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शिक्षा

महिला मतदाता लोकतंत्र की भाग्य विधाता – दयानंद गर्ल्स पीजी कॉलेज में चलाया गया फर्स्ट टाइम वोटर जागरूकता अभियान

कानपुर 10 नवम्बर भारतीय स्वरूप संवाददाता, डी जी कॉलेज, कानपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई एवं महाविद्यालय द्वारा संयुक्त रूप से शासन द्वारा संचालित “SVEEP” योजना के अंतर्गत *मतदाता जागरूकता अभियान* एवं *वोटर रजिस्ट्रेशन हेतु फर्स्ट टाइम वोटर अवेयरनेस अभियान* का आयोजन किया गया। उक्त कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को उनके मताधिकार के प्रति जागरूक करना तथा 18 वर्ष एवं उससे अधिक आयु की समस्त छात्राओं का वोटर रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करना रहा। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय की समस्त छात्राओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। इस दौरान एक पोस्टर तथा स्लोगन लेखन प्रतियोगिता भी आयोजित की गई।
प्राचार्या प्रो अर्चना वर्मा जी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि अपने मताधिकार का प्रयोग करके हम अपने भविष्य के निर्माण तथा एक विकसित एवम् उत्तम राष्ट्र बनाने में एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते सक्रिय भूमिका का निर्वहन कर सकते हैं।
कार्यक्रम की संयोजिका, राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संगीता सिरोही ने कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र के लिए सशक्त जनाधार का होना अत्यंत महत्वपूर्ण है। मतदाता जागरूकता के इस अभियान में महाविद्यालय की समस्त प्रवक्ताओं, कर्मचारियों की उपस्थिति सराहनीय रही। कार्यालय अधीक्षक कृष्णेंद्र श्रीवास्तव का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ। उन्होंने छात्राओं के द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान की प्रशंसा करते हुए उन्हें फर्स्ट टाइम वोटर बनने हेतु बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

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क्राइस्ट चर्च कॉलेज में भारत के संविधान दिवस की प्रस्तावना के रूप में भारतीय संविधान: अपेक्षाएं एवं वास्तविक चलन विषय पर व्याख्यान आयोजित

कानपुर 9 नवम्बर भारतीय स्वरूप संवाददाता, क्राइस्ट चर्च कॉलेज में भारत के सविधान दिवस की प्रस्तावना के रूप में "भारतीय संविधान: अपेक्षाएं एवं वास्तविक चलन (Practices)" विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया।

कार्यक्रम की शुरुआत मेंकार्यक्रम की संयोजिका विभा दीक्षित ने अतिथियों का स्वागत और व्याख्यान के विषयवस्तु के परिचय से किया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, क्राइस्ट चर्च कॉलेज के प्रिंसिपल औरसचिव, प्रोफेसर जोसेफ डैनियल ने भारत में संविधान के महत्व और प्रासंगिकता पर बहुतयुक्तिपूर्ण टिप्पणियाँ साझा कीं। उन्होंने भारतीय संविधान के मूल्य और पवित्रता को बनाए रखने में संविधान एवं कानून निर्माताओं के संघर्ष और योगदान पर प्रकाश डाला. मुख्य अतिथि वक्ता वीएसएसडी कॉलेज के विधि विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर ए.बी. जायसवाल ने कानूनविद के दृष्टिकोण से एक बहुत ही अर्थपूर्ण व्याख्यान दिया।

उन्होंने भारतीय संविधानकी 75 वर्षों के कालयात्रा की विशिष्टता, गतिशीलता और अनुकूलनशीलता पर गंभीर चर्चाकी। प्रोफेसर आशुतोष सक्सेना ने सत्र की अध्यक्षीय व्याख्यान में कहा कि संविधान केवलसरकार चलाने के लिए एक कोड बुक नहीं है, बल्कि इसका लोकतंत्र के सभी स्तंभों द्वारा उचित व्याख्या करते हुए सही दिशा में निर्णय लेने एवं कार्यान्वयन की आवश्यकता है.
संवैधानिक सरकार को अपने व्यवहार में संविधान के मूल दार्शनिक मूल्यों, अपेक्षाओं और समय के साथ बदलाव को अपनाना चाहिए। कार्यक्रम की आयोजक समिति में हिना अज़मत, अर्चना वर्मा, साक्षी, इशिता, विवेक और अमित शामिल थे। विद्यालय के सभी शिक्षक एवं छात्रों ने बड़ी रुचि के साथ वार्ता में भागीदारी की.

