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शिक्षा

मातृभाषाओं में अभिव्यक्ति का विराट उत्सव ‘बोली बानी’ आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता ‘बोली – बानी’ (मातृभाषाओं का त्यौहार) 21 फरवरी अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के रूप में मनाया जाता है और इसी को क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर के प्रांगण में उतारते हुए हिंदी विभाग द्वारा मातृभाषाओं में अभिव्यक्ति का विराट उत्सव ‘बोली बानी’ महाविद्यालय के डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन सभागार में आयोजित किया गया। विभिन्न बोलियों और मातृभाषाओं में विविध विधाओं में जैसे गीत, नृत्य, कविता, वक्तव्य, संस्मरण आदि का शानदार प्रदर्शन न केवल छात्र-छात्राओं ने किया, अपितु कॉलेज के अध्यापकों ने भी इसमें बढ़-चढ़ कर प्रतिभाग किया।
इस कार्यक्रम के सारस्वत अतिथि महाविद्यालय के दर्शनशास्त्र के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. दिनेश चंद्र श्रीवास्तव थे, विशिष्ट अतिथि इतिहास विभाग की सूफिया शहाब तथा विशेष अतिथि कॉलेज की उप प्राचार्य प्रो. श्वेता चंद थीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य जोसेफ डेनियल ने की ।
अतिथियों का स्वागत स्मृति चिह्न प्रदान करके किया गया तथा विभागीय स्वागत हिंदी के शोधार्थी अर्जित पाण्डेय ने कन्नौजी बोली में किया। कार्यक्रम का आरंभ करते हुए प्रो. अनिंदिता भट्टाचार्य ने 21 फरवरी की महत्ता स्पष्ट करते हुए इस दिन मातृभाषा दिवस को मनाने का कारण बांग्ला भाषा में स्पष्ट किया। इसके बाद छात्र-छात्राओं द्वारा दी गईं एक के बाद एक मोहक प्रस्तुतियों की श्रृंखला सज गई। गरिमा, शाल्वी व साक्षी ने पंजाबी नृत्य किया, आकृति व ओजस्विनी ने राजस्थानी ‘कालबेलिया’ किया तो तन्वी ने मराठी ‘लावणी’ पर प्रस्तुति दी। तनिष्का ने राजस्थानी नृत्य किया तो वर्षा ने भोजपुरी छठ पूजा के गीत पर मोहक नृत्य किया और स्वस्तिक ने नेपाली गीत पर एकल नृत्य किया। साथ ही शरद ने राजस्थानी, तनिष्का ने अवधी व शिवा ने भोजपुरी में एकल गीत प्रस्तुत किए तथा नेहा, उपासना व अंजलि ने अवधी में भांवर गीत प्रस्तुत किया। वैष्णवी ने वंशीधर शुक्ल की अवधी की कविता तथा आदर्श, अब्दुल व पूजा ने क्रमशः हरियाणवी , उर्दू व बंगाली में मातृभाषा के प्रति अपने विचार प्रकट किए।
इसके उपरांत मंच सभी की प्रस्तुतियों के लिए खोल दिया गया। इस खुले मंच पर अनेक सुन्दर प्रस्तुतियाँ शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों आदि ने दीं। तदोपरांत विशेष अतिथि प्रो. श्वेता चंद ने भी एक कविता प्रस्तुत की। साथ ही विशिष्ट अतिथि सूफ़िया शहाब ने उर्दू में अपने विचार व्यक्त किए। सारस्वत अतिथि प्रो. दिनेशचंद्र श्रीवास्तव ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए भोजपुरी में सबको संबोधित किया। कार्यक्रम के अध्यक्ष प्राचार्य प्रो. जोसेफ़ डेनियल ने अपनी मातृभाषा मलयालम में बात करते हुए सभी को अपने देश और उसकी भाषाई विविधता के प्रति गर्व महसूस करने के प्रति प्रेरित किया।
धन्यवाद ज्ञापन हिंदी की शोधार्थी गौरांगी मिश्र द्वारा अवधी बोली में दिया गया। समस्त कार्यक्रम का कुशल संचालन अरुणेश शुक्ल द्वारा अवधी में किया गया। सुंदरम, कांची, प्रज्ञा, विख्यात, अंजलि, नेहा ने पूरे कार्यक्रम की व्यवस्था की कमान संभाल रखी थी। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में शिक्षक, विद्यार्थी, शोधार्थी और कर्मचारी-गण उपस्थित रहे और बोलियों की विविधता का आनंद लिया।

