कानपुर 9 सितम्बर भारतीय स्वरूप संवाददाता, कानपुर विद्या मंदिर महिला महाविद्यालय मे शिक्षक संघ इकाई की नई कार्यकारिणी का चुनाव हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. निशा पाठक उपस्थित रहीं। शिक्षक संघ इकाई की पूर्व अध्यक्षा प्रो अनुपमा कुमारी ने नई कार्यकारिणी सदस्यों को शपथ दिलवाई । नई कार्यकारिणी में अध्यक्ष पद हेतु डॉ आंचल तिवारी,सचिव पद हेतु डॉ पूर्णिमा शुक्ला, कोषाध्यक्ष पद हेतु निक्की वेदी
ने शपथ ग्रहण की। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रो निशा पाठक ने शिक्षक संघ इकाई से निष्पक्षता और ईमानदारी से कार्य करने की अपेक्षा की। कार्यक्रम में महाविद्यालय शिक्षक संघ इकाई के सभी सदस्य उपस्थित रहे।
कानपुर
कानपुर विद्या मंदिर महिला महाविद्यालय में मनाया गया राष्ट्रीय पोषण सप्ताह
कानपुर भारतीय स्वरूप संवाददाता,कानपुर विद्या मंदिर महिला महाविद्यालय, स्वरूप नगर के गृह विज्ञान विभाग द्वारा राष्ट्रीय पोषण सप्ताह (दिनांक 01/09/2023 से 07/09/2023 तक ) के अंतर्गत पोषक तत्वों को एक प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदर्शित किया। प्रदर्शनी का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. पूनम विज द्वारा किया गया, उनके द्वारा छात्राओं को पोषण के महत्व एवं मोटे अनाजों के प्रयोग करने हेतु प्रेरित किया। गृह विज्ञान की विभागाध्यक्ष एवं कार्यक्रम प्रभारी प्रो.अनुपम कुमारी द्वारा प्रदर्शनी के माध्यम से छात्रों को संतुलित आहार, भोजन के सातों समूहों को दैनिक आहार में शामिल करना एवं प्रति 100 ग्राम में पौष्टिक तत्वों की उपलब्धता को दर्शाया साथ ही मोटे अनाज (बाजरा ,रागी, ज्वार आदि) प्राचीन भारतीय व्यंजनों को आधुनिकता की दौड़ में विलुप्त कर दिया है विषय पर विस्तृत चर्चा की । छात्राओं के द्वारा” सबके लिए पोषण” विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की जिसमें महाविद्यालय की 15 छात्राओं ने प्रतिभागिता की जिसका परिणाम इस प्रकार है। प्रथम- अंजली वर्मा बी.ए. तृतीय सेमेस्टर द्वितीय- सिमरन सोनकर बी.ए.तृतीय सेमेस्टर तृतीय- शिवानी वर्मा बी.ए.तृतीय सेमेस्टर,सांत्वना पुरस्कार- प्रज्ञा बी.ए.तृतीय सेमेस्टर इस प्रदर्शनी का महाविद्यालय की लगभग छात्रों सहित समस्त शिक्षिकाओं ने अवलोकन किया।
साहित्यिक संस्था साहित्य चेतना के स्थापना दिवस पर कवि सम्मलेन आयोजित

कानपुर नगर। नौबस्ता क्षेत्र के तौधकपुर ग्राम में साहित्यिक संस्था साहित्य चेतना के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कवि सम्मलेन में संस्था के संस्थापक आचार्य डॉ. राम सिंह ‘विकल’ सहित 37 कवियों ने एक से बढ़कर एक रचनाएँ सुनाकर जमकर श्रोताओं की तालियाँ बटोरी।
शहर के जाने माने कवि आचार्य डॉ. राम सिंह ‘विकल’ द्वारा स्थापित गिरधारी लाल मेमोरियल सोसायटी द्वारा संचालित साहित्यिक संस्था साहित्य चेतना के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित तथा देर रात तक चले कवि-सम्मेलन में पधारे कवियों ने अपनी रचनाएँ सुनाकर श्रोताओं का मन मोह लिया। कवि सम्मेलन की अध्यक्षता डॉ. हरीलाल ‘मिलन’ ने की तथा सञ्चालन वेद प्रकाश शुक्ल ‘संजर’ ने किया।