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सीएसआईआर-सीएसआईओ और केएएमपी: 100 से अधिक युवा छात्रों को एक प्रेरक यात्रा के जरिए भविष्य के वैज्ञानिक मस्तिष्कों को प्रोत्साहित किया गया

6 नवंबर, 2023 को चंडीगढ़ स्थित सीएसआईआर-केंद्रीय वैज्ञानिक उपकरण संगठन ने नॉलेज और अवेयरनेस मैपिंग प्लेटफॉर्म (केएएमपी) के सहयोग से एक गतिशील वैज्ञानिक भ्रमण की मेजबानी की। संगठन ने राजस्थान स्थित गुढ़ा इंटरनेशनल स्कूल के 100 से अधिक उत्साही छात्रों का स्वागत किया।

इस परिवर्तनकारी भ्रमण ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र को विस्तृत रूप से सामने रखा, जिससे छात्रों में वैज्ञानिक अन्वेषण को लेकर जिज्ञासा और उत्साह उत्पन्न हुआ।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/WhatsAppImage2023-11-06at19.09.50JWKX.jpeg  इस कार्यक्रम की शुरुआत आशिता स्वामी (परियोजना सहायक, सीएसआईआर-सीएसआईओ) के नेतृत्व में सीएसआईआर-सीएसआईओ- चंडीगढ़ के एक व्यावहारिक अवलोकन के साथ हुई। इस छात्रों को संस्थान के अग्रणी कार्यों की एक व्यापक समझ प्रदान की। सीएसआईआर-सीएसआईओ के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं ने संवादात्मक व्याख्यान और आकर्षक गतिविधियों के जरिए युवा मस्तिष्कों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके तहत उल्लेखनीय योगदान के रूप में डॉ. अपर्णा अकुला (प्रधान वैज्ञानिक, सीएसआईआर-सीएसआईओ) ने ‘इंटेलिजेंट सेंसिंग सिस्टम’ के बारे में जानकारी दी, श्री उज्ज्वल प्रकाश भूषण (पीएचडी इंजीनियरिंग, बीएमए विभाग, सीएसआईआर-सीएसआईओ) ने ‘मल्टी-सेंसर फ्यूजन-आधारित डायनेमिक ऑब्स्टैकल्स डिटेक्शन’ के बारे में बताया और श्री राहुल झा (आईडीडीपी शोधकर्ता, सीएसआईआर-सीएसआईओ) ने ‘शुरुआती क्षय जांच के लिए इंट्राओरल डेंटल इंस्पेक्शन’ पर चर्चा की।

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इन समृद्ध व्याख्यानों के बाद श्रीमती मीनाक्षी श्रीवास्तव (परियोजना सहायक, सीएसआईआर-सीएसआईओ) और श्रीमती ईशा (परियोजना सहायक, सीएसआईआर-सीएसआईओ) के संचालन में आयोजित एक प्रेरक विज्ञान-आधारित प्रतियोगिता ने छात्रों की प्रतिस्पर्धी भावना को बढ़ाने के साथ टीम वर्क और अभिनव सोच को प्रोत्साहित किया।

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इस भ्रमण के दौरान छात्रों को प्रयोगशाला परिचालन की जटिलताओं और विभिन्न उपकरणों की कार्यक्षमता को समझने का अवसर प्राप्त हुआ।

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इस कार्यक्रम के समापन पर श्री अनिकेत अरोड़ा (केएएमपी में आउटरीच गतिविधियों के लिए नोडल अधिकारी) ने जिज्ञासा कार्यक्रम की सफलता के पीछे की प्रमुख शख्सियत- डॉ. नीरजा गर्ग (पीआई जिज्ञासा, प्रधान वैज्ञानिक, सीएसआईआर-सीएसआईओ) और डॉ. पूजा देवी (सीओ पीआई जिज्ञासा, प्रधान वैज्ञानिक, सीएसआईआर-सीएसआईओ) के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने भारत में विज्ञान और अन्य प्रगति में गहरी रुचि उत्पन्न करने के लिए अनुभवात्मक शिक्षा की शक्ति में केएएमपी के अटूट विश्वास को रेखांकित करते हुए ऐसी पहलों के महत्व पर जोर दिया। इसके अलावा उन्होंने रोमांचक आगामी गतिविधियों को साझा किया। इनमें 23 नवंबर को इसरो-यूआरएससी के साथ एक ऑनलाइन ज्ञान साझाकरण सत्र, दिसंबर में सीएसआईआर-आईआईटीआर में एक वैज्ञानिक भ्रमण और भारत के प्रतिष्ठित सीएसआईआर प्रयोगशालाओं और अनुसंधान संगठनों में छात्रों को वास्तविक विश्व के वैज्ञानिक प्रयासों से परिचय कराने के लिए डिजाइन की गई योजनाबद्ध गतिविधियों की एक श्रृंखला शामिल है।