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क्राइस्ट चर्च कॉलेज में विविधवर्णी आयोजन “वासंतिक” आयोजित

कानपुर 17 फरवरी भारतीय स्वरूप संवाददाता क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर भारत में वसंत एक उत्सव के रूप में मनाया जाता है और इसी को क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर के प्रांगण में उतारते हुए हिन्दी विभाग का विविधवर्णी आयोजन “वासंतिक” 17 फरवरी 2025 को सर्वपल्ली राधाकृष्णन सभागार में आयोजित किया गया। पूर्णतः शास्त्रीय आधार पर आयोजित इस नृत्य, संगीत, कला व कविता के अभिनव सहमेल में कॉलेज के छात्रों ने बढ़-चढ़कर अपनी प्रतिभा का सुन्दर प्रदर्शन किया। इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सुश्री सूज़ी जोसेफ़ थीं और विशिष्ट अतिथि प्रो. श्वेता चंद थीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य जोसेफ़ डेनियल ने की।
‘वासंतिक’ की शुरुआत वाद्य वृंद की राग यमन पर सामूहिक प्रस्तुति के साथ हुई और फिर महाप्राण निराला द्वारा रचित ‘वर दे वीणावादिनी’ के गान व नृत्य प्रस्तुति ने वसन्त की आभा बिखेर दी। इसी क्रम में ‘देव’ की कविता का पाठ अर्जित द्वारा, वसन्त से संबंधित विविध गीत, कथक नृत्य, सबद गान ने पूरे वातावरण को रागमय, अनुरागमय और रंगमय बना दिया। शास्त्रीय गायन में पारंगत अंकित श्रीवास्तव (पूर्व छात्र) ने वसन्त ऋतु पर अत्यंत सुन्दर प्रस्तुतियाँ दीं। साथ ही राहिल अहमद, सुप्रिया दास, तनिष्का वाजपेई और अनाया ने भी बसंत की बहार को गीतों द्वारा उकेरा। रसायनशास्त्र विभाग की प्रो. मीतकमल ने भी सबद गायन प्रस्तुत कर वसन्त का प्रभाव द्विगुणित किया। कथक के शास्त्रीय पारंपरिक नृत्य की मोहक प्रस्तुति अभिज्ञा चतुर्वेदी (पूर्व छात्रा) और अनया मिश्र ने दी तथा तन्वी, उर्वशी, साक्षी, शाल्वी, चहक, सृष्टि ने शास्त्रीय नृत्य की मोहक प्रस्तुतियों द्वारा सभी को प्रभावित किया। वादन में राग यमन और राग हंसध्वनि तबले पर उदित, बांसुरी पर हर्षित, हारमोनियम पर राहिल और ढफली पर शरद ने प्रस्तुत कर वसन्त का मधुर समां बाँध दिया।
मुख्य अतिथि के रूप में पधारी सूज़ी जोसेफ़ ने सभागार में उपस्थित सभी छात्र छात्राओं का न केवल उत्साहवर्धन किया अपितु वसंत के सांस्कृतिक एवं लौकिक पक्ष की भी चर्चा की। अध्यक्षीय भाषण कॉलेज के प्राचार्य प्रो. जोसेफ डेनियल द्वारा प्रदान किया गया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को शुभाशीष देते हुए महाविद्यालय में आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों की महत्ता और इनमें प्रतिभागिता का महत्त्व छात्रों को समझाया।
‘वासंतिक’ कार्यक्रम के अंतर्गत फूलों की रंगोली प्रतियोगिता सभागार के मुख्य द्वार पर सम्पन्न हुई इसमें महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने बढ़ चढ़ कर प्रतिभाग किया। रंगोली प्रतियोगिता में प्रथम स्थान शिवांग शुक्ला ने, द्वितीय स्थान तनिष्का चौरसिया ने और तृतीय स्थान कांची त्रिपाठी ने तथा सांत्वना पुरस्कार लावण्या , सृष्टि मिश्रा एवं फैरी ने प्राप्त किया। फूलों की रंगोली प्रतियोगिता ने जहाँ कॉलेज में ‘वासन्तिक’ की उद्घोषणा कर दी थी, वहीँ छात्रों ने बहुत मेहनत से पूरे सभागार का श्रृंगार फूलों से करके वसन्त को कॉलेज के आँगन में उतार दिया। अंजलि, अनंत, सुन्दरम, कांची, विख्यात, प्रज्ञा, फैरी ने पूरे कार्यक्रम की व्यवस्था की कमान संभाल रखी थी। कार्यक्रम का कुशल संचालन गौरांगी मिश्र (शोध छात्रा) द्वारा किया गया। ‘वासन्तिक’ छात्रों की ऊर्जा व उत्साह से उल्लासमय और आनंदमय बन गया। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में शिक्षक, विद्यार्थी, शोधार्थी और कर्मचारी-गण उपस्थित रहे।

