भारत निर्वाचन आयोग ने कानून लागू करने वाली अनेक एजेंसियों के जरिये जो सटीक योजना बनाई, गंभीर समीक्षायें कीं और खर्च पर पैनी नजर रखी, उसकी बदौलत गुजरात में मौजूदा विधानसभा चुनावी प्रक्रिया के दौरान रिकॉर्ड जब्ती करने में सफलता मिली है। ज़ब्ती की कार्रवाई लगातार चल रही है और इसी तरह की एक अहम कार्रवाई के दौरान एटीएस गुजरात के अधिकारियों के दल के नेतृत्व में मादक पदार्थों की एक बड़ी खेप पकड़ी गई है। यह अभियान वडोदरा (ग्रामीण) और वडोदरा सिटी में चलाया जा रहा है। एटीएस के दल ने दो मेफेड्रोन दवा निर्माण इकाइयों का पता लगाया और लगभग 478 करोड़ रुपये की कीमत के बराबर मेफेड्रोन (सिंथेटिक दवा) की लगभग 143 किलोग्राम मात्रा जब्त की। टीम ने नादियाड और वडोदरा से पांच लोगों को गिरफ्तार किया है तथा एनडीपीएस अधिनियम, 1985 की विभिन्न धाराओं के तहत एटीएस पुलिस स्टेशन, अहमदाबाद में आपराधिक मामला दर्ज किया जा रहा है। अभियान लगातार जारी है और अभियान के पूरा हो जाने के बाद पूरा विवरण उपलब्ध करा दिया जायेगा।
गुजरात में अब तक (29.11.2022) की गई जब्ती का विवरण इस प्रकार हैः
| राज्य | नकदी | शराब | मादक दवायें | कीमती धातुयें | मुफ्त उपहार | कुल ज़ब्ती |
| (करोड़ रुपये में) | मात्रा और कीमत (करोड़ रुपये में) | कीमत (करोड़ रुपये में) | कीमत (करोड़ रुपये में) | कीमत (करोड़ रुपये में) | (करोड़ रुपये में) | |
| गुजरात | 27.0 | 411851.23 मात्रा, कीमत 14.88 | 61.96 (इस समय पकड़ी जाने वाली नशीली दवाओं के अतिरिक्त) | 15.79 | 171.24 | 290.94 |
वर्ष 2017 के गुजरात विधानसभा चुनाव में 27.21 करोड़ रुपये की कुल जब्ती की गई थी। यदि 29.11.2022 का जब्ती चार्ट देखा जाये, जिसमें 290.24 करोड़ रुपये की कुल जब्ती दर्ज है, तो पता चलेगा कि 2017 में जो जब्ती हुई थी, इस बार उससे 10.66 गुना अधिक कीमत की जब्ती की गई है। इसके अलावा नशीली दवाओं की जब्ती जारी है, उसमें तो 28 गुना की भारी वृद्धि दर्ज की गई है। जब्ती आंकड़ों में इस भारी छलांग के पीछे भारत निर्वाचन आयोग की समग्र रणनीति, विस्तृत योजना और कर्मठता का हाथ है।
बनासकांठा जिले में थराद पुलिस थाने में रखी पकड़ी गई शराब
गुजरात विधानसभा चुनाव 2022 की तिथियों की घोषणा के अवसर पर, मुख्य चुनाव आयुक्त श्री राजीव कुमार ने प्रलोभन-मुक्त चुनावों पर जोर दिया था और हिमाचल प्रदेश मे भारी कीमत की जब्ती का हवाला दिया था। 23 नवंबर, 2022 को आयोग ने गुजरात और पड़ोसी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों – राजस्थान, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, दमन व दीव तथा दादर व नगर हवेली के मुख्य सचिवों, पुलिस महानिदेशकों, आबकारी आयुक्तों, डीजी (आयकर) और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत की थी। यह बैठक शांति-व्यवस्था की परिस्थिति की समीक्षा करने तथा मुक्त, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिये समन्वय के लिये बुलाई गई थी। इस अवसर पर मुख्य चुनाव