Breaking News

मुख्य समाचार

भारत की जी-20 अध्यक्षता के अंतर्गत वित्त और केंद्रीय बैंकों के उप-प्रमुखों की पहली बैठक मंगलवार से बेंगलुरु में शुरू होगी

जी-20 वित्त और केंद्रीय बैंकों के उप-प्रमुखों (एफसीबीडी) की पहली बैठक 13-15 दिसंबर 2022 के दौरान बेंगलुरु में आयोजित की जाएगी। यह बैठक, जो भारतीय जी-20 अध्यक्षता के अंतर्गत वित्त ट्रैक एजेंडे पर चर्चा की शुरुआत को रेखांकित करेगी, वित्त मंत्रालय और भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित की जाएगी।

जी-20 देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों के नेतृत्व में जी-20 वित्त ट्रैक, आर्थिक और वित्तीय मुद्दों पर केंद्रित है। यह वैश्विक आर्थिक संवाद और नीति समन्वय के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान करता है। वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों की पहली बैठक 23-25 फरवरी, 2023 के दौरान बेंगलुरु में आयोजित की जाएगी।  प्रधानमंत्री ने बाली जी-20 शिखर सम्मेलन के अपने संबोधन में कहा था कि आज आवश्यकता इस बात की है कि विकास के लाभ सार्वभौमिक और सर्व-समावेशी हों। वित्त मंत्रालय ने इस विचार को जी-20 वित्त ट्रैक एजेंडे में शामिल किया है। उन्होंने हमें एक विज़न भी दिया है- भारत यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा कि जी-20, अगले एक साल में नए विचारों की परिकल्पना करने और सामूहिक कार्रवाई में तेजी लाने के लिए एक वैश्विक “सर्वाधिक प्रमुख शक्ति” के रूप में कार्य करे। जी-20 वित्त और केंद्रीय बैंक के उप-प्रमुखों की आगामी बैठक की सह-अध्यक्षता, श्री अजय सेठ, सचिव, आर्थिक कार्य विभाग और डॉ. माइकल डी. पात्रा, डिप्टी गवर्नर, आरबीआई द्वारा की जाएगी। इस दो दिवसीय बैठक में उनके जी-20 सदस्य देशों के समकक्ष और कई अन्य देशों तथा अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के समकक्ष भाग लेंगे, जिन्हें भारत द्वारा आमंत्रित किया गया है। जी-20 वित्त ट्रैक के तहत वैश्विक अर्थव्यवस्था के प्रमुख प्रासंगिक मुद्दों पर चर्चा होगी, जिनमें वैश्विक आर्थिक दृष्टिकोण, अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संरचना, अवसंरचना विकास और वित्तपोषण, सतत वित्त, वैश्विक स्वास्थ्य, अंतर्राष्ट्रीय कराधान और वित्तीय समावेशन सहित वित्तीय क्षेत्र के विषय शामिल हैं।

बेंगलुरु की बैठक में, विचार-विमर्श, भारत की जी-20 अध्यक्षता के तहत वित्त ट्रैक के एजेंडे पर केंद्रित होंगे। इनमें शामिल हैं- 21वीं सदी की साझा वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों को फिर से उन्मुख करना, भविष्य के शहरों का वित्तपोषण, वैश्विक ऋण की कमजोरियों का प्रबंधन, वित्तीय समावेश और उत्पादकता लाभ को आगे बढ़ाना, जलवायु कार्रवाई और एसडीजी के लिए वित्तपोषण, गैर-समर्थित क्रिप्टो संपत्तियों के लिए विश्व स्तर पर समन्वित दृष्टिकोण और अंतर्राष्ट्रीय कराधान एजेंडा को आगे बढ़ाना आदि। बैठक के दौरान, ’21वीं सदी की साझा वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए बहुपक्षीय विकास बैंकों का सशक्तिकरण’ विषय पर एक पैनल चर्चा आयोजित की जाएगी। ‘हरित वित्तपोषण में केंद्रीय बैंकों की भूमिका’ पर एक सेमिनार भी आयोजित किया जाएगा।

