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रक्षा मंत्रालय ने भारतीय सेना की 7.62 x 51 एमएम असॉल्ट राइफलों के लिए एडवांस्‍ड नाइट साइट की खरीद हेतु 659.47 करोड़ रुपये के सौदे पर हस्ताक्षर किए

रक्षा मंत्रालय ने भारतीय सेना की 7.62 x 51 एमएम असॉल्ट राइफलों के लिए एडवांस्‍ड नाइट साइट की खरीद हेतु 659.47 करोड़ रुपये के सौदे पर हस्ताक्षर किए

रक्षा मंत्रालय ने 15 अक्टूबर, 2025 को भारतीय सेना के लिए 7.62 x 51 एमएम असॉल्ट राइफल के लिए नाइट साइट (इमेज इंटेंसिफायर) की खरीद के साथ-साथ सहायक उपकरण के लिए 659.47 करोड़ रुपये के अनुबंध समझौते पर हस्ताक्षर किए। नाइट साइट सैनिकों को एसआईजी 716 असॉल्ट राइफल की लंबी प्रभावी रेंज का पूरी तरह से फायदा उठाने में सक्षम बनाएगी।

ये साइट स्‍टारलिट कंडिशन में भी 500 मीटर की प्रभावी दूरी तक के लक्ष्यों को भेदने में सक्षम हैं और मौजूदा पैसिव नाइट साइट (पीएनएस) की तुलना में एक महत्वपूर्ण सुधार प्रदान करते हैं। इस खरीद को 51 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री के साथ (भारतीय-आईडीडीएम) के रूप में वर्गीकृत किया गया है। यह खरीद रक्षा निर्माण में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस पहल से कल-पुर्जों के निर्माण और कच्चे माल की आपूर्ति से जुड़े सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को भी लाभ होगा।

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एमएसएमई विशेषज्ञों द्वारा इंटरएक्टिव सत्र आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर के इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन सेल द्वारा 14 अक्टूबर 2025 को छात्रों में नवाचार और उद्यमिता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एमएसएमई विशेषज्ञों द्वारा एक इंटरएक्टिव सत्र आयोजित किया गया। सत्र का मुख्य उद्देश्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) की आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और आत्मनिर्भरता में भूमिका को समझना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन सेल के संयोजक डॉ. मनीष कपूर के स्वागत भाषण एवं परिचय से हुआ, जिन्होंने एमएसएमई की नवाचार और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।

कॉलेज के प्राचार्य प्रो. विनय जॉन सेबेस्टियन ने अपने संबोधन में छात्रों को उद्यमिता को व्यक्तिगत और सामाजिक विकास का मार्ग मानने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के दौरान श्री दिव्यांशु शुक्ला ने सभा को संबोधित करते हुए कृषि-आधारित उद्यमिता के महत्व पर प्रकाश डाला, विशेष रूप से सुगंधित एवं औषधीय फसलों के क्षेत्र में, जो युवाओं के लिए रोजगार एवं ग्रामीण विकास का एक उभरता हुआ क्षेत्र है।

इस अवसर पर श्री भक्ति विजय शुक्ला, उपनिदेशक, एमएसएमई, कन्नौज ने सरकारी योजनाओं, इनक्यूबेशन अवसरों एवं शैक्षणिक संस्थानों में नवाचार की भूमिका पर अपने मूल्यवान विचार साझा किए। कार्यक्रम का समापन एक इंटरएक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र से हुआ, जिसमें छात्रों ने अपने विचार रखे और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त किया।

सत्र में एमएसएमई पहल, नवाचार, और स्टार्टअप समर्थन जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। छात्रों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और नवाचार-आधारित एवं स्व-रोजगार के अवसरों की ओर प्रेरित हुए।

इस कार्यक्रम से छात्रों में एमएसएमई के प्रति जागरूकता बढ़ी, उद्यमिता के प्रति उनकी रुचि में वृद्धि हुई, और शिक्षा जगत तथा उद्योग के बीच संबंध मजबूत हुए। प्रतिभागियों ने इस सत्र की सराहना की और व्यावहारिक कार्यशालाओं एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन का सुझाव दिया।

कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन डॉ. श्वेता मिश्रा, संकाय सदस्य द्वारा किया गया, जिन्होंने अतिथियों, अध्यापकों और छात्रों के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस आयोजन ने शैक्षणिक ज्ञान और उद्यमिक व्यवहार के बीच की खाई को सफलतापूर्वक पाटते हुए छात्रों को भारत के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

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पूर्व सपा विधायक इरफान सोलंकी 34 महीने बाद महराजगंज जेल से रिहा

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर 30 सितंबर  समाजवादी पार्टी सपा के चर्चित नेता और सीसामऊ विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक हाजी इरफान सोलंकी आज महराजगंज जिला कारागार से रिहा।  2 दिसंबर 2022 से जेल में बंद इरफान की आज सुबह 10 बजे रिहाई की प्रक्रिया शुरू हुई लेकिन प्रवर्तन निदेशालय ईडी की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पूछताछ के कारण इसमें कुछ देरी हुई शाम तक सभी औपचारिकताएं पूरी हो गईं और इरफान जेल के बाहर आ गए इरफान की पत्नी और वर्तमान विधायक नसीम सोलंकी ने जेल पहुंचकर रिहाई की प्रक्रिया में सहयोग किया जेल परिसर और आसपास के इलाकों में सुबह से ही सपा कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जुट चुकी थी फूल-मालाओं और नारों के साथ समर्थकों ने उनका भव्य स्वागत किया रिहाई के बाद इरफान ने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा यह आजादी सिर्फ मेरी नहीं बल्कि उन तमाम साथियों की है जो अन्याय के खिलाफ लड़ रहे हैं सपा परिवार का आभार इरफान पर आगजनी रंगदारी गैंगस्टर एक्ट समेत कुल 10 से अधिक मुकदमे दर्ज थे दिसंबर 2022 में जाजमऊ थाने में दर्ज आगजनी मामले में उन्हें 7 साल की सजा सुनाई गई थी जिसके चलते उनकी विधायकी भी समाप्त हो गई मार्च 2025 में रंगदारी मामले में जमानत मिली 25 सितंबर 2025 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट के आखिरी मामले में भी उन्हें उनके भाई रिजवान सोलंकी और अन्य सहयोगियों को जमानत दे दी रिहाई से ठीक पहले ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े सवाल पूछे लेकिन कोई नई बाधा नहीं बनी इरफान की करीब 30 करोड़ की संपत्ति पहले ही जब्त हो चुकी है परिवार का संघर्ष इस दौरान नसीम सोलंकी ने सीसामऊ सीट से विधायक बनकर राजनीतिक विरासत संभाली। उनके भाई रिजवान भी 29 सितंबर को कानपुर जेल से रिहा हो चुके हैं इरफान की रिहाई से कानपुर की सियासत में हलचल तेज हो गई है सपा के तेज तर्रार नेता के लौटने से 2027 विधानसभा चुनावों में सीसामऊ और आसपास के इलाकों में समीकरण बदल सकते हैं अखिलेश यादव के करीबी माने जाने वाले इरफान की वापसी आजम खान की हालिया रिहाई के बाद सपा को मजबूती देगी कार्यकर्ताओं का मानना है कि यह राजनीतिक साजिशो के खिलाफ जीत है जेल से बाहर आते ही इरफान ने कहा जेल ने मुझे मजबूत बनाया अब जनसेवा के लिए तैयार हूं समर्थकों ने इरफान जिंदाबाद के नारे लगाए सुरक्षा के मद्देनजर भारी पुलिस बल तैनात रहा।

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क्राइस्ट चर्च कॉलेज में “आचार संहिता” पर व्याख्यान आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर, क्राइस्ट चर्च कॉलेज कानपुर में आईक्यूएसी (IQAC) और वैल्यू एजुकेशन सेल के संयुक्त तत्वावधान में “आचार संहिता पर प्रेरणादायी व्याख्यान”  आयोजित हुआ।कार्यक्रम की शुरुआत प्रो सुजाता चतुर्वेदी(आईक्यूएसी संयोजक) के स्वागत भाषण से हुई। इसके बाद *प्राचार्य प्रो. विनय जॉन सेबेस्टियन* ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उच्च शिक्षा में अनुशासन और मूल्यों की महत्ता पर प्रकाश डाला।

