
यह भी घोषणा की गई कि खेलो इंडिया केंद्रों के बीच प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जबकि कोचिंग द कोच कार्यक्रम को खेलो इंडिया केंद्र तक भी बढ़ाया जाएगा। कोचों और खेलो इंडिया केंद्र के कोचों को हमारे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कोचों के साथ जोड़कर प्रशिक्षित किया जाएगा।
इस अवसर पर राजस्थान के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री श्री अशोक चांदना के साथ-साथ राज्य के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण के अन्य प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे। इस अवसर पर श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा, “हम चाहते हैं कि सभी राज्य खेलों के मामले में आगे बढ़ें। जब राज्य सरकारें खेलों के लिए एक सर्वसम्मत दृष्टिकोण के साथ केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करेंगी, तो भारत के लिए और अधिक पदक आएंगे।
उन्होंने कहा, ‘खेलो इंडिया योजना और टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना की सफलता के कारण पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे अधिक पदक मिले हैं, चाहे वह ओलंपिक हो या पैरालंपिक या राष्ट्रमंडल खेल या थॉमस कप जीत जैसी ऐतिहासिक प्रतियोगिता। अंडर-20 कुश्ती में अंतिम पंघाल ने भी दो बार विश्व चैंपियन बनकर इतिहास रचा। प्रगनानंदा शतरंज में एफआईडीए विश्व कप के फाइनल में पहुंचे। यह भारतीय खेलों के लिए अभूतपूर्व दौर है। 60 वर्षों में, विश्व विश्वविद्यालय खेलों में केवल 18 पदक मिले थे, जबकि, केवल इस साल टूर्नामेंट में हमने 26 पदक जीते हैं।
खेलो इंडिया के महत्व के बारे में बताते हुए श्री ठाकुर ने कहा, “इस सफलता में खेलो इंडिया खेलों की बड़ी भूमिका है। हर साल, इतने सारे एथलीट युवा, विश्वविद्यालय और शीतकालीन खेलों में भाग लेते हैं और उनका प्रदर्शन उन्हें बड़ी प्रतियोगिताओं में ले जा रहा है। मुझे उम्मीद है कि इन खेलो इंडिया केंद्रों के माध्यम से राजस्थान के अधिक से अधिक एथलीटों को यहां से तैयार किया जाएगा। वर्तमान, अतीत और भविष्य के एथलीट भी इनके माध्यम से सुसज्जित हो रहे हैं।
वर्तमान में, 17,000 से अधिक एथलीट खेलो इंडिया केंद्रों (केआईसी) में प्रशिक्षित हो रहे हैं और 699 पूर्व चैंपियन एथलीट पहले से ही देश भर में काम पर हैं। वर्तमान में पूरे भारत में अधिसूचित खेलो इंडिया केंद्रों की कुल संख्या 960 है, जिनमें से 715 केआईसी द्वारा संचालित हैं। राजस्थान में अधिसूचित केआईसी की कुल संख्या 33 है, जिनमें से 32 केआईसी कार्यरत हैं। ये केआईसी विशिष्ट प्रशिक्षण केंद्र हैं जो साइकिल चलाना, बास्केटबॉल, वुशु, हॉकी आदि जैसे खेल विषयों पर केंद्रित हैं।
ब्लॉक या जिला स्तर पर स्कूलों, संगठनों और अन्य पात्र एजेंसियों में उपलब्ध खेल संबंधी मौजूदा बुनियादी ढांचे के उपयोग को बढ़ाने के लिए, छोटे खेलो इंडिया केंद्र जमीनी स्तर पर खेल इको-सिस्टम को मजबूत करने में सहायता करते हैं। केआईसी में, युवाओं के लिए पूर्व चैंपियन एथलीट कोच और संरक्षक बन जाते हैं, स्वायत्त तरीके से खेल प्रशिक्षण केंद्र चलाते हैं और अपनी आजीविका अर्जित करते हैं। खेलो इंडिया योजना के तहत, इन पूर्व चैंपियनों के साथ-साथ इन केंद्रों को खेल प्रशिक्षण, कोचिंग और संचालन के लिए प्रारंभिक तथा वार्षिक वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाती है।