भारत की जी-20 अध्यक्षता की थीम ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ जी-20 वित्त ट्रैक चर्चाओं का मार्गदर्शन करेगी। वित्त ट्रैक की लगभग 40 बैठकें भारत के विभिन्न स्थानों पर आयोजित की जाएंगी, जिनमें जी-20 के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों की बैठकें भी शामिल हैं। जी-20 वित्त ट्रैक के अंतर्गत होने वाले विचार-विमर्श, अंततः जी-20 राजनेताओं की घोषणा में परिलक्षित होंगे। भारत ने वर्तमान समय की विभिन्न चुनौतियों के बीच जी-20 की अध्यक्षता ग्रहण की है, जिनमें कोविड-19 महामारी से हुई क्षति, तीव्र भू-राजनीतिक तनाव, खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा की बढ़ती चिंताएं, बढ़ते ऋण संकट, मुद्रास्फीति के दबाव और मौद्रिक तंगी आदि शामिल हैं। जी-20 की एक प्रमुख भूमिका, ऐसी चुनौतियों से निपटने में मार्गदर्शन प्रदान करना है। भारत की जी-20 अध्यक्षता के दौरान, सबसे ज्यादा जरूरतमंद देशों का समर्थन करना और विकासशील देशों की चिंताओं और आकांक्षाओं को प्रतिबिंबित करना; जी-20 के प्रयासों में सबसे प्रमुख होगा। वित्त मंत्रालय और भारतीय रिजर्व बैंक जी-20 वित्त ट्रैक एजेंडे को समावेशी तरीके से आगे बढ़ाएंगे, जिसका उद्देश्य आज की वैश्विक आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ बेहतर भविष्य की

Read More »

एस.एन. सेन बी.वी.पी.जी. कॉलेज, आयोजित वार्षिक उत्सव 2022 के अन्तर्गत एकेडमिक प्रतियोगिताओं की श्रंखला ‘‘विविधा’’ में कार्यक्रम के तीसरे दिन एवं चौथे दिन क्रमश: ‘‘शाकाहार प्रोत्साहन’’ एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन हुआ

कानपुर, भारतीय स्वरूप संवाददाता, एस.एन. सेन बी.वी.पी.जी. कॉलेज, मॉल रोड, कानपुर में आयोजित वार्षिक उत्सव 2022 के अन्तर्गत एकेडमिक प्रतियोगिताओं की श्रंखला ‘‘विविधा’’ में कार्यक्रम के तीसरे दिन दिनांक 09-12-2022 को मनोविज्ञान विभाग द्वारा ‘‘शाकाहार प्रोत्साहन’’ विषय पर आधारित अंतर विभाग स्लोगन प्रतियोगिता तथा महाविद्यालय के स्ववित्तपोषित विभाग B.B.A.,B.C.A.,B.Com. और अर्थशास्त्र एम0ए0 की छात्राओं के द्वारा Shark-Tank कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ प्रबन्ध समिति के सचिव श्री पी0के0सेन, महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो0 (डॉ0) सुमन, सयुक्त-सचिव श्री सुभ्रो सेन, पूर्व प्राचार्या डॉ0 निशा अग्रवाल, विभागाध्यक्षा शिक्षा शास्त्र विभाग, कार्यक्रम संयोजिका डॉ0 निशि प्रकाश विभागाध्यक्षा समाज शास्त्र विभाग, कार्यक्रम प्रभारी डॉ. गार्गी यादव, विभागाध्यक्षा रसायन विज्ञान विभाग द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। स्लोगन प्रतियोगिता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्या जी ने छात्राओं को प्रेरित किया और कहा कि प्रतियोगिता का विषय अत्यंत महत्वपूर्ण है वर्तमान में यह पर्यावरण के विकास के लिए भी जागरुक करता है। कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए प्रतियोगिता के विषय की जानकारी मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्षा डॉ. मोनिका सहाय द्वारा दी गई जिसमें उन्होने बताया कि वर्तमान समय में किस प्रकार हम शाकाहार को अपना कर, अपने शरीर को स्वस्थ रख सकते हैं। Shark-Tank कार्यक्रम का संचालन अर्थशास्त्र की प्रवक्ता डॉ0 प्रीता अवस्थी द्वारा किया गया Shark-Tank कार्यक्रम के विषय में बीसीए विभाग के अध्यक्ष डॉ0 प्रभात पाण्डेय जी ने जानकारी दी। Shark-Tank कार्यक्रम के नियमों की जानकारी बी-कॉम विभाग की प्रवक्ता डॉ0 अनमोल द्वारा दी गई।
स्लोगन प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में डॉ. निशि प्रकाश, विभागाध्यक्षा समाज शास्त्र विभाग तथा डॉ. किरण, विभागाध्यक्षा दर्शन शास्त्र विभाग शोभायमान रहे। स्लोगन तथा Shark-Tank प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे-

