भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर के इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन सेल द्वारा 14 अक्टूबर 2025 को छात्रों में नवाचार और उद्यमिता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एमएसएमई विशेषज्ञों द्वारा एक इंटरएक्टिव सत्र आयोजित किया गया। सत्र का मुख्य उद्देश्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) की आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और आत्मनिर्भरता में भूमिका को समझना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन सेल के संयोजक डॉ. मनीष कपूर के स्वागत भाषण एवं परिचय से हुआ, जिन्होंने एमएसएमई की नवाचार और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
कॉलेज के प्राचार्य प्रो. विनय जॉन सेबेस्टियन ने अपने संबोधन में छात्रों को उद्यमिता को व्यक्तिगत और सामाजिक विकास का मार्ग मानने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान श्री दिव्यांशु शुक्ला ने सभा को संबोधित करते हुए कृषि-आधारित उद्यमिता के महत्व पर प्रकाश डाला, विशेष रूप से सुगंधित एवं औषधीय फसलों के क्षेत्र में, जो युवाओं के लिए रोजगार एवं ग्रामीण विकास का एक उभरता हुआ क्षेत्र है।
इस अवसर पर श्री भक्ति विजय शुक्ला, उपनिदेशक, एमएसएमई, कन्नौज ने सरकारी योजनाओं, इनक्यूबेशन अवसरों एवं शैक्षणिक संस्थानों में नवाचार की भूमिका पर अपने मूल्यवान विचार साझा किए। कार्यक्रम का समापन एक इंटरएक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र से हुआ, जिसमें छात्रों ने अपने विचार रखे और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त किया।
सत्र में एमएसएमई पहल, नवाचार, और स्टार्टअप समर्थन जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। छात्रों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और नवाचार-आधारित एवं स्व-रोजगार के अवसरों की ओर प्रेरित हुए।
इस कार्यक्रम से छात्रों में एमएसएमई के प्रति जागरूकता बढ़ी, उद्यमिता के प्रति उनकी रुचि में वृद्धि हुई, और शिक्षा जगत तथा उद्योग के बीच संबंध मजबूत हुए। प्रतिभागियों ने इस सत्र की सराहना की और व्यावहारिक कार्यशालाओं एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन का सुझाव दिया।
कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन डॉ. श्वेता मिश्रा, संकाय सदस्य द्वारा किया गया, जिन्होंने अतिथियों, अध्यापकों और छात्रों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस आयोजन ने शैक्षणिक ज्ञान और उद्यमिक व्यवहार के बीच की खाई को सफलतापूर्वक पाटते हुए छात्रों को भारत के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
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कार्यक्रम में महाविद्यालय की अनेक छात्राओं ने मेहंदी प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और शिक्षिकाओं के हाथों में सुंदर-सुंदर मेहंदी रची। कुछ छात्राओं ने रंगोली प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया और विजेता रही। संगीत विभाग की छात्राओं द्वारा सुंदर-सुंदर गीतों की प्रस्तुति की गई जिसमें ओ री चिरैया तथा मुझे बादल छूना है आदि गीत प्रमुख थे ।इन गीतों ने सभी का मन मोह लिया। विजेता छात्राओं को प्रथम ,द्वितीय तथा तृतीय पुरस्कार देकर पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के अंत में मिशन शक्ति कार्यक्रम की प्रभारी प्रोफेसर चित्रा सिंह तोमर ने सभी शिक्षिकाओं , कर्मचारियो,तथा उपस्थित छात्राओं को धन्यवाद ज्ञापित कर कार्यक्रम का समापन किया।
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कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्या प्रो वंदना निगम द्वारा दीप प्रज्वलन एवं गांधीजी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। समारोह में छात्राओं ने राष्ट्रपिता के जीवन, उनके आदर्शों और सत्य-अहिंसा के सिद्धांतों पर आधारित गीत, नाटक और भाषण प्रस्तुत किए। एन एस एस वॉलेन्टियर उमरा ने महात्मा गांधी के अंत्योदय सिद्धान्त तथा युवाओं के लिए संदेश को अपने भाषण में विशेष रूप से प्रस्तुत किया। राजनीति विज्ञान विभाग प्रभारी प्रो पप्पी मिश्रा ने हमारे देश के द्वितीय प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री के जीवन वृत्तांत से संबंधित तथ्यों एवं उनके विचारों से छात्राओं को अवगत कराया।
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रैली का उद्घाटन प्राचार्य प्रोफेसर सुमन ने झंडा दिखाकर किया , उन्होंने बताया कि स्वच्छता के द्वारा हम सभी प्रकार की बीमारियों से दूर रह सकते हैं , सभी नागरिकों को इसमें अपना सहयोग प्रदान करना चाहिए। रैली महाविद्यालय से लेकर फूलबाग तक निकाली गई। कार्यक्रम अधिकारी डॉक्टर डॉ श्वेता रानी ने बताया की रैली के माध्यम से हम जागरूकता का संदेश प्रसारित कर रहे हैं क्योंकि स्वच्छता एक व्यक्ति का कार्य नहीं है इसके लिए प्रत्येक नागरिक को जागरूक होना होगा। रैली में स्वयंसेविका कोमल दिवाकर, नंदिका श्रीवास्तव,मन्तशा आयोजन में सहयोग किया। रैली में मीडिया प्रभारी डॉ प्रीति सिंह, डॉ रिचा सिंह, डॉ कोमल दिवाकर डॉ रश्मि, डॉ संगीता सिंह , डॉ अनामिका तथा अन्य शिक्षिकाएं उपस्थित रही।