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राजनीति

स्मृति चिन्हों की नीलामी इस महीने की 12 तारीख तक बढ़ाई गई

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया है कि प्रधानमंत्री के स्मृति चिन्हों 2022 की नीलामी इस महीने की 12 तारीख तक बढ़ा दी गई है।

संस्कृति मंत्रालय के एक ट्वीट थ्रेड का जवाब देते हुए, प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया:

“ये उन विशेष उपहारों में से है, जो मुझे वर्षों से मिले हैं। लोगों की इच्छा का सम्मान करते हुए स्मृति चिन्हों की नीलामी 12 तारीख तक बढ़ा दी गई है। इसमें अवश्य भाग लें।”

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प्रधानमंत्री 9 से 11 अक्टूबर तक गुजरात दौरे पर रहेंगे

प्रधानमंत्री मोदी 9 से 11 अक्टूबर तक गुजरात का दौरा करेंगे और वे इसके बाद 11 अक्टूबर को मध्य प्रदेश के दौरे पर जाएंगे।

प्रधानमंत्री 9 अक्टूबर को मेहसाणा के मोढेरा में शाम लगभग साढ़े पांच बजे विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इसके बाद वे शाम लगभग 6:45 बजे मोधेश्वरी माता मंदिर में दर्शन और पूजा करेंगे, इसके बाद वे शाम लगभग 7:30 बजे सूर्य मंदिर जाएंगे।

प्रधानमंत्री भरूच के आमोद में 10 अक्टूबर को लगभग 11 बजे विभिन्न परियोजनाओं का राष्ट्र को समर्पित एवं उद्घाटन करेंगे और दोपहर करीब 3:15 बजे अहमदाबाद में मोदी शैक्षणिक संकुल का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद श्री मोदी शाम साढ़े पांच बजे जामनगर में विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे।

प्रधानमंत्री 11 अक्टूबर को दोपहर 2:15 बजे सिविल अस्पताल असरवा, अहमदाबाद में विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे, जिसके बाद वे उज्जैन में श्री महाकालेश्वर मंदिर जाएंगे, जहां वे शाम लगभग 5 बजे दर्शन और पूजा करेंगे। इसके बाद वे शाम करीब साढ़े छह बजे श्री महाकाल लोक को राष्ट्र को समर्पित करेंगे और शाम 7 बजकर 15 मिनट पर उज्जैन में सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होंगे।

प्रधानमंत्री मेहसाणा में

प्रधानमंत्री एक जनसभा की अध्यक्षता करेंगे और मोढेरा, मेहसाणा में 3900 करोड़ रुपये से अधिक लागत की परियोजनाओं का लोकार्पण और आधारशिला रखेंगे।

प्रधानमंत्री मोढेरा गांव को भारत का पहला चौबीसों घंटे सौर ऊर्जा से संचालित गांव घोषित करेंगे। यह अपनी तरह की पहली परियोजना है जो मोढेरा शहर के सूर्य-मंदिर का सौर ऊर्जा से संचालन करने के प्रधानमंत्री के विजन को साकार करती है। इसमें ग्राउंड माउंटेड सौर ऊर्जा संयंत्र तथा आवासीय और सरकारी भवनों पर 1300 से अधिक रूफटॉप सोलर सिस्टम विकसित करना शामिल है। ये सभी बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएसएस) के साथ एकीकृत हैं। यह परियोजना इस बात का प्रदर्शन करेगी कि भारत का नवीकरणीय ऊर्जा कौशल किस प्रकार लोगों को जमीनी स्तर पर सशक्त बना सकता है।

प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्र को समर्पित की जा रही इन परियोजनाओं में अहमदाबाद-मेहसाणा गेज परिवर्तन परियोजना साबरमती-जगुदान खंड का गेज परिवर्तन; तेल और प्राकृतिक गैस निगम की नंदसन भूवैज्ञानिक तेल उत्पादन परियोजना; खेरावा से शिंगोडा झील तक सुजलम सुफलम नहर परियोजना; धरोई बांध आधारित वडनगर खेरालू और धरोई समूह सुधार योजना; बेचाराजी मोढेरा-चनास्मा राज्य राजमार्ग के एक खंड को चार लेन का बनाने की परियोजना; उंजा-दसज उपेरा लाडोल (भांखर एप्रोच रोड) के एक खंड का विस्तार करने की परियोजना; सरदार पटेल लोक प्रशासन संस्थान (एसपीआईपीए) मेहसाणा के क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र का नया भवन और मोढेरा में सूर्य मंदिर की प्रोजेक्शन मैपिंग और अन्य योजनाएं शामिल हैं।

प्रधानमंत्री विभिन्न परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे जिनमें पाटन से गोजरिया तक राष्ट्रीय राजमार्ग-68 के एक खंड को चार लेन का बनाना; मेहसाणा जिले के जोताना तालुका के चलसन गांव में जल शोधन संयंत्र का निर्माण; दूधसागर डेयरी में नया स्वचालित मिल्क पाउडर प्लांट और यूएचटी मिल्क कार्टन प्लांट की स्थापना; जनरल अस्पताल मेहसाणा का पुनर्विकास और पुनर्निर्माण; तथा मेहसाणा और उत्तरी गुजरात के अन्य जिलों के लिए पुर्नोत्थान वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) सहित अन्य योजनाएं शामिल हैं।