सीएसआईआर-सीएसआईओ के बारे में

सीएसआईआर-केंद्रीय वैज्ञानिक उपकरण संगठन (सीएसआईओ), वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की एक प्रमुख मूल इकाई है। यह वैज्ञानिक और औद्योगिक उपकरणों के अनुसंधान, डिजाइन और विकास के लिए प्रतिबद्ध एक अग्रणी राष्ट्रीय प्रयोगशाला के रूप में सक्रिय है। यह बहु-विषयक दृष्टिकोण के साथ भारत में विविध अनुप्रयोगों में उपकरण उद्योग के विकास को बढ़ावा देने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

केएएमपी के बारे में

केएएमपी, वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर)- राष्ट्रीय विज्ञान संचार और नीति अनुसंधान संस्थान (निस्पर) और औद्योगिक भागीदार मैसर्स निसा कम्युनिकेशन्स प्राइवेट लिमिटेड (एनसीपीएल) के नेतृत्व में एक गठबंधन है। इसके तहत छात्रों की छिपी हुई क्षमता को सामने लाने और वैज्ञानिक परीक्षण के लिए उनके उत्साह को प्रज्वलित करने के उद्देश्य से रचनात्मकता, सार्थक शिक्षण, आलोचनात्मक अध्ययन और  चिंतन कौशल को विकसित करने के प्रयास किए जाते हैं।

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क्राइस्ट चर्च कॉलेज में पीसीओएएस वक्तत्व और स्वास्थ्य शिविर आयोजित

कानपुर 8 नवम्बर भारतीय स्वरूप संवाददाता, क्राइस्ट चर्च कॉलेज कानपुर में पीसीओएएस वक्तत्व और स्वास्थ्य शिविर का आयोजन उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चलाए गए मिशन शक्ति के अंतर्गत किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रचार्य जोसेफ डेनियल के दिशानिर्देशन में मीत कमल द्विवेदी (मिशन शक्ति की संयोजिका) द्वारा किया गया कार्यक्रम में चिरायु हॉस्पिटल की डायरेक्टर डॉ पूनम सचान और उनके सहसहयोगी धर्मेंद्र सर ,अंकित सर मौजूद रहें । डॉ पूनम सचान ने सभी विद्यार्थियों को पीसीओएस के लक्षणों के बारे में बताया ।उन्होंने बताया कि पीसीओएस में अनियमित पीरियड्स , बालों का झड़ना, स्ट्रेस, डिप्रेशन, अनबैलेंसेड हार्मोन्स , हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलोस्ट्रोल इसके कारण है , उन्होंने इस समस्या से कैसे निदान पाया जा सकता है इसके बारे में भी बताया ।उन्होंने ये भी बताया कि इस समस्या से योगा , जीवन शैली में सुधार करके भी खतम किया जा सकता उन्होंने एनीमिया के बारे में भी बताया। इस कार्यक्रम में मिशन शक्ति के छात्र प्रतिनिधि अंजली सचान,वैष्णवी दीक्षित ,प्राची गुप्ता , सुंदरम मिश्रा ,अनामता, मानवी , उजाइफा, ,हर्षिता,सुप्रिया, साहिल ,कावेरी आदि उपस्थित रहे।

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कानपुर विद्या मंदिर महिला महाविद्यालय में मतदाता जागरूकता अभियान एवं वोटर रजिस्ट्रेशन हेतु कैंप आयोजित