स्लोगन प्रतियोगिता
प्रथम पुरस्कार- वैष्णवी पाण्डेय B.A.3
द्वितीया पुरस्कार – यास्मीन बानो B.A. 3
तृतीया पुरस्कार- मीनाक्षी M.A. final
सांत्वना पुरस्कार- शिवानी यादव M.A. previous

Shark-Tank Competition
प्रथम पुरस्कार- अंशिका सक्सेना B.C.A.1
द्वितीया पुरस्कार – ईशा अग्रवाल B.C.A 2
तृतीया पुरस्कार- परिधि गौर व आइशा B.C.A.2 तथा श्रुति पाण्डेय व दिव्या मिश्रा B.C.A.2
सांत्वना पुरस्कार- ऋतिका तिवारी M.A.final

स्लोगन कार्यक्रम का संचालन विभाग की प्रवक्ता सहायक प्रो प्रीति यादव द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अंजना गुप्ता द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफलता पूर्वक संपादित करने में विभाग की प्रवक्ताओं सहायक प्रो मयूरिका गुप्ता और सुश्री सौम्या श्रीवास्तव ने योगदान दिया तथा कार्यक्रम में डॉ0 प्रभात पाण्डेय, डॉ सपना राय, डॉ प्रीता अवस्थी, डॉ कीर्ति अवस्थी, सौम्या चर्तुवेदी, डॉ अनमोल सम्मिलित रही।

वार्षिकोत्सव “विविधा-2022″के अन्तर्गत चौथे दिन अन्तर्विभागीय वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसका विषय था- “Happiness is more important than success”
जिसमे महाविद्यालय के विभिन्न विभागो से छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम का औपचारिक शुभारम्भ मुख्य अतिथि प्रो. स्वाति सक्सेना जी, कन्वीनर एजुकेशन एवं प्रबन्ध तन्त्र के सचिव प्रोबीर कुमार सेन, सदस्या दीपाश्री, प्राचार्या प्रोफेसर सुमन एवं निर्णायक मण्डल द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया |
प्रतियोगिता को प्रारंभ करते हुए कार्यक्रम प्रभारी प्रो० चित्रा सिंह तोमर ने विभिन्न प्रतिभागी टीमो का परिचय कराया एवं प्रतियोगिता से सम्बन्धित नियमो से सभी प्रतिभागियों को अवगत कराया। उसके उपरान्त निर्णायक मण्डल द्वारा विजयी टीमो की घोषणा की गई जिसमे –
प्रथम पुरस्कार-कृष्णा कठेरिया, उज़मा (एम ए प्रथम)
द्वितीय पुरस्कार-अंशिका सक्सेना, सृष्टि शुक्ला (बी. सी. ए प्रथम)
तृतीय पुरस्कार – अमल सिद्दीकी, सोनल द्विवेदी (बी एस सी तृतीय)
सान्त्वना पुरस्कार – सहरीश, वैष्णवी मिश्रा (बी. ए तृतीय)
को दिया गया | कार्यक्रम का आयोजन मानविकी संकाय द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। जिसमे पूर्व प्राचार्या प्रो. निशा अग्रवाल, प्रो० चित्रा सिंह तोमर, ऋचा सिंह, कोमल सरोज, डॉ संगीता सिंह एवं डॉ. निशा सिंह ने सक्रिय भूमिका का निर्वहन किया। इस अवसर पर महाविद्यालय की समस्त विभागों की शिक्षिकायें उपस्थित रहीं।
निर्णायक की भूमिका का निर्वहन संस्कृत विभाग की पूर्व विभागाध्यक्षा प्रो गीता देवी गुप्ता (सेवानिवृत्त) एवं प्रोफ़ेसर रेखा चौबे, समाजशास्त्र विभाग द्वारा किया गया।कार्यक्रम के समापन पर प्राचार्या प्रो० सुमन ने सभी उपस्थित अतिथियो एवं शिक्षिकाओं को धन्यवाद ज्ञापित किया एवं विजयी छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

Read More »

विजन 2047 को मूर्त रूप देने हेतु कानपुर नगर बहुत तेजी से विजन कानपुर 2047 ड्राफ्ट प्लान तैयार करने की ओर अग्रसर