सार्वजनिक कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री मोधेश्वरी माता मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना भी करेंगे। प्रधानमंत्री सूर्य मंदिर भी जाएंगे जहां वे सुंदर प्रोजेक्शन मैपिंग शो देखेंगे।

प्रधानमंत्री भरूच में

प्रधानमंत्री भरूच के आमोद में 8000 करोड़ रुपये से अधिक लागत की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे।

भारत को फार्मास्युटिकल क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री जंबूसर में बल्क ड्रग पार्क की आधारशिला रखेंगे। वर्ष 2021-22 में इन ड्रग्स का दवाइयों के कुल आयात में 60 प्रतिशत से अधिक का योगदान था। यह परियोजना आयात प्रतिस्थापन सुनिश्चित करने और बल्क ड्रग्स के मामले में भारत को आत्मनिर्भर बनाने में सहायता प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। प्रधानमंत्री दहेज में ‘डीप सी पाइपलाइन परियोजना’ की आधारशिला भी रखेंगे, इससे औद्योगिक संपदाओं से शोधित अपशिष्ट जल के निपटान में सहायता मिलेगी। प्रधानमंत्री जिन अन्य परियोजनाएं की आधारशिला रखेंगे उनमें अंकलेश्वर हवाई अड्डे का पहला चरण और अंकलेश्वर एवं पनोली में बहुस्तरीय औद्योगिक शेड का विकास शामिल है, जिससे एमएसएमई क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा।

प्रधानमंत्री विभिन्न औद्योगिक पार्कों के विकास का शिलान्यास भी करेंगे। इनमें चार जनजातीय औद्योगिक पार्क शामिल हैं जो वालिया (भरूच), अमीरगढ़ (बनासकांठा), चकालिया (दाहोद) और वानर (छोटा उदयपुर) में स्थापित होंगे; मुडेथा (बनासकांठा) में एग्रो फूड पार्क; काकवाड़ी दांती (वलसाड) में सी फूड पार्क; और खांडिवाव (महिसागर) में एमएसएमई पार्क का निर्माण शामिल है।

इस कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री कई परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित करेंगे जिनसे रसायन क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा। वह दहेज में 130 मेगावाट के सह उत्पादन विद्युत संयंत्र के साथ एकीकृत 800 टीपीडी कास्टिक सोडा संयंत्र का लोकार्पण करेंगे। इसके साथ-साथ वे दहेज में मौजूदा कास्टिक सोडा संयंत्र के विस्तार का भी लोकार्पण करेंगे, जिसकी क्षमता 785 एमटी/दिन से बढ़ाकर 1310 एमटी/दिन की दी गई है। प्रधानमंत्री दहेज में एक लाख एमटी प्रति वर्ष से अधिक क्लोरोमेथेन के निर्माण के लिए एक परियोजना का भी लोकार्पण करेंगे। प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्र को समर्पित की जाने वाली अन्य परियोजनाओं में दहेज स्थित हाइड्राज़ीन हाइड्रेट संयंत्र शामिल है जो उत्पाद के आयात प्रतिस्थापन में मदद करेगा। इसके अलावा आईओसीएल दहेज-कोयली पाइपलाइन परियोजना, भरूच भूमिगत जल निकासी और एसटीपी कार्य तथा उमला आसा पनेथा सड़क का चौड़ीकरण एवं मजबूत बनाना शामिल है।

प्रधानमंत्री अहमदाबाद में

प्रधानमंत्री 10 अक्टूबर को मोदी शैक्षणिक संकुल के पहले चरण का उद्घाटन करेंगे, जो जरूरतमंद छात्रों के लिए एक शैक्षिक परिसर है। यह परियोजना छात्रों के समग्र विकास के लिए सुविधाएं प्रदान करने में सहायता प्रदान करेगी।

प्रधानमंत्री 11 अक्टूबर को सिविल अस्पताल असरवा, अहमदाबाद में लगभग 1300 करोड़ रुपये लागत की विभिन्न स्वास्थ्य देखभाल से जुड़ी सुविधाओं का लोकार्पण करेंगे और आधारशिला रखेंगे। इन परियोजनाओं में निर्माण और यूएन मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर में हृदय देखभाल के लिए नई एवं बेहतर सुविधाओं तथा एक नये छात्रावास भवन का लोकार्पण; गुर्दा रोग और अनुसंधान केंद्र संस्थान का नया अस्पताल भवन; गुजरात कैंसर और अनुसंधान संस्थान के नये भवन का लोकार्पण शामिल है। प्रधानमंत्री गरीब मरीजों के परिवारों को आवास सुविधा प्रदान करने वाले आश्रय गृह की आधारशिला भी रखेंगे।

प्रधानमंत्री जामनगर में

प्रधानमंत्री जामनगर में 1460 करोड़ रुपये से अधिक लागत की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। ये परियोजनाएं सिंचाई, विद्युत, जलापूर्ति और शहरी बुनियादी ढांचे से संबंधित हैं।

प्रधानमंत्री सौराष्ट्र अवतारण सिंचाई (एसएयूएनआई) योजना लिंक 3 (उंड बांध से सोनमती बांध तक), के पैकेज 7, एसएयूएनआई योजना लिंक 1 (उंड-1 बांध से एसएएनआई बांध तक) के पैकेज 5  और हरिपार 40 मेगावाट सौर पीवी परियोजना का लोकार्पण करेंगे।