कानपुर 7 नवंबर भारतीय स्वरूप संवाददाता, कानपुर विद्या मंदिर महिला महाविद्यालय, स्वरूपनगर में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई एवं महाविद्यालय द्वारा संयुक्त रूप से शासन द्वारा संचालित “*SVEEP*” योजना के अंतर्गत *मतदाता जागरूकता अभियान* एवं *वोटर रजिस्ट्रेशन हेतु कैंप* का आयोजन किया गया। उक्त कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को उनके मताधिकार के प्रति जागरूक करना तथा 18 वर्ष एवं उससे अधिक आयु की समस्त छात्राओं का वोटर रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करना था। जिलाधिकारी, कानपुर नगर एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के सहयोग से नियुक्त की गई सुमन वर्मा एवं अन्य बी.एल.ओ. की टीम द्वारा पंजीकरण का कार्य संपन्न किया गया। महाविद्यालय की लगभग 200 छात्राओं का वोटर पंजीकरण कराया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मतदाता जागरूकता अभियान के साथ किया गया। प्राचार्या प्रो. पूनम विज जी ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि अपने मताधिकार का प्रयोग करके हम अपने भविष्य के निर्माण में एक सक्रिय भूमिका का निर्वहन कर सकते हैं। आज मतदान की प्रक्रिया पूरी तरह से इलेक्ट्रॉनिक, पारदर्शी एवं सुरक्षित है, जिससे हम सभी स्वतंत्र रूप से एक मतदाता के रूप में अपने अधिकारों का समुचित प्रयोग कर सकते हैं।
कार्यक्रम की संयोजिका, राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. आँचल तिवारी ने कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र के लिए सशक्त जनाधार का होना अत्यंत महत्वपूर्ण है। संचालन कर रहीं कल्पना देवी ने कहा कि हम सभी को मतदान करके समाज के निर्माण में स्वयं का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना चाहिए।
इस कार्यक्रम में “मताधिकार: लोकतंत्र का आधार” विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया तथा “मतदाता जागरूकता” विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। भाषण प्रतियोगिता में 12 छात्राओं ने प्रतिभाग किया जिनमें से सुरभि झा, छवि सोनकर एवं अनुपमा तिवारी को क्रमशः प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान के लिए चयनित किया गया। पोस्टर प्रतियोगिता में 10 छात्राओं ने प्रतिभाग किया जिनमें से रिया गुप्ता, निधि एवं ख़ुशी सोनकर ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान प्राप्त किया।
महाविद्यालय की समस्त शिक्षिकाएं कार्यक्रम में उपस्थित रहीं, जिनके सहयोग से रजिस्ट्रेशन का कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम का संयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. ऑंचल तिवारी ने किया तथा कार्यक्रम का संचालन SVEEP नोडल अधिकारी सुश्री कल्पना देवी द्वारा किया गया।

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“शिक्षा में रोचकता का समावेश” विषयक शैक्षिक दक्षता वृद्धि व्याख्यानमाला आयोजित

कानपुर 4 नवम्बर भारतीय स्वरूप संवाददाता, इरा ज्ञान सरोवर जूनियर हाई स्कूल, सताँव, रायबरेली के तत्त्वावधान में नक्षत्र फाउण्डेशन द्वारा *”शिक्षा में रोचकता का समावेश* विषयक* शैक्षिक दक्षता वृद्धि व्याख्यानमाला* की सातवीं प्रस्तुति का आयोजन किया गया।

उक्त कार्यक्रम में वक्ता के रूप में

*आलोक कुमार यादव* यूजीसी-एसआरएफ जैव रसायन प्रभाग सीएसआईआर-सीडीआरआई, लखनऊ, एवं *चन्द्र पाल मौर्य** (सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य)
उ0 प्रा0 वि0 सहजौरा उपस्थित रहे।
आलोक कुमार यादव ने अपने व्याख्यान में बताया कि बच्चों को अपने शिक्षकों से प्रश्न अवश्य पूछने चाहिए और अनुशासन पर विशेष ध्यान देना चाहिए। श्री चन्द्र पाल मौर्य ने बताया कि विद्यार्थियों के अंदर शिक्षको का भय नहीं होना चाहिए, यदि भय का भाव रहा जो बच्चे अपने शिक्षकों से प्रश्न पूछने से घबराएंगे।
उक्त दिवस पर **निर्मल प्रकाश श्रीवास्तव* प्रधानाचार्य
इरा ज्ञान सरोवर जूनियर हाई स्कूल, सताँव, रायबरेली रेखा झा, डॉ0 ऋचा आर्या, डॉ0 उदय प्रताप सिंह, सोनम सिंह उपस्थित रहे।

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शिक्षा और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने अबू धाबी में संयुक्त अरब अमीरात के शिक्षा मंत्री डॉ. अहमद अल फलासी से भेंट की  