आमन्त्रित कवियों में डॉ. राम नरेश सिंह चौहान, अशोक शास्त्री, डॉ. सुरेन्द्र गुप्त ‘सीकर’, वंश गोपाल मिश्र ‘वंश’, डॉ. रमेश मिश्र ‘आनन्द’, डॉ. अजीत सिंह राठौर ‘लुल्ल कानपुरी’, डॉ. राजीव मिश्र, जयराम ‘जय’, डॉ. दीपकुमार शुक्ल, मोहन लाल, डॉ.अनुज सिंह ‘मनमीत’, सन्तोष दुबे, उदय मोहन मिश्र ‘करुणेश’, डॉ. आदित्य कटियार, अशोक गुप्त ‘अचानक’, बी. डी. सिंह, दिनेश ‘नीरज’, लाल सिंह फौजी, आदित्य भदौरिया, डॉ. रमाकान्त ‘बनफूल’, डॉ. उदय नारायण ‘उदय’, डॉ. गोविन्द नारायण शाण्डिल्य, एम.के. विश्वकर्मा, मो. नूरैन फैजाबादी, राजेन्द्र अवस्थी, अभिषेक ‘अज्ञानी’, रवि शर्मा, धीरपाल सिंह ‘धीर’, गोविन्द वर्मा, अर्पित अवस्थी, एम.के.विश्वकर्मा, सुरेश गुप्त ‘राजहंस’, सुश्री निधि विश्वकर्मा, डॉ.सुषमा सिंह सेंगर तथा अनामिका सिंह ‘अविरल’ आदि ने गीत, छन्द एवं कवित्त सुनाकर श्रोताओं को गुदगुदाया, हंसाया तथा सम सामयिक विषयों पर जोरदार कटाक्ष भी किया। आगन्तुक अतिथियों एवं कवियों का स्वागत शिव सिंह यादव, महेन्द्र सिंह, कपूर सिंह फौजी, सरवन यादव तथा प्रदीप कुमार यादव ने किया।
इस अवसर पर रतीपाल सिंह कछवाह, विश्वनाथ सिंह कछवाह, वीरेन्द्र सिंह कछवाह, रामकरन सिंह कछवाह ‘सीटू’, तेज बहादुर सिंह कछवाह, शिवशरण सिंह कछवाह ‘पुजारी’, राजकुमार सिंह कछवाह ‘बड़े बउआ’, शिवबदन सिंह कछवाह, योगेन्द्र प्रताप सिंह कछवाह सहित अनेक श्रोतागण उपस्थित रहे।
इस बार जन्माष्टमी का त्यौहार 6 सितम्बर को मनाया जाएगा
प्रतिवर्ष भाद्रपक्ष कृष्णाष्टमी को भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में जन्माष्टमी का त्यौहार मनाया जाता है। दरअसल मान्यता है कि इसी दिन मथुरा के कारागार में वसुदेव की पत्नी देवकी ने कृष्ण को जन्म दिया था। इस वर्ष भगवान श्रीकृष्ण की 5250वीं जन्माष्टमी मनाई जा रही है। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक इस बार जन्माष्टमी का त्यो हार 6 सितम्बर को मनाया जाएगा। हिन्दू पंचांग के अनुसार इस साल अष्टमी तिथि बुधवार 6 सितंबर को दोपहर 3.37 बजे शुरू होगी, जिसका समापन 7 सितंबर की शाम 4 बजकर 14 मिनट पर होगा। वैसे जन्माष्टमी का त्योहार आमतौर पर दो दिन मनाया जाता है, पहले दिन (स्मार्त) गृहस्थियों द्वारा तथा दूसरे दिन वैष्णव सम्प्रदाय द्वारा। गृहस्थ लोग इस बार 6 सितंबर को जन्माष्टमी मनाएंगे जबकि वैष्णव सम्प्रदाय में 7 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव मनाया जाएगा।
भारतीय संस्कृति में जन्माष्टमी का इतना महत्व क्यों है, यह जानने के लिए श्रीकृष्ण के जीवन दर्शन और उनकी अलौकिक लीलाओं को समझना जरूरी है। द्वापर युग के अंत में मथुरा में अग्रसेन नामक राजा का शासन था। उनका पुत्र था कंस, जिसने बलपूर्वक अपने पिता से सिंहासन छीन लिया और स्वयं मथुरा का राजा बन गया। कंस की बहन देवकी का विवाह यदुवंशी वसुदेव के साथ हुआ। एक दिन जब कंस देवकी को उसकी ससुराल छोड़ने जा रहा था, तभी आकाशवाणी हुई कि हे कंस! जिस देवकी को तू इतने प्रेम से उसकी ससुराल छोड़ने जा रहा है, उसी का आठवां बालक तेरा संहारक होगा। आकाशवाणी सुन कंस घबरा गया और देवकी की ससुराल पहुंचकर उसने अपने जीजा वसुदेव की हत्या करने के लिए तलवार खींच ली। तब देवकी ने अपने भाई कंस से निवेदन करते हुए वादा किया कि उसके गर्भ से जो भी संतान होगी, उसे वह कंस को सौंप दिया करेगी। कंस ने देवकी की विनती स्वीकार कर ली और वसुदेव-देवकी को कारागार में डाल दिया।