जिन परियोजनाओं की प्रधानमंत्री द्वारा आधारशिला रखी जाएगी उनमें कलावड़/जामनगर तालुका मोरबी-मालिया-जोडिया समूह की कलावद ग्रुप ऑगमेंटेशन जल आपूर्ति योजना, लालपुर बाईपास जंक्शन फ्लाईओवर ब्रिज, हापा मार्केट यार्ड रेलवे क्रॉसिंग और सीवर संग्रह पाइपलाइन तथा पंपिंग स्टेशन का नवीनीकरण शामिल हैं।

प्रधानमंत्री उज्जैन में

प्रधानमंत्री श्री महाकाल लोक राष्ट्र को समर्पित करेंगे। श्री महाकाल लोक परियोजना का पहला चरण तीर्थयात्रियों को विश्व स्तरीय आधुनिक सुविधाएं प्रदान करके मंदिर में आने वाले तीर्थयात्रियों के अनुभव को स्मरणीय बनाने में सहायता प्रदान करेगा। इस परियोजना का उद्देश्य पूरे क्षेत्र में भीड़भाड़ कम करना और विरासत संरचनाओं के संरक्षण एवं बहाली पर विशेष बल देना है। परियोजना के तहत मंदिर परिसर का करीब सात गुना विस्तार किया जाएगा। पूरी परियोजना की कुल लागत लगभग 850 करोड़ रुपये है। मंदिर के मौजूदा तीर्थयात्रियों की संख्या, जो लगभग 1.5 करोड़ प्रति वर्ष है, दोगुना होने की उम्मीद है। इस परियोजना के विकास की योजना दो चरणों में बनाई गई है।

महाकाल पथ में 108 स्तंभ (खंभे) हैं जो भगवान शिव के आनंद तांडव स्वरूप (नृत्य रूप) को दर्शाते हैं। महाकाल पथ के किनारे भगवान शिव के जीवन को दर्शाने वाली कई धार्मिक मूर्तियां स्थापित की गई हैं। पथ के साथ भित्ति दीवार चित्र शिव पुराण की कहानियों पर आधारित हैं जिनमें सृजन कार्य, गणेश का जन्म, सती और दक्ष कहानियां आदि शामिल हैं। 2.5 हेक्टेयर में फैला प्लाजा क्षेत्र कमल के तालाब से घिरा हुआ है और इसमें फव्वारे के साथ शिव की मूर्ति भी स्थापित है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सर्विलांस कैमरों की मदद से इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर द्वारा इस पूरे परिसर की चौबीसों घंटे निगरानी की जाएगी।

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रक्षा मंत्री ने उत्तराखंड में सशस्त्र बलों एवं आईटीबीपी के जवानों के साथ विजयदशमी मनाई

रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने आज उत्तराखंड के औली में सशस्त्र बलों एवं आईटीबीपी के जवानों के साथ विजयदशमी मनाई। रक्षा मंत्री ने अपनी यात्रा के दौरान शास्त्र पूजा की तथा राष्ट्र की सुरक्षा और आर्थिक प्रगति सुनिश्चित करने में सशस्त्र बलों एवं अर्धसैनिक बलों के योगदान की सराहना की।

जवानों को तुरंत संबोधित करते हुए श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि वर्दीधारण किए हुए पुरुषों एवं महिलाओं के साथ बातचीत करना हमेशा प्रेरणा का स्रोत होता है। उन्होंने दोहराया कि पूरे देश को हमारे जवानों की क्षमताओं और देश की सुरक्षा में उनके योगदान पर गर्व व विश्वास है। रक्षा मंत्री ने देश को बाहरी खतरों से बचाने में हमारे बलों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा, “प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में इस सुरक्षित वातावरण ने भारत को आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने और प्रगति की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने में सक्षम बनाया है ।”

रक्षा मंत्री ने गलवान में हुई घटना के दौरान हमारे जवानों की अद्वितीय बहादुरी एवं साहस की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत “पूरी दुनिया एक परिवार है” के सिद्धांत में विश्वास करता है, लेकिन अगर कोई बाहरी देश बुरी नजर डालता है तो वह मुंहतोड़ जवाब देता है। उन्होंने कहा कि इस तरह की बहादुरी के कारण पूरी दुनिया ने भारत के बढ़ते कद को स्वीकार किया और भारत अंतरराष्ट्रीय महत्व के सभी मुद्दों पर निर्णय निर्धारित करने वाले प्रमुख देशों में से एक के रूप में उभरा। भारत को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सम्मान के साथ सुना जाता है।

श्री राजनाथ सिंह ने शास्त्र पूजा के महत्व के बारे में भी बताया और भारतीय संस्कृति की परंपराओं एवं विशिष्टता पर प्रकाश डाला, जो सभी चीजों की एकता पर जोर देती है। उन्होंने हमें सिखाया कि हमें उन सभी चीजों के योगदान को स्वीकार करना चाहिए, दोनों जीवित और निर्जीव, जो हमारे जीवन में योगदान करती हैं, जिसमें “शस्त्र” (हथियार) शामिल हैं, जो हमें अपनी रक्षा करने में सहायता करते हैं।

इसके बाद रक्षा मंत्री ने उन जवानों से बातचीत की, जिन्होंने उत्साहपूर्वक विजयदशमी मनाई और समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर जवानों ने देशभक्ति के गीत भी गाए।

इस अवसर पर सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे, जीओसी-इन-सी सूर्य कमान लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी, सशस्त्र बल एवं आईटीबीपी के वरिष्ठ अधिकारी और जवान मौजूद थे।

