक डॉ कृष्णेंद्र श्रीवास्तव समेत डॉ नवीन, डॉ प्रजापति एवम् डॉ संचिता लक्ष्मी विशेष रूप से उपस्थित रहे । समस्त छात्राओं की सक्रिय सहभागिता उल्लेखनीय रही।
दयानंद गर्ल्स पीजी कॉलेज में सेंचुरी क्लब, विजन कानपुर@2047 के अंतर्गत महिलाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य के अंतर्गत सरोज देवी फाउंडेशन के सहयोग से मासिक धर्म स्वच्छता दिवस मनाया गया
कानपुर भारतीय स्वरूप संवाददाता, दयानंद गर्ल्स पीजी कॉलेज, कानपुर में सेंचुरी क्लब, विजन कानपुर@2047 के अंतर्गत महिलाओं की सुरक्षा, स्वावलंबन व सशक्तिकरण के मुद्दे को ध्यान में रखते हुए सरोज देवी फाउंडेशन के सहयोग से मासिक धर्म स्वच्छता दिवस मनाया गया। इस दिन पूरी दुनिया में ‘मासिक धर्म स्वच्छता दिवस’ मनाया जाता है। 2014 में जर्मन के ‘वॉश यूनाइटेड’ नाम के एक एनजीओ ने इस दिन को मनाने की शुरुआत की थी, जिसका मुख्य उद्देश्य – लड़कियों और महिलाओं को महीने के उन 4-5 दिन यानी मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता रखने के लिए जागरूक करना है।
महाविद्यालय सेंचुरी क्लब समन्वयक डॉ संगीता सिरोही ने बताया कि सरोज देवी फाउंडेशन से हाइजीन एजुकेटर श्रीमती अनुपमा चौधरी ने अपने व्याख्यान में छात्राओं को मासिक धर्म के समय रखी जाने वाली सावधानियों से अवगत कराते हुए उस समय होने वाली कठिनाइयों को कम करने, संतुलित भोजन, उचित व्यायाम, आहार-विहार आदि के बारे में सुझाव दिए। इस अवसर पर एक जागरूकता रैली का भी आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से पूर्व प्राचार्य डॉ साधना सिंह, डॉ निवेदिता टंडन, आई क्यू ए सी इंचार्ज प्रो वंदना निगम, प्रो पप्पी मिश्रा, प्रो प्रज्ञा सहाय, प्रो मुकुलिका हितकारी, प्रो सुमन सिंह, प्रो स्वाति सक्सेना, डॉ कृष्णेंद्र कुमार श्रीवास्तव, स्वस्थ संसार संस्थान से श्री प्रमोद श्याम जी व उनकी टीम, सरोज देवी फाउंडेशन से श्री अरविंद चौधरी, श्रीमती संध्या एवम उनकी संपूर्ण टीम तथा समस्त छात्राओं की प्रतिभागिता सराहनीय रही।
होनहार “शौर्य मोहन”, भावी संस्कृत विद्वान
शौर्य मोहन, जीव विज्ञान के छात्र, वीरेंद्र स्वरूप शिक्षा केंद्र, श्यामनगर, कानपुर, यूपी के प्रतिष्ठित स्कूल ने कक्षा बारहवीं सीबीएसई (2023)परीक्षा में संस्कृत में 100/100 अंक प्राप्त किए।वे 10 वर्ष की उम्र से ही हिंदी और संस्कृत में कविताएँ लिखने लगे थे। उनका सपना संस्कृत के विद्वानों के लिए अपनी वेबसाइट बनाने का था। जब वह 12 साल के थे, तब उन्होंने अपनी दादी के साथ संस्कृत में बातचीत शुरू की, जो अभी भी उनकी संस्कृत की गुरु हैं । वह अपनी शिक्षिका को अपनी प्रेरणा मानते हैं।
वह ब्रिन-ओ-ब्रेन, गणित, प्रतियोगिता में दो बार राष्ट्रीय चैंपियन रह चुके हैं तथा स्कूल स्तर पर वाद-विवाद प्रतियोगिता में भी चैंपियन रह चुके हैं । इसके अतिरिक्त जब उन्होंने विश्वविद्यालय में 100 से अधिक शोधार्थियों के सामने राष्ट्रीय संगोष्ठी में संस्कृत में शोध पत्र प्रस्तुत किया तो उनकी बहुत सराहना हुई। वह अपनी संस्कृति और सभ्यता के लिए भावुक हैं। उनका लक्ष्य निकटतम भविष्य में संस्कृत में चरक संहिता और अन्य प्राचीन साहित्य को आम आदमी की भाषा में सुलभ कराना है ताकि वर्तमान समय में आयुर्वेद और भारतीय संस्कृति को मजबूत किया जा सके।
भारतीय स्वरुप दैनिक ई-पेपर