कारागार में देवकी ने पहली संतान को जन्म दिया, जिसे कंस ने मार डाला। इसी प्रकार एक-एक कर उसने देवकी के सात बालकों की हत्या कर दी। जब कंस को देवकी के 8वें गर्भ की सूचना मिली तो उसने वसुदेव-देवकी पर पहरा और कड़ा कर दिया। आखिरकार वह घड़ी भी आ गई, जब देवकी ने कृष्ण को जन्म लिया। उस समय घोर अंधकार छाया हुआ था तथा मूसलाधार वर्षा हो रही थी। तभी वसुदेव जी की कोठरी में अलौकिक प्रकाश हुआ। उन्होंने देखा कि शंख, चक्र, गदा और पद्मधारी चतुर्भुज भगवान उनके सामने खड़े हैं। भगवान के इस दिव्य रूप के दर्शन पाकर वसुदेव और देवकी उनके चरणों में गिर पड़े। भगवान ने वसुदेव से कहा, ‘‘अब मैं बालक का रूप धारण करता हूं। तुम मुझे तत्काल गोकुल में नंद के घर पहुंचा दो, जहां अभी एक कन्या ने जन्म लिया है। मेरे स्थान पर उस कन्या को कंस को सौंप दो। मेरी ही माया से कंस की जेल के सारे पहरेदार सो रहे हैं और कारागार के सारे ताले भी अपने आप खुल गए हैं। यमुना भी तुम्हें जाने का मार्ग अपने आप देगी।’’
वसुदेव ने भगवान की आज्ञा पाकर शिशु को छाज में रखकर अपने सिर पर उठा लिया। यमुना में प्रवेश करने पर यमुना का जल भगवान श्रीकृष्ण के चरण स्पर्श करने के लिए हिलोरं, लेने लगा और जलचर भी श्रीकृष्ण के चरण स्पर्श के लिए उमड़ पड़े। गोकुल पहुंचकर वसुदेव सीधे नंद बाबा के घर पहुंचे। घर के सभी लोग उस समय गहरी नींद में सोये हुए थे पर सभी दरवाजे खुले पड़े थे। वसुदेव ने नंद की पत्नी यशोदा की बगल में सोई कन्या को उठा लिया और उसकी जगह श्रीकृष्ण को लिटा दिया। उसके बाद वसुदेव मथुरा पहुंचकर अपनी कोठरी में पहुंच गए। कोठरी में पहुंचते ही कारागार के द्वार अपने आप बंद हो गए और पहरेदारों की नींद खुल गई।
कंस को जैसे ही कन्या के जन्म का समाचार मिला, वह तुरन्त कारागार पहुंचा और कन्या को बालों से पकड़कर शिला पर पटककर मारने के लिए ऊपर उठाया लेकिन कन्या अचानक कंस के हाथ से छूटकर आकाश में पहुंच गई। आकाश में पहुंचकर उसने कहा, ‘‘मुझे मारने से तुझे कुछ लाभ नहीं होगा। तेरा संहारक गोकुल में सुरक्षित है।’’ यह सुनकर कंस के होश उड़ गए। उसके बाद कंस ने उन्हें मारने के लिए अनेक प्रयास किए। कंस ने श्रीकृष्ण का वध करने के लिए अनेक भयानक राक्षस भेजे परन्तु श्रीकृष्ण ने एक-एक कर उन सभी का संहार कर दिया। बड़ा होने पर कंस का वध कर उग्रसेन को राजगद्दी पर बिठाया और अपने माता-पिता वसुदेव और देवकी को कारागार से मुक्त कराया। तभी से भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की स्मृति में जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया जाने लगा।