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नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कोल्हापुर और मुंबई के बीच सीधी उड़ानों का उद्घाटन किया

नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राज्य मंत्री जनरल विजय कुमार सिंह (सेवानिवृत्त) के साथ आज कोल्हापुर से मुंबई के लिए एक सीधी उड़ान का उद्घाटन किया। इस उड़ान को नागर विमानन मंत्रालय की महत्वाकांक्षी आरसीएस उड़ान योजना के तहत टियर-2 और टियर-3 शहरों को हवाई संपर्क प्रदान करने और सभी के लिए सस्ती हवाई यात्रा उपलब्‍ध कराने के लिए लॉन्च किया गया है। यह उड़ान निम्नलिखित कार्यक्रम के अनुसार सप्ताह में तीन बार मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को कोल्हापुर तथा मुंबई के बीच संचालित होगी:

 

फ्लाइट नं. कहां से

 

कहां तक

 

फ्रीक्‍वेंसी

 

प्रस्‍थान का समय   आगमन का समय प्रभावी तिथि
एस5 161 मुम्‍बई

 

कोल्‍हापुर

 

2,4,6 1030 बजे

 

  1125 घंटे 4 अक्टूबर 2022

 

एस5 162 कोल्‍हापुर

 

मुम्‍बई

 

2,4,6 1150 बजे

 

  1245 घंटे

 

4 अक्टूबर 2022

अपने उद्घाटन संबोधन में श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि उड़ान योजना देश के आम नागरिक के लिए हवाई यात्रा सस्ती बनाने के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को साकार कर रही है। इस योजना के तहत अब तक 433 नए रूट शुरू किए गए हैं और एक करोड़ से अधिक यात्री इससे लाभान्वित हुए हैं। श्री सिंधिया ने यह भी आश्वासन दिया कि कोल्हापुर हवाई अड्डे के एप्रन का विस्तार नवंबर में शुरू किया जाएगा और मार्च 2023 में घरेलू टर्मिनल भवन का भी उद्घाटन किया जाएगा।

नागर विमानन राज्‍य मंत्री जनरल विजय कुमार सिंह (सेवानिवृत्त) ने कोल्हापुर और मुंबई के लोगों को बधाई दी और आशा व्यक्त की कि इस उड़ान से न केवल यात्रा में आसानी होगी बल्कि कई क्षेत्रों में व्यापार और वाणिज्य गतिविधियों को भी काफी बढ़ावा मिलेगा।

इस उद्घाटन कार्यक्रम में श्री संजय मांडलिक सांसद (कोल्हापुर), श्री धैर्यशील माने, सांसद (हटकानगले), श्री धनंजय महादिक, सांसद (राज्यसभा), श्री चंद्रकांत पाटिल कैबिनेट मंत्री (महाराष्ट्र सरकार) की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके अलावा श्रीमती उषा पाधी अपर सचिव, नागर विमानन मंत्रालय, श्री संजय घोड़ावत अध्यक्ष – स्टार एयर, कैप्टन सिमरन सिंह तिवाना, सीईओ, स्टार एयर और नागर विमानन मंत्रालय, एएआई तथा स्टार एयर के अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

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राष्ट्रपति ने दीनदयाल बंदरगाह, कांडला, गुजरात में 280 करोड़ रुपये से अधिक लागत की कई परियोजनाओं की आधारशिला रखी

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने गुजरात के कांडला में दीनदयाल बंदरगाह प्राधिकरण की 280 करोड़ रुपये से अधिक की चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं की आधारशिला रखी। ये परियोजनाएं समग्र आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए बंदरगाह के लॉजिस्टिक प्रदर्शन को बढ़ाने के साथ उसके संपूर्ण भीतरी इलाकों के विकास के साथ–साथ बंदरगाह अवसंरचना को बढ़ाएगी। इन परियोजनाओं से जहाजों के टर्नअराउंड समय में और सुधार और कार्गो की तेजी से निकासी के साथ–साथ बंदरगाह की कार्गो हैंडलिंग क्षमता में भी सुधार होगा।

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69.51 करोड़ रुपये की परियोजना लागत के साथ कार्गो जेट्टी क्षेत्र के अंदर नए गुंबद के आकार के गोदामों के निर्माण की परियोजना से ऊंचाई बढ़ जाएगी, जिसके परिणामस्वरूप अधिक कार्गो हैंडलिंग होगी, जो पांचवीं पीढ़ी के ट्रकों / परिवहन वाहनों द्वारा हाइड्रोलिक सिस्टम के माध्यम से बल्क कार्गो को उतारने के लिए उपयुक्त है।
80 करोड़ रुपये की परियोजना लागत के साथ कार्गो जेट्टी क्षेत्र के अंदर 66 हेक्टेयर क्षेत्र में प्लॉट्स और स्टॉर्म वाटर ड्रेन का उन्नयन कंक्रीट रोड, स्टॉर्म वाटर ड्रेन नेटवर्क, विद्युत केबलों के लिए पाइप नाली, फ़र्श और श्रमिकों की सुविधा, पेयजल, शौचालय और श्रमिकों के लिए विश्राम गृह जैसी सुविधाएं होंगी। 47 करोड़ रुपये की परियोजना लागत के साथ कार्गो जेट्टी क्षेत्र के अंदर अन्य 40 हेक्टेयर क्षेत्र में भूखंडों, सड़कों और तूफानी जल नालियों के उन्नयन से कस्टम बॉन्डेड क्षेत्र के अंदर हैंडलिंग और भंडारण क्षमता में वृद्धि होगी और 8.8 लाख मीट्रिक टन की क्षमता के साथ ड्राई कार्गो के आयात / निर्यात को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। 87.32 करोड़ रुपये की परियोजना लागत के साथ टूना रोड को टू लेन से फोर लेन में अपग्रेड करने की परियोजना के परिणामस्वरूप तेजी से कार्गो निकासी होगी, जिससे पोर्ट पर ट्रैफिक हैंडलिंग में वृद्धि होगी और भविष्य में पोर्ट ट्रैफिक को निर्बाध रूप से समायोजित किया जा सकेगा। यह राष्ट्रीय राजमार्ग से बंदरगाह को बहुत वांछित कनेक्टिविटी प्रदान करेगा और गति शक्ति के अनुरूप बंदरगाह तक पहुंचने वाली सड़कों को एक नया रूप प्रदान करेगा। परियोजना से पीपीपी पर डीपीए द्वारा विकसित की जाने वाली प्रस्तावित जेटी को भी लाभ होगा।