आयुक्त श्री राजीव कुमार ने प्रभावकारी और कड़े उपाय करने का निर्देश दिया। यह व्यवस्था मतदान के दिन तक जारी रहेगी, ताकि दूसरे राज्यों से नकदी, शराब, मुफ्त की रेवडियां न आने पायें। उन्होंने मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों को यह निर्देश भी दिया कि वे जब्ती का राज्यवार मूल्यांकन करें तथा उचित कार्रवाई करें। आयोग ने यह भी कहा कि जिन स्थानों से गैर-कानूनी शराब और मादक पदार्थ आते हैं, वहां कार्रवाई सुनिश्चित की जाये।
कड़ी निगरानी की तैयारियों में उस समय तेजी आई, जब मुख्य चुनाव आयुक्त श्री राजीव कुमार और चुनाव आयुक्त श्री अनूप चंद्र पाण्डेय के नेतृत्व में आयोग की टीम ने सितंबर में गुजरात का दौरा किया था तथा चुनावी तैयारियों का जायजा लिया था। समर्पित टीमों ने अक्टूबर में राज्य के विभिन्न इलाकों का दौरा किया और विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा की। अपने दौरे के समय आयोग ने कानून लागू करने वाली एजेंसियों, जिला प्राधिकारों और पुलिस नोडल अधिकारियों से बातचीत की तथा उन्हें निर्देश दिया कि मतदाताओं को प्रभावित करने वाली सभी हरकतों पर कड़ी नजर रखी जाये।
अहमदाबाद में रामोल पुलिस थाने ने दूध-वाहन में ले जाई जाने वाली शराब की धड़-पकड़ की
खर्च पर निगरानी की प्रक्रिया चुनाव की घोषणा के पहले ही शुरू हो जाती है। इसमें तमाम गतिविधियां शामिल होती हैं, जैसे खर्च निरीक्षकों के रूप में अनुभवी अधिकारियों की नियुक्ति, समग्र और सटीक निगरानी के लिये कानून लागू करने वाली एजेंसियों को जागरूक बनाना व उनकी समीक्षा करना, खर्च संवेदी निर्वाचन क्षेत्रों की पहचान, निगरानी प्रक्रिया में मैदानी स्तर पर तैनात की जानी वाली टीमों की उचित उपलब्धता और उसकी योजना तथा चुनावी प्रक्रिया को दूषित करने वाले धनबल की भूमिका को रोकने के इरादे से डीईओ/एसपी के साथ नियमित संपर्क। चुनावी तैयारियों की समीक्षा, केंद्रीय निरीक्षकों, डीईओ, एसपी के साथ समीक्षा के बाद समग्र निगरानी की जा रही है।
आम चुनावों से लेकर गुजरात विधानसभा चुनाव में धनबल पर अंकुश लगाने और उसकी कारगर निगरानी के लिये भारत निर्वाचन आयोग ने 69 व्यय निरीक्षकों को तैनात किया गया है। इसके अलावा 27 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों को भी व्यय संवेदी निर्वाचन क्षेत्रों के रूप में चिह्नित किया गया है, जहां कड़ी निगरानी की जा रही है। आयोग ने विशेष व्यय निरीक्षक श्री बी. मुरली कुमार (आईआरएस, 1983, सेवानिवृत्त अधिकारी) को नियुक्त किया है, जो इस मामले के विशेषज्ञ हैं। श्री कुमार को तैयारियों का जायजा लेने और कानून लागू करने वाली एजेंसियों के साथ समन्वय बैठाने के लिये तैनात किया गया है।