शिक्षा और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने आज अबू धाबी में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के शिक्षा मंत्री माननीय डॉ. अहमद अल फलासी से भेंट की। इन दोनों ही मंत्रियों ने मौजूदा शैक्षणि‍क सहयोग को मजबूत करने के लिए एक सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जिससे छात्रों और संकाय के आवागमन के साथ-साथ विभिन्न अन्य पहलों में भी काफी सुविधा होगी। इसके साथ ही मंत्री महोदय ने अभिनव और परिवर्तनकारी शिक्षा प्रदान करने वाले स्कूल ‘42 अबू धाबी’ का दौरा किया। मंत्री महोदय संयुक्त अरब अमीरात के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरे से शिक्षा और कौशल क्षेत्र में आपसी हित वाले महत्वपूर्ण क्षेत्रों में पारस्परिक सहयोग, भागीदारी और सामंजस्‍य को काफी बढ़ावा मिलेगा।

यूएई के शिक्षा मंत्री के साथ बैठक के दौरान, प्रधान ने कहा कि यूएई एक वैश्विक आर्थिक हॉटस्पॉट है और भारत एक वैश्विक प्रतिभा हॉटस्पॉट है, इस लिहाज से दोनों देशों को अपने सभ्यतागत जुड़ावों को मजबूत करने के लिए एक ज्ञान सेतु निर्मित करने हेतु साथ मिलकर काम करना चाहिए।

दोनों मंत्रियों ने शिक्षा और कौशल विकास में द्विपक्षीय गतिविधियों की समीक्षा की। विशेष रूप से जी-20 इंडिया के हिस्से के रूप में चौथी ईडीडब्ल्यूजी के दौरान अलग से हुई आपसी बैठक के दौरान जिन बिंदुओं पर चर्चा की गई थी, उनकी प्रगति की समीक्षा हुई। उन्होंने शैक्षणिक और कौशल योग्यताओं की पारस्परिक मान्यता, यूएई में भारतीय संस्थानों की मान्यता के लिहाज से हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और इस क्षेत्र में निरंतर काम करने की ज़रूरत बताई। दोनों मंत्रियों ने संस्थागत तंत्रों को सुदृढ़ करने और छात्रों तथा कार्यबल की सुगम गतिशीलता के लिए प्रक्रियाओं में तेजी लाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। धर्मेंद्र प्रधान ने यूएई में भारतीय पाठ्यक्रम का पालन करने वाले स्कूलों को समर्थन देने के लिए डॉ. अहमद बेलहौल को धन्यवाद दिया। साथ ही, भारत और यूएई के बीच छात्रों के आदान-प्रदान कार्यक्रमों को सुगम करने के तरीकों पर भी चर्चा की गई

बैठक के दौरान, मंत्रियों ने एक महत्वपूर्ण सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए। सहमति पत्र का उद्देश्य, छात्र और संकाय के आवागमन; संयुक्त अनुसंधान कार्यक्रम; पाठ्यक्रम डिजाइन करना; सम्मेलनों, व्याख्यानों, संगोष्ठियों, पाठ्यक्रमों, दोनों देशों के आपसी हितों से संबंधित क्षेत्रों में वैज्ञानिक और शैक्षिक प्रदर्शनियों का आयोजन और भागीदारी; आदि की सुविधा प्रदान करके दोनों देशों में शैक्षणिक संस्थानों के क्षेत्र में मौजूदा सहयोग को मजबूत करना है।

यह निम्नलिखित क्षेत्रों में सूचनाओं के आदान-प्रदान की भी सुविधा प्रदान करेगा:

• दोनों देशों के सामान्य और उच्च शिक्षा में विनियम, कानूनी संरचनाएं और सर्वोत्तम तौर-तरीके।

• दोनों देशों के बीच योग्यता की पारस्परिक मान्यता को सुविधाजनक बनाने के लिए राष्ट्रीय योग्यता फ्रेमवर्क सहित सामान्य और उच्च शिक्षा के लिए फ्रेमवर्क और नीतियां।

• प्रतिभाशाली कौशल विकास, परामर्श और कल्याण के क्षेत्रों में फ्रेमवर्क व नीतियां।

• दोहरी व्यवस्था, संयुक्त डिग्री और दोहरी डिग्री कार्यक्रमों की पेशकश के लिए दोनों देशों के उच्च शिक्षा संस्थानों के बीच अकादमिक सहयोग की सुविधा।