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शिविर में तीरंदाजों के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए श्री ठाकुर ने कहा, “टीम भावना ही मायने रखती है और मुझे यह जानकर गर्व है कि न केवल कोच बल्कि सीनियर्स ने भी जूनियर्स को मानसिक दृढ़ता और तैयारियों को आकार देने में मदद की। जिस तरह अभिषेक वर्मा जैसे अनुभवी सीनियर ने प्रतियोगिता के दौरान ओजस प्रवीण जैसे युवा को प्रेरित और उनका मार्गदर्शन किया, वह सराहनीय है।
कानपुर भारतीय स्वरूप संवाददाता, आज के वर्तमान युग में प्रत्येक क्षेत्र में व्यावसायिक तकनीकी दृष्टि से विचार किया जा रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में भी व्यवसायिक दृष्टिकोण आवश्यक है ।इस विषय को महत्व देते हुए दिनांक 23-08-2023 को एस,एन,सेन, बा,वि,पी,जी, कॉलेज के चित्रकला विभाग तथा इनर व्हील क्लब के संयुक्त तथावधान मे माननीय प्रधानमंत्री द्वारा “कौशल विकास कार्यक्रम” के अंतर्गत पोस्टर व मेहंदी प्रतियोगिताका आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि दीपा श्री सेन ,कोषाध्यक्ष, प्रबंधतंत्र, सेन महाविद्यालय तथा प्रोफेसर सुमन ,प्राचार्य तथा इनरव्हील क्लब की वरिष्ठ मंडलआयुक्त संध्या गुप्ता जी के कर कमलो द्वारा इस कार्यक्रम का उद्घाटन हुआ।
कानपुर 23 अगस्त भारतीय स्वरूप संवाददाता, चंद्रयान-3 का सफल प्रक्षेपण अपने निर्धारित समय पर सफलता पूर्वक हुआ। जिससे पूरे हिंदुस्तान के नौजवान बुजुर्ग महिलाओं और बच्चों का मान सम्मान बढ़ा
इस विशेष उपलब्धि के अवसर पर कानपुर उद्योग व्यापार मंडल एवं किदवई नगर उद्योग व्यापार मंडल के संयुक्त तत्वावधान में किदवई नगर चौराहे पर सैकड़ो लोगों के साथ साथ में मिष्ठान वितरण वा आतिशबाजी का कार्यक्रम खुशी में किया गया,
कानपुर 20 अगस्त भारतीय स्वरूप संवाददाता केडीए सिग्नेचर परिसर में आया सावन झूम के हरियाली तीज के उपलक्ष में सावन महोत्सव का विशाल रंगारंग कार्यक्रम हर्ष उल्लास के साथ मनाया गया कार्यक्रम का शुभारंभ श्रद्धा शशि शुक्ला के द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया गणेश वंदना और सावन की कजरी गाकर लोगों ने प्रोग्राम का शुभारंभ किया
सुंदर सजे हुए झूलों में झूला झूल कर लोगों का मन बहुत ही प्रफुल्लित हो रहा था कार्यक्रम के बीच बीच में लकी ड्रॉ निकाले गए और तरह तरह के खेल खेले गए सिग्नेचर की सखियों ने तरह-तरह के स्टेज प्रोग्राम दिए अंत में तीज क्वीन का चयन हुआ जिसमें आरजू विजय रही और पूर्णिमा दूसरे स्थान पर रही आशा कपूर शैली श्रीवास्तव अर्चना साहू ने तीज क्वीन का चयन किया हरे रंग के परिधान में सजी सभी महिलाओं को देखकर ऐसा लग रहा था जैसे चारों और हरियाली ही हरियाली हो कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण सुंदर सजावट और खाने-पीने की स्टाल रही सावन महोत्सव का संचालन अंजलि बहुगुणा और हेमा सिन्हा ने किया मस्ती भरे इस कार्यक्रम में दीपा मोनी शालिनी प्रतिष्ठा पूजा स्मृति रीमा गोल्डी आदि की भूमिका बहुत ही सराहनीय रही.मीडिया प्रसार का कार्य डॉ प्रीति सिंह ने किया
कानपुर 19 अगस्त भारतीय स्वरूप संवाददाता, क्राइस्ट चर्च कॉलेज परिसर में इमरटिकस लर्निंग के द्वारा “वॉक-इन ड्राइव” कार्यक्रम, महाविद्यालय के कैरियर काउंसलिंग सेल द्वारा अयोजित किया गया, इमरटिकस लर्निंग के सहायक उपाध्याय अभिषेक कुमार ने बताया ” कौशल आविष्कारों को पूरा करने के लिए मानव पंजी की गुणवत्ता में सुधार करना आवश्यक है, उन्होंने बैंकिंग क्षेत्र में अवसरों के बारे में बताया और बैंकिंग क्षेत्र में जोखिम विश्लेषक के महत्व के बारे में बताया।