कानपुर 10 दिसंबर जिला सूचना कार्यालय प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के विजन 2047 को मूर्त रूप देने हेतु कानपुर नगर बहुत तेजी से विजन कानपुर 2047 ड्राफ्ट प्लान तैयार करने की ओर अग्रसर है, जिसकी आधारशिला मंडलायुक्त कानपुर डॉ राजशेखर जी ने रख दी है, इस ड्राफ्ट प्लान को प्रभावी स्वरूप प्रदान करने हेतु मंडल आयुक्त कानपुर डॉ राजशेखर जी, विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों एवं समाज के विभिन्न सेक्टर जैसे शैक्षिक, उद्यमी, सामाजिक संगठन, कला, संस्कृति एवं पर्यटन, शहरी विकास, नवाचार, स्टार्टअप के साथ विचार विमर्श एवं संवाद आयोजित किए जा चुके हैं, जिसमें इन क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में अपने विचार, सुझाव और क्रियान्वयन के तरीके इत्यादि उपलब्ध कराएं हैं, अब तक 5 मुख्य संवाद कार्यक्रम आयोजित हो चुके हैं और आने वाले दिनों में कृषि एवं खेलकूद सेक्टर के साथ भी संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, विजन कानपुर 2047 के अध्यक्ष एवं मंडल आयुक्त कानपुर डॉ राजशेखर ने कहा इन संवाद कार्यक्रमों के पश्चात वृहद रूप से विचार विमर्श कार्यक्रम *कानपुर की बात* आयोजित की जाएगी , जिसमें समाज के हर सेक्टर के प्रतिनिधियों को एक साथ संयुक्त प्लेटफार्म पर आमंत्रित कर पूर्व में हुए संवाद कार्यक्रमों की समीक्षा एवं नए विचारों को अंतिम रूप से आमंत्रित कर ड्राफ्ट प्लान तैयार कर लिया जाएगा, डॉ राजशेखर ने बताया कि शहरवासी बड़ी संख्या में अपने सुझाव एवं फीडबैक विजन कानपुर 2047 के वेब पोर्टल visionkanpur2047.com पर ऑनलाइन भी उपलब्ध करा रहे हैं l

उन्होंने बताया अब तक लगभग 8000 फीडबैक प्राप्त हो चुके हैं और शहर वासियों के उत्साह और जोश को देखते हुए *वेब पोर्टल पर सुझाव और फीडबैक देने की अंतिम तिथि बढ़ा कर 15 दिसंबर 2022 कर दी गई है*, डॉ राजशेखर ने बताया कि विजन कानपुर 2047 पर ई पत्रिका का भी प्रकाशन कराया जा रहा है जिसमें विजन कानपुर 2047 के समन्वयक डॉ सुधांशु राय को मुख्य संपादक नामित किया गया है l उक्त पत्रिका में कोई भी शहरवासी, लेखक, साहित्यकार, कथाकार ,शिक्षक , छात्र-छात्राएं या अन्य व्यक्ति कानपुर के इतिहास (1947-2022) और कानपुर के विजन (2023-2047) से संबंधित अपने लेख कविताएं या अन्य तथ्य प्रकाशित करवा सकते हैं और अपने लेख मेल आईडी visionknp2047@gmail.com पर 15 दिसंबर 2022 तक उपलब्ध करवा सकते हैं,

किसी भी जानकारी हेतु विजन कानपुर समन्वयक के मोबाइल नंबर 8299173086 से संपर्क भी कर सकते हैं,

डॉ राजशेखर ने कहा विजन कानपुर 2047 मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश श्री दुर्गा शंकर मिश्रा जी के मार्गदर्शन में आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में पूरे प्रदेश के लिए विजन कानपुर 2047 एक मॉडल के रूप में स्थापित होगा,

उन्होंने कहा विजन कानपुर 2047 शहर के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखकर और शहरवासियों की परिकल्पना के अनुसार ही बनेगा।

Read More »

ग्वालटोली पुलिस का अजब खेल रंगदारी के केस में पुलिस ने लगा दी फाइनल रिपोर्ट

कानपुर 9 दिसंबर भारतीय स्वरूप संवाददाता, थाना ग्वालटोली में रंगदारी और धमकाने के मामले में करीब 1 साल पहले शिया शहर काजी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी पुलिस ने उसमें खेल करते हुए फाइनल रिपोर्ट लगा दी 4 दिन पहले इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने एक बार फिर शिया शहर काजी के बेटे पर हमला किया था जिसमें पुलिस ने क्रॉस रिपोर्ट दर्ज करी थी इसी मामले को लेकर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमे में चार्ज शीट लगाने के बजाय उसमें फाइनल रिपोर्ट लगा दी सोमवार को इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने शिया शहर काजी के बेटे हुसैन अब्बास पर जानलेवा हमला कर दिया *इस मामले में भी ग्वालटोली पुलिस ने उच्चाधिकारियों को सूचना देने के बजाय दोबारा से खेल करते हुए मामले में क्रास रिपोर्ट दर्ज कर दी* जबकि एसएलआर अस्पताल के आईसीयू में भर्ती हुसैन की हालत काफी गंभीर बनी हुई है