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राष्ट्रपति ने माल ढुलाई के मामले में देश का नंबर एक बंदरगाह होने के लिए दीनदयाल बंदरगाह की उपलब्धि को स्वीकार किया और सराहना की कि गुजरात के बंदरगाहों ने पूरे देश के लगभग 40 प्रतिशत माल ढुलाई को संभालता है। उन्होंने पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय की उपलब्धियों और इन परियोजनाओं के माध्यम से दीनदयाल बंदरगाह की कार्गो हैंडलिंग क्षमता बढ़ाने के लिए इसके विभिन्न प्रयासों की भी प्रशंसा की, जो पूरे क्षेत्र के लिए फायदेमंद होगा।

दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी–कांडला (डीपीए) ने चालू वित्त वर्ष की पहली दो तिमाहियों में 70.14 एमएमटी कार्गो को संभाल कर पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 17.22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। जुलाई 2022 में 12.04 एमएमटी कार्गो जो एक महीने में अब तक का सबसे अधिक संचालन है। बंदरगाह ने वर्ष 2021-22 के लिए अब तक का सबसे अधिक 127.1 एमएमटी कार्गो का संचालन किया था। बंदरगाह ने बंदर बेसिन जेट्टी एरिया–कांडला में 4 सुपर ओवर डायमेंशन पैकेज कार्गो के रोल ऑफ को भी संभाला था। डीपीए, कांडला ने मेसर्स सीईएल के साथ साझेदारी में पोर्ट पर गेट संचालन के पूर्ण स्वचालन को भी बढ़ाया है और मेसर्स एनआईएसजी के मार्गदर्शन में आरएफआईडी आधारित एक्सेस कंट्रोल सिस्टम “ई–दृष्टि” शुरू किया है। पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने भारत में बंदरगाह क्षेत्र के विकास के लिए अपनी प्रतिबद्धता के तहत गुजरात राज्य में सागरमाला कार्यक्रम के तहत 57,000 करोड़ रुपये की 74 परियोजनाओं की पहचान की है। जिनमें से 9,000 करोड़ रुपये की 15 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। 25,000 करोड़ रुपये से अधिक की 33 परियोजनाओं को क्रियान्वित किया जा रहा है और 22,700 करोड़ रुपये की 26 परियोजनाओं का विकास कार्य चल रहा है। इन परियोजनाओं को केंद्रीय मंत्रालयों, प्रमुख बंदरगाहों, राज्य समुद्री बोर्ड और अन्य राज्य एजेंसियों द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है। राष्ट्रपति ने अपनी गुजरात यात्रा के दौरान अस्पताल भवनों, सिंचाई परियोजनाओं, सड़क संपर्क और बंदरगाहों से संबंधित 1300 करोड़ रुपये से अधिक की कुल विभिन्न परियोजनाओं को जनता को समर्पित किया है और उनकी आधारशिला रखी है। कार्यक्रम में गुजरात के राज्यपाल श्री आचार्य देवव्रत; श्री गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल ; भारत सरकार के पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग और पर्यटन राज्य मंत्री श्री श्रीपद येसो नाईक; गुजरात सरकार में स्वास्थ्य मंत्री श्री ऋषिकेश पटेल; गुजरात सरकार में जनजातीय विकास मंत्री श्री नरेश पटेल; राज्य के जनजातीय विकास और स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती निमिषाबेन सुथार; पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय में संयुक्त सचिव श्री भूषण कुमार और दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी–कांडला के अध्यक्ष श्री एस.के. मेहता उपस्थित थे।

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नागरिक विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बिलासपुर से इंदौर के बीच सीधी उड़ान सेवा का उद्घाटन किया

नागरिक विमानन मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम सिंधिया ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के साथ आज दिनांक 3 अक्टूबर, 2022 को बिलासपुर से इंदौर के लिए सीधी उड़ान सेवा का उद्घाटन किया। बिलासपुर-इंदौर-बिलासपुर के बीच संचालित उड़ान सेवा 3 अक्टूबर 2022 (आज) से प्रभावी होगी। इस मार्ग पर यह उड़ान सेवा प्रत्येक सोमवार, बुधवार, शुक्रवार और रविवार को संचालित होगी।