बाल्याकाल से लेकर बड़े होने तक श्रीकृष्ण की अनेक लीलाएं विख्यात हैं। उन्होंने अपने बड़े भाई बलराम का घमंड तोड़ने के लिए हनुमान जी का आव्हान किया था, जिसके बाद हनुमान जी ने बलराम की वाटिका में जाकर बलराम से युद्ध किया और उनका घमंड चूर-चूर कर दिया था। श्रीकृष्ण ने नररकासुर नामक असुर के बंदीगृह से 16100 बंदी महिलाओं को मुक्त कराया था, जिन्हें समाज द्वारा बहिष्कृत कर दिए जाने पर उन महिलाओं ने श्रीकृष्ण से अपनी रक्षा की गुहार लगाई और तब श्रीकृष्ण ने उन सभी महिलाओं को अपनी रानी होने का दर्जा देकर उन्हें सम्मान दिया था।
एस.एन.सेन महाविद्यालय में शिक्षक दिवस पर महान शिक्षाविद डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के व्यक्तित्व एवम कृतित्व पर प्रकाश डाला गया

कानपुर 5 सितंबर भारतीय स्वरूप संवाददाता, एस.एन.सेन महाविद्यालय के शिक्षाशास्त्र विभाग द्वारा शिक्षक दिवस के अवसर पर महान शिक्षाविद डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के व्यक्तित्व एवम कृतित्व पर प्रकाश डाला गया ।कार्यक्रम का औपाचारिक शुभारम्भ विभाग की विभागाध्यक्षा प्रोफेसर चित्रा सिंह तोमर ने द्वीप प्रज्जवलन एवं राधाकृष्णन जी की प्रतिमा पर माल्यापर्ण कर किया। इस अवसर स्नातक एवं परास्नातक कक्षा की छात्राओ द्वारा भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमे लगभग 26 छात्राओ ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम .में महाविद्यालय की अंग्रेजी विभाग की विभाध्यक्ष डा अल्का टण्डन ,डॉ मोनिका सहाय एवं डॉ संगीता सिंह आदि उपस्थित रहीं।
एस. एन. सेन बी. वी. पी. जी. कॉलेज में परास्नातक प्रथम तथा तृतीय सेमेस्टर की छात्राओं हेतु प्राचीन भारतीय शिक्षण संस्थान विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित
कानपुर 4 सितंबर भारतीय स्वरूप संवाददाता, एस. एन. सेन बी. वी. पी. जी. कॉलेज कानपुर के शिक्षाशास्त्र विभाग में दिनाँक 04/09/2023 को परास्नातक प्रथम तथा तृतीय सेमेस्टर की छात्राओं हेतु प्राचीन भारतीय शिक्षण संस्थान विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया | प्रत्येक छात्रा ने अपने पोस्टर की व्याख्या अपने शब्दों में प्रस्तुत की| निर्णायक मंडल में कैप्टन ममता अग्रवाल तथा प्रो. प्रीती पांडेय ने निम्न छात्राओं को विजेता घोषित किया:-
प्रथम – यास्मीन, M.A. I Semester द्वितीय- इरम, M.A. I Semester तृतीय – मारिया, M.A. I Semester सांत्वना – खुशी, M.A. III Semester
शिक्षाशास्त्र विभाग में बी.ए. प्रथम सेमेस्टर की छात्राओं के लिए माध्यमिक शिक्षा की भारत में वर्तमान स्थिति एवं समस्याएं विषय पर दिनाँक 28/08/2023 को निबंध प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया था, निर्णायक मंडल में श्रीमति किरन तथा डॉ. मोनिका सहाय ने निम्न छात्राओं को विजेता घोषित किया:-
प्रथम – जोया खान द्वितीय- प्राची जयसवाल तृतीय – असफिया मुजीब , उम्मे कुलसुम सांत्वना – नव्या यादव, मुस्कान बानो, तंजीला परवीन महाविद्यालय प्राचार्या प्रोफेसर सुमन, रामकृपाल, विभाग प्रभारी प्रोफेसर चित्रा सिंह तोमर, निर्णायक मंडल तथा शिक्षिकाओं ने कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और पुष्पांजलि द्वारा किया। प्राचार्या प्रोफेसर सुमन ने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें भविष्य में अधिकाधिक सहभागिता करने के लिए प्रेरित किया, रामकृपाल ने छात्राओं के उत्तम भविष्य हेतु शुभकामनाएं प्रेषित की