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Christ Church College के एन.एस.एस. स्वयंसेवकों द्वार स्लम बस्तियों में सात दिवसीय शिविर का समापन

कानपुर 16 फरवरी भारतीय स्वरूप संवाददाता क्राइस्ट चर्च पी.जी. कॉलेज, कानपुर के एन.एस.एस. स्वयंसेवकों द्वारा वार्ड 16, जुही परंपुरा, कानपुर की स्लम बस्तियों में सात दिवसीय शिविर के अंतिम दिन समापन समारोह का आयोजन किया गया।

प्रातः 8:00 बजे स्वयंसेवक शिविर स्थल पर पहुंचे और सामूहिक रूप से सफाई कार्य किया। इसके उपरांत प्रोजेक्ट कार्य के अंतर्गत बस्ती के गरीब एवं जरूरतमंद बच्चों को स्कूल बैग, किताबें, स्टेशनरी आदि वितरित किए गए। इसके पश्चात बच्चों को आकर्षक गतिविधियों जैसे नृत्य एवं संगीत में सम्मिलित किया गया, जिससे वे आनंदित हुए।

*मुख्य सत्र*

मुख्य सत्र में कानपुर पुलिस कमिश्नरेट से कांस्टेबल अफसाना मैम और सब-इंस्पेक्टर अमित कुमार यादव ने उपस्थित होकर स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया। स्वयंसेवकों ने एक दिन पहले कौशल विकास गतिविधि के दौरान बनाए गए उत्पाद जैसे पक्षियों के लिए घोंसले, मॉइस्चराइज़र, टोनर आदि स्मृति चिन्ह के रूप में अतिथियों को भेंट किए।

इसके बाद, पुलिस अधिकारियों ने सड़क सुरक्षा एवं जागरूकता पर व्याख्यान दिया। उन्होंने विशेष रूप से हेलमेट पहनने की अनिवार्यता पर जोर दिया, भले ही यात्रा छोटी ही क्यों न हो। अधिकारियों ने सात दिवसीय शिविर के दौरान स्वयंसेवकों द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की और उनके प्रयासों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।

समारोह के दौरान सभी स्वयंसेवकों ने मिलकर एन.एस.एस. लक्ष्य गीत गाया, जिससे पूरा वातावरण प्रेरणादायक हो गया।

*भोजन अवकाश*

शिविर के अंतिम दिन स्वयंसेवकों द्वारा हमारे अतिथियों को स्वादिष्ट एवं पौष्टिक भोजन परोसा गया। इसके पश्चात स्वयंसेवकों ने भी भोजन का आनंद लिया।

*समापन एवं निष्कर्ष*

अंत में, सम्माननीय अतिथियों को पूरे सम्मान के साथ विदाई दी गई। चूंकि यह शिविर का अंतिम दिन था, स्वयंसेवकों ने इन अंतिम क्षणों को पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया। उन्होंने गीत-संगीत और नृत्य के माध्यम से अपनी खुशियों को व्यक्त किया।

कार्यक्रम के समापन पर कार्यक्रम अधिकारी अंकिता जैस्मिन लाल मैम ने उच्च प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों एवं सभी स्वयंसेवकों को उनके अथक प्रयासों के लिए धन्यवाद दिया।