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ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने संबोधन में कहा, “यह नई हवाई संपर्क सेवा दोनों राज्यों के लोगों को सुविधा प्रदान करेगी और इन क्षेत्रों के आर्थिक विकास में योगदान देगी।” नागरिक विमानन मंत्री महोदय ने आगे कहा कि मंत्रालय वर्ष 2026 तक हेलिपोर्ट और वाटर एयरोड्रोम सहित 200 गंतव्यों के संचालन के लिए काम कर रहा है। श्री सिंधिया ने कहा कि केंद्र सरकार नागरिक विमानन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और देश के हर हिस्से में हवाई संपर्क सेवा में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है।

बिलासपुर छत्तीसगढ़ राज्य का और इंदौर मध्य प्रदेश राज्य का प्रमुख शहर है। इन शहरों के बीच बेहतर हवाई संपर्क सेवा से इस क्षेत्र में पर्यटन और व्यापार की गतिविधियों को बढ़ावा देने और उनके समग्र आर्थिक विकास में योगदान करने में मदद मिलेगी।

Imageएलायंस एयर की उड़ान संख्या 9आई 691 बिलासपुर से 11 बजकर 35 मिनट पर प्रस्थान करेगी। और 13 बजकर 25 मिनट पर इंदौर पहुंचेगी। इस विमान सेवा के लिए प्रारंभिक किराया 2,847 रुपये रखा गया है, जिसमें सभी कर शामिल हैं। उड़ान संख्या 9आई 692 इंदौर से 13 बजकर 55 मिनट पर प्रस्थान करेगी और 15 बजकर 45 मिनट पर बिलासपुर पहुंचेगी। इस उड़ान सेवा का प्रारंभिक किराया 3,218 रुपये रखा गया है, जिसमें सभी कर शामिल हैं।

उद्घाटन समारोह के दौरान मध्य प्रदेश के जल संसाधन मंत्री श्री तुलसी सिलावट, जिला बिलासपुर के प्रभारी मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल, श्री अरुण साव, सांसद (लोकसभा) बिलासपुर, श्री. शंकर लालवानी, सांसद (लोकसभा) इंदौर, श्री शैलेश पांडे, विधायक बिलासपुर, श्री धर्मलाल कौशिक, विधायक बिल्हा, श्री रामचरण यादव, महापौर नगर निगम, बिलासपुर, श्रीमती रश्मि आशीष सिंह, संसदीय सचिव, छत्तीसगढ़ सरकार मौजूद थे। इसके अलावा, श्रीमती उषा पाधी, नागर विमानन मंत्रालय के अपर सचिव श्री विक्रमदेव दत्त, मुख्य प्रबंध निदेशक-सीएमडी, एआईएएचएल, श्री विनीत सूद, मुख्य कार्यकारी अधिकारी-सीईओ, एलायंस एयर, और एमओसीए, एएआई, एलायंस एयर और बिलासपुर और इंदौर के स्थानीय प्रशासन के अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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➡️2020 बैच के 16 आईएएएस अधिकारियों को ट्रेनिंग पूरी होने के बाद मिली जॉइंट मजिस्ट्रेट के रूप में तैनाती 7 अक्टूबर को join करेंगे सभी अधिकारी।

➡️आइएएस अधिकारी जयदेव सीएस को वाराणसी, नूपुर गोयल को उन्नाव, अजय जैन को मथुरा, प्रत्यूष पांडेय को बरेली, निधि बंसल को झांसी, नेहा बंधु को गोरखपुर, परीक्षित खटाना को आगरा, रामया आर. को सहारनपुर, सुथान अब्दुल्लाह को प्रयागराज, महाराज सुमित राजेश को बाराबंकी, ओजस्वी राज को मेरठ, विशाल कुमार को अयोध्या, अभिनव गोपाल को कानपुर नगर।

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उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, हरियाणा, तेलंगाना,और ओडिशा के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में उपचुनाव के लिए कार्यक्रम

आयोग ने महाराष्ट्र, बिहार, हरियाणा, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और ओडिशा के निम्नलिखित विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में रिक्तियों को भरने के लिए उपचुनाव कराने का निर्णय लिया है :-

क्रमांक राज्य का नाम विधानसभा क्षेत्र संख्या और नाम
महाराष्ट्र 166-अंधेरी पूर्व
बिहार 178-मोकामा
बिहार 101-गोपालगंज
हरियाणा 47-आदमपुर
तेलंगाना 93-मुनुगोड़े
उत्‍तर प्रदेश 139-गोला गोकर्णनाथ
उड़ीसा 46-धामनगर (एससी)

उपचुनाव का कार्यक्रम इस प्रकार है:

विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के लिए उपचुनाव का कार्यक्रम
मतदान कार्यक्रम तिथि

 

राजपत्र अधिसूचना जारी करने की तिथि 7 अक्टूबर, 2022 (शुक्रवार)
नामांकन की अंतिम तिथि 14 अक्टूबर, 2022 (शुक्रवार)
नामांकनों की जांच की तिथि 15 अक्टूबर, 2022 (शनिवार)
उम्मीदवारी वापस लेने की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर, 2022 (सोमवार)
मतदान की तिथि 3 नवंबर, 2022 (गुरुवार)
मतगणना की तिथि 6 नवंबर, 2022 (रविवार)
तिथि जिसके पूर्व चुनाव संपन्न किया जाएगा 8 नवंबर, 2022 (मंगलवार)

 

  1. मतदाता सूची

इन चुनावों में ऊपर दिए गए विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के लिए दिनांक 01.01.2022 तक प्रकाशित मतदाता सूची का उपयोग किया जाएगा।