मुख्य व्याख्यान डॉ. विमल सिंह, शिक्षा विभाग, सीएसजेएम विश्वविद्यालय द्वारा दिया गया। उन्होंने छात्रों को ईमानदारी, जिम्मेदारी और नैतिकता को जीवन और शिक्षा की दिशा में मार्गदर्शक सिद्धांत बनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में रचनात्मकता जोड़ते हुए *”सेल्फी विद ग्रैंडपेरेंट्स”* प्रतियोगिता के परिणाम की घोषणा प्रो श्वेता चन्द (वैल्यू एजुकेशन सेल संयोजक) द्वारा की गई। अंत में डॉ. धनंजय डे ने आभार प्रकट किया। कार्यक्रम में छात्रों और शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी रही तथा यह संदेश दिया गया कि नैतिक आचरण व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन दोनों के लिए आवश्यक है।

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उच्च ऊर्जा परमाणु जुड़ाव नई दिशा प्रदान कर रहा है, जिससे अगली पीढ़ी के क्वांटम उपकरणों के विकास का मार्ग प्रशस्त हो रहा है

भारतीय क्वांटम अनुसंधान में एक महत्वपूर्ण प्रगति के रूप में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। वैज्ञानिकों ने पाया है कि जब ऐसे परमाणु, जो हमारे चारों ओर के पदार्थ के मूल निर्माण के छोटे-छोटे खंड हैं, उनको बहुत अधिक ऊर्जा दी जाती है, तो वे स्वतंत्र कणों की तरह व्यवहार करना बंद कर देते हैं। इस अवस्था में वे अब अलग-अलग कणों की तरह नहीं रहते, बल्कि आपस में इतनी मजबूती से जुड़ जाते हैं कि रोशनी के साथ उनका संबंध भी बदल जाता है और उसकी प्रतिक्रिया विकृत दिखाई देने लगती है।

इतनी उच्च अवस्थाओं पर रिडबर्ग परमाणु संकेतों पर पहली बार देखी गई यह अनोखी विकृति भविष्य में क्वांटम कंप्यूटर, सेंसर और संचार उपकरण बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि साबित हो सकती है।

साधारण परमाणु छोटे-से कण होते हैं, लेकिन रिडबर्ग परमाणु असाधारण रूप से विशाल होते हैं। जब वैज्ञानिक किसी परमाणु के सबसे बाहरी इलेक्ट्रॉन को ऊर्जा के बहुत ऊंचे स्तर पर ले जाते हैं, तो उसका आकार सामान्य से कहीं बड़ा हो जाता है और वह अपने आस-पास के वातावरण के प्रति बेहद संवेदनशील हो जाता है। यही अनोखे गुण रिडबर्ग परमाणुओं को भविष्य के क्वांटम कंप्यूटरों और अति-सटीक सेंसरों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बनाते हैं। हालांकि, यही संवेदनशीलता उन्हें अप्रत्याशित भी बना देती है।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के स्वायत्त संस्थान, रमन अनुसंधान संस्थान (आरआरआई) की एक टीम ने रुबिडियम परमाणुओं को लगभग परम शून्य तापमान तक ठंडा किया — इतना ठंडा कि वे मुश्किल से हिल पाते हैं। इन परमाणुओं को बाद में लेजर और चुंबकीय क्षेत्रों की मदद से फंसा दिया गया। इसके बाद, प्रकाश किरणों का उपयोग करके वैज्ञानिकों ने उन्हें रिडबर्ग अवस्था में उत्तेजित किया। आमतौर पर परमाणु अपनी उत्तेजना को एक स्पष्ट और मूलग्रंथ जैसे पैटर्न में प्रकट करते हैं, जिसे ऑटलर-टाउन्स स्प्लिटिंग कहा जाता है।

चित्र- फंसे हुए ठंडे परमाणु सेट-अप में रिडबर्ग उत्तेजना का एक कलात्मक प्रतिनिधित्व