इसके साथ ही, सात दिवसीय शिविर का विधिवत समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया।

यह कार्यक्रम सहायक कृष्णा सिंह, विनय गौतम एवं जॉय रस्किन सर और एन.एस.एस. प्रमुख आर्यन जायसवाल एवं आयुष भारती के बिना संभव नहीं हो सकता था। उनके अद्भुत मार्गदर्शन और कठिन परिश्रम ने इस शिविर को सफल बनाया।

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हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट परीक्षा वर्ष 2025 की तैयारियों के सम्बन्ध में कानपुर नगर में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आवश्यक बैठक सम्पन्न

मुख्य सचिव, उ०प्र० शासन के शासनादेश एवं अपर मुख्य सचिव, माध्यमिक शिक्षा, उ०प्र० शासन द्वारा निर्गत दिशा-निर्देश के क्रम में माध्यमिक शिक्षा परिषद, उ०प्र० प्रयागराज द्वारा दिनांक 24 फरवरी, 2025 से दिनांक 12 मार्च, 2025 के मध्य आयोजित होने वाली हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट परीक्षा वर्ष 2025 की तैयारियों के सम्बन्ध में आज चन्द्र शेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, आजाद नगर, कानपुर नगर में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक आवश्यक बैठक सम्पन्न हुयी, जिसमें मनोज पाण्डेय, पुलिस उपायुक्त, कानून एवं व्यवस्था, कमिश्नरेट, राजेश कुमार, अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०), अरूण कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक, राजीव कुमार यादव, जिला विद्यालय निरीक्षक (द्वितीय) के साथ समस्त जोनल/सेक्टर/स्टैटिक मजिस्ट्रेट, केन्द्र व्यवस्थापक, बाह्य केन्द्र व्यवस्थापक, ऑनलाइन एवं ऑफलाइन कन्ट्रोल रूम प्रभारियों तथा सचल दल प्रभारी उपस्थित रह बैठक में सर्वप्रथम जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा बैठक में उपस्थित समस्त अधिकारियों/प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों का स्वागत करते हुये माध्यमिक शिक्षा परिषद, उ०प्र० प्रयागराज द्वारा आयोजित होने वाली हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट परीक्षा वर्ष 2025 को सम्पन्न कराये जाने हेतु शासन/विभाग द्वारा निर्धारित मानकों एवं प्राविधानों के सम्बन्ध में अवगत कराते हुये महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर विशेष ध्यान देने की अपेक्षा की गयी। तदुपरान्त पुलिस उपायुक्त, कानून एवं व्यवस्था, कमिश्नरेट द्वारा परिषदीय परीक्षा वर्ष 2025 में केन्द्रों एवं केन्द्रों पर परीक्षा सम्पन्न कराने, प्रश्न-पत्रों की सुरक्षा तथा सचल दल की सुरक्षा हेतु सशस्त पुलिस बल उपलब्ध कराये जाने एवं पुलिस द्वारा पूर्ण सहयोग दिये जाने के सम्बन्ध में अवगत कराया गया। इसी कम में अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०) द्वारा केन्द्र व्यवस्थापक, बाह्य केन्द्र व्यवस्थापक एवं स्टैटिक मजिस्ट्रेटों को एक टीम के रूप में परीक्षा सम्पादित कराये जाने के निर्देश प्रदान किये गये। साथ ही उनके द्वारा विगत वर्षों की परीक्षाओं में आई कठिनाइयों के निराकरण पर भी अपने विचार रखे। जिलाधिकारी द्वारा शासन द्वारा निर्गत शासनादेशों के अनुपालन में माध्यमिक शिक्षा परिषद, उ०प्र० प्रयागराज द्वारा आयोजित होने वाली हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट परीक्षा वर्ष 2025 को निर्धारित तिथि से पूर्व अपने-अपने केन्द्र पर समस्त व्यवस्थायें पूर्ण कराते हुये परीक्षा को सकुशल, शुचितापूर्ण एवं नकलविहीन सम्पन्न कराये जाने हेतु महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर चर्चा करते हुये निर्देश प्रदान किये गये। जिलाधिकारी द्वारा परीक्षाथियों को परीक्षा देने में कोई समस्या न हो, इस पर केन्द्र व्यवस्थापकों को विशेष निर्देश प्रदान किये गये। बैठक में अन्त में अरूण कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा बैठक में उपस्थित समस्त अधिकारियों, प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुये बैठक की कार्यवाही की घोषणा की गयी।