डॉ.कार्यक्रम में शिक्षा शास्त्र विभाग की सभी परास्नातक छात्राओं ने प्रतिभाग किया, इस अवसर पर डॉ. प्रीति सिंह, डॉ. संगीता सिंह, डॉ. अनामिका तथा सुश्री निकिता पाल कश्यप उपस्थित रहीं, ममता शुक्ला ने कार्यक्रम के आयोजन में सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
क्राइस्ट चर्च पी.जी. कॉलेज में मेजर ध्यानचंद के जन्मदिवस के अवसर पर राष्ट्रीय खेल दिवस का आयोजन
भारतीय स्वरुप संवाददाता,मेजर ध्यानचंद के जन्मदिवस के शुभ अवसर पर राष्ट्रीय खेल दिवस का आयोजन क्राइस्ट चर्च पी.जी. कॉलेज, कानपुर में प्राचार्य प्रोफेसर जोसेफ डेनियल के मार्गदर्शन में किया गया जिसमे शारीरिक शिक्षा एवम क्रीड़ा विभाग के प्रमुख डा . आशीष कुमार दुबे द्वारा रस्साकशी खेल का आयोजन किया गया। इस प्रतिस्पर्धा में बी.ए , बी. कॉम , बी.एस.सी और परा स्नातक के बच्चों ने प्रतिभाग किया । उक्त कार्यक्रम का संचालन आयुष कुमार ने किया । इस कार्यक्रम में क्रीड़ा विभाग के तकनीकी विशेषज्ञ नागेंद्र प्रताप सिंह, रितेश यादव , मानवी शुक्ला, आर्यन जैसवाल , तरंग यादव , सैयद अहमद रिजवी , अपेक्षा चौधरी , रिषभ राज , वैष्णवी दीक्षित , हर्षिता आर्या ने अपने अपने दायित्वों का निर्वहन सफलता पूर्वक किया। इस प्रतिस्पर्धा के पुरुष वर्ग में बी कॉम के छात्र विजेता एवम उपविजेता बी. ए के छात्र रहे । महिला वर्ग में बी ए की छात्राएं विजेता एवम बी.एस.सी की छात्राएं उपविजेता रहीं । कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य के द्वारा मेडल एवम प्रमाणपत्र देकर छात्र एवम छात्रायों को पुरस्कृत किया गया। उक्त कार्यक्रम के अवसर पर प्रोफेसर मीत कमल , प्रोफेसर अनिंदिता भट्टाचार्या, प्रोफेसर आर. के जुनेजा , प्रोफेसर सत्यप्रकाश सिंह के साथ बड़ी संख्या में शिक्षक एवम छात्र, छात्राएं उपस्थित रहे । धन्यवाद ज्ञापन डॉ. हिमांशु दीक्षित ने किया।
समर्थनारी-समर्थभारत* संगठन द्वारा कानपुर की समर्थनारियों ने तीज उत्सव चन्द्रयान 3 की सफलता के साथ बडी धूमधाम से मनाया।
कानपुर भारतीय स्वरूप संवाददाता, *समर्थनारी-समर्थभारत* संगठन द्वारा किदवईनगर स्थित बीकानेर रेस्टोरेंट में कानपुर की समर्थनारियों ने *तीज उत्सव चन्द्रयान 3*की सफलता के साथ बडी धूमधाम से मनाया।कार्यक्रम का उद्देश्य संस्कृति सम्वर्धन के साथ महिलाओं में चैतन्यता लाना व समाज को पारम्परिक नयी दिशा देना है। कार्यक्रम में कजरी गानों के साथ पुराने फिल्मी गानों ने भी स्थान बनाया। वहीं सावन बारिश बिजली घूंघट पायल जैसे शब्दों वाले गीत पर महिलाओं ने खूब थिरका,खेल के माध्यम से
*सावन मे लग गई आग* जैसे खेल में महिलाओं ने खूब ठहाके लगाए।
कार्यक्रम का शुभारंभ संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरा सिन्हा राष्ट्रीय सचिव सीमा त्रिपाठी प्रदेश क्रीडा संयोजक मनीषा शुक्ला द्वारा किया गया।कार्यक्रम आयोजक तृप्ति शुक्ला,एकबाल कौर,और रेनू शुक्ला द्वारा किया गया।जिसमें सरस्वती नीना वर्मा और अपर्णा चक्रवर्ती और ज्योतिबाला ने नृत्य कर समा बांधा।