इसी तरह, हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव, 2022 में भी जब्ती की कार्रवाई की गई। राज्य में 12 नवंबर को मतदान पूर्ण हो गया। वहां 2017 के विधानसभा चुनाव के आंकड़ों की तुलना में इस बार 500 प्रतिशत से अधिक का उछाल देखा गया। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनवा में 9.03 करोड़ रुपये की कीमत की जब्ती की गई थी, जिसकी तुलना में इस बार 57.24 करोड़ रुपये की कीमत की जब्ती की गई। वर्ष 2022 के जारी उप-चुवावों में एक संसदीय निर्वाचन क्षेत्र और बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़, राजस्थान व उत्तरप्रदेश के छह विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में 5.40 करोड़ रुपये की कीमत की जब्ती की गई। कड़ी निगरानी चुनाव होने वाले राज्यों में जारी रहेगी, जब तक कि चुनावी प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती। अंदेशा है कि जब्ती के आंकड़े अभी और बढ़ेंगे।
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कानपुर 2 दिसंबर भारतीय स्वरूप संवाददाता, क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर की एनएसएस इकाई ने वर्ल्ड एड्स डे के अवसर पर एड्स पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया जिसमें जजेस के तौर पर कॉलेज के प्राचार्य डॉ जोसेफ डेनियल उप प्राचार्य डॉ सबीना बोदरा और आए हुए अतिथि अजय कुमार गुप्ता शामिल हुए इस कार्यक्रम का प्रारंभ कॉलेज के प्राचार्य डॉ जोसेफ डेनियल के द्वारा हुआ जिसमे छात्र एवं छात्राओ को एड्स से संबंधित जानकारी दी और उनको इसके प्रति जागरूक किया इसके पश्चात प्रतियोगिता प्रारंब हुई और सभी प्रतिभागियों ने बहुत ही उत्सुकता के साथ इसमें भाग लिया और इस प्रतियोगिता में।
कार्यक्रम का समापन कॉलेज के प्राचार्य तथा उप प्राचार्य और साथ ही एनएसएस इकाई के प्रमुख हर्षवर्धन दीक्षित तथा खुशी मल्होत्रा सह प्रमुख विलायत फातिमा तथा मोमिन अली ने अपनी टीम जिसमे रितेश,सुप्रिया,स्तुति,आर्फिया के साथ मिल के कार्यक्रम का सफलता पूर्वक समापन किया।
पिछले 35 सालों से यहाँ इंग्लैंड में रह कर ,यहाँ के लाईफ़ स्टाईल मे ढल चुकी थी गार्गी।बहुत अलग सी ज़िंदगी है ,इंग्लैंड की भारत से। यहाँ नौकर रखने का चलन आम नही है।ये भी नहीं कि लोग नौकर रख नहीं सकते मगर शायद लोगो को यहाँ अपनी प्राईवसी ज़्यादा पसंद है। ख़ुशी ख़ुशी सब लोग अपने घरो का काम खुद ही करना पसंद करते हैं और ऐक्टिव भी कहते है।
कानपुर 1 दिसंबर भारतीय स्वरूप संवादात, एस. एन. सेन बालिका विद्यालय पी. जी. कॉलेज कानपुर के ट्रेंनिंग एंड प्लेसमेंट सेल के द्वारा एक कैरियर वार्ता का आयोजन किया गया कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य वक्ता , प्रतियोगी परीक्षा विशेषज्ञ श्री राजेश गौतम जी , प्रबंध समिति के सचिव पी के सेन एवं प्राचार्य डॉ सुमन ने दीप प्रज्वलित कर किया।

कानपुर 1 दिसंबर भारतीय स्वरूप संवाददाता, एस एन सेन बा• वि• पी• जी• कॉलेज के विज्ञान संकाय में अंतरविभागीय प्रतियोगिता का आयोजन किया, जिसमें 18 छात्राओ ने भाषण प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया । भारत को विज्ञान के क्षेत्र में पहचान देने वाले डा जगदीश चंद्र बोस के १६४ वी जयंती के उपलक्ष्य में आयोजन किया गया।