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क्राइस्ट चर्च कॉलेज की एनएसएस इकाई ने निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया

भारतीय स्वरूप संवाददाता सात दिवसीय एनएसएस शिविर के पाँचवें दिन, क्राइस्ट चर्च कॉलेज की एनएसएस इकाई ने अक्षी आई केयर सेंटर के सहयोग से श्री रतन शुक्ल महापालिका इंटर कॉलेज में निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया। जुही परमपुरवा क्षेत्र के निवासियों सहित विभिन्न आयु वर्ग के लगभग चालीस लोगों ने भाग लिया और विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा आधुनिक उपकरणों के साथ नेत्र जांच कराई गई। स्वयंसेवकों ने कार्यक्रम के संचालन में अहम भूमिका निभाई।अक्षी आई केयर सेंटर के डॉ. मलय चतुर्वेदी ने छात्र स्वयंसेवकों के साथ कंप्यूटर विजन सिंड्रोम पर इंटरएक्टिव सत्र आयोजित कर, स्वस्थ आँखों के लिए उपयोगी सुझाव और उपाय साझा किए।

कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अंकिता जैस्मिन लाल, कृष्णा सिंह एवं विनय गौतम के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में एनएसएस प्रमुख आर्यन जायसवाल एवं आयुष कुमार भारती का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम के समापन पर स्थल पर ही स्वयंसेवकों को स्वादिष्ट भोजन परोसा गया।

स्थानीय लोगों एवं अस्पताल कर्मचारियों ने इस आयोजन की व्यवस्था और स्वयंसेवकों की मेहनत की सराहना की।

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जूही परंपुरवा में क्राइस्ट चर्च कॉलेज की NSS इकाई ने लगाया निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर

कानपुर भारतीय स्वरूप संवाददाता क्राइस्ट चर्च कॉलेज की NSS इकाई ने अपने सात दिवसीय शिविर के तीसरे दिन सेंट कैथरीन अस्पताल के सहयोग से जूही परंपुरा बस्ती में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया। इस शिविर में मधुमेह, रक्तचाप, छाती, पेट, अंगों, दंत व मानसिक स्वास्थ्य की जांच की गई।शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी, विशेष रूप से बच्चे अपने माता-पिता के साथ शामिल हुए। सेंट कैथरीन अस्पताल की मेडिकल टीम ने आवश्यक उपकरणों के साथ जांच की, जिसमें NSS स्वयंसेवकों ने पूरी व्यवस्था और सहायता प्रदान की।

कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अंकिता जैस्मिन लाल, कृष्णा सिंह और विनय गौतम के नेतृत्व में हुआ। NSS प्रमुख आर्यन जायसवाल और आयुष कुमार भारती ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अस्पताल स्टाफ ने स्वयंसेवकों के सहयोग और आतिथ्य की सराहना की।

कार्यक्रम के अंत में स्वयंसेवकों ने स्थल पर बने भोजन का आनंद लिया। इस सफल आयोजन ने स्वास्थ्य सेवा को जरूरतमंदों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

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क्राइस्ट चर्च कॉलेज की एनएसएस ईकाई द्वारा साप्ताहिक शिविर का उद्घाटन