कार्यक्रम समापन पर चन्द्रयान 3की सफलता पर भारत के वैज्ञानिकों उनके माता पिता और देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र भाई मोदीजी को बधाई दी।और तीज उत्सव कर आयी समस्त समर्थनारियों को उपहार भेट कर कार्यक्रम स्वादिष्ट आहार के साथ सम्पन्न किया गया।कार्यक्रम में सीमा राय,क्षमा द्विवेदी, प्रीति लता जायसवाल, ज्योतिबाला पूजा,वन्दना केसरवानी, पूजा, अन्य समर्थनारियों ने उपस्थित दर्ज करायी।
अन्य खबरों के लिए विजिट करें www.bharatiyaswaroop.com सम्पादक प्रकाशक स्वामी अतुल दीक्षित mob nmbr 9696469699
Read More »क्राइस्ट चर्च कॉलेज के मिशन शक्ति के अंतर्गत झुग्गी झोपड़ी में प्राकृतिक तरीके से बनाए गए मच्छर भगाओ फुहारा का छिड़काव एवं मिठाई, बिस्कुट वितरण
एस एन. सेन बालिका महाविद्यालय में एनसीसी की स्थापना के 75 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर ‘मेगा ट्री प्लांटेशन
कानपुर 26 अगस्त भारतीय स्वरूप संवाददाता एस. एन. सेन बालिका महाविद्यालय, में संचालित 17वीं यूपी गर्ल्स बटालियन से जुड़ी एनसीसी यूनिट द्वारा एनसीसी की स्थापना ( जुलाई 16,1948) के 2023 में सफलतापूर्वक 75 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर ‘मेगा ट्री प्लांटेशन’ मुहिम के अंतर्गत एनसीसी कैडेट्स द्वारा शनिवार को कॉलेज परिसर में वृक्षारोपण-पौधरोपण में बढ़ चढ़कर भागीदारी की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय प्राचार्या प्रोफेसर सुमन द्वारा किया गया। प्राचार्या ने इस अवसर पर महाविद्यालय एनसीसी प्रभारी असि. प्रोफेसर प्रीति यादव के साथ परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम में अपना योगदान दिया तथा प्राचार्या प्रोफ़ेसर सुमन ने अपना संदेश देते हुए कहा कि बिना पेड़ पौधों के हमारा जीवन अकल्पनीय है। आज के समय में बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण, विभिन्न आपदाओं से सुरक्षा, ग्लोबल वार्मिंग के संदर्भ में पर्यावरण सुरक्षा व संरक्षण का महत्व और भी बढ़ जाता है, जिसके प्रति हम सभी को सचेत रहने की तथा इसे हरा भरा बनाने की अत्यंत आवश्यकता है। छात्राओं द्वारा इस अवसर पर पर्यावरण से जुड़ें विभिन्न नारे “पर्यावरण स्वच्छ है तो जीवन संपन्न है”, “हरियाली है तो खुशहाली है, धरती ने हमें सबकुछ दिया अब इसका कर्ज उतारने की बारी है।”, “स्वच्छ पर्यावरण स्वस्थ जीवन” इत्यादि नारे भी लगाए गए तथा लोगों में पर्यावरण को हरा भरा रखने हेतु जागरूकता फैलाने का प्रयत्न भी किया गया। एनसीसी प्रभारी प्रीति यादव ने इस अवसर पर छात्राओं द्वारा कॉलेज परिसर के साथ साथ पूरे शहर में वृहद स्तर पर वृक्षारोपण की शपथ भी दिलाई तथा बताया कि आने वाले दिनों में शहर के विभिन्न स्थानों पर एनसीसी कैडेट्स द्वारा पौधारोपण अभियान अनवरत रूप से जारी रहेगा।
भारतीय स्वरुप दैनिक ई-पेपर
कानपुर 27 अगस्त भारतीय स्वरूप संवाददाता क्राइस्ट चर्च कॉलेज कानपुर के मिशन शक्ति के अंतर्गत आवास विकास हँसपुरम स्थित स्लम की झुग्गी झोपड़ी में प्राकृतिक तरीके से बनाए गए मच्छर भगाओ फुहारा का छिड़काव