Read More »

भारतीय रेलवे की उत्पादन इकाइयां वर्ष 2022-23 में रिकॉर्ड उत्पादन हासिल करने के लिए काफी तेजी से आगे बढ़ रही हैं

भारतीय रेलवे की उत्पादन इकाइयां यानी चित्तरंजन स्थित चित्तरंजन लोकोमोटिव वर्क्स (सीएलडब्ल्यू), वाराणसी स्थित बनारस लोकोमोटिव वर्क्स (बीएलडब्ल्यू), पटियाला स्थित पटियाला लोकोमोटिव वर्क्स (पीएलडब्ल्यू) वर्ष 2022-23 में रिकॉर्ड उत्पादन हासिल करने के लिए काफी तेजी से आगे बढ़ रही हैं।

वित्त वर्ष 2022-23 में 30 नवंबर तक 614 इलेक्ट्रिक इंजन बनाने के साथ ही भारतीय रेलवे ने पिछले वित्‍त वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 25.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। पिछले वित्‍त वर्ष की इसी अवधि में 490 इलेक्ट्रिक इंजन बनाए गए थे।

Read More »

निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश के मैनपुरी संसदीय क्षेत्र में चल रहे उपचुनाव के मद्देनजर पुलिस अधिकारियों के स्थानांतरण और प्रतिनियुक्ति पर आयोग के निर्देशों के उल्लंघन को लेकर एसएसपी, मैनपुरी और इटावा से स्पष्टीकरण मांगा

भारत निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश के मैनपुरी संसदीय क्षेत्र में चल रहे उपचुनाव के मद्देनजर पुलिस अधिकारियों के स्थानांतरण और प्रतिनियुक्ति पर आयोग के निर्देशों के उल्लंघन को लेकर एसएसपी मैनपुरी और इटावा से स्पष्टीकरण मांगा है। समाजवादी पार्टी के प्रो. रामगोपाल यादव से प्राप्त अभ्यावेदन के संदर्भ में, मुख्य चुनाव आयुक्त श्री राजीव कुमार की अध्यक्षता में आयोग ने, चुनाव आयुक्त श्री अनूप चंद्र पांडे और श्री अरुण गोयल के साथ विचार-विमर्श के बाद निम्नलिखित निर्देश दिए हैं –

1. एसएसपी, मैनपुरी उक्त स्थानान्तरण एवं नियुक्ति नीति के अंतर्गत आने वाले उपनिरीक्षक श्री सुरेश चंद, श्री कादिर शाह, श्री सुधीर कुमार, श्री सुनील कुमार, श्री सत्य भान एवं श्री राज कुमार गोस्वामी को संबंधित विधानसभा क्षेत्र, जहां वे वर्तमान में तैनात हैं, से तत्काल कार्यमुक्त करें।

2. एसएसपी, मैनपुरी आयोग को स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें कि पुलिस कर्मियों के स्थानांतरण और प्रतिनियुक्ति करते समय आयोग के मौजूदा निर्देशों और आदर्श आचार संहिता के प्रासंगिक प्रावधानों का पालन न करने के लिए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही क्यों नहीं शुरू की जानी चाहिए।

3. एसएसपी इटावा इस बात पर अपना स्पष्टीकरण दें कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद आयोग की पूर्व अनुमति के बिना चार थानों- वैदपुरा, भरथना, जसवंतनगर और चौबिया- के एसएचओ को लंबी छुट्टी देने के मामले में उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए।

4. उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को यह भी निर्देश दिया गया है कि 21-मैनपुरी संसदीय क्षेत्र के लिए चल रहे उपचुनाव से संबंधित सुरक्षा बल की तैनाती संबंधित जनरल और पुलिस ऑब्जर्वर की देखरेख में रेंडमाइजेशन आदि की निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए सख्ती से की जाए। स्थानीय पुलिस बल का रेंडमाइजेशन निष्पक्षता सुनिश्चित करने हेतु आयोग के मौजूदा निर्देशों की आधारशिला है।