हालांकि जब शोधकर्ताओं ने परमाणुओं को 100वें ऊर्जा स्तर से आगे धकेला, तो साफ और नियमित पैटर्न अचानक टूट गया। अब उनका व्यवहार धुंधला तथा विकृत दिखने लगा। यह कोई त्रुटि नहीं थी, बल्कि एक अद्भुत खोज थी: परमाणु अब अकेले नहीं, बल्कि एक साथ कार्य कर रहे थे। यह ऐसा था कि जैसे एक बड़ा झुंड तालमेल से नाच रहा हो, वे एक-दूसरे से जुड़ रहे थे, प्रभाव डाल रहे थे और सामूहिक रूप से प्रतिक्रिया दे रहे थे।

रिडबर्ग परमाणुओं में उच्च ऊर्जा पर दिखने वाली ये विचित्र विकृतियां क्वांटम तकनीक के लिए एक संकेत की तरह हैं। ये वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद करती हैं कि किस समय परमाणु अकेले रहते हैं और कब वे एक साथ जुड़कर जटिल, आपस में उलझे समूह बनाते हैं, जो बड़ी एवं जटिल प्रणाली की नकल करने में सक्षम होते हैं। ये वास्तव में परिशुद्धता वाले प्रयोगों में उपयोगी हैं। यह जानना कि परमाणु कब और कैसे एक-दूसरे से ‘जुड़ना’ शुरू करते हैं, भविष्य के क्वांटम कंप्यूटर, सेंसर और संचार उपकरण बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।

आरआरआई में प्रोफेसर संजुक्ता रॉय और उनके पीएचडी विद्यार्थियों शिल्पा बी एस और शोवन के बारिक के नेतृत्व में आईआईएसईआर पुणे में प्रोफेसर रेजिश नाथ की टीम द्वारा सैद्धांतिक मॉडलिंग के साथ किये गए इस प्रयोग ने नाजुक इंजीनियरिंग को गहन भौतिकी अंतर्दृष्टि के साथ जोड़ा है। उनकी विशेष रूप से निर्मित पहचान प्रणाली इतनी संवेदनशील थी कि वह बहुत कम संख्या में फोटॉनों को भी पहचान सकती थी, जिससे उन्हें अत्यधिक उच्च ऊर्जा स्तरों पर रिडबर्ग परमाणुओं का अध्ययन करने में सहायता मिली, जहां अन्य विफल हो गए थे।

डॉ. रॉय के अनुसार, ‘हमारे प्रयोग में एक अत्यंत संवेदनशील पहचान प्रणाली स्थापित की गई, जो परमाणुओं द्वारा उत्सर्जित कुछ ही फोटॉनों का भी पता लगाने में सक्षम है। इससे हमें अत्यधिक उत्तेजित रिडबर्ग अवस्थाओं (n > 100) में मौजूद परमाणुओं का पता लगाने में मदद मिली, भले ही उनके संक्रमण की संभावनाएं बहुत कम रही हों। हमने अपने प्रयोग को इस तरह अनुकूलित किया है कि अत्यधिक उत्तेजित रिडबर्ग अवस्थाओं से आने वाले सिग्नल को उच्च सिग्नल-टू-शोर अनुपात के साथ मापा जा सके।’

इस खोज ने भारतीय शोधकर्ताओं को वैश्विक क्वांटम अनुसंधान के मानचित्र पर मजबूती से स्थापित कर दिया है। यह दिखाता है कि जब वैज्ञानिक परमाणुओं को लगभग पूरी तरह स्थिर अवस्था तक ठंडा करते हैं और फिर उन्हें अत्यधिक ऊर्जावान बनाते हैं, तो वे पदार्थ को व्यक्तिगत से सामूहिक रूप में बदलते हुए देख सकते हैं।

परमाणु व्यवहार को समझने यह नई खोज भविष्य की क्वांटम प्रौद्योगिकियों की सीमाएं निर्धारित करती है। इस नाजुक संतुलन पर ही क्वांटम प्रौद्योगिकियों का भविष्य आकार ले रहा है और यह ज्ञान आने वाले उपकरणों के निर्माण में मार्गदर्शन करेगा।

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अगस्त, 2025 के लिए आठ प्रमुख उद्योगों का सूचकांक (आधार वर्ष: 2011-12=100)