• इस सहमति पत्र के तहत तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण (टीवीईटी) शिक्षण कर्मियों के क्षमता-विकास के क्षेत्र में सहयोग की परिकल्पना की गई है।

• सहमति पत्र एक संयुक्त कार्यसमूह के निर्माण की सुविधा प्रदान करेगा, जिसकी अध्यक्षता भारत और संयुक्त अरब अमीरात के शिक्षा मंत्रालय के प्रतिनिधि करेंगे। इस सहमति पत्र के कार्यान्वयन की समीक्षा करने के लिए संयुक्त कार्यसमूह (जेडब्लूजी) वर्ष में कम से कम एक बार बारी-बारी से बैठक आयोजित करेगा।

श्री प्रधान ने 42 अबू धाबी का भी दौरा किया, जोकि एक कोडिंग स्कूल है। यह स्कूल प्रोजेक्ट-आधारित और गेमिफाइड पाठ्यक्रम के माध्यम से नवाचार, रचनात्मकता एवं एक सहकर्मी-से-दूसरे सहकर्मी के सीखने की प्रक्रिया को प्रोत्साहित करने पर गहराई से ध्यान केन्द्रित करता है। श्री प्रधान ने कहा कि, 42 अबू धाबी जीसीसी में अपनी तरह का पहला स्कूल है और इसके द्वारा तकनीकी रूप से समर्थ भविष्य के दृष्टिकोण को साकार करने के क्रम में शिक्षा की राह में आने वाली बाधाओं को दूर करने पर दिया जाने वाला जोर बेहद प्रशंसनीय है। पूरे वर्ष 24/7 खुला रहने वाला, यह स्कूल शिक्षार्थियों को अपनी दिनचर्या के अनुसार सीखने और कमाने के प्रति पर्याप्त लचीलापन दर्शाता है। उन्होंने इस तथ्य पर प्रकाश डाला कि एनईपी 2020 में भी लचीलापन और कमाई के साथ सीखने को लेकर प्रमुख रूप से सिफारिश की गई है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रगतिशील तरीकों का समावेश करके भारत के प्रतिभाशाली युवाओं और श्रमशक्ति को सशक्त बनाना ही आगे की राह है।

प्रधान ने अबू धाबी इंडियन स्कूल (एडीआईएस) में छात्रों और शिक्षकों के साथ सार्थक चर्चा की। प्रधान ने कहा कि अबू धाबी में भारतीय समुदाय के सबसे बड़े स्कूलों में से एक, एडीआईएस भारतीय छात्रों का बेहतर मार्गदर्शन कर रहा है और उन्हें भारत एवं संयुक्त अरब अमीरात, दोनों देशों की संस्कृति, मूल्यों एवं लोकाचार से ओतप्रोत कर रहा है। उन्होंने कहा कि ये छात्र भविष्य के वैश्विक नागरिक और भारत एवं इसके सभ्यतागत लोकाचार के दूत हैं।

बाद में शाम को, केन्द्रीय मंत्री ने उड़िया समुदाय के सदस्यों के साथ बातचीत की। संयुक्त अरब अमीरात में भारतीय प्रवासियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

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क्राइस्ट चर्च कॉलेज में मिशन शक्ति: नारी सुरक्षा, नारी सम्मान, नारी सशक्तिकरण पर सेमिनार आयोजित

