आठ प्रमुख उद्योगों अर्थात् कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली के उत्पादन के संयुक्त और अलग-अलग प्रदर्शन को मापता है। यह औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में शामिल वस्तुओं के भार का 40.27 प्रतिशत हिस्सा बनाते हैं।
जुलाई, 2025 के लिए आठ प्रमुख उद्योगों के सूचकांक की अंतिम वृद्धि दर 3.7 प्रतिशत रही। अप्रैल से अगस्त, 2025-26 के दौरान आठ प्रमुख उद्योग की संचयी वृद्धि दर पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 2.8 प्रतिशत (अनंतिम) है।
आठ प्रमुख उद्योगों के सूचकांक का सारांश निम्नलिखित है:
कोयला – कोयला उत्पादन (भारांक: 10.33 प्रतिशत) अगस्त, 2025 में अगस्त, 2024 की तुलना में 11.4 प्रतिशत बढ़ गया। अप्रैल से अगस्त, 2025-26 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 0.7 प्रतिशत कम रहा।
कच्चा तेल – कच्चे तेल का उत्पादन (भारांक: 8.98 प्रतिशत) अगस्त, 2025 में अगस्त, 2024 की तुलना में 1.2 प्रतिशत घट गया। अप्रैल से अगस्त, 2025-26 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 1.7 प्रतिशत घट गया।
प्राकृतिक गैस – प्राकृतिक गैस का उत्पादन (भारांक: 6.88 प्रतिशत) अगस्त, 2025 में अगस्त, 2024 की तुलना में 2.2 प्रतिशत घट गया। अप्रैल से अगस्त, 2025-26 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 2.5 प्रतिशत घट गया।
पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पाद – पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पादन (भारांक: 28.04 प्रतिशत) अगस्त, 2025 में अगस्त, 2024 की तुलना में 3.0 प्रतिशत बढ़ गया। अप्रैल से अगस्त, 2025-26 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 0.4 प्रतिशत बढ़ गया।
उर्वरक – उर्वरक उत्पादन (भारांक: 2.63 प्रतिशत) अगस्त, 2025 में अगस्त, 2024 की तुलना में 4.6 प्रतिशत बढ़ गया। अप्रैल से अगस्त, 2025-26 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 0.8 प्रतिशत कम हो गया।
इस्पात – इस्पात उत्पादन (भारांक: 17.92 प्रतिशत) अगस्त, 2025 में अगस्त, 2024 की तुलना में 14.2 प्रतिशत बढ़ गया। अप्रैल से अगस्त, 2025-26 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 10.4 प्रतिशत बढ़ गया।
सीमेंट – सीमेंट उत्पादन (भारांक: 5.37 प्रतिशत) अगस्त, 2025 में अगस्त, 2024 की तुलना में 6.1 प्रतिशत बढ़ गया। अप्रैल से अगस्त, 2025-26 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 8.4 प्रतिशत बढ़ गया।
बिजली – बिजली उत्पादन (भारांक: 19.85 प्रतिशत) अगस्त, 2025 में अगस्त, 2024 की तुलना में 3.1 प्रतिशत बढ़ गया। अप्रैल से अगस्त, 2025-26 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 0.5 प्रतिशत बढ़ गया।
नोट 1: जुलाई, 2025 के आँकड़े अंतिम हैं। अगस्त, 2025 के आंकड़े अनंतिम हैं। प्रमुख उद्योगों के सूचकांक स्रोत एजेंसियों से प्राप्त अद्यतन आँकड़ों के अनुसार संशोधित/अंतिम किए जाते हैं।
नोट 2: अप्रैल 2014 से नवीकरणीय स्रोतों से बिजली उत्पादन के आंकड़े भी शामिल हैं।
नोट 3: ऊपर दर्शाए गए उद्योग-वार भार, औद्योगिक उत्पादन सूचकांक से प्राप्त अलग-अलग उद्योग भार हैं तथा इन्हें आठ प्रमुख उद्योग के संयुक्त भार के अनुपातिक आधार पर 100 के बराबर बढ़ाया गया है।
नोट 4: मार्च 2019 से, तैयार स्टील के उत्पादन के अंतर्गत ‘कोल्ड रोल्ड (सीआर) कॉइल्स’ मद के अंतर्गत हॉट रोल्ड पिकल्ड एंड ऑइल्ड (एचआरपीओ) नामक एक नया स्टील उत्पाद भी शामिल किया गया है।
नोट 5: सितंबर, 2025 के लिए सूचकांक मंगलवार, 21 अक्टूबर, 2025 को जारी किया जाएगा।
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रबात, मोरक्को में भारतीय समुदाय के साथ बातचीत की। भारतीय समुदाय ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सशस्त्र बलों की निर्णायक कार्रवाई की सराहना की। रक्षा मंत्री ने दोहराया कि पहलगाम में निर्दोष भारतीयों पर हुए कायरतापूर्ण हमले का जवाब देने के लिए सशस्त्र बलों को पूरी आजादी दी गई थी। देश के दृढ़ लेकिन संयमित दृष्टिकोण का वर्णन करने के लिए रामचरितमानस का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि भारत की कार्रवाई सोची-समझी और आक्रामक नहीं थी, “हमने धर्म देख कर नहीं, कर्म देख कर मारा है।”
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने आज नई दिल्ली में आयोजित ‘सेव इंटरनेशनल 2025 वैल्यू समिट’ में भारत को ऑटोमोबाइल विनिर्माण, हरित गतिशीलता और बुनियादी ढांचे नवाचार में दुनिया में अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित करने की महत्वाकांक्षी भविष्य योजना व्यक्त की।
गडकरी ने स्वच्छ परिवहन के मुद्दे पर इलेक्ट्रिक वाहनों, हाइड्रोजन ईंधन और वैकल्पिक ईंधनों में भारत की अग्रणी भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत ने पहले ही हाइड्रोजन ट्रक लॉन्च कर दिए हैं और दस मार्गों पर पायलट परियोजनाएं चल रही हैं। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य हरित परिवहन में वैश्विक नेतृत्व स्थापित करना है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने कहा कि टाटा मोटर्स, अशोक लीलैंड, रिलायंस और इंडियन ऑयल जैसी कंपनियों के सहयोग से, सरकार ने हाइड्रोजन बुनियादी ढांचे को तीव्रता से आगे बढ़ाने के लिए 600 करोड़ रुपये का अनुदान दिया है। उन्होंने आइसोब्यूटानॉल और बायो-बिटुमेन जैसे नए ईंधन विकल्पों की प्रगति का भी उल्लेख किया, जिनका अभी सक्रिय परीक्षण चल रहा है। गडकरी ने कहा कि भारत के सड़क बुनियादी ढांचे में भी परिवर्तनकारी बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि भारत में अब विश्व का दूसरा सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क मौजूद है। इससे यात्रा समय में काफ़ी कमी आई है। उदाहरण के लिए पानीपत से दिल्ली हवाई अड्डे तक पहुंचने में अब तीन घंटे की बजाय सिर्फ़ 35 मिनट लगते हैं। उन्होंने कहा कि चेन्नई-बेंगलुरु एक्सप्रेसवे और 23,000 करोड़ रुपये की लागत से बेंगलुरु रिंग रोड जैसी प्रमुख परियोजनाएं सड़क सम्पर्क को पुन: परिभाषित करेंगी और शहरी भीड़भाड़ को काफी कम कर देंगी।
भारतीय स्वरूप संवाददाता