अगस्त, 2024 के सूचकांक की तुलना में अगस्त, 2025 में आठ प्रमुख उद्योगों (आईसीआई) का संयुक्त सूचकांक 6.3 प्रतिशत (अनंतिम) बढ़ गया। इस्पात, कोयला, सीमेंट, उर्वरक, बिजली और पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पादों के उत्पादन में अगस्त, 2025 में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई। वार्षिक सूचकांक, मासिक सूचकांक और वृद्धि दर का विवरण अनुबंध और अनुबंध II में दिया गया है।

आठ प्रमुख उद्योगों अर्थात् कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली के उत्पादन के संयुक्त और अलग-अलग प्रदर्शन को मापता है। यह औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में शामिल वस्तुओं के भार का 40.27 प्रतिशत हिस्सा बनाते हैं।

जुलाई, 2025 के लिए आठ प्रमुख उद्योगों के सूचकांक की अंतिम वृद्धि दर 3.7 प्रतिशत रही। अप्रैल से अगस्त, 2025-26 के दौरान आठ प्रमुख उद्योग की संचयी वृद्धि दर पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 2.8 प्रतिशत (अनंतिम) है।

आठ प्रमुख उद्योगों के सूचकांक का सारांश निम्नलिखित है:

कोयला – कोयला उत्पादन (भारांक: 10.33 प्रतिशत) अगस्त, 2025 में अगस्त, 2024 की तुलना में 11.4 प्रतिशत बढ़ गया। अप्रैल से अगस्त, 2025-26 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 0.7 प्रतिशत कम रहा।

कच्चा तेल – कच्चे तेल का उत्पादन (भारांक: 8.98 प्रतिशत) अगस्त, 2025 में अगस्त, 2024 की तुलना में 1.2 प्रतिशत घट गया। अप्रैल से अगस्त, 2025-26 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 1.7 प्रतिशत घट गया।

प्राकृतिक गैस – प्राकृतिक गैस का उत्पादन (भारांक: 6.88 प्रतिशत) अगस्त, 2025 में अगस्त, 2024 की तुलना में 2.2 प्रतिशत घट गया। अप्रैल से अगस्त, 2025-26 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 2.5 प्रतिशत घट गया।

पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पाद – पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पादन (भारांक: 28.04 प्रतिशत) अगस्त, 2025 में अगस्त, 2024 की तुलना में 3.0 प्रतिशत बढ़ गया। अप्रैल से अगस्त, 2025-26 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 0.4 प्रतिशत बढ़ गया।

उर्वरक – उर्वरक उत्पादन (भारांक: 2.63 प्रतिशत) अगस्त, 2025 में अगस्त, 2024 की तुलना में 4.6 प्रतिशत बढ़ गया। अप्रैल से अगस्त, 2025-26 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 0.8 प्रतिशत कम हो गया।

इस्पात – इस्पात उत्पादन (भारांक: 17.92 प्रतिशत) अगस्त, 2025 में अगस्त, 2024 की तुलना में 14.2 प्रतिशत बढ़ गया। अप्रैल से अगस्त, 2025-26 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 10.4 प्रतिशत बढ़ गया।

सीमेंट – सीमेंट उत्पादन (भारांक: 5.37 प्रतिशत) अगस्त, 2025 में अगस्त, 2024 की तुलना में 6.1 प्रतिशत बढ़ गया। अप्रैल से अगस्त, 2025-26 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 8.4 प्रतिशत बढ़ गया।

बिजली – बिजली उत्पादन (भारांक: 19.85 प्रतिशत) अगस्त, 2025 में अगस्त, 2024 की तुलना में 3.1 प्रतिशत बढ़ गया। अप्रैल से अगस्त, 2025-26 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 0.5 प्रतिशत बढ़ गया।

 

नोट 1: जुलाई, 2025 के आँकड़े अंतिम हैं। अगस्त, 2025 के आंकड़े अनंतिम हैं। प्रमुख उद्योगों के सूचकांक स्रोत एजेंसियों से प्राप्त अद्यतन आँकड़ों के अनुसार संशोधित/अंतिम किए जाते हैं।