5. स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने हेतु, चुनाव वाले सभी जिलों के डीईओ को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया है कि आयोग के मौजूदा निर्देशों, कानून के प्रासंगिक प्रावधानों और आदर्श आचार संहिता का अक्षरशः पालन किया जाए।

Read More »

रक्षा मंत्रालय ने कॉर्पोरेट नौकरियों में पूर्व-अग्निवीरों के लिए आरक्षण पर भारतीय रक्षा उद्योग के साथ बातचीत का आयोजन किया

रक्षा मंत्रालय ने 30 नवंबर, 2022 को सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स के तत्वावधान में भारतीय रक्षा उद्योग के साथ कंपनियों की कॉर्पोरेट भर्ती योजना के तहत पूर्व-अग्निवीरों के लिए लाभकारी रोजगार के अवसरों की तलाश के क्रम में एक बातचीत सत्र का आयोजन किया। सत्र की अध्यक्षता रक्षा सचिव श्री गिरिधर अरमाने ने की। एलएंडटी, अदानी डिफेंस लिमिटेड, टाटा एडवांस्ड सिस्टम लिमिटेड, अशोक लेलैंड सहित अन्य प्रमुख भारतीय रक्षा उद्योगों के वरिष्ठ अधिकारियों ने चर्चा में भाग लिया।

रक्षा सचिव ने राष्ट्र निर्माण में जुटे विभिन्न क्षेत्रों में अत्यधिक समर्पित और अनुशासित युवाओं को रोजगार देने के उद्देश्य से सशस्त्र बलों के साथ अपने कार्यकाल के बाद अग्निवीरों की विशेषज्ञता का लाभ उठाने के लिए सरकार के प्रयास पर प्रकाश डाला। सशस्त्र बलों के साथ अपने जुड़ाव के दौरान अग्निवीरों द्वारा प्राप्त कौशल एक उच्च सक्षम और पेशेवर कार्यबल बनाने में मदद करेगा और यह उद्योग द्वारा उपयोगी और संरचनात्मक जुड़ाव के लिए आसानी से उपलब्ध होगा।

कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस प्रयास में अपना निरंतर समर्थन और प्रतिबद्धता जताई और सशस्त्र बलों के साथ अपना पहला बैच पूरा करने के बाद पूर्व-अग्निवीरो को तैनात करने के प्रति उत्सुकता व्यक्त की। उन्होंने आश्वासन दिया कि उपलब्ध कौशल क्षमता के आधार पर अग्निवीरों के आरक्षण के लिए उनकी भर्ती नीतियों में उपयुक्त प्रावधान किए जाएंगे। उद्योग की आवश्यकताओं के साथ अग्निवीरों द्वारा सीखे गए कौशल को जोड़ने के संबंध में कुछ सुझावों पर भी विचार किया गया।

रक्षा सचिव ने प्रतिभागियों की उत्साहजनक प्रतिक्रिया को स्वीकार करते हुए, भारतीय रक्षा निर्माताओं से अपनी प्रतिबद्धता पर कार्य करने और कॉर्पोरेट भर्ती योजनाओं के तहत उनसे जल्द से जल्द नीतिगत घोषणा करने का आग्रह किया।

Read More »

भारतीय तटरक्षक के उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर एमके-III स्क्वाड्रन, 840 एसक्यूएन (सीजी), को चेन्नई में कमीशन किया गया

तटरक्षक क्षेत्र पूर्व, 840 स्क्वॉड्रन (सीजी) को और मजबूत करने के प्रमुख प्रयास के तहत उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर (एएलएच) एमके-III स्कवॉड्रन को महानिदेशक श्री वीएस पठानिया ने 30 नवंबर, 2022 को आईसीजी एयर स्टेशन, चेन्नई में कमीशन किया। उक्त 840 स्कवॉड्रन (सीजी) को कमीशन किया जाना इस बात का संकेत है कि हेलीकॉप्टर निर्माण के क्षेत्र में देश आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से अग्रसर है। यह प्रयास केंद्र सरकार की ‘आत्मनिर्भर भारत’ की परिकल्पना के अनुरूप है। इससे तमिलनाडु और आंध्रप्रदेश के संवेदनशील समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा के लिये भारतीय तट रक्षक की क्षमताओं में बहुत बढ़ोतरी हो जायेगी।