  1. इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और वीवीपीएटी

आयोग ने उपचुनाव में सभी मतदान केंद्रों पर ईवीएम और वीवीपैट का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। पर्याप्त संख्या में ईवीएम और वीवीपैट उपलब्ध करा दिए गए हैं और इन मशीनों की मदद से मतदान सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए सभी कदम उठाए गए हैं।

  1. मतदाताओं की पहचान

मतदाता फोटो पहचान पत्र (ईपीआईसी) मतदाता की पहचान का मुख्य दस्तावेज होगा। हालांकि, नीचे दिए गए पहचान दस्तावेजों में से कोई भी दस्‍तावेज मतदान केंद्र पर दिखाया जा सकता है:

  1. आधार कार्ड,
  2. मनरेगा रोजगार कार्ड,
  3. बैंक/डाकघर द्वारा जारी फोटो वाली पासबुक,
  • iv. श्रम मंत्रालय की योजना के तहत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड,
  1. ड्राइविंग लाइसेंस,
  • vi. पैन कार्ड,
  1. एनपीआर के तहत आरजीआई द्वारा जारी स्मार्ट कार्ड,
  2. भारतीय पासपोर्ट,
  • ix. फोटो के साथ पेंशन दस्तावेज,
  1. केंद्र/राज्य सरकार/सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों/सार्वजनिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा कर्मचारियों को जारी किए गए फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, और
  • xi. सांसदों/विधायकों/एमएलसी को जारी आधिकारिक पहचान पत्र
  1. सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार का विशिष्ट दिव्यांगता आईडी (यूडीआईडी) कार्ड
  1. आदर्श आचार संहिता

आयोग के निर्देश संख्या 437/ 6/1एनएसटी/2016-सीसीएस, दिनांक 29 जून, 2017 के तहत जारी आंशिक संशोधन (आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध) के अंतर्गत आदर्श आचार संहिता उस जिले (जिलों) में तत्काल प्रभाव से लागू होगी जिसमें चुनाव होने वाले विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र का पूरा या कोई भी क्षेत्र शामिल है।

  1. पिछले आपराधिक जीवन के संबंध में सूचना

आपराधिक इतिहास वाले उम्मीदवारों को प्रचार अवधि के दौरान तीन बार समाचार पत्रों और टेलीविजन चैनलों के माध्यम से इस संबंध में जानकारी प्रकाशित कराना अपेक्षित है। एक राजनीतिक दल जो आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को चुनाव में खड़ा करता है, उसे भी अपने उम्मीदवारों की आपराधिक पृष्ठभूमि के बारे में जानकारी अपनी वेबसाइट और समाचार पत्रों और टेलीविजन चैनल दोनों पर तीन बार प्रकाशित करनी होती है।

आयोग ने अपने पत्र संख्या 3/4/2019/एसडीआर/वोल. चतुर्थ दिनांक 16 सितंबर, 2020 में निर्देश दिया है कि तीन बार की इस निर्दिष्ट अवधि को निम्नलिखित तरीके से तय किया जाएगा, ताकि मतदाताओं के पास ऐसे उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि के बारे में जानने के लिए पर्याप्त समय हो:

ए.  उम्मीदवारी वापस लेने के पहले 4 दिनों के अंदर।

बी. अगले 5वें – 8वें दिन के बीच।

सी. 9वें दिन से प्रचार के अंतिम दिन तक (मतदान की तारीख से दो दिन पहले तक)

(उदाहरण: यदि उम्मीदवारी वापस लेने की अंतिम तिथि महीने की 10 तारीख है और मतदान महीने की 24 तारीख को है, तो घोषणा के प्रकाशन के लिए पहली समय अवधि महीने की 11 और 14 तारीख के बीच होगी, दूसरी और तीसरी समय अवधि क्रमशः 15 से 18वीं और 19 से 22 वीं तिथि के बीच होगी।)

यह नियम 2015 की रिट याचिका (सी) संख्या 784 (लोक प्रहरी बनाम भारत संघ और अन्य) और 2011 की रिट याचिका (सिविल) संख्या 536 (पब्लिक इंटरेस्ट फाउंडेशन एवं अन्य बनाम भारत संघ एवं अन्य) में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसरण में है।

यह जानकारी ‘अपने उम्मीदवारों को जानो’ शीर्षक वाले ऐप पर भी उपलब्ध होगी।

  1. उपचुनाव के दौरान कोविड संबंधित व्यवस्था-

देश भर में कोविड की स्थिति में समग्र सुधार को देखते हुए और एनडीएमए/एसडीएमए द्वारा डीएम अधिनियम के तहत प्रतिबंधात्मक उपाय को वापस लेने के मद्देनजर, भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा समय-समय पर जारी किए गए परामर्शों का पालन करने का निर्णय लिया गया है। उप-चुनाव की प्रक्रिया के दौरान, पांच-स्तरीय रणनीति, यानी टेस्ट-ट्रैक-ट्रीट-टीकाकरण और कोविड उपयुक्त व्यवहार के अनुपालन पर निरंतर ध्यान दिया जाना चाहिए। जिला मशीनरी को कोविड की स्थिति पर प्रभावी ढंग से निगरानी रखनी चाहिए और अपेक्षित कानूनी/प्रशासनिक मानदंडों द्वारा निर्धारित कोविड उपयुक्त व्यवहार के मानदंडों को लागू करना चाहिए।