नोट 2: अप्रैल 2014 से नवीकरणीय स्रोतों से बिजली उत्पादन के आंकड़े भी शामिल हैं।

नोट 3: ऊपर दर्शाए गए उद्योग-वार भार, औद्योगिक उत्पादन सूचकांक से प्राप्त अलग-अलग उद्योग भार हैं तथा इन्हें आठ प्रमुख उद्योग के संयुक्त भार के अनुपातिक आधार पर 100 के बराबर बढ़ाया गया है।

नोट 4: मार्च 2019 से, तैयार स्टील के उत्पादन के अंतर्गत ‘कोल्ड रोल्ड (सीआर) कॉइल्स’ मद के अंतर्गत हॉट रोल्ड पिकल्ड एंड ऑइल्ड (एचआरपीओ) नामक एक नया स्टील उत्पाद भी शामिल किया गया है।

नोट 5: सितंबर, 2025 के लिए सूचकांक मंगलवार, 21 अक्टूबर, 2025 को जारी किया जाएगा।

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रक्षा मंत्री ने मोरक्को में भारतीय समुदाय से मुलाकात की और ऑपरेशन सिंदूर में भारत के संयम और संकल्प पर प्रकाश डाला

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने  रबात, मोरक्को में भारतीय समुदाय के साथ बातचीत की। भारतीय समुदाय ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सशस्त्र बलों की निर्णायक कार्रवाई की सराहना की। रक्षा मंत्री ने दोहराया कि पहलगाम में निर्दोष भारतीयों पर हुए कायरतापूर्ण हमले का जवाब देने के लिए सशस्त्र बलों को पूरी आजादी दी गई थी। देश के दृढ़ लेकिन संयमित दृष्टिकोण का वर्णन करने के लिए रामचरितमानस का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि भारत की कार्रवाई सोची-समझी और आक्रामक नहीं थी, “हमने धर्म देख कर नहीं, कर्म देख कर मारा है।”

भारतीयों के साथ बातचीत के दौरान श्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले एक दशक में भारत की बहुआयामी प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वैश्विक और भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद, भारत दुनिया की 11वीं से चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और जल्द ही शीर्ष तीन में शामिल होने के लिए तैयार है। रक्षा मंत्री ने भारत के डिजिटल परिवर्तन, ज्ञान अर्थव्यवस्था में तेज़ प्रगति और एक दशक पहले 18 यूनिकॉर्न से 118 तक स्टार्टअप्स की संख्या में हुई वृद्धि का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत के रक्षा उद्योग ने 1.5 लाख करोड़ रुपये के उत्पादन और 100 से अधिक देशों को 23,000 करोड़ रुपये से अधिक के रक्षा निर्यात की उपलब्धि हासिल की है।

श्री राजनाथ सिंह ने भारतीय समुदाय की कड़ी मेहनत, समर्पण और ईमानदारी की प्रशंसा की, उन्होंने विश्व धर्म संसद में स्वामी विवेकानंद के शब्दों को याद करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में, चरित्र ही व्यक्ति की असली पहचान है। भारतीय समुदाय ने मजबूत आर्थिक नींव और बढ़ती सैन्य शक्ति में निहित भारत की वैश्विक भूमिका पर गर्व व्यक्त किया।

 

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केन्द्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग 2 अक्टूबर, 2025 से 31 अक्टूबर, 2025 तक पांचवे विशेष अभियान के लिए तैयार

उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय  के खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग ने प्रथम, द्वितीय, तृतीय और चौथे विशेष अभियान सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद अब 2 अक्टूबर, 2025 से 31 अक्टूबर, 2025 तक पांचवे विशेष अभियान की विभिन्न गतिविधियों की योजना बनाई है। इसमें विभिन्न प्रकार के लंबित मामलों के निपटान, बेहतर रिकॉर्ड प्रबंधन, स्थान प्रबंधन, ई-कचरा प्रबंधन और कार्यालय परिसर को स्वच्छ व सौन्दर्यीकरण बनाने के विभिन्न मापदंड शामिल हैं।

खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के चौथे विशेष अभियान का मुख्य ध्यान स्वच्छता में सुधार और लंबित मामलों के निपटान पर केंद्रित था। अभियान के दौरान विभाग  ने स्वच्छता, स्थान प्रबंधन, अभिलेख प्रबंधन और विभिन्न मामलों के निपटान पर विशेष ध्यान दिया।

सितंबर 2024 से अगस्त 2025 तक चले चौथे विशेष अभियान के दौरान, कुल 65507 फाइलों का निपटान किया गया, कुल 158786 वर्ग फीट स्थान अनावश्यक वस्तुओं से मुक्त किया गया और इससे कुल 45.12 लाख रुपये का राजस्व उत्पन्न हुआ।

नवंबर 2024 से अगस्त 2025 तक, पुरानी फाइलों को छांटकर, कबाड़ सामग्री की नीलामी करने और अनुपयोगी परित्यक्त स्थानों की सफाई से 52324 वर्ग फुट क्षेत्र मुक्त कराया गया। इसमें कबाड़ सामग्री के निपटान से 31.29 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग और उसके संगठनों के कार्यालयों के विभिन्न स्थानों पर 1827 स्वच्छता अभियान चलाए गए, जिससे स्वच्छ और अधिक कुशल कार्य वातावरण प्रतिबद्धता को बल मिला।

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केन्‍द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि भारत का लक्ष्य वैश्विक ऑटोमोबाइल विनिर्माण में पहला स्थान हासिल करना है

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री  नितिन गडकरी ने आज नई दिल्ली में आयोजित ‘सेव इंटरनेशनल 2025 वैल्यू समिट’ में भारत को ऑटोमोबाइल विनिर्माण, हरित गतिशीलता और बुनियादी ढांचे नवाचार में दुनिया में अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित करने की महत्वाकांक्षी भविष्‍य योजना व्‍यक्‍त की।

गडकरी ने कहा कि भारत अब जापान को पीछे छोड़कर दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल बाज़ार बन गया है और सरकार अगले पांच वर्षों में इसे पहले स्थान पर लाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है। उन्‍होंने कहा कि सभी प्रमुख वैश्विक ऑटोमोबाइल ब्रांड अब भारत में मौजूद हैं, जिनका ध्यान केवल असेंबलिंग करने से हटकर भारत से पूरे विश्‍व में वाहन निर्यात पर केंद्रित हो गया है। श्री गडकरी ने कहा कि भारत का दोपहिया क्षेत्र ही अपने उत्पादन का 50 प्रतिशत से अधिक निर्यात करता है, जो वैश्विक स्‍तर पर देश की बढ़ती वाहन उपस्थिति दर्ज कर रहा है। गडकरी ने स्वच्छ परिवहन के मुद्दे पर इलेक्ट्रिक वाहनों, हाइड्रोजन ईंधन और वैकल्पिक ईंधनों में भारत की अग्रणी भूमिका का उल्‍लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत ने पहले ही हाइड्रोजन ट्रक लॉन्च कर दिए हैं और दस मार्गों पर पायलट परियोजनाएं चल रही हैं। उन्‍होंने कहा कि हमारा लक्ष्य हरित परिवहन में वैश्विक नेतृत्व स्‍थापित करना है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने कहा कि टाटा मोटर्स, अशोक लीलैंड, रिलायंस और इंडियन ऑयल जैसी कंपनियों के सहयोग से, सरकार ने हाइड्रोजन बुनियादी ढांचे को तीव्रता से आगे बढ़ाने के लिए 600 करोड़ रुपये का अनुदान दिया है। उन्होंने आइसोब्यूटानॉल और बायो-बिटुमेन जैसे नए ईंधन विकल्पों की प्रगति का भी उल्लेख किया, जिनका अभी सक्रिय परीक्षण चल रहा है। गडकरी ने कहा कि भारत के सड़क बुनियादी ढांचे में भी परिवर्तनकारी बदलाव आया है। उन्होंने कहा  कि भारत में अब विश्‍व का दूसरा सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क मौजूद है। इससे यात्रा समय में काफ़ी कमी आई है। उदाहरण के लिए पानीपत से दिल्ली हवाई अड्डे तक पहुंचने में अब तीन घंटे की बजाय सिर्फ़ 35 मिनट लगते हैं। उन्‍होंने कहा कि चेन्नई-बेंगलुरु एक्सप्रेसवे और 23,000 करोड़ रुपये की लागत से बेंगलुरु रिंग रोड जैसी प्रमुख परियोजनाएं सड़क सम्‍पर्क को पुन: परिभाषित करेंगी और शहरी भीड़भाड़ को काफी कम कर देंगी।