कानपुर 10 फरवरी भारतीय स्वरूप संवाददाता क्राइस्ट चर्च कॉलेज कानपुर की एनएसएस ईकाई द्वारा साप्ताहिक शिविर का औपचारिक उद्घाटन समारोह किया गया जिसमें अतिथि के रूप में विद्या देवी पार्षद वार्ड संख्या 16 के साथ  पंकज त्रिवेदी जी और नगर निगम इंटर कॉलेज के वरिष्ठ शिक्षक अखिलेश कुमार सिंह जी ने उद्घाटन समारोह में सम्मिलित होकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम का शुभारम्भ प्रोग्राम ऑफिसर के स्वागत भाषण से हुआ इसके बाद अतिथि गण का स्वागत सुंदर पौधें देकर स्वागत किया गया फिर पार्षद जी द्वारा स्वयंसेवकों को संबोधित किया गया और शिविर के लिए शुभकामनाएं दी गई और इंटर कॉलेज के अध्यापक द्वारा भी बच्चों का उत्साहवर्धन किया कार्यक्रम का समापन स्वयंसेविका अनमता शहाबुद्दीन के धन्यवाद् ज्ञापन से हुआ उदघाटन समारोह के बाद पार्षद जी द्वारा उद्यान का निरीक्षण कराया गया जिसका उद्देश्य पेड़ पौधें की पहचान करना जिससे हम बस्ती में उपयोगी पौधे को लेके निवासी लोगो को जागरुक कर सके इस उद्देश्य से स्वयंसेवकों द्वारा उद्यान का निरीक्षण किया गया और साथ ही एक सप्ताह में लगने वाले कैंप के विवरण का पेम्प्लेट्स घर घर जाके वितरण किया गया परंपुरवा बस्ती छेत्र में लोगों को जागरुक भी किया गया। जिसके बाद लंच ब्रेक लिया गया जिसमें स्वयंसेवकों द्वारा स्वयं पूरी सब्जी बनाई गई और आनंद से सेवन किया गया। प्रोग्राम ऑफिसर डॉ अंकिता जैस्मीन लाल ,कृष्ण सिंह और विनय गौतम की उपस्थित में कार्यक्रम का सफल आयोजन हुआ। हेड आर्यन जायसवाल और आयुष कुमार भारती का अहम योगदान रहा।

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क्राइस्ट चर्च कॉलेज की एनएसएस ईकाई के स्वयंसेवकों द्वारा बस्ती छेत्र में गंदगी से होने वाले कीड़ों की समस्या के निवारण के लिए जागरूक किया

कानपुर 6 जनवरी भारतीय स्वरूप संवाददाता क्राइस्ट चर्च कॉलेज कानपुर की एनएसएस ईकाई द्वारा एक दिवसीय शिविर के अंतर्गत स्वयंसेवकों द्वार जूही परंपुरवा बस्ती छेत्र में गंदगी से होने वाले कीड़ों की समस्या के निवारण के लिए आज प्रकृति से मिलने वाली साम्रगी का उपयोग कर स्वयंसेवकों ने कीटनाशक बनाया और पूरी बस्ती के गली मोहले और तालाब में स्वयंसेवकों द्वारा छिड़काव किया गया | जिसके बाद लंच ब्रेक लिया गया जिसमें स्वयंसेवकों द्वारा स्वयं पोहा बनाया और आनंद से खाया गया इसके पश्चात अब इन समस्याओं के समाधान के लिए स्वयंसेवकों में विचार विमर्श हुआ जिससे अब आने वाले दिनों में इसका समाधान निकाला जाएगा और इसी के साथ एक दिवसीय शिविर का समापन हुआ | प्रोग्राम ऑफिसर डॉ अंकिता जैस्मीन लाल ,जॉय रसकिन वनस्पति विभाग और मोनिका डेनियल कार्यालय सहायक की उपस्थित में कार्यक्रम का सफल आयोजन हुआ| हेड आर्यन जायसवाल और आयुष कुमार भारती का अहम योगदान रहा |

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बेंगलुरु के वैज्ञानिकों ने ग्रीन हाइड्रोजन के कुशल उत्पादन के लिए एक नया मिश्र धातु-आधारित उत्प्रेरक विकसित किया

पानी के इलेक्ट्रोलिसिस  द्वारा हाइड्रोजन और ऑक्सीजन में रूपांतरण के जरिए बेहतर हाइड्रोजन उत्पादन के लिए विकसित एक नया, कुशल मिश्र धातु-आधारित उत्प्रेरक, स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के लिए एक समाधान की दिशा में मार्ग प्रशस्त कर सकता है।

उच्च-एंट्रॉपी मिश्र धातु (एचईए) का उपयोग करने वाला यह नवोन्मेषी दृष्टिकोण, स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के लिए प्लेटिनम जैसी महंगी सामग्रियों पर निर्भरता को कम कर सकता है।