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सितंबर, 2022 में कुल कोयला उत्पादन 12 प्रतिशत बढ़कर 57.93 मिलियन टन हो गया

भारत का कुल कोयला उत्पादन सितंबर 2021 के 51.72 प्रतिशत की तुलना में 12.01 प्रतिशत बढ़कर सितंबर, 2022 के दौरान 57.93 मिलियन टन (एमटी) हो गया। कोयला मंत्रालय के अस्‍थायी आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2022 के दौरान, कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल), एससीसीएल और आबद्ध खानों/अन्य ने क्रमशः 45.67 मीट्रिक टन और 4.93 मीट्रिक टन, 7.33 मीट्रिक टन उत्पादन करके   और 12.35 %,  8.43%  और 12.37 % वृद्धि दर्ज की। सितंबर में देश की शीर्ष 37 कोयला उत्पादक खानों में से 25 खानों ने 100 प्रतिशत से अधिक उत्पादन किया जबकि पांच खानों का उत्पादन स्तर 80 से 100 प्रतिशत के बीच रहा।

वहीं, सितंबर 2021 के 60.02 मीट्रिक टन की तुलना में सितंबर 2022 के दौरान कोयले का प्रेषण 1.95  प्रतिशत बढ़कर  61.18 मीट्रिक टन हो गया। सितंबर 2022 के दौरान, सीआईएल, एसीसीएल और आबद्ध खानों/अन्य ने क्रमशः 48.88 मीट्रिक टन , 4.77 मीट्रिक टन और  7.53 मीट्रिक टन और 8.28 मीट्रिक टन कोयला भेजकर 1.03,  4.13 और 6.84 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की।

सितंबर 2022 के दौरान बिजली की मांग बढ़कर 51.71 मीट्रिक टन हो गया, जबकि पिछले साल इसी समय 50.16 मीट्रिक टन था। कोयला आधारित बिजली उत्पादन में पिछले वर्ष की तुलना में सितंबर 22 में 13.40% की वृद्धि दर्ज की गई है। सितंबर ’22 में समग्र बिजली उत्पादन सितंबर 2021 में उत्पन्न बिजली की तुलना में 13.77% अधिक रहा है।

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गुजरात के दौरे पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु; साबरमती आश्रम का दौरा किया; स्वास्थ्य, सिंचाई, जल आपूर्ति और बंदरगाह विकास से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन/ शिलान्यास किया

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने स्वास्थ्य, सिंचाई, जल आपूर्ति से संबंधित गुजरात सरकार की विभिन्न परियोजनाओं और दीनदयाल बंदरगाह, कांडला के उन्नयन से संबंधित पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय की परियोजनाओं का आज (3 अक्टूबर, 2022) को जीएमईआरएस, गांधीनगर से उद्घाटन और शिलान्यास किया।

इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि गुजरात के लोगों में उद्यम और नवाचार की संस्कृति है। गुजरात के उद्यमियों ने गुजरात और भारत को एक विशेष पहचान दी है। गुजरात विकास के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में से एक है। उन्होंने कहा कि गुजरात ने औद्योगिक प्रगति के साथ-साथ प्राकृतिक खेती और पर्यावरण संरक्षण की मिसाल पेश की है। उन्होंने कहा कि जहां देश की लगभग 5 प्रतिशत आबादी गुजरात में रहती है, वहीं यह कुल राष्ट्रीय कृषि उत्पादन में लगभग 20 प्रतिशत का योगदान करती है। उन्होंने कहा कि गुजरात के कृषि विकास के सफल प्रयोग पूरे देश में अपनाए जा रहे हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि बहुत लंबे समय से, गुजरात की भौगोलिक स्थिति, विशेष रूप से उत्तरी गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ के कुछ हिस्सों में, पानी की कमी ने लोगों के सामने बड़ी समस्याएँ खड़ी की हैं। लेकिन आज वह स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। ‘सरदार सरोवर परियोजना’ के तहत एक विशाल नहर नेटवर्क से लोगों को सिंचाई का पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे लाखों लोगों की जिंदगी बदल गई है। उन्हें यह जानकर प्रसन्नता हुई कि नीति आयोग के ‘समग्र जल प्रबंधन सूचकांक’ के अनुसार, गुजरात पिछले तीन वर्षों से जल प्रबंधन में देश में पहले स्थान पर है।

राष्ट्रपति ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में गुजरात ने प्रभावशाली उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि गुजरात गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य कार्ड जारी करने वाला भारत का पहला राज्य है। उन्हें यह जानकर भी खुशी हुई कि 2020-21 में जारी नीति आयोग की एक रिपोर्ट के अनुसार, सतत विकास लक्ष्य “अच्छे स्वास्थ्य और कल्याण” को प्राप्त करने में गुजरात देश में पहले स्थान पर है।

राष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि जिन परियोजनाओं का आज उद्घाटन किया गया और जिनकी आधारशिला रखी गई, वे किसानों और उद्यमियों के लिए रोजगार और व्यापार के नए अवसर पैदा करेंगी। उन्हें यह भी विश्वास था कि सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज, जिसका आज शिलान्यास किया गया, नर्मदा जिले की आदिवासी आबादी की जरूरतों को पूरा करेगा।

इससे पहले अहमदाबाद पहुंचने के बाद राष्ट्रपति ने साबरमती आश्रम का दौरा किया जहां उन्होंने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी और चरखा भी काता।

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