कानपुर 31 अक्टूबर भारतीय स्वरूप संवाददाता, क्राइस्ट चर्च कॉलेज महाविद्यालय के एनएसएस इकाई द्वारा एक दिवसीय सेमिनार का अयोजन किया गया , जिसकी थीम मिशन शक्ति: नारी सुरक्षा, नारी सम्मान, नारी सशक्तिकरण जिसके अंतर्गत विभिन्न कॉलेजों के एनएसएस प्रोग्राम ऑफिसर उपस्थित हुए, द्वीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरूआत हुई तत्पश्चात प्राचार्य जोसेफ डेनियल ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया ,सेमिनार में ऑनलाइन माध्यम से प्रो. विनय कुमार पाठक छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के कुलपति ने अपने ओज पूर्ण विचारों से कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को जागरूक किया इसी श्रंखला में प्रो .रिपुदमन  , प्रो. मंजू सिंह , प्रो. राजेश कुमार द्विवेदी, डॉ श्याम मिश्रा ने अपने शब्दों से कार्यक्रम में उपस्थित लोगों का महिलाओं का सशक्तिकरण करने के लिए सामाजिक बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया,कार्यक्रम में एनएसएस इकाई के स्वयं सेवकों ने नारी सशक्तिकरण पर छोटा सी नृत्य नाट्य प्रस्तुति की , तथा एनएसएस इकाई के स्वयं सेवकों ने लक्ष्य गीत की प्रस्तुति दी तथा डी जी कॉलेज की प्रोग्राम ऑफिसर डॉ संगीता सिरोही ने कार्यक्रम में ऑनलाइन व ऑफलाइन माध्यम से उपस्थित लोगों का धन्यवाद ज्ञापित किया तथा एकता दिवस के उपलक्ष्य पर सभी को शपथ ग्रहण कराई गई क्राइस्ट चर्च की प्रोग्राम ऑफिसर डॉ सुनीता वर्मा व एनएसएस हेड रितेश यादव, मानवी शुक्ला तथा उनके साथ उनकी टीम जिसमे हर्षिता,आर्थर ,अहमद, तरंग, आयुष,अपेक्षा, नागेंद्र , इरम , आयुषी, सोनल , प्राची , शौर्य , विपिन , आर्यन , दिया , हर्ष, विक्रम, विवेक आदि के सहयोग से कार्यक्रम का समापन हुआ ।

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राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई लौह पुरुष सरदार पटेल की जयंती

कानपुर 31 अक्टूबर भारतीय स्वरूप संवाददाता, सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई, दयानंद गर्ल्स पीजी कॉलेज, कानपुर के द्वारा कार्यक्रम अधिकारी डॉ संगीता सिरोही के कुशल निर्देशन में एकता रन, एकता की शपथ, भाषण प्रतियोगिता एवम व्याख्यान का आयोजन कर लौह पुरुष सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। महाविद्यालय प्राचार्य प्रो अर्चना वर्मा जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि वल्लभभाई पटेल महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, हमारे देश के प्रथम उप प्रधानमंत्री एवं प्रथम गृहमंत्री थे। भारतवर्ष की एकता एवम अक्षुण्णता को बनाए रखने के लिए सरदार वल्लभभाई पटेल के द्वारा दिखाया गया रास्ता अतिमहत्वपूर्ण है। कार्यक्रम को सफल बनाने में सेल्फ फाइनेंस की डायरेक्टर प्रो वंदना निगम, कार्यालय अधीक्षक कृष्णेंद्र श्रीवास्तव,एन सी सी इंचार्ज डॉ मनीष पांडे, भूगोल विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ अंजना श्रीवास्तव, बी एड विभाग इंचार्ज डॉ सबीहा अंजुम एवं समस्त प्राध्यापिकाओं , एनएसएस वॉलिंटियर्स तथा महाविद्यालय की समस्त छात्राओं का विशेष योगदान रहा।

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“प्रोटीन संशलेषण में न्यूक्लिक अम्लों की भूमिका व महत्त्व” विषय पर व्याख्यान आयोजित

कानपुर 29 अक्टूबर भारतीय स्वरूप संवाददाता एस. जे. महाविद्यालय के जंतु विज्ञान विभाग द्वारा एक विशिष्ट व्याख्यान आयोजित किया गया है जिसका शीर्षक “प्रोटीन संशलेषण में न्यूक्लिक अम्लों की भूमिका व महत्त्व” के मुख्य अतिथि प्रो०सुनीता आर्या डी.जी.पी.जी. महाविद्यालय, कानपुर द्वारा व्याख्यान दिया गया। न्यूक्लिक अम्लों को प्रोटीन संशलेषण में भूमिका व प्रोटीन निर्माण की प्रक्रिया को समझाया। इसके अतिरिक्त शरीर के विकास में प्रोटीन के महत्त्व को बतलाया। कार्यक्रम क संचालन डॉ अनुराग सिंह कुशवाह द्वारा किया गया तथा डॉ०रीता गुप्ता, डॉ० वंदना मिश्रा, डॉ० रामकेश परिहार, डॉ० रेखा शुक्ला एवं डॉ० सुनील उमराव ने सहयोग प्रदान किया कार्यक्रम क समापन में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ० संजीव कुमार सिंह ने मुख्य अतिथि, शिक्षकगण तथा समस्त छात्र / छात्राओं ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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