आमतौर पर, मिश्र धातुएं दो या दो से अधिक तत्वों से बनी धातु पदार्थ होती हैं, जिन्हें एक प्राथमिक धातु में अपेक्षाकृत कम मात्रा में द्वितीयक तत्वों को मिलाकर तैयार किया जाता है। दूसरी ओर, उच्च एंट्रॉपी मिश्र धातुएं (एचईए), उन्नत सामग्री हैं जिनमें लगभग समान सांद्रता में कई तत्व (आमतौर पर पांच या अधिक) होते हैं। यहां, कुल मुक्त ऊर्जा में एन्ट्रापिक (डिसआर्डर की स्थिति) का योगदान एन्ट्रापिक (आंतरिक ऊर्जा का योग और इसके प्रैशर व वाल्यूम का गुणनफल) योगदान को दूर करता है, और इस प्रकार, मिश्र धातु के गठन को स्थिर करता है। इन एचईए को पानी को विभाजित करने वाले अनुप्रयोगों में वाणिज्यिक उत्प्रेरक को बदलने की उनकी बहुमुखी प्रतिभा और क्षमता के लिए जाना जाता है। इस संदर्भ में, नीचे से ऊपर की रासायनिक सिंथेटिक विधियों द्वारा किसी भी अशुद्धता फेज से रहित एकल फेज एचईए नैनोकणों की तैयारी अत्यधिक चुनौतीपूर्ण है।

सेंटर फॉर नैनो एंड सॉफ्ट मैटर साइंसेज (सीईएनएस), बेंगलुरु, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के एक स्वायत्त संस्थान, के शोधकर्ताओं ने एक नया उच्च-एंट्रॉपी मिश्र धातु (एचईए) उत्प्रेरक विकसित किया है, जिसे PtPdCoNiMn (प्लैटिनम, पैलेडियम, कोबाल्ट, निकल और मैंगनीज का मिश्रण) कहा जाता है। इन घटक धातुओं का चयन अमेरिका के एएमईएस नेशनल लेबोरेटरी के स्टाफ वैज्ञानिक डॉ. प्रशांत सिंह द्वारा डिज़ाइन और विकसित किए गए दिशानिर्देशों के आधार पर किया गया था। एक बार अंतिम संरचना की पहचान हो जाने के बाद, सीईएनएस शोधकर्ताओं ने दो अलग-अलग तरीकों से एचईए तैयार किया – कमरे के तापमान और वायुमंडलीय दबाव पर इलेक्ट्रोडपोजिशन और (दिए गए साल्वेंट में उच्च तापमान और दबाव के तहत रासायनिक संश्लेषण जिसे सॉल्वोथर्मल प्रक्रियाएं कहा जाता है।

इलेक्ट्रोडपोजिशन के लिए, एचईए को विकसित करने के लिए साल्वेंट का चयन और डिपोजिशन क्षमता को अनुकूलित किया गया था। सॉल्वोथर्मल विधि में, अनुकूलन चरणों की एक श्रृंखला के माध्यम से, शोधकर्ताओं ने प्रतिक्रिया दर और संश्लेषण प्रक्रिया को नियंत्रित करने के लिए सटीक अनुपात में सही साल्वेंट और कम करने वाले एजेंट का सावधानीपूर्वक चयन किया। इन विधियों ने एकल-चरण या बहु-चरण रूपों में दो, तीन, चार, या सभी पांच तत्वों वाले मिश्र धातुओं के उत्पादन की अनुमति दी। प्लैटिनम (Pt), पैलेडियम (Pd), कोबाल्ट (Co), निकल (Ni), और मैंगनीज (Mn) को मिलाकर बनाए गए PtPdCoNiMn HEA उत्प्रेरक, न्यूनतम ऊर्जा हानि, उच्च स्थायित्व और दीर्घकालिक स्थिरता के साथ कुशल हाइड्रोजन उत्पादन का नतीजा दिया। सैद्धांतिक अध्ययनों से संकेत मिलता है कि उत्प्रेरक सतह पर प्रतिक्रिया मध्यवर्ती के इष्टतम बंधन ही हाइड्रोजन उत्पादन के लिए विकसित एचईए की वाणिज्यिक उत्प्रेरक पर श्रेष्ठता का कारण है।