एएलएच एमके-III हेलीकॉप्टरों को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने निर्मित किया है, जो पूरी तरह स्वदेशी है। इसमें उन्नत रडार के साथ इलेक्ट्रो ऑप्टिकल संवेदी यंत्र, शक्ति इंजन, पूरी तरह शीशे का बना कॉकपिट, तेज प्रकाश वाली सर्च लाइट, उन्नत संचार प्रणालियां, स्वचालित पहचान प्रणाली, तलाश व बचाव प्रणालियां लगी हैं। इन उपकरणों और सुविधाओं की सहायता से हेलीकॉप्टर समुद्री टोही गतिविधियों के अलावा दूर तक तलाशी व बचाव कार्य कर सकता है। हेलीकॉप्टर दिन और रात, दोनों समय पोतों से उड़ान भरकर उपरोक्त गतिविधियां चलाने में सक्षम है।

हेलीकॉप्टर में भारी मशीनगन लगी हुई है, इसलिये यह पलक झपकते आक्रामक मुद्रा में आ सकता है। इसमें एक गहन चिकित्सा सुविधा इकाई भी मौजूद है, ताकि गंभीर रूप से बीमार मरीजों को फौरन अस्पताल पहुंचाया जा सके। भारतीय तट रक्षक में चरणबद्ध तरीके से कुल 16 एएलएच एमके-III हेलीकॉप्टरों को शामिल किया गया है। इनमें से चार हेलीकॉप्टरों को चेन्नई में तैनात किया गया है। शामिल होने के बाद से स्कवॉड्रन ने 430 घंटों से अधिक समय की उड़ान भरी है तथा अनेक संचालन अभियानों को पूरा किया है।

Read More »

मुख्य सचिवों के दूसरे सम्मेलन से ठीक पहले विनिर्माण, आवास एवं रियल एस्टेट, और सेवाओं में निजी निवेश पर कार्यशाला आयोजित

मुख्य सचिवों के दूसरे सम्मेलन से ठीक पहले स्तंभ 1 – विकास और रोजगार सृजन के तहत उप-विषय 2 – अवसंरचना और निवेश के ट्रैक 2 – विनिर्माणआवास एवं रियल एस्टेटऔर सेवाओं में निजी निवेश पर आमनेसामने बैठकर कार्यशाला ट्रैक- नेतृत्व राज्य असम और केंद्रीय नोडल विभाग यानी, आर्थिक कार्य विभाग, भारत सरकार द्वारा 1 दिसंबर 2022 को आईआईटी गुवाहाटी, असम में आयोजित की गई, और इसमें 19 राज्य सरकारों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की ओर से भागीदारी देखी गई। इस कार्यशाला में राज्य सरकारों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के 50 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों और उद्योग एवं शिक्षा जगत के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।

इस कार्यशाला का उद्घाटन भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग के सचिव श्री अजय सेठ और असम सरकार के मुख्य सचिव श्री पबन कुमार बोरठाकुर ने किया। उन्होंने विचारों, संभावित समाधानों और तरह-तरह की सीख एवं सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान पर केंद्र-राज्य और अंतर-राज्य चर्चाएं करने के लिए इस अवसर का उपयोग करने का सुझाव दिया।  उन्होंने उन व्यावहारिक सिफारिशों को पेश करने की आवश्यकता पर भी विशेष जोर दिया जो राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं और इस वर्ष के सीएस सम्मेलन की थीम – विकसित भारत – अंतिम व्‍यक्ति तक पहुंचना के अनुरूप हैं।

संदर्भ तय करने वाले अपने संबोधन में श्री समीर सिन्हा, प्रधान सचिव, वित्त विभाग, असम सरकार ने उस पृष्ठभूमि और कदमों से अवगत कराया जिनकी बदौलत आज आमनेसामने बैठकर यह कार्यशाला आयोजित की जा सकी है। इन कदमों में अवधारणा नोट एवं पृष्ठभूमि प्रपत्र तैयार करना और इस महीने की शुरुआत में वीडियो कॉन्फ्रेंस बैठक आयोजित करना, इत्‍यादि शामिल हैं। इसके साथ ही उन्‍होंने ट्रैक 2 चुनौतियों और उनके संभावित समाधानों की एक समग्र तस्वीर पेश की।