गडकरी ने अपने संबोधन में संवहनीयता पर मुख्य रूप से ज़ोर दिया। उन्‍होंने कहा कि हम कचरे को संपदा में बदल रहे हैं और इस सिलसिले में गाजीपुर लैंडफिल से 80 लाख टन से अधिक मात्रा में कचरे का इस्तेमाल सड़क निर्माण में किया गया है। उन्‍होंने कहा कि इससे कूड़े के पहाड़ की ऊंचाई पहले ही सात मीटर कम हो गई है। श्री गडकरी ने चावल के भूसे से बने बायो-बिटुमेन के सफल परीक्षणों का उल्‍लेख किया, जिसने पेट्रोलियम-आधारित बिटुमेन से बेहतर परिणाम मिले है और पराली (फसल अवशेष) जलाने की घटनाएं सीमित करने में सहायता मिली है।

गडकरी ने कारखाने में निर्मित कंक्रीट हिस्से के सड़क निर्माण में इस्‍तेमाल (प्रीकास्‍ट रोड़ कनस्‍ट्रक्‍शन), सुरंग निर्माण इंजीनियरिंग, हाइड्रोजन परिवहन प्रणाली और चक्रीय अर्थव्यवस्था (उत्पादों और सामग्रियों का लंबे समय तक उपयोग, दोबारा इस्तेमाल, मरम्मत और नवीनीकृत तथा पुनर्चक्रण) समाधानों सहित प्रमुख नवाचार क्षेत्रों में वैश्विक साझेदारी का भी आह्वान किया। श्री गडकरी ने भारत की संसाधन सम्‍पन्‍नता, मुद्रीकृत सड़कें (टोल और अन्य सेवाओं से धन अर्जन) हैं और बेहतर राजस्व की चर्चा करते हुए अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों से नवाचार,  तकनीक और सहयोग का आग्रह किया।

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केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने झारखंड के हजारीबाग में आज एक एंटी नक्सल ऑपरेशन में बड़ी कामयाबी मिलने पर CRPF की कोबरा बटालियन और राज्य पुलिस की सराहना की

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने झारखंड के हजारीबाग में आज एक एंटी नक्सल ऑपरेशन में बड़ी कामयाबी मिलने पर CRPF की कोबरा बटालियन और राज्य पुलिस की सराहना की

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने झारखंड के हजारीबाग में आज एक एंटी नक्सल ऑपरेशन में बड़ी कामयाबी मिलने पर केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की कोबरा बटालियन और राज्य पुलिस की सराहना की है।

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने X पर अपनी एक पोस्ट में कहा कि आज झारखंड के हजारीबाग में CRPF की कोबरा बटालियन और राज्य पुलिस की जॉइंट टीम को एंटी नक्सल ऑपरेशन में बड़ी कामयाबी मिली है। इस अभियान में ₹1 करोड़ के इनामी, भाकपा (माओवादी) केन्द्रीय कमिटी सदस्य सहदेव सोरेन उर्फ परवेश को ढेर कर दिया गया है। साथ ही, दो अन्य इनामी नक्सलियों रघुनाथ हेम्ब्रम उर्फ चंचल (बिहार-झारखंड स्पेशल एरिया कमेटी सदस्य, 25 लाख इनामी) एवं बीरसेन गांझू उर्फ रामखेलावन (जोनल कमेटी सदस्य,10 लाख इनामी) को भी सुरक्षा बलों ने मार गिराया। इस ऑपरेशन के बाद उत्तरी झारखंड के बोकारो क्षेत्र से नक्सलवाद पूरी तरह से समाप्त हो गया है। जल्द ही पूरा देश नक्सलवाद की समस्या से मुक्त होगा।

 

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