चूंकि एचईए उत्प्रेरक ने वाणिज्यिक उत्प्रेरक की तुलना में सात गुना कम प्लैटिनम का उपयोग किया और शुद्ध प्लैटिनम की तुलना में बेहतर उत्प्रेरक दक्षता प्रदान की, इसलिए यह पारंपरिक उत्प्रेरकों का एक व्यवहारिक विकल्प हो सकता है। इन एचईए ने क्षारीय समुद्री जल सहित व्यावहारिक सेटिंग्स में भी अच्छा प्रदर्शन दिखाया व 100 घंटे से अधिक समय तक बिना क्षरण के स्थिरता और दक्षता बनाए रखी।

यह प्रगति स्वच्छ, अधिक किफायती हाइड्रोजन उत्पादन का मार्ग प्रशस्त कर सकती है, जिससे उद्योगों और नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकियों को लाभ होगा। अनुसंधान को भारत के अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (एएनआरएफ) द्वारा वित्त पोषित किया गया था, जिसमें विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) प्रशासनिक विभाग है। अनुसंधान से दो पेपर हाल ही में जर्नल एडवांस्ड फंक्शनल मटेरियल और स्मॉल में प्रकाशित हुए थे।

चित्र ए) एक तीन-इलेक्ट्रोड प्रणाली में कार्बन पेपर पर इलेक्ट्रोडपोजिटेड एचईए से हाइड्रोजन का उत्पादन।

चित्र बी) इलेक्ट्रोडपोजिटेड एचईए (एचईए-ईडी), सॉल्वोथर्मल विधि (एचईए-एसटी) का उपयोग करके तैयार किए गए एचईए और वाणिज्यिक Pt/C के हाइड्रोजन उत्पादन प्रदर्शन का एक तुलनात्मक प्लॉट।

बाएँ से दाएँ: डॉ. आशुतोष सिंह, प्रो. बी. एल. वी. प्रसाद और सुश्री अथीरा चंद्रन।

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क्राइस्ट चर्च कॉलेज द्वारा एक दिवसीय शिविर के अंतर्गत एन एस एस स्वयंसेवकों द्वारा स्वास्थ विषय पे कार्य किया गया

भारतीय स्वरूप संवाददाता क्राइस्ट चर्च कॉलेज कानपुर की एनएसएस ईकाई द्वारा एक दिवसीय शिविर के अंतर्गत स्वयंसेवकों द्वार आज जूही टायर मंडी परंपुरवा में स्वयंसेवकों ने निजी स्वास्थ विषय पे कार्य किया जिसमें स्वयंसेवकों द्वार मासिक धर्म विषय पे महिलाओ को जागरुक किया और मुफ्त सैनिटरी पैड का वितरण किया और स्वच्छता को लेके सर्वे हुआ स्वयंसेवकों ने मुख्यता आयुष्मान कार्ड बनवाने पे जोर किया जिसमें हमने उनकी जानकारी प्राप्त करी और कई प्रकार की समस्याओं को लेकर निवासी लोगो से सर्वे किया और उनकी समस्याएं सुनी जिसमें अधिक समस्या स्वास्थ संबंधी सफाई और पानी को लेकर रही जिसको स्वयंसेवकों ने हर व्यक्ति से अच्छे से समझा इसके बाद लंच ब्रेक लिया गया जिसमें स्वयंसेवकों द्वारा स्वयं तहरी बनाया और आनंद से खाया गया इसके पश्चात अब इन समस्याओं के समाधान के लिए स्वयंसेवकों में विचार विमर्श हुआ जिससे अब आने वाले दिनों में इसका समाधान निकाला जाएगा और इसी के साथ एक दिवसीय शिविर का समापन हुआ। प्रोग्राम ऑफिसर डॉ अंकिता जैस्मीन लाल के साथ जॉय रसकिन वनस्पति विभाग की उपस्थित में कार्यक्रम का सफल आयोजन हुआ। हेड आर्यन जायसवाल और आयुष कुमार भारती का अहम योगदान रहा।

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