इस कार्यशाला के दौरान उद्योग एवं शिक्षा जगत और राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुतियां दी गईं, जिसके बाद प्रमुख कार्यान्वयन मॉडलों, समस्‍त परियोजनाओं एवं योजनाओं से जुड़े विचारों व अनुभवों और आगे की राह पर खुली चर्चा

Read More »

नवंबर 2022 के दौरान सकल जीएसटी राजस्व संग्रह 1,45,867 करोड़ रुपए रहा, साल-दर-साल 11% की रिकॉर्ड वृद्धि

नवंबर 2022 के महीने में एकत्र किया गया सकल जीएसटी राजस्व 1,45,867 करोड़ रुपए रहा, जिसमें से सीजीएसटी 25,681 करोड़ रुपए, एसजीएसटी 32,651 करोड़ रुपए, आईजीएसटी 77,103 करोड़ रुपए (माल के आयात पर एकत्रित 38,635 करोड़ रुपए सहित) और 10,433 करोड़ रुपए (माल के आयात पर एकत्रित 817 करोड़ रुपए सहित) उपकर है।

सरकार ने आईजीएसटी से 33,997 करोड़ रुपए सीजीएसटी के लिए और 28,538 करोड़ रुपए एसजीएसटी के लिए तय किए हैं। नवंबर 2022 के महीने में नियमित निपटान के बाद केंद्र और राज्यों का कुल राजस्व सीजीएसटी के लिए 59678 करोड़ रुपये और एसजीएसटी के लिए 61189 करोड़ रुपये है। इसके अलावा, केंद्र ने नवंबर 2022 में राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों को जीएसटी मुआवजे के रूप में 17,000 करोड़ रुपये भी जारी किए थे।

नवंबर 2022 के महीने का राजस्व पिछले साल इसी महीने में जीएसटी राजस्व से 11% अधिक है, जो 1.31,526 करोड़ रुपये था। महीने के दौरान, माल के आयात से राजस्व 20% अधिक था और घरेलू लेनदेन (सेवाओं के आयात सहित) से राजस्व पिछले वर्ष इसी महीने के दौरान इन स्रोतों से प्राप्त राजस्व से 8% अधिक है।

नीचे दिया गया चार्ट चालू वर्ष के दौरान मासिक सकल जीएसटी राजस्व में रुझान दिखाता है। तालिका नवंबर 2021 की तुलना में नवंबर 2022 के महीने के दौरान प्रत्येक राज्य में एकत्र किए गए जीएसटी के राज्य-वार आंकड़े दिखाती है।

 

 

नवंबर 2022 के दौरान जीएसटी राजस्व में हुई राज्यवार प्रगतिः [1]

राज्य

नवंबर-21

नवंबर-22

बढ़ोत्तरी

जम्मू-कश्मीर

383

430

12%

हिमाचल प्रदेश

762

672

-12%

पंजाब

1,845

1,669

-10%

चंडीगढ़

180

175

-3%

उत्तराखंड

1,263

1,280

1%

हरियाणा

6,016

6,769

13%

दिल्ली

4,387

4,566

4%

राजस्थान

3,698

3,618

-2%

उत्तर प्रदेश

6,636

7,254

9%

बिहार

1,030

1,317

28%

सिक्किम

207

209

1%

अरुणाचल प्रदेश

40

62

55%

नगालैंड

30

34

11%

मणिपुर

35

50

42%

मिजोरम

23

24

3%

त्रिपुरा

58

60

3%

मेघालय

152

162

6%

असम

992

1,080

9%

पश्चिम बंगाल

4,083

4,371

7%

झारखंड

2,337

2,551

9%

ओडिशा

4,136

4,162

1%

छत्तीसगढ़

2,454

2,448

0%

मध्य प्रदेश

2,808

2,890

3%

गुजरात

9,569

9,333

-2%

दमन और दीव

0

0

67%

दादरा और नगर हवेली

270

304

13%

महाराष्ट्र

18,656

21,611

16%

कर्नाटक

9,048

10,238

13%

गोवा

518

447

-14%

लक्ष्यद्वीप

2

0

-79%

केरल

2,129

2,094

-2%

तमिलनाडु

7,795

8,551

10%

पुदुचेरी

172

209

22%

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह

24

23

-7%

तेलांगना

3,931

4,228

8%

आंध्र प्रदेश

2,750

3,134

14%

लद्दाख

13

50

273%

अन्य क्षेत्र

95

184

93%

केंद्रीय अधिकार क्षेत्र

180

154

-14%

कुल योग

98,708

1,06,